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BRICS Summit 2026 Update: भारत में होने वाले BRICS Summit के बीच Iran War और अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव को लेकर दुनिया की नजरें Modi, Putin और Xi Jinping पर हैं। क्या BRICS ईरान के समर्थन में कोई बड़ा कदम उठाने जा रहा है? क्या भारत, रूस और चीन मिलकर Donald Trump और अमेरिका को बड़ा संदेश देंगे? इस वीडियो में जानिए BRICS Summit 2026 की बड़ी खबरें, Iran War का BRICS पर असर, Modi-Putin-Xi की रणनीति, Trump की चिंता और बदलती global geopolitics की पूरी कहानी। BRICS और अमेरिका के बीच बढ़ती रणनीतिक टक्कर का क्या असर होगा, जानिए इस खास रिपोर्ट में।

BRICS Summit 2026 Update: The upcoming BRICS Summit is drawing global attention as tensions over the Iran War continue to rise. With India, Russia and China playing key roles in the grouping, questions are growing over whether BRICS could take a stronger position on the Iran conflict. Could Modi, Putin and Xi Jinping send a major message to Donald Trump and the United States? In this video, we explain the latest BRICS Summit developments, Iran War updates, India’s diplomatic role, Russia-China relations, Trump’s concerns and the changing global balance of power. Watch the full report for the latest BRICS, Iran, Trump and geopolitical updates.

#BRICSSummit2026 #BRICS #Modi #Putin #XiJinping #Trump #Iran #IranWar #BRICSvsUS #Geopolitics

