00:10एक खुला बोर्वेल, एक पल की लापरवाही और एक परिवार की पूरी दुनिया उजड़ गई
00:16अंबाला में चार साल के निर्वेर सिंग को बचाने के लिए प्रशासन ने 21 घंटे तक हर संभव कोशिश की
00:23लेकिन इस लडाई का अंत बेहत दर्दनाक रहा
00:26आज बात एक ऐसी घटना की जिसने पूरे देश को जगजोड दिया है
00:30ये सिर्फ एक हादसा नहीं बलकि एक ऐसा सवाल है
00:34जो हर बार किसी खुले बोर्वेल में बच्चे के गिरने के बाद उठता है
00:38आखिर कब तक
00:40जानकारी के मुताबिक ये घटना हर्याना के अंबाला जिले के धनौरा गाउं की है
00:45मंगलवार सुभा चार साल का निर्वेर सिंग अपने पिता के साथ खेत में गया था
00:50परिवार के लोग खेत में काम कर रहे थे और इसी दौरान खेलते खेलते मासूम एक खुले पड़े बोर्वेल में
00:57गिर गया
00:57जैसे ही परिवार को इसका पता चला पूरे गाउं में अफरात अफरी मच गई
01:02तुरंथ प्रशासन को सूचना दी गई और कुछी देर में पुलीस, जिला प्रशासन, NDRF, SDRF और सेना की टीमें मौके
01:11पर पहुँच गई
01:11इसके बाद शुरू हुआ वक्त के खिलाफ सबसे कठिन संगर्श
01:16रेस्क्यू टीम ने सबसे पहले बोर्वेल के अंदर कैमरा उतार कर बच्चे की स्थती जानने की कोशिश की
01:22ओक्सिजिन की व्यवस्था भी की गई ताकि बच्चे तक हवा पहुँचती रहे
01:26लेकिन सबसे बड़ी चुनौती थी बोर्वेल की गहराई और उसका बेहत संकरा होना
01:31ऐसी स्थिती में सीधे नीचे उतरना संभाव नहीं था
01:35इसलिए विशेशग्यों ने बोर्वेल के समानांतर एक दूसरा गढ़्धा खूदने का फैसला किया
01:41ताकि वहां से सुरंग बना कर बच्चे तक पहुँचा जा सके
01:44पूरी रात जेसी भी मशीने और ड्रिलिंग उपकरण चलते रहे
01:48मौके पर मौझूद अधिकारी लगातार रेस्क्यू की निगलानी करते रहे
01:52जबकि गाउं के लोग और परिवार के सदस्य भगवान से सिर्फ एक चमतकार की उमीद लगाए बैठे थे
01:59हर गुजरते घंटे के साथ उमीद और चिंता दोनों बढ़ती जा रही थी
02:04करीब 20 घंटे की लगातार कोशिशों के बाद आखिरकार रेस्क्यू टीम बच्चे तक पहुँचने में सभल हुई
02:10निर्वेर सिंग को बोर्वेल से बाहर निकाल कर तुरंत एम्बुलन्स के जरीए अस्पताल ले जाया गया
02:16लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत खोशित कर दिया
02:19ये खबर सामने आते ही पूरे गाउं में मातम झा गया
02:23जिस रेस्क्यू आपरेशन को लोग उम्मीद की नजर से देख रहे थे
02:27वो आखिरकार एक दुखत त्रासदी बन गया
02:29ये पहली बार नहीं है जब किसी खुले बोर्वेल ने एक मासूम की जान ली हो
02:34देश में पहले भी ऐसे कई हादसे सामने आ चुके हैं
02:38हर बार हादसे के बाद नियमों को सकती से लागू करने की बात होती है
02:42हर बार खुले और परित्यक्त बोर्वेल बंद कराने के निर्देश दिये जाते हैं
02:47लेकिन कुछ समय बाद सब कुछ फिर पहले जैसा हो जाता है
02:50और नतीजा एक और मासूम की जिंदगी
02:54विशेशग्यों का कहना है कि जिन बोर्वेल का इस्तमाल नहीं हो रहा है
02:57उन्हें पूरी तरह भरना या मजबूत तरीके से सील करना जरूरी है
03:02अगर ऐसा समय लहते किया जाए
03:04तो इस तरह की घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है
03:07अंबाला का ये हादसा सिर्फ एक परिवार का दर्द नहीं है
03:11ये पूरे सिस्टम के सामने खड़ा एक बड़ा सवाल है
03:14क्या हर बार किसी बच्चे की जान जाने के बाद ही सुरक्षा नियमों की याद आएगी
03:19क्या खुले बोर्वेलों की पहचान और उन्हें बंद करने की जिम्मेदारी तैह होगी
03:23या फिर अगली बार किसी और गाउं से ऐसी ही दरदनाख खबर आएगी
03:28सवाल सिर्फ इतने नहीं है कि एक बच्चा बोर्वेल में कैसे गिरा
03:32सवाल ये है कि इतने हादसों के बाद भी खुले बोर्वेल आखिर बंद क्यों नहीं होते
03:37फिलहाल चार साल के निर्वेर सिंग की मौत ने पूरे देश को घमगीन कर दिया है
03:43और एक बार फिर ये याद दिलाया है कि लापरवाही की कीमत कभी-कभी सबसे मासूम जिंदगियों को चुकानी पड़ती
03:50है
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