00:00कल मन्रेगा का समापन हो गया और मन्रेगा से बहुत बहतर योजना जिसमें 100 दिन नहीं, 125 दिन का रोजगार
00:12मांगने पर मजदूर बहनों और भाