अमेरिकी महिला विक्टोरिया और विदेशी व्लॉगर फ्रेंकी के वीडियोज़ ने इंटरनेट पर पश्चिमी देशों के मेडिकल सिस्टम की पोल खोल कर रख दी है। जिस प्रैजीक्वांटल (Praziquantel) दवा के अमेरिका में लगभग ₹1 लाख (1,000 डॉलर से अधिक) वसूले जाते हैं, वही दवा भारत के किसी भी मेडिकल स्टोर पर महज़ ₹150 से ₹200 में आसानी से मिल जाती है।
सिर्फ दवाइयां ही नहीं, बल्कि घुटने की रिप्लेसमेंट या दिल की गंभीर सर्जरी, जिसका खर्च अमेरिका में ₹60 से ₹80 लाख तक पहुंच जाता है, वही आधुनिक और विश्वस्तरीय इलाज भारत में सिर्फ ₹4 से ₹5 लाख में हो जाता है।
आज अमेरिका में बिकने वाली 40% से ज्यादा जेनेरिक दवाइयां अकेले भारत से सप्लाई होती हैं। सिस्टम में कई कमियों के बावजूद, जब बात किफायती स्वास्थ्य सेवाओं, उच्च गुणवत्ता वाले डॉक्टरों और जीवनरक्षक दवाओं की आती है, तो भारत पूरी दुनिया के लिए एक उम्मीद बनकर उभरता है। जानिए 'फार्मेसी ऑफ द वर्ल्ड' के पीछे का पूरा सच!
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