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BRICS Summit 2026 से पहले राजधानी दिल्ली में विकास और गरीबी को लेकर एक गंभीर सवाल खड़ा हो गया है। आरोप है कि एक कूली कॉलोनी को सफेद कपड़ों और पर्दों से ढक दिया गया, ताकि विदेशी मेहमानों के सामने वहां की बदहाल तस्वीर दिखाई न दे। सवाल यह है कि क्या यही विकास का मॉडल है—गरीबी को खत्म करने के बजाय उसे छिपा देना? स्थानीय लोगों के मुताबिक, कॉलोनी की वास्तविक स्थिति लंबे समय से जस की तस बनी हुई है। OneIndia Hindi की टीम ने मौके पर पहुंचकर इस पूरे मामले की पड़ताल की और स्थानीय लोगों से बातचीत की। लोगों ने खुद सामने आकर पर्दों के पीछे की हकीकत दिखाई। इस पड़ताल ने उन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनमें राजधानी के चमकते विकास की तस्वीर पेश की जा रही है। आखिर BRICS मेहमानों से गरीबी क्यों छिपाई गई? देखिए OneIndia की ग्राउंड रिपोर्ट।

Ahead of the BRICS Summit 2026, serious questions are being raised over development and poverty in the national capital, Delhi. A slum colony is allegedly being covered with white sheets and curtains so that its poor living conditions remain hidden from foreign dignitaries. This raises a crucial question: Is this the model of development—hiding poverty instead of addressing it? According to local residents, the actual condition of the colony has remained largely unchanged for a long time. The OneIndia Hindi team reached the spot, investigated the matter, and spoke to the people living there. Residents themselves came forward and revealed what was hidden behind the curtains. The ground investigation has raised questions over the claims of a shining and developing Delhi being presented to the world. Why was poverty allegedly hidden from BRICS guests? Watch OneIndia Hindi’s exclusive ground report to uncover the reality.

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~PR.516~HT.408~ED.104~GR.506~VG.HM~

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00:04पर्दा लगा कभी पहले बताईए पर्दा लगा कभी पहले बताईए जब भी कोई ऐसा बड़ा इवेंट होता है जब बाहर
00:11के लोग यहां पर आते हैं तो इन कॉलनीयों को ऐसे ही छुपा दिया जाता है क्योंकि भारत को मजबूर
00:18दिखना है सुंदर दिखना है आपका घर
00:20गहीं है आपका नबूरा बोलो नबूरा देखो और नबूरा सुनो तो यह वाला भूरा जो है जो देख रहें सफेज
00:36चादर वो मत देखो वो चुपाने के लिए गरीवों को बना दिया गया इधर एक होड़ल है हां जी जेपी
00:43होडल जी गैस्ट उसमें घरेवेर जोगी �
00:51लो अपृदे के फुकति खुपाने की कोशिश की जारी है क्यूदे अगर आप यहां के घरों को से भी ज्तनिकेतन
01:07के घरों से तो श्याद इस से बहुत ज्यादा भूरा हाले आप लोग क्या करते हूं पहां जी मोमूस बना
01:14रहा है ता
01:15और यह बन रही है यहां पर चेक्नी बन रही है परदे से बाहर आके थोड़ा बड़ों को भी खोजने
01:21की कोशिश करते हैं क्यों कर रहा है ऐसा तो यह अच्छा लगत भी कर दे लोना
01:25फोड़ा नमंतरी शुटकर है मेरे केस्स में ऐसे बहर का सुनमें अच्छा सही सलामात है हां अमारी भारत अबनी ना
01:34कमी सुबाने के लिए कर दो इनों को डंगने बड़े तो अभी तीन-चार दिन सबके ताम बंध मंद लाएंगे
01:41तो आद भूक को मारा झाला गेंणी चार �
01:48वार बुलिज कर गए, बुलिज को मम ओडर आके नहीं जाने हैं।
01:51त्रेडी पट्री वाले हैं।
01:52सब अडादे सब।
01:55लेकिन छुपा क्यो रहे हैं दिककत को।
01:57दिखाओ हम ऐसे ही हैं।
01:58क्या दिककत हैं।
02:00वह भी जाता तो हम क्या कर सकते।
02:02जो हम आपको बात समझाने चाहरे हैं कि ऐसा किसी देश में देखने को नहीं मिलता कि भाया, अच्छा, इट
02:10इस फेलियर, वहां पर्दे लगा दो।
02:16ये कॉली कॉली यहां के लोग और उनकी छुपाई हुई ये छुपाई हुए घर।
02:23इन सब को लेकर के अगर हम पूरी बात करें. ये जो जो हजार से ज्यादा लोगे हैं। उनके घर
02:28की बात करें।
02:29और परिश्टिती ये है कि एक तरीके से जो अंडरस्टेंडंडिंग है इस चीज़ को लेकर के,
02:35कि आप इसको अग्र वे लेकर की अग frust freakin
02:50प्रिया पीवीयर से यहां तक आ रहे हैं और लोग हमें बता रहे हैं वो यह है कि जब भी
02:55कोई ऐसा बड़ा
02:56होता है जब बाहर के लोग यहां पर आते हैं तो इन कॉल्नियों को ऐसे ही छुपा दिया जाता है
03:02क्योंकि भारत को मजबूत दिखना है यही रियालिटी है इसी में हम जी रहे हैं इसको एकसेप्ट करना भी बहुत
03:10जरूरी है यह केवल यहां ही नहीं आपने वेखा होगा कि �
03:13यामदाबाद में भी जब बड़ी बड़े फंक्शन्स होते हैं बड़े बड़े लोग आते हैं तो इसी तरह की चीज़े की
03:19जाती है पूरी की पूरी को ठाक दिया जाता है और यह सफेद चादरें पीछे का जो महौल है उसको
03:27छुपाने की कोशिश करते हैं पीछे का जो �
03:41लगा कभी पहले बताई है कल लगा कब तक रहेगा तेरा तारीकों हट जाएगा तो आपका घर छुपाया जा रहा
03:55है मतलब तो क्यों छुपाया है
04:06आपका नाम क्या है ममता तो ममता थी खोड़ा बहुत तो पता है कि
04:11विदेशी महमान लोग आ रहे हैं इसलिए आपका घर छुपा दिया गया है तो देखिए यह है जी ट्वेंटी हुआ
04:22था 2023 में अब आप भी अपना पहले थोड़ा नाम बताई है एंटी शांती तो शांती देवी जी आपका घर
04:32यहीं है पोड़ा बताई है कहां आपका घर क
04:39तो यहां कितने साल से आप रह रहे रहे हैं कभी साल हों गया तो पर्दे लगाया जाते हैं दूड़ा
04:47अमें इसलिए पर्दा लगाई गया है तो दिल्ली गंदा ना दिखे हैं
05:09भारत को पमजूरी नहीं देखे बाहर देश कि हम कमजूर नहीं के लोगों के लोगों के लिए तो यह तो
05:19बड़ा बात किया जाता है कि भारत एक दम दुनिया में सबसे बड़िया देश बन चुका है
05:27मोदी जी बनाएं भारत को दुनिया में सबसे लेकिन आपका घर को फिर क्यों छुपा रहे हैं वही तो जो
05:38कि रहते हैं
05:46कि अब भी बात यह कि दिल्ली घूमते घूमते हम लोग आगे यहां जो वसंद कुझ का एरिया है और
05:58यह जो सड़क है आगे जाएगा तो आपका सिनेमा हॉल है बहुत ही पॉपलर और पुराना प्रिया पीवियार आपका है
06:07यह कोली कैम्प है और कम हजार लोग
06:09बहुत ज्यादा यहां पर लोग रहते हैं और इसको अभी सरकार ने पूरे तरीके से छुपाने की कोशिच की है
