00:04पर्दा लगा कभी पहले बताईए पर्दा लगा कभी पहले बताईए जब भी कोई ऐसा बड़ा इवेंट होता है जब बाहर
00:11के लोग यहां पर आते हैं तो इन कॉलनीयों को ऐसे ही छुपा दिया जाता है क्योंकि भारत को मजबूर
00:18दिखना है सुंदर दिखना है आपका घर
00:20गहीं है आपका नबूरा बोलो नबूरा देखो और नबूरा सुनो तो यह वाला भूरा जो है जो देख रहें सफेज
00:36चादर वो मत देखो वो चुपाने के लिए गरीवों को बना दिया गया इधर एक होड़ल है हां जी जेपी
00:43होडल जी गैस्ट उसमें घरेवेर जोगी �
00:51लो अपृदे के फुकति खुपाने की कोशिश की जारी है क्यूदे अगर आप यहां के घरों को से भी ज्तनिकेतन
01:07के घरों से तो श्याद इस से बहुत ज्यादा भूरा हाले आप लोग क्या करते हूं पहां जी मोमूस बना
01:14रहा है ता
01:15और यह बन रही है यहां पर चेक्नी बन रही है परदे से बाहर आके थोड़ा बड़ों को भी खोजने
01:21की कोशिश करते हैं क्यों कर रहा है ऐसा तो यह अच्छा लगत भी कर दे लोना
01:25फोड़ा नमंतरी शुटकर है मेरे केस्स में ऐसे बहर का सुनमें अच्छा सही सलामात है हां अमारी भारत अबनी ना
01:34कमी सुबाने के लिए कर दो इनों को डंगने बड़े तो अभी तीन-चार दिन सबके ताम बंध मंद लाएंगे
01:41तो आद भूक को मारा झाला गेंणी चार �
01:48वार बुलिज कर गए, बुलिज को मम ओडर आके नहीं जाने हैं।
01:51त्रेडी पट्री वाले हैं।
01:52सब अडादे सब।
01:55लेकिन छुपा क्यो रहे हैं दिककत को।
01:57दिखाओ हम ऐसे ही हैं।
01:58क्या दिककत हैं।
02:00वह भी जाता तो हम क्या कर सकते।
02:02जो हम आपको बात समझाने चाहरे हैं कि ऐसा किसी देश में देखने को नहीं मिलता कि भाया, अच्छा, इट
02:10इस फेलियर, वहां पर्दे लगा दो।
02:16ये कॉली कॉली यहां के लोग और उनकी छुपाई हुई ये छुपाई हुए घर।
02:23इन सब को लेकर के अगर हम पूरी बात करें. ये जो जो हजार से ज्यादा लोगे हैं। उनके घर
02:28की बात करें।
02:29और परिश्टिती ये है कि एक तरीके से जो अंडरस्टेंडंडिंग है इस चीज़ को लेकर के,
02:35कि आप इसको अग्र वे लेकर की अग frust freakin
02:50प्रिया पीवीयर से यहां तक आ रहे हैं और लोग हमें बता रहे हैं वो यह है कि जब भी
02:55कोई ऐसा बड़ा
02:56होता है जब बाहर के लोग यहां पर आते हैं तो इन कॉल्नियों को ऐसे ही छुपा दिया जाता है
03:02क्योंकि भारत को मजबूत दिखना है यही रियालिटी है इसी में हम जी रहे हैं इसको एकसेप्ट करना भी बहुत
03:10जरूरी है यह केवल यहां ही नहीं आपने वेखा होगा कि �
03:13यामदाबाद में भी जब बड़ी बड़े फंक्शन्स होते हैं बड़े बड़े लोग आते हैं तो इसी तरह की चीज़े की
03:19जाती है पूरी की पूरी को ठाक दिया जाता है और यह सफेद चादरें पीछे का जो महौल है उसको
03:27छुपाने की कोशिश करते हैं पीछे का जो �
03:41लगा कभी पहले बताई है कल लगा कब तक रहेगा तेरा तारीकों हट जाएगा तो आपका घर छुपाया जा रहा
03:55है मतलब तो क्यों छुपाया है
04:06आपका नाम क्या है ममता तो ममता थी खोड़ा बहुत तो पता है कि
04:11विदेशी महमान लोग आ रहे हैं इसलिए आपका घर छुपा दिया गया है तो देखिए यह है जी ट्वेंटी हुआ
04:22था 2023 में अब आप भी अपना पहले थोड़ा नाम बताई है एंटी शांती तो शांती देवी जी आपका घर
04:32यहीं है पोड़ा बताई है कहां आपका घर क
04:39तो यहां कितने साल से आप रह रहे रहे हैं कभी साल हों गया तो पर्दे लगाया जाते हैं दूड़ा
04:47अमें इसलिए पर्दा लगाई गया है तो दिल्ली गंदा ना दिखे हैं
