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भारत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने भारत तिवारी के लिए इसलिए आवाज़ उठाई क्योंकि उनके अनुसार किसी भी कथित फर्जी एनकाउंटर का विरोध होना चाहिए, चाहे पीड़ित किसी भी धर्म या जाति का हो। ओवैसी ने कानून के शासन, संविधान और न्यायिक प्रक्रिया का हवाला देते हुए एनकाउंटर की संस्कृति पर सवाल उठाए। इस वीडियो में जानिए उनके पूरे बयान और उससे जुड़े राजनीतिक मायने।



AIMIM chief Asaduddin Owaisi made a strong statement regarding the Bharat Tiwari encounter case. He said he raised his voice because he opposes alleged fake encounters irrespective of the victim's religion or caste. Referring to the Constitution, rule of law, and judicial process, Owaisi questioned the culture of encounters. Watch this video for his complete statement and the political reactions surrounding it.



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Transcript
00:00एक 28 साल का युवक्त पुलिस के सामने सरेंडर करता है, लेकिन कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो जाती
00:06है.
00:13परिवार कहता है कि ये फर्जी एंकाउंटर था. पुलिस अपनी कहानी बताती है, मामला कोट तक पहुंचता है. और अब
00:20इस केस को लेकर असदुद्दीन ओवैसी का बयान चर्चा में है. लेकिन आखिर भारत तिवारी केस है क्या? चलिए, शुरुवात
00:28से समझते हैं.
00:28दरसल भारत भूशन तिवारी उत्तर प्रदेश का रहने वाला 28 वर्षिय युवक था. उस पर कई आपराधिक मामलों में आरूपी
00:37होने का दावा किया गया था और पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी. इसके बाद पुलिस और
00:43भारत तिवारी के बीच मुट भे
00:58कि ये असली एंकाउंटर नहीं था. उनका दावा था कि भारत तिवारी ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया था
01:04और इसके बाविजूद उसे गोली मारी गई. इसी बीच मीडिया की कुछ रिपोर्टों में भी अलग-अलग दावे सामने आए.
01:22इन ही रिपोर्टों का हव
01:30भारत में जब भी किसी एंकाउंटर पर सवाल उठते हैं तो दो पक्ष सामने आते हैं. एक पक्ष का कहना
01:36होता है कि अगर कोई अपराधी है तो उसकी खिलाफ कानोन के तहत कारवाई होनी चाहिए और अंतिम फैसला अदालत
01:43को करना चाहिए. वहीं दूसरा पक्ष मानता है
01:46कि कई मामलों में पुलिस की सक्त कारवाई अपराध पर लगाम लगाने के लिए जरूरी होती है. यानि बहस सिर्फ
01:53भारत तिवारी की नहीं बलकि पूरे न्याइक सिस्टम और पुलिस कारवाई के तरीके की भी है. अब इसी मामले पर
02:00AIMIM प्रमुख असदुद्धीन ओव
02:16अन्याई किसी के साथ भी हो, उसका विरोध होना चाहिए. ओवैसी ने अपने भाशन में कहा कि भारत तिवारी एक
02:23ब्रह्मन युवक था, लेकिन उन्होंने कभी ये नहीं देखा कि पेडित किस धर्म या जातिका है. उनके अनुसार अगर किसी
02:30व्यक्ती ने सरेंडर किया ह
02:31और उसके बाद भी उसे मार दिया जाता है, तो इसकी निश्पक्ष जांच होनी चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि अगर
02:38एंकाउंटर ही न्याय का तरीका बन जाएगा, तो फिर अदालतों और सम्विधान की भूमिका क्या रह जाएगी? उनके मुताबिक कानून
02:45के शासन मे
02:46हर आरोपी को अदालत में अपना पक्ष रखने का अधिकार मिलना चाहिए.
03:20किसका घर नहीं तोड़ा जा रहा है, जिनको गिरफतार किया गया, उनको पोलिस कस्टडी भी नहीं ली जाती, अब शायद
03:30आज के बाद मेरे बोलने के बाद शायद कल पोलिस कस्टडी ले ले, बताओ आज क्या हो रहा है उत्तर
03:38परदेश में.
03:39हाला कि इस पूरे मामले में अलग-अलग पक्ष अपने-अपने दावे कर रहे हैं, और मामले से जुड़े तथ्य
03:44न्याइक प्रक्रिया और जांच के दाएरे में हैं.
03:47अब देखना होगा कि इस केस में आगे क्या कानूनी घटना क्रम सामने आते हैं, और जांच क्या निशकर्श निकालती
03:54है.
03:54लेकिन फिलहाल भारत तिवारी केस एक बार फिर चर्चा में है, क्यूकि असदुद्दीन ओवैसी ने इसे अपने भाशन में उठाते
04:01हुए कहा कि उन्होंने भारत तिवारी के लिए भी आवाज उठाई, क्यूकि उनके मुताबिक इनसाफ धर्म या जाती देखकर नहीं
04:09
04:09होना चाहिए.
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