06:18क्योंकि ब्रिक सम्मेश है जैसा कि बता रहे थे कि भाई यह तो गरीबों का घर है और भारत जो
06:23है वो तो बहुत विक्सित देश है बहुत महान देश है बह�
06:31के बारे में आपको कुछ भी पूरा बोलना ने चाहिए ना बूरा बोलो ना बूरा देखो और ना बूरा सुनो
06:38तो यह वाला बूरा जो हैasis दो देख नहीं वहित पージ़र
07:01यह फरक नहीं पड़ता है चलिए तो थोड़ा घूम के आते हैं दिखाते हैं यह एक पोली कॉलोनी है जो
07:06हम आपको दिखा रहे हैं और इसका हाल आपको नजर आ ही रहा होगा कि छोटे-छोटे ब्रिक्स के घर
07:14हैं एक तल्ला मकान दो तल्ला मकान अब चलो हम थोड़ा पर्�
07:24हैं जिसको की छुपाने की को तो यह हम पूरी क्लिण आपको दिखाएंगे इसको क्यों छुपाने की को तो यह
07:40पर्दी और इसके पीछेए घर वो हम आप को दिखाते हैं यह बत्रस कर यहां पर रहते हैं
07:50आर तो ये है पूरा एरिया जिसको ये पडे के पीछे आपको ये सारी चीज़े ँसे बड़ेंगे ये सारे घर
07:57है छोटी-छोटी दुकाने और लोग अपना छोटा-mोटा काम ये सारी चीज़े दर रहे है क्यों पर्दे क्यों लगा
08:25लगा देता है तो आप लोगो क्या लगता है मतलब मन में क्या आता है क्यों लगा या हम लोग
08:29का घर क्यों छुपा रहा है
08:39यहां पर पिछली बार लगा था नहीं आप लोग क्या करते हैं यहां पर चटनी बन रही है यहां यहां
08:55पर पूरा एरिया ऐसा है जो काफी साफ सुथरा नहीं है
08:59जैसा कि विदेशियों को पसंद नहीं आएगा यह जो है रियल डेली रियल भारत आपको देखने के मिलेगा यह मकान
09:08देखिए
09:09हम बात करते रहते हैं कि कैसे कितनी मौते हुई और कितना हमें बदलाव लाने की जरूरत है पूरे भारत
09:19में दिल्ली में जब सत्य निकेतन में एक हाथसा हो जाता है अगर आप यहां के घरों को कंपेर करें
09:24सत्य
09:25पर उसके बात कोई निकेतन के घरों से ऱ श्याथ इसंड़ा जयती है नहां अगर रास्ते में आता और वहां
09:34से
09:35बीगेस्ट घुजरने वाले होते तो शायद वहां भी उसको छुपा दिये जाता है तो आप पर दे से बाहर आके
09:41फोड़ा बड़ों को भी
09:42फोजने की कोशिश करते हैं, देखते हैं कि लोगों का क्या कहना हैं और वो क्या सोचते हैं कि यह
09:48जो सरकार पढ़े डाल रहे हैं उनके घर पर वह कितना
10:05तो क्या करते हैं आप
10:09तो हम लोग घूम रहे थे आज तो पूरी दिल्ली गूम रहे थे कि धर क्या व्यवस्ता है तो यह
10:14एरिया दिखा और यहां पर यह सफेद सफेद पर्दे नजर आ रहे हैं
10:18क्या वज़ा है इसके पीछे सर ब्रिक्सम में दर हो रहा है थोड़ी काफी भीवार रहती ना या पर लोग
10:24भार बैट रहते हैं समान पर रहता है अब क्लीनिंग के लिए मतलर साफ सफाई लगए अच्छा लगए उसलिए पर्दे
10:31लगाए अच्छा मताब कि हम दिखा सके कि �
10:35हमारी जो एक कोलोनी है एकड़ मस्त है कोई दिक्कत नहीं है तो एक इंसान के तरह तोर पर हम
10:43सोचे है कि अच्छा मेरा मा लीजे मेरा घर होता उस वैसे छुपा दिया जाता तो अंदर से तो एक
10:49फिलिंग आती कि भाई क्यू कर रहा है ऐसा वहा सही है मगर अब जो भार के
10:54लोग आ रहे हैं कि अपना इंडिया सब कुछ अच्छा है आपर लेकिन फिर यह आपको ऐसा लगता है कि
11:02यह एक फेलियर है हमारा as a country कि हमें सब छुपाना पड़ रहा है नहीं नहीं अब इतनी त्यारी
