00:00आखरी सवाल भारत से जुड़ा हुआ है क्योंकि बारत में दो दिनों बाद ब्रिक्स की समिट होने जा रही है
00:04जिसमें पुतिन और जिन पिंग दोनों डिल्ली आ रहे हैं उसमें शाबिल होने के लिए
00:09सिरोही सर ऐसे दोर में जब अमेरिका की मुखालपत बढ़ती जा रही है अमेरिका के खिलाफ या कहलें अमेरिका से
00:16दूरी बनाकर देश अपने संगठन मना रहे हैं एक इसलामिंग नेटो बना मक्का पैक्ट में तीन देश आए उन्होंने अपना
00:24गडबंधन मनाया ऐसे दो
00:39करीब साथ साल बात आ रहे हैं जिन्पिंग दिल्ली यह जो ब्रिक समिट हो रहा है यह दिखाता है दुनिया
00:48को के भारत जो है वो भारत नहीं है जो पहले वाला भारत था अगर एक अगर भारत आ रहे
00:55तो यह देखिए कि यह बारत की डिप्लोमेंसी की बहुत बड़ी जीत
00:59है नमबर नमबर तू ब्रिक्स जो है यह कोई पहले चार देश थे ब्रिक था फिर साउट अफरीक आया तो
01:07ब्रिक्स हो गया उसके बाद जो इधो पिया एज़ेट यूए इरान आ गये उसके बाद इंडोनेशिया आ गया तो इस
01:14तरीके से यह जो दस कंट्री आए हैं इनक
01:21साउट की इसमें जादे हैं क्योंकि अगर आप देखें पॉरी दुनिया की पॉप्लेशन का 49.5 जो है बृक के
01:33नंदर जो देश है उनकी पॉपलीशन है उसके बाद अगर देखें 40% जो पूरी दुनिया की जीडी पी है
01:39वो बिंटी जो ग्लोबल ट्रेड होता है वो ग्र�
01:57प्रवेस्टन कंट्री से उनको कॉंट्र करने के लिए बनाया गया है और इसमें जाए तर जो इंट्रेस्ट है वो ग्लोबल
02:04साउट का है तो इस चीज के नजरी से गर देखें तो भारत इसकी अध्यक्ष्टा कर रहा है और उसके
02:11बाद भारत अब जो सबसे बड़ी जो इसमे
02:14आप ये देखिए जब रश्या के प्रेजेट, चाइना के प्रेजेट, इंडिया के प्र� ministro ये तीनों जब एक जगए कटे
02:21होते हैं तो ये कोई छोटी मोठा इविट नहीं होता एक बहुत बड़ा इविए होता पूरा वेस्टरं मीडिया इसके उपर
02:28नजर रखता है कि �
02:28उनकी body language क्या है वो किस तरीके से पीछे जो SEO submit हुआ था उसमें भी आपने देखा उसमें
02:36भी जो है आपने देखा किस तरीके से camera जितने भी media के camera है वो जायतर इन तीन लोगों
02:44पे रहते हैं इनकी body language के उपर किस तरह बात करें तो यह बहुत बड़ा जो है भारत के
02:49लिए बह�
02:57बारत के लिए क्योंकि जब four ministers की bricks की meeting हुई थी तो उसमें UAE और सौधे रेविया और
03:05सौधे रेविया इस नॉट एक्टिव पार्टनर बस सौधे रेविया यूए के आपस में मत बेद की जैसे वजह से joint
03:12declaration नहीं हो पाई थी लेकिन अब जो है यह देखना है कि बारत की जो
03:26जोईन डिक्लेरेशन नहीं हो पाएगी लेकिन उसके बाद जूड भी जोईन डिक्लेरेशन भारत करूपाया था तो इस बारे वीजिए joint
03:34declaration होगी तो भारत अगर जोईन डिक्लेरेशन करवा पाता है सारी कंट्री इसकी सहमत होती हैं तो मैं कहरा हूं
03:41यह बारत के लिए diplomatically
03:43लिए बहुत बड़ी जीत होगी और ये संगठन जो है वेस्टन को और खासता और तर अमेरिका को चैनेंज करता
03:51है अमेरिका को पता है डॉनलर्ड ट्रंप साब को पता है कि आने वाले समय में जो डॉलर डी डॉलराइशिशन
03:57होगा इनके आपस में जो है इन्हों है अपना न
04:13और ये जो है डॉनलर्ड ट्रंप साब के लिए खासता और पर ये दो तिन दिन डॉनलर्ड ट्रंप साब मुझे
04:18नहीं लगता हूँ स्वोप आएगे जी बुलकुल तेजाव सार के पास चलते हैं इसी साखरी सवाल को लेकर तेजाव साहब
