00:01राम मंदिर चढ़ावे से जुड़े कथित चोरी का मामला पहले से ही पूरे देश में चर्चा में हैं।
00:07अब इसी केस को लेकर अयोध्या से एक नया विवाद सामने आया है, जिसने कानूनी और सामाजिक दोनों स्तर पर
00:14हलचल मचा दी है।
00:15दरसल अयोध्या बार असोसियेशन ने एक बैठक में बड़ा फैसला लिया है।
00:45जवस्था और वकीलों की भूमिका पर बड़ा सवाल बन गया है।
00:49इस पूरे मुद्दे पर विश्वे हिंदू परिशत के अंतर राष्टिय अध्यक्ष आलोग कुमार की प्रतिक्रिया सामने आई है।
00:56उन्होंने अयोध्या बार असोसियेशन के इस फैसले पर कड़ी आपत्ती जताई है।
01:01उनका कहना है कि ये निर्मे सम्विधान और वकीलों की पेशेवर नैतिक्ता दोनों के खिलाफ है।
01:07आलोग कुमार ने साफ कहा कि किसी भी आरोपी को सिर्फ आरोप के आधार पर उसके कानूनी अधिकारों से वंचित
01:13नहीं किया जा सकता।
01:15हर व्यक्ति को निश्पक्ष सुनवाई और कानूनी सहायता पाने का अधिकार है।
01:19चाहे मामला कितना भी गंभीर क्यों ना हो।
01:22उन्होंने ये भी कहा कि ये केवल नैतिक बहस नहीं है,
01:25बलकि सीधे तोर पर सम्विधान के आर्टिकल 21 से जुडा मुद्दा है,
01:29जिसमें जीवन और व्यक्तिगत स्वतंतरता का अधिकार शामिल है।
01:33और इसी में निश्पक्ष न्याय का अधिकार भी आता है।
01:36इस मामले में सुप्रीम कोर्ट अविंडिया के पुराने फैसलों का भी हवाला दिया गया है,
01:41जिसमें कहा गया है कि किसी भी बार असोसियेशन को ये अधिकार नहीं है कि वो वकीलों को किसी आरोपी
01:47का केस लड़ने से रोके।
01:48सुप्रीम कोर्ट ने पहले भी ये साफ किया है कि ऐसे सामूहिक प्रतिबंध न्याय व्यवस्था के खिलाफ होते हैं।
01:55वहीं दूसरी तरफ अयोध्या बार असोसियेशन का कहना है कि ये मामला सिर्फ कानूनी नहीं बलकि करोडों शद्धालूं की आस्था
02:03से जुड़ा हुआ है।
02:04उनका कहना है कि राम मंदिर चड़ावे से जुड़ा ये मामला बेहत समवेधन शील है इसलिए उन्होंने ये सामूहिक निर्ने
02:11लिया।
02:34उमार ने ये भी साफ किया कि उनकी संस्था को आरोपियों के प्रति कोई सहानुभूती नहीं है।
02:39अगर जांच में आरोप साबित होते हैं तो दोशनों को सख्त सजा मिलनी चाहिए।
02:43लेकिन इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि न्याय प्रक्रिया के दौरान किसी भी व्यक्ती के समवेधने कभिकार खत्न
02:50नहीं किये जा सकते।
02:51उन्होंने ये भी मांग की कि इस केस की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोट में होनी चाहिए ताकि जांच जल्दी पूरी
02:57हो और अगर कोई दोशी पाया जाता है तो उसे समय पर सजा मिले।
03:01फिलहाल ये मामला अब सिर्फ चोरी के आरोब तक सीमित नहीं रहा बलकि एक बड़े कानूनी और समवेधानिक विवाद में
03:08बदल चुका है।
03:09एक तरफ आस्था और भावनाए हैं और दूसरी तरफ समवेधान और न्याय व्यवस्था के मूल सिध्धान्त।
03:14अब देखना ये होगा कि अयोध्या बार असोसियेशन अपने फैसले पर पुनरविचार करता है या फिर ये विवाद आगे और
03:22बढ़ता है।
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