11:10जल्दी होई है ना इतनी जल्दी का माम लाग है तो यह अच्छा ल
11:25पर्मेंट तो बनी भी है क्या बतलब इसको चुपाने के लिए मैं बोल रहा हूं नहीं चुपा रहा तो लग
11:32रहा है एक सब एक साथ ही लग रहा है ना इधर उबढ़ खा बड़ गंदा संदा है तो अभी
11:38लग अच्छा हो लग रहा है ना 2023 में भी ऐसे क्या कर दिया था ज
11:52जी जे पी होटल जी गैस्ट उसमें ठेरेवे हैं यह अडानी जी का होटल है अच्छा तो उस वज़े से
12:00इस सड़क से भी काफी जादा लोग बढ़ जादा है और जाता है और यहां की जन सुविधा है यहां
12:17पर देखे आप नियुशर्मा जी का पोस्टर भी लगा है और �
12:20शुर्मा बढ़े को इसा वो बताय थी कि उनका दुकार आपको यह सोसाइटी एरिया कूली क्यान साफ साफ यहां लिखा
12:26है आपको देखके समझ में आ जाएगा कि कौन से लोग यहां पे रह रह रहे हैं जब महर्षी भगवान
12:32वालमी की मंदिर की बात करें तो आपको सब स
12:50लेकिन चलो परदे के पीछे की तस्वीरे भी दिखाना बहुत ज़रूरी है और दुरभाग्य है या क्या है मैं इस
12:58तो नहीं बोल सकता लेकिन लोगों को ये भी realization शायद नहीं है कि what does it represent when these
13:07sort of things are used by a government क्योंकि विदेशी महमान आ रहे हैं
13:13तो how normal or abnormal is it वो समझना भी शायद इनके बस की बात नहीं है या नहीं समझ
13:20पा रहे है बट यही reality है परदे के पीछे की कहानी लाना बहुत ज़रूरी था और यही दिल्ली में
13:26हो रहा है कि चलिए इधर CCTV भी लगा है इस colony में thankfully लेकिन इस society को पूरे तरीके
13:33से एक लंबे परदे स
13:36जो की लगभग 500 मिटर दूर आगे पीछे आपका लगा हुआ है उससे society को ही ठक दिया गया है
13:45गलिया घूमते घूमते अभी यहां पे जिन्होंने इंटर्व्यू दिया सबसे पहले आपको थोड़ा सा बता दूं कि उनका धरम है
13:51वो इसलाम है तो off the record off the record उनका कहना है कि भ
14:06इस वज़ा से उन्होंने decide कि अब हम कोई ऐसा बाते हम camera भले वो हमें पीछे इतनी सारी बाते
14:13बता रहे थे लेकिन camera पे कोई बोलने से घबरा रहा है क्योंकि वो एक विशेष धर्म से आते हैं
14:20वो एक reason बन जाता है तो आप समझो कि स्थिती क्या है पर्दे के पीछे आने क
14:35colony और यहाँ पर फजारों लोग जो रहते हैं यह जो है छूपाया जा रहा है दिल्ली का एक colony
14:44और ऐसी कोर्णियां अच्छान यह शीए बीलगा है वैसे यह तो छूपाने लायग नहीं है एसी लगया है दिखा दो
14:51तरक्की हो रही है कोली कोलनी घूमते हुए हम मिले सोनु �
14:57से सोनु प्रधान आपको बुलाते हैं सोनु जी हम बाहर खड़े थे और काफी सारी लोग मिले और उनसे जब
15:06हमने पूछा कि आपके कॉलनी के बाहर इतने बड़े-बड़े परदे क्यूं लगा रखे हैं तो उन्होंने काफी कुछ बताया
15:12सब कुछ बताया लेकिन ओन क्याम
15:27कि तुमने सरकार की बुराई कर दी आप थोड़ा सच्चा ही बताइए आप सालों से यहां पर रह रहे हैं
15:32थोड़ा पोली कॉलनी के बारे में भी आप थोड़ा बताईए कि ऐसा क्या है कि सरकार को इसको छुपाना पर
15:38रहा है और पिछले बार भी जब इवेंट हुआ तो �
15:40इस बार भी छूपा रहे है क्या आपको लगता है क्यों करते हैं तरभशित कर दो नाम सोन परदान हैं