~PR.540~HT.408~GR.506~VG.HM~

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00:00आखरी सवाल भारत से जुड़ा हुआ है क्योंकि बारत में दो दिनों बाद ब्रिक्स की समिट होने जा रही है
00:04जिसमें पुतिन और जिन पिंग दोनों डिल्ली आ रहे हैं उसमें शाबिल होने के लिए
00:09सिरोही सर ऐसे दोर में जब अमेरिका की मुखालपत बढ़ती जा रही है अमेरिका के खिलाफ या कहलें अमेरिका से
00:16दूरी बनाकर देश अपने संगठन मना रहे हैं एक इसलामिंग नेटो बना मक्का पैक्ट में तीन देश आए उन्होंने अपना
00:24गडबंधन मनाया ऐसे दो
00:39करीब साथ साल बात आ रहे हैं जिन्पिंग दिल्ली यह जो ब्रिक समिट हो रहा है यह दिखाता है दुनिया
00:48को के भारत जो है वो भारत नहीं है जो पहले वाला भारत था अगर एक अगर भारत आ रहे
00:55तो यह देखिए कि यह बारत की डिप्लोमेंसी की बहुत बड़ी जीत
00:59है नमबर नमबर तू ब्रिक्स जो है यह कोई पहले चार देश थे ब्रिक था फिर साउट अफरीक आया तो
01:07ब्रिक्स हो गया उसके बाद जो इधो पिया एज़ेट यूए इरान आ गये उसके बाद इंडोनेशिया आ गया तो इस
01:14तरीके से यह जो दस कंट्री आए हैं इनक
01:21साउट की इसमें जादे हैं क्योंकि अगर आप देखें पॉरी दुनिया की पॉप्लेशन का 49.5 जो है बृक के
01:33नंदर जो देश है उनकी पॉपलीशन है उसके बाद अगर देखें 40% जो पूरी दुनिया की जीडी पी है
01:39वो बिंटी जो ग्लोबल ट्रेड होता है वो ग्र�
01:57प्रवेस्टन कंट्री से उनको कॉंट्र करने के लिए बनाया गया है और इसमें जाए तर जो इंट्रेस्ट है वो ग्लोबल
02:04साउट का है तो इस चीज के नजरी से गर देखें तो भारत इसकी अध्यक्ष्टा कर रहा है और उसके
02:11बाद भारत अब जो सबसे बड़ी जो इसमे
02:14आप ये देखिए जब रश्या के प्रेजेट, चाइना के प्रेजेट, इंडिया के प्र� ministro ये तीनों जब एक जगए कटे
02:21होते हैं तो ये कोई छोटी मोठा इविट नहीं होता एक बहुत बड़ा इविए होता पूरा वेस्टरं मीडिया इसके उपर
02:28नजर रखता है कि �
02:28उनकी body language क्या है वो किस तरीके से पीछे जो SEO submit हुआ था उसमें भी आपने देखा उसमें
02:36भी जो है आपने देखा किस तरीके से camera जितने भी media के camera है वो जायतर इन तीन लोगों
02:44पे रहते हैं इनकी body language के उपर किस तरह बात करें तो यह बहुत बड़ा जो है भारत के
02:49लिए बह�
02:57बारत के लिए क्योंकि जब four ministers की bricks की meeting हुई थी तो उसमें UAE और सौधे रेविया और
03:05सौधे रेविया इस नॉट एक्टिव पार्टनर बस सौधे रेविया यूए के आपस में मत बेद की जैसे वजह से joint
03:12declaration नहीं हो पाई थी लेकिन अब जो है यह देखना है कि बारत की जो
03:26जोईन डिक्लेरेशन नहीं हो पाएगी लेकिन उसके बाद जूड भी जोईन डिक्लेरेशन भारत करूपाया था तो इस बारे वीजिए joint
03:34declaration होगी तो भारत अगर जोईन डिक्लेरेशन करवा पाता है सारी कंट्री इसकी सहमत होती हैं तो मैं कहरा हूं
03:41यह बारत के लिए diplomatically
03:43लिए बहुत बड़ी जीत होगी और ये संगठन जो है वेस्टन को और खासता और तर अमेरिका को चैनेंज करता
03:51है अमेरिका को पता है डॉनलर्ड ट्रंप साब को पता है कि आने वाले समय में जो डॉलर डी डॉलराइशिशन
03:57होगा इनके आपस में जो है इन्हों है अपना न
04:13और ये जो है डॉनलर्ड ट्रंप साब के लिए खासता और पर ये दो तिन दिन डॉनलर्ड ट्रंप साब मुझे
04:18नहीं लगता हूँ स्वोप आएगे जी बुलकुल तेजाव सार के पास चलते हैं इसी साखरी सवाल को लेकर तेजाव साहब
04:24आपके हिसाब से सिरोई सान ने �
04:27अभी बताया विस्तार से ब्रिक्स की समिट या ये पूरा संगठन अभी कितना महतपूर है आज के दौर में क्या
04:35अमेरिका को लेकर जैसा दुनिया भर के देशों का नजरिया बदल रहा है उसमें क्या इन देशों के जो संगठन
04:44में शामिल हैं उनको आगे बढ़कर क्या �
04:47इसे और विस्तार देना चाहिए क्योंकि बहुत सारे विश्तषग्यों का ऐसा मानना है कि अमेरिका की कब तक चलती रहेगी
04:53हमें उससे आगे बढ़कर भी देखना पड़ेगा
04:58बिल्कुल वैवर साहब जो सिरुई साहब ने जो तमाम बाते कही है उससे अक्षरत मुझे सहमत होकर यह बहुत ही
05:06इनलाइटनमेंट वाला या इक तरीके से कहना चाहिए कि जो उसका एक्चुल जो पिक्चर है वो सिरुई साहब ने रखा
05:13है और कुछ चीज़ें जो है वो
05:25फंडिंग भी कम होई है और उसका जो लोग मानते थे वह भी मानना कम कर दिया कोई नी मान
05:31रहा है यहां तब की उनाइटिट स्टेट भी नी मान रहा है जो उसके संस्तामक सदस्यों में रहा है तो
05:37जब चब यूरेनों का वर्चस वा कम होगा तो उसका जो रिप्लेस्में�
05:55जो इसलामिक ओनाइशन है तो यह जो तमाम है इनने से कुछ मजबूत है कुछ कमजोर ओनाइशन है पर यह
06:02उसका रिप्लेस्मेंट है तो यह जो छेती संगठन है या जो खासकर जो कुछ देशों की जो जो गुरूप्स बन
06:10रहे हैं वो काफी मैट्पून हो जाते हैं एक �
06:13और जो चीज जो हमें ध्यान देने वाली है कि जो खासकर G20 समिट में शी चिंपिंग साहब नहीं आए
06:20तो उन्होंने मना कर दिया था पर इस पार उन्होंने सहमत ही दिये तो ग्लोबल आडर बदल रहा है और
06:28जो खासकर भारत की जो वैस से उमीद है थी वो कमजोर होती जा
06:43है इससे ज्यादा कड़ा शक्त में इस्तिमाल नहीं करना चाता और यह भी साच है कि जिन 65 पेट्रोलिंग पॉइंट्स
06:50पे हमारे जो पेट्रोलिंग हुआ करते थी आज उन्हें से केवल 15 पॉइंट्स पही होती है पास्विक्ता है स्विकार चरना
06:57पड़ेगा तो यह सारी
07:00चीजें जब तक अगर मांडो शॉट आउट नहीं होती है तब तक मुझे लगता है कि हमें काफी सतर्फटा से
07:09चीन के साथ संबंदों को कैसे आगे बढ़ाना है और अमेरिका से अगर वो तुरंट संबंदों का अल्टरनेट्स अगर यह
07:16नहीं दे पा रहे हैं दोनों ही द
07:27जमीन से अगर वो लोग अपना जो खास कर जो सीपैक जो पूरा वहां से चल रहे हैं और जो
07:37पाकिस्तान उक्पाइट कश्मीर के लिए वो भारत से तर्मती या भारत को एक पार्टी भी नहीं मनाते हैं तो यह
07:42सब खुल मिला के यह भारत और चीन के संबंदों को आगे नि
07:57अरीकों की फिल बार रक्षा किए भारत को खासकर जो ब्रिक्स मुद्रा के लिए जो प्रस्ताव आय था या खासकर
08:05डांते बश्क्रा comprar को कम करने के लिए जो ब्रिक्स कीAud जो मन्शाлем है
08:09उसके लिए अगर कोई खड़ा है तो केवल भारती है कि पार भारत पर ये भी आरोप लगाया जाता है
08:15कि वह ब्रिक्स को अपने उद्धिशों में सफल नहीं होने दे रहा है तो ये तमाम चीज़े हैं पर भारत
08:22की जो अमरीका की संबंदों और अमरीका ने जिस तरीके से हमा
08:39काफी आशान्रित है और भारत में भी संकेत दिया है इस मिटिंग से पहले दोवाल साम जाके आए ने चीज़े
08:46तो काफी कुछ सकारातमत होने वाला है और यह भी हो सकता है कि जो अमरीकान प्रिजान सेकास कर काड़ी
08:54देशों में उसकी घी भरसना हो सकती है ऐसा अगमान है
08:57पर देखते हैं कि कोश्रापत तो क्या आता है उसे पर जिबर देगा
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