05:09भारत को पमजूरी नहीं देखे बाहर देश कि हम कमजूर नहीं के लोगों के लोगों के लिए तो यह तो
05:19बड़ा बात किया जाता है कि भारत एक दम दुनिया में सबसे बड़िया देश बन चुका है
05:27मोदी जी बनाएं भारत को दुनिया में सबसे लेकिन आपका घर को फिर क्यों छुपा रहे हैं वही तो जो
05:38कि रहते हैं
05:46कि अब भी बात यह कि दिल्ली घूमते घूमते हम लोग आगे यहां जो वसंद कुझ का एरिया है और
05:58यह जो सड़क है आगे जाएगा तो आपका सिनेमा हॉल है बहुत ही पॉपलर और पुराना प्रिया पीवियार आपका है
06:07यह कोली कैम्प है और कम हजार लोग
06:09बहुत ज्यादा यहां पर लोग रहते हैं और इसको अभी सरकार ने पूरे तरीके से छुपाने की कोशिच की है
06:18क्योंकि ब्रिक सम्मेश है जैसा कि बता रहे थे कि भाई यह तो गरीबों का घर है और भारत जो
06:23है वो तो बहुत विक्सित देश है बहुत महान देश है बह�
06:31के बारे में आपको कुछ भी पूरा बोलना ने चाहिए ना बूरा बोलो ना बूरा देखो और ना बूरा सुनो
06:38तो यह वाला बूरा जो हैasis दो देख नहीं वहित पージ़र
07:01यह फरक नहीं पड़ता है चलिए तो थोड़ा घूम के आते हैं दिखाते हैं यह एक पोली कॉलोनी है जो
07:06हम आपको दिखा रहे हैं और इसका हाल आपको नजर आ ही रहा होगा कि छोटे-छोटे ब्रिक्स के घर
07:14हैं एक तल्ला मकान दो तल्ला मकान अब चलो हम थोड़ा पर्�
07:24हैं जिसको की छुपाने की को तो यह हम पूरी क्लिण आपको दिखाएंगे इसको क्यों छुपाने की को तो यह
07:40पर्दी और इसके पीछेए घर वो हम आप को दिखाते हैं यह बत्रस कर यहां पर रहते हैं
07:50आर तो ये है पूरा एरिया जिसको ये पडे के पीछे आपको ये सारी चीज़े ँसे बड़ेंगे ये सारे घर
07:57है छोटी-छोटी दुकाने और लोग अपना छोटा-mोटा काम ये सारी चीज़े दर रहे है क्यों पर्दे क्यों लगा
08:25लगा देता है तो आप लोगो क्या लगता है मतलब मन में क्या आता है क्यों लगा या हम लोग
08:29का घर क्यों छुपा रहा है
08:39यहां पर पिछली बार लगा था नहीं आप लोग क्या करते हैं यहां पर चटनी बन रही है यहां यहां
08:55पर पूरा एरिया ऐसा है जो काफी साफ सुथरा नहीं है
08:59जैसा कि विदेशियों को पसंद नहीं आएगा यह जो है रियल डेली रियल भारत आपको देखने के मिलेगा यह मकान
09:08देखिए
09:09हम बात करते रहते हैं कि कैसे कितनी मौते हुई और कितना हमें बदलाव लाने की जरूरत है पूरे भारत
09:19में दिल्ली में जब सत्य निकेतन में एक हाथसा हो जाता है अगर आप यहां के घरों को कंपेर करें
09:24सत्य
09:25पर उसके बात कोई निकेतन के घरों से ऱ श्याथ इसंड़ा जयती है नहां अगर रास्ते में आता और वहां
09:34से
09:35बीगेस्ट घुजरने वाले होते तो शायद वहां भी उसको छुपा दिये जाता है तो आप पर दे से बाहर आके
09:41फोड़ा बड़ों को भी
09:42फोजने की कोशिश करते हैं, देखते हैं कि लोगों का क्या कहना हैं और वो क्या सोचते हैं कि यह
09:48जो सरकार पढ़े डाल रहे हैं उनके घर पर वह कितना
10:05तो क्या करते हैं आप
10:09तो हम लोग घूम रहे थे आज तो पूरी दिल्ली गूम रहे थे कि धर क्या व्यवस्ता है तो यह
10:14एरिया दिखा और यहां पर यह सफेद सफेद पर्दे नजर आ रहे हैं
10:18क्या वज़ा है इसके पीछे सर ब्रिक्सम में दर हो रहा है थोड़ी काफी भीवार रहती ना या पर लोग
10:24भार बैट रहते हैं समान पर रहता है अब क्लीनिंग के लिए मतलर साफ सफाई लगए अच्छा लगए उसलिए पर्दे
10:31लगाए अच्छा मताब कि हम दिखा सके कि �
10:35हमारी जो एक कोलोनी है एकड़ मस्त है कोई दिक्कत नहीं है तो एक इंसान के तरह तोर पर हम
10:43सोचे है कि अच्छा मेरा मा लीजे मेरा घर होता उस वैसे छुपा दिया जाता तो अंदर से तो एक
10:49फिलिंग आती कि भाई क्यू कर रहा है ऐसा वहा सही है मगर अब जो भार के
10:54लोग आ रहे हैं कि अपना इंडिया सब कुछ अच्छा है आपर लेकिन फिर यह आपको ऐसा लगता है कि
11:02यह एक फेलियर है हमारा as a country कि हमें सब छुपाना पड़ रहा है नहीं नहीं अब इतनी त्यारी
11:10जल्दी होई है ना इतनी जल्दी का माम लाग है तो यह अच्छा ल
11:25पर्मेंट तो बनी भी है क्या बतलब इसको चुपाने के लिए मैं बोल रहा हूं नहीं चुपा रहा तो लग
11:32रहा है एक सब एक साथ ही लग रहा है ना इधर उबढ़ खा बड़ गंदा संदा है तो अभी
11:38लग अच्छा हो लग रहा है ना 2023 में भी ऐसे क्या कर दिया था ज
11:52जी जे पी होटल जी गैस्ट उसमें ठेरेवे हैं यह अडानी जी का होटल है अच्छा तो उस वज़े से
12:00इस सड़क से भी काफी जादा लोग बढ़ जादा है और जाता है और यहां की जन सुविधा है यहां
12:17पर देखे आप नियुशर्मा जी का पोस्टर भी लगा है और �
12:20शुर्मा बढ़े को इसा वो बताय थी कि उनका दुकार आपको यह सोसाइटी एरिया कूली क्यान साफ साफ यहां लिखा
12:26है आपको देखके समझ में आ जाएगा कि कौन से लोग यहां पे रह रह रहे हैं जब महर्षी भगवान
12:32वालमी की मंदिर की बात करें तो आपको सब स
12:50लेकिन चलो परदे के पीछे की तस्वीरे भी दिखाना बहुत ज़रूरी है और दुरभाग्य है या क्या है मैं इस
12:58तो नहीं बोल सकता लेकिन लोगों को ये भी realization शायद नहीं है कि what does it represent when these
13:07sort of things are used by a government क्योंकि विदेशी महमान आ रहे हैं
13:13तो how normal or abnormal is it वो समझना भी शायद इनके बस की बात नहीं है या नहीं समझ
13:20पा रहे है बट यही reality है परदे के पीछे की कहानी लाना बहुत ज़रूरी था और यही दिल्ली में
13:26हो रहा है कि चलिए इधर CCTV भी लगा है इस colony में thankfully लेकिन इस society को पूरे तरीके
13:33से एक लंबे परदे स
13:36जो की लगभग 500 मिटर दूर आगे पीछे आपका लगा हुआ है उससे society को ही ठक दिया गया है
13:45गलिया घूमते घूमते अभी यहां पे जिन्होंने इंटर्व्यू दिया सबसे पहले आपको थोड़ा सा बता दूं कि उनका धरम है
13:51वो इसलाम है तो off the record off the record उनका कहना है कि भ
14:06इस वज़ा से उन्होंने decide कि अब हम कोई ऐसा बाते हम camera भले वो हमें पीछे इतनी सारी बाते
14:13बता रहे थे लेकिन camera पे कोई बोलने से घबरा रहा है क्योंकि वो एक विशेष धर्म से आते हैं
14:20वो एक reason बन जाता है तो आप समझो कि स्थिती क्या है पर्दे के पीछे आने क
14:35colony और यहाँ पर फजारों लोग जो रहते हैं यह जो है छूपाया जा रहा है दिल्ली का एक colony
14:44और ऐसी कोर्णियां अच्छान यह शीए बीलगा है वैसे यह तो छूपाने लायग नहीं है एसी लगया है दिखा दो
14:51तरक्की हो रही है कोली कोलनी घूमते हुए हम मिले सोनु �
14:57से सोनु प्रधान आपको बुलाते हैं सोनु जी हम बाहर खड़े थे और काफी सारी लोग मिले और उनसे जब
15:06हमने पूछा कि आपके कॉलनी के बाहर इतने बड़े-बड़े परदे क्यूं लगा रखे हैं तो उन्होंने काफी कुछ बताया
15:12सब कुछ बताया लेकिन ओन क्याम
15:27कि तुमने सरकार की बुराई कर दी आप थोड़ा सच्चा ही बताइए आप सालों से यहां पर रह रहे हैं