15:47। जिसको में इसको मिल्कुल सरकान की नाकमही कहूँ है थो गिन्वी एनुस ने
16:10कोई काम निया उसके बाद अपनी नाकामी शुभाने के लिए के दोने इनों को डगने बड़ेगा तेन नाकामी आपको लगते
16:19हैं सरगार की बिलकुँ अब इससे में आद्मी कहा जाएगा
16:38तो अभी ये तीन-चार दिन सब के काम बंद हैं सर्चार्ज वर्टन तो आदमी अगर काम नहीं करगा तो
16:47खाएं गएगा
16:48तो अभी ये तीन-चार दिन सब के काम बंद हैं सर्चार तीन-चार दिन बंद रहेंगे तो आदमी मोंगा
16:55मरेगा
17:21अगर वो ये वीडियो देखेंगे तो उनको आप क्या बोलना चाहिएगा
17:26मैं तो यह कहना चाहता हूं कि कुछ अमारी लाइफ भी अच्छी करें जो कि अच्छी से जीच करें जहां
17:32जो कि मंगान के लिए यह वादा के जाता और वितक कोई वादा नहीं हो पूरा
17:41तो यह हर साल जो छुपाया जाता है मकान को उसको लेकर कि क्या विचारे वैसे सर विचारी यह भूगे
17:47तीन-चार दिन मुग मरते आदमी और का ना कोई काम ना धना तो आदमी क्या करेंगा निको रोज का
17:54काम आना रोज का खाना है तो भी गाहों के मतलब कॉलोनी के सारे लो
18:07कर दिया गया प्योटनेयशस निर्व्टनेया �800 बारी करते वाले यह जोनमी किसे अदर कसे धोपारि आदम इसना कोई डेट्री ना
18:19कोई मोची ना कोई सम्जेंगरिवाला ना कोई धार्वाला थी करता है जिए भीजरे बेसाई को फी बिल्कुल किの सब्साम मंद
18:27करते वाल
18:34अधिक भी खुद भूखे मनें वाबाब सब्वे सरकार कोई भी हो हमार कहने है कि तुम गरीब के लिए काम
18:43करें
18:44कि आज महंगाई कि 70 रुबे 75 रुबे 80 रुबे चीनी हो रहे हैं तेल कवी 200 बंदा काता था
18:52300 रुब चेतर काने नगा
19:04तो आदमी कहां से करकत रहा और तीन दिन उपर से तम तीन चार दिन मिठा दे आपने कर में
19:10पहले उनके लिए सोचो ना कि पहले उनको विद्धों कुछ खाने के लिए
19:26सब्सक्राइब के लिए तो गरीब के लिए जीना अभी असान हुआ है कि मुश्किल हुआ है
19:38तो इतना सारा राशन देते हैं नाइन का दरे लो कुछ नहीं देने क्या दरे जो वह यह दो गलो
19:47गया हूं और चावल वाच चार गलो राशन में चार गलो में कोन महिना खालेंगे पून खायेगा महिना बताओ
19:58जब दिल्ली में अगर स्लम्स की बात करें तो कम से कम देड़ मिलियन यानी 15-16 लाग वो तो
20:05एक आकड़ा है लिए उससे बहुत ज़्याद है क्योंकि यहां भी अभी हमें पता चला कि कम से कम 3
20:08,000 लोग इस स्लम में रहते हैं तो इस तरह के कम से कम 600 स्लम हैं पूरे दिल्ली
20:14में तो आप किसको किसको चुपाओगे चलिए यह रूट पे आ गया तो आपने इसको चुपा दिया वट ग्राउंड रियालिटी
20:19समझना बहुत जरूरी है लोग लोगों में डर इसका दर है कि वो इस चीज़ को क्रिटिसाइज तक नहीं कर
20:24पा रहे खुलके उसको क्रिटि
20:41देख रहे उन पर्दों से छुपा दिया गया है और यह रियालिटी हम आपको दिखा रहे है पर्दे के पीछे
20:46की कहानी जो लिटरली एक पर्दे के पीछे की कहानी बन जाती है जब हम आपको यह वीडियो दिखाते है
20:52तो देखते रहे हैं ग्राउंड रियालिटी क्या सच
20:55चाही है दिल्ली की ब्रिक सम्मिट की क्या सचाही है लोगों की क्या सचाही है वो देखने के लिए अब
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