भारतीय सेना और 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान के तहत रक्षा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक छलांग लगाई गई है। अमेठी के कोरवा स्थित इंडो-रशियन राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड (IRRPL) प्लांट में बनी पहली 100% स्वदेशी AK-203 असॉल्ट राइफल—जिसे 'शेर' (Sher) नाम दिया गया है—के सफल फायरिंग ट्रायल्स पूरे हो चुके हैं। यह राइफल पूरी तरह से भारतीय कंपोनेंट्स और रॉ मटीरियल से तैयार की गई है और अब यह अंतिम यूजर ट्रायल्स के लिए भारतीय सेना के पास पहुंच रही है। लंबे समय से सेना की रीढ़ रही पुरानी इंसास (INSAS) राइफलों को अब इस आधुनिक 7.62x39 मिमी कैलिबर वाली घातक राइफल से रिप्लेस किया जा रहा है। यह कदम न सिर्फ सेना की फायरपावर को कई गुना बढ़ाएगा, बल्कि भारत को दुनिया भर में हथियार एक्सपोर्ट करने वाले बड़े हब के रूप में भी स्थापित करेगा।
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