15:32थोड़ा पोली कॉलनी के बारे में भी आप थोड़ा बताईए कि ऐसा क्या है कि सरकार को इसको छुपाना पर
15:38रहा है और पिछले बार भी जब इवेंट हुआ तो �
15:40इस बार भी छूपा रहे है क्या आपको लगता है क्यों करते हैं तरभशित कर दो नाम सोन परदान हैं
15:47। जिसको में इसको मिल्कुल सरकान की नाकमही कहूँ है थो गिन्वी एनुस ने
16:10कोई काम निया उसके बाद अपनी नाकामी शुभाने के लिए के दोने इनों को डगने बड़ेगा तेन नाकामी आपको लगते
16:19हैं सरगार की बिलकुँ अब इससे में आद्मी कहा जाएगा
16:38तो अभी ये तीन-चार दिन सब के काम बंद हैं सर्चार्ज वर्टन तो आदमी अगर काम नहीं करगा तो
16:47खाएं गएगा
16:48तो अभी ये तीन-चार दिन सब के काम बंद हैं सर्चार तीन-चार दिन बंद रहेंगे तो आदमी मोंगा
16:55मरेगा
17:21अगर वो ये वीडियो देखेंगे तो उनको आप क्या बोलना चाहिएगा
17:26मैं तो यह कहना चाहता हूं कि कुछ अमारी लाइफ भी अच्छी करें जो कि अच्छी से जीच करें जहां
17:32जो कि मंगान के लिए यह वादा के जाता और वितक कोई वादा नहीं हो पूरा
17:41तो यह हर साल जो छुपाया जाता है मकान को उसको लेकर कि क्या विचारे वैसे सर विचारी यह भूगे
17:47तीन-चार दिन मुग मरते आदमी और का ना कोई काम ना धना तो आदमी क्या करेंगा निको रोज का
17:54काम आना रोज का खाना है तो भी गाहों के मतलब कॉलोनी के सारे लो
18:07कर दिया गया प्योटनेयशस निर्व्टनेया �800 बारी करते वाले यह जोनमी किसे अदर कसे धोपारि आदम इसना कोई डेट्री ना
18:19कोई मोची ना कोई सम्जेंगरिवाला ना कोई धार्वाला थी करता है जिए भीजरे बेसाई को फी बिल्कुल किの सब्साम मंद
18:27करते वाल
18:34अधिक भी खुद भूखे मनें वाबाब सब्वे सरकार कोई भी हो हमार कहने है कि तुम गरीब के लिए काम
18:43करें
18:44कि आज महंगाई कि 70 रुबे 75 रुबे 80 रुबे चीनी हो रहे हैं तेल कवी 200 बंदा काता था
18:52300 रुब चेतर काने नगा
19:04तो आदमी कहां से करकत रहा और तीन दिन उपर से तम तीन चार दिन मिठा दे आपने कर में
19:10पहले उनके लिए सोचो ना कि पहले उनको विद्धों कुछ खाने के लिए
19:26सब्सक्राइब के लिए तो गरीब के लिए जीना अभी असान हुआ है कि मुश्किल हुआ है
19:38तो इतना सारा राशन देते हैं नाइन का दरे लो कुछ नहीं देने क्या दरे जो वह यह दो गलो
19:47गया हूं और चावल वाच चार गलो राशन में चार गलो में कोन महिना खालेंगे पून खायेगा महिना बताओ
19:58जब दिल्ली में अगर स्लम्स की बात करें तो कम से कम देड़ मिलियन यानी 15-16 लाग वो तो
20:05एक आकड़ा है लिए उससे बहुत ज़्याद है क्योंकि यहां भी अभी हमें पता चला कि कम से कम 3
20:08,000 लोग इस स्लम में रहते हैं तो इस तरह के कम से कम 600 स्लम हैं पूरे दिल्ली
20:14में तो आप किसको किसको चुपाओगे चलिए यह रूट पे आ गया तो आपने इसको चुपा दिया वट ग्राउंड रियालिटी
20:19समझना बहुत जरूरी है लोग लोगों में डर इसका दर है कि वो इस चीज़ को क्रिटिसाइज तक नहीं कर
20:24पा रहे खुलके उसको क्रिटि
20:41देख रहे उन पर्दों से छुपा दिया गया है और यह रियालिटी हम आपको दिखा रहे है पर्दे के पीछे
20:46की कहानी जो लिटरली एक पर्दे के पीछे की कहानी बन जाती है जब हम आपको यह वीडियो दिखाते है
20:52तो देखते रहे हैं ग्राउंड रियालिटी क्या सच
20:55चाही है दिल्ली की ब्रिक सम्मिट की क्या सचाही है लोगों की क्या सचाही है वो देखने के लिए अब
21:00वन इंडिया जरूर देखें
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