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BRICS Summit 2026 Updates: दिल्ली में होने वाले BRICS Summit को लेकर दुनिया की नजरें भारत पर टिकी हैं। ईरान युद्ध और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच BRICS देशों के बीच किसी बड़े बयान या फैसले की संभावना ने अमेरिका की चिंता बढ़ा दी है। ईरानी राष्ट्रपति की मौजूदगी से इस बैठक का महत्व और बढ़ गया है। क्या BRICS ईरान युद्ध पर अमेरिका को बड़ा संदेश देगा? क्या भारत की अगुवाई में BRICS कोई बड़ा ऐलान कर सकता है? इस वीडियो में जानिए BRICS Summit 2026, Iran War, Trump, अमेरिका की चिंता और वैश्विक राजनीति से जुड़े सभी बड़े अपडेट।

BRICS Summit 2026 Updates: The upcoming BRICS Summit in Delhi is drawing global attention as tensions over the Iran War continue to rise. With the Iranian President expected to participate, discussions on the Middle East conflict could become a major focus of the summit. Will BRICS make a major announcement on the Iran War? Could India and other BRICS nations send a strong message to the United States and Donald Trump? In this video, we explain the latest BRICS Summit 2026 developments, Iran War updates, the US reaction, India’s diplomatic role and the possible impact of the summit on global geopolitics.


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00:00बिल्कुल आखरी सवाल भारत से जुड़ा हुआ है क्योंकि बारत में दो दिनों बाद ब्रिक्स की समिट होने जा रही
00:06है जिसमें पुतिन और जिन पिंग दोनों डिल्ली आ रहे हैं उसमें शामिल होने के लिए
00:10सिरोही सर ऐसे दोर में जब अमेरिका की मुखालपत बढ़ती जा रही है अमेरिका के खिलाफ या कहलें अमेरिका से
00:18दूरी बनाकर डेश अपने संगठन मना रहे हैं एक इसलामिंग नेटो बना मक्का पैक्ट में तीन देश आए उन्होंने अपना
00:25गडबंधन बनाया ऐसे द
00:41अकरीब साथ साल बात आ रहे हैं जिन पिंग दिली बिनकुर वैवब जी यह जो ब्रिक समिट हो रहा है
00:47यह यह दिखाता है दुनिया को कि भारत जो है वो भारत नहीं है जो पहले वाला भारत था अगर
00:54एक अगर भारत आ रहे तो यह देखिए कि यह बारत की डिप्लोमेसि
00:59कि बहुत बड़ी जीत है नमबर वन नमबर टू ब्रिक्स जो है यह कोई पहले चार देश थे ब्रिक था
01:06फिर साथ अफरीक आया तो ब्रिक्स हो गया उसके बाद जो इथोपिया एजएट यूए इरान आ गये उसके बाद इंडोनेशिया
01:14आ गया तो इस तरीके से यह जो द
01:29पूरी दुनिया की च्प पॉपलिश ड greatness का 49.5 परेंट जो ए वी ब्रिक्स के अंडर जो देश है
01:35उनकी पॉपलेस्ट है उसके बाद आगर देखें 40 पर्सट जो पूरी दुनिया की जी डीपी है वो ब्रिक्स के देशों
01:42की है और जो फ्वञेशिक परेंट जो क्लोबल्ट
01:55के नाम पर है और बिसिकली यह जो है जो प्रो वेस्टन कंट्री से उनको कॉंटर करने के लिए बनाया
02:02गया है और इसमें जो है जाए तर जो इंट्रेस्ट है वो ग्लोबल सौट का है तो इस चीज़ के
02:07नजरी से अगर देखें तो भारत इसकी अध्यक्षता कर रहा है और उस
02:25नहीं होता एक बहुत बड़ा इवर्ट होता पूरा वेस्टन मीडिया इसके उपर नजर रखता है कि उनकी बॉड़ी लैंग्वेज क्या
02:31है वो किस तरीके से पीछे जो सब्मिट हुआ था उसमें भी जो है आपने देखा कि किस तरीके से
02:41कैमरे जितने भी मीडिया के कैमरे
02:43है वो जायतर इन तीन लोगों पे रहते हैं इनकी बॉड़ी लैंग्वेज के उपर किस तरह बात करें तो यह
02:49बहुत बड़ा जो है भारत के लिए बहुत बड़ी अचीमेंट होगी और इसमें जो खासतार पर यह है कि जो
02:55जो जो जोइन डेक्लेरेशन होगी वो एक बहुत
02:57बड़ा चैलेंज है भारत के लिए क्योंकि जब फॉर्म मिनिस्टर्स की ब्रिक्स की मिटिंग हुई थी तो उसमें यूएई और
03:05सौधे रेविया अल्दो सौधे रेविया इस नॉट ए एक्टिव पार्टनर बस सौधे रेविया और यूएई के आपस में मत बेद
03:12की जैस
03:12बज़े से जोईन डिक्लेरेशन नहीं हो पाई थी लेकिन अब जो है यह देखना है कि भारत के जो डिप्लोमेंट
03:19से किस तरीके से जी टुंटी जब हुआ था जो मैंने और तेजावत साब में कवर किया था उस से
03:25में भी यह अटकले लगाए जा रही थी कि शैद जोईन ड
03:32बारत कर उपाया था तो इस बारी भी जोईन डिक्लेरेशन होगी तो भारत अगर इस जोईन डिक्लेरेशन करवा पाता है
03:40सारी कंट्री इसकी सहमत होती हैं तो मैं कहरा हूं यह बारत के लिए डिप्लोमेटिक लिए बहुत बड़ी जीत होगी
03:46और यह संगठन जो है वेस्�
04:01अपना न्यू बैंक बनाया हुआ है उससे जो अपने कंट्रीज को इंफ्रस्ट्रक्टर देंगे तो ब्रिक जो एक बहुत बड़ा जो
04:08है एक और आने वादे समय में जो है इसको जो है इसकी और बडोतरी होगी और यह जो है
04:15डॉनलर्ड ट्रम साहब के लिए खास और पर य
04:31समिट या यह पूरा संगठन अभी कितना महतपूर है आज के दोर में क्या अमेरिका को लेकर जैसा दुमिया भर
04:40के देशों का नजरिया बदल रहा है उसमें क्या इन देशों के जो संगठन में शामिल है उनको आगे बढ़कर
04:48क्या इसे और विस्तार देना चाहिए क्योंकि
04:51कि अमेरिका की कब तक चलती रहेगी हमें उससे आगे बढ़कर भी देखना पड़ेगा इसे अक्षरत मुझे सहमत होकर यह
05:07बहुत ही इनलाइटनमेंट अला या इक तरीके से कहना चीए कि जो उसका एक्चुल जो पिक्चर है वो सिरुई साहब
05:14ने रखा है और कुछ चीज
05:19समझनी होगी युनाइटिट नेशन्स का जो वर्चेस्व है वो कमजोर होगा है हम इससे अच्छी तरह से जानते हैं उसकी
05:26फंडिंग भी कम होई है और उसका जो लोग मानते थे वह भी मानना कम कर दिया कोई नहीं मान
05:33रहा है या तब कि उनाइटिट स्टेट भी नहीं मान
05:49जिए जो फंडिंग वह या टमाम जो है ऐसी ओ हुए या एक तरीके से कहें तो गल्फ कंट्रीज का
05:57जो इसलामिक और इसन्स तो यह जो तमाम है इनना से कुछ मजबूत है कुछ कमजोर और इसन्स हैं पर
06:03यह उसका डिपलेस्मेंट है तो यह जो छेती संग्ठन है या जो �
06:08जो कुछ देशों के जो जो गुरुप्स वन रहे हैं वो काफी मैट्पून हो जाते हैं एक और चीज जो
06:15हमें ध्यान देने वाली है कि जो खासकर G20 समिट में शी चिंपिंग साहब नहीं आये तो उनने मना कर
06:23दिया था भारतानी से सब्तावर पहले मना कर दिया था पर इस �
06:27पर उन्होंने सहमत ही दिये तो ग्लोबल ऑडर बदल रहा है और जब आसकर भारत की जो वैस से उमीद
06:32है थी वो कमजोर होती जा रही है वो सोचने अरी बाते पर चीन के साथ समंदों में यह मानना
06:39पड़ेगा कि हमारे डिप्लोमेट्स हैं वो काफी कमजोर साबित हुए है
06:44इससे ज़्यादा कड़ा शब्द में इस्तिमाल नहीं करना चाता और यह भी साच है कि जिन 65 पेट्रोलिंग पॉइंट्स पे
06:52हमारे जो पेट्रोलिंग हुआ करते थे आज उन्हें से केबल 15 पॉइंट्स पही होती है पास्विक्ता है तो यह सारी
07:01चीज़ें जब तक अलग
07:14अगर वो तुरंट संबनों का अल्टरेंट्स अगर यह नहीं दे पा रहे हैं दोनों ही देश रूस हो चाहिए चीन
07:20हो और वो प्रोग्रेस में अगर हमें सहभागी नहीं मनाते हैं अगर भारत की जमीन से अगर वो लोग अपना
07:31जो खासकर जो पुरा वहां से चल रहे हैं �
07:38और जो पाकिस्तान उकुपाइट कश्मीर के लिए वो भारत से तर्मती या भारत को एक पार्टी भी नहीं मनाते हैं
07:43तो यह सब खुल मिला के यह भारत और चीन के संबन्दों को आगे निर्दालिक करता है और अगर यह
07:49इन देशों में कहीं ताल्मिल नहीं होती है तो अमर
08:07करने के लिए जो ब्रिक्स की जो मंशा है उसके लिए अगर कोई खड़ा है तो केवल भारती है कई
08:15भारत पर यह भी आरूप लगाया जाता है कि ब्रिक्स को अपने उद्रिश्यों में सफ़ल नहीं होने दे रहा है
08:20तो यह तमाम चीज़े हैं पर भारत की जो अमरिका की सं�
08:28बंदों को दोखा दिया है जो इतने दो दशकों की मेहनत को जो उसने पानी में डूपो दिया है प्रिजिट्रम
08:34के जमाने में तो यह है इसलिए इस पार प्रिजिदेंट प्रोतिंग और श्री जिंद्रिंग साहब दोनों ही काफी आशान्रित है
08:42और भारत में भी संके दिय
08:44इस मिटिंग से पहले दोवाल साम जाके आए निचीन तो कांपी कुछ सकारात्मट होने वाला है और यहाँ भी हो
08:51सकता है
08:52कि जो अमेरिकान प्रिजन से खासकर काडी देशों में उसकी भी भर्सना हो सकती है ऐसा अग्मान है पर देखते
09:00हैं कि कोश्रापत तो क्या आता है उसे पर इलबर करेगा रवाल साथ
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