04:24आपके हिसाब से सिरोई सान ने �
04:27अभी बताया विस्तार से ब्रिक्स की समिट या ये पूरा संगठन अभी कितना महतपूर है आज के दौर में क्या
04:35अमेरिका को लेकर जैसा दुनिया भर के देशों का नजरिया बदल रहा है उसमें क्या इन देशों के जो संगठन
04:44में शामिल हैं उनको आगे बढ़कर क्या �
04:47इसे और विस्तार देना चाहिए क्योंकि बहुत सारे विश्तषग्यों का ऐसा मानना है कि अमेरिका की कब तक चलती रहेगी
04:53हमें उससे आगे बढ़कर भी देखना पड़ेगा
04:58बिल्कुल वैवर साहब जो सिरुई साहब ने जो तमाम बाते कही है उससे अक्षरत मुझे सहमत होकर यह बहुत ही
05:06इनलाइटनमेंट वाला या इक तरीके से कहना चाहिए कि जो उसका एक्चुल जो पिक्चर है वो सिरुई साहब ने रखा
05:13है और कुछ चीज़ें जो है वो
05:25फंडिंग भी कम होई है और उसका जो लोग मानते थे वह भी मानना कम कर दिया कोई नी मान
05:31रहा है यहां तब की उनाइटिट स्टेट भी नी मान रहा है जो उसके संस्तामक सदस्यों में रहा है तो
05:37जब चब यूरेनों का वर्चस वा कम होगा तो उसका जो रिप्लेस्में�
05:55जो इसलामिक ओनाइशन है तो यह जो तमाम है इनने से कुछ मजबूत है कुछ कमजोर ओनाइशन है पर यह
06:02उसका रिप्लेस्मेंट है तो यह जो छेती संगठन है या जो खासकर जो कुछ देशों की जो जो गुरूप्स बन
06:10रहे हैं वो काफी मैट्पून हो जाते हैं एक �
06:13और जो चीज जो हमें ध्यान देने वाली है कि जो खासकर G20 समिट में शी चिंपिंग साहब नहीं आए
06:20तो उन्होंने मना कर दिया था पर इस पार उन्होंने सहमत ही दिये तो ग्लोबल आडर बदल रहा है और
06:28जो खासकर भारत की जो वैस से उमीद है थी वो कमजोर होती जा
06:43है इससे ज्यादा कड़ा शक्त में इस्तिमाल नहीं करना चाता और यह भी साच है कि जिन 65 पेट्रोलिंग पॉइंट्स
06:50पे हमारे जो पेट्रोलिंग हुआ करते थी आज उन्हें से केवल 15 पॉइंट्स पही होती है पास्विक्ता है स्विकार चरना
06:57पड़ेगा तो यह सारी
07:00चीजें जब तक अगर मांडो शॉट आउट नहीं होती है तब तक मुझे लगता है कि हमें काफी सतर्फटा से
07:09चीन के साथ संबंदों को कैसे आगे बढ़ाना है और अमेरिका से अगर वो तुरंट संबंदों का अल्टरनेट्स अगर यह
07:16नहीं दे पा रहे हैं दोनों ही द
07:27जमीन से अगर वो लोग अपना जो खास कर जो सीपैक जो पूरा वहां से चल रहे हैं और जो
07:37पाकिस्तान उक्पाइट कश्मीर के लिए वो भारत से तर्मती या भारत को एक पार्टी भी नहीं मनाते हैं तो यह
07:42सब खुल मिला के यह भारत और चीन के संबंदों को आगे नि
07:57अरीकों की फिल बार रक्षा किए भारत को खासकर जो ब्रिक्स मुद्रा के लिए जो प्रस्ताव आय था या खासकर
08:05डांते बश्क्रा comprar को कम करने के लिए जो ब्रिक्स कीAud जो मन्शाлем है
08:09उसके लिए अगर कोई खड़ा है तो केवल भारती है कि पार भारत पर ये भी आरोप लगाया जाता है
08:15कि वह ब्रिक्स को अपने उद्धिशों में सफल नहीं होने दे रहा है तो ये तमाम चीज़े हैं पर भारत
08:22की जो अमरीका की संबंदों और अमरीका ने जिस तरीके से हमा
08:39काफी आशान्रित है और भारत में भी संकेत दिया है इस मिटिंग से पहले दोवाल साम जाके आए ने चीज़े
08:46तो काफी कुछ सकारातमत होने वाला है और यह भी हो सकता है कि जो अमरीकान प्रिजान सेकास कर काड़ी
08:54देशों में उसकी घी भरसना हो सकती है ऐसा अगमान है
08:57पर देखते हैं कि कोश्रापत तो क्या आता है उसे पर जिबर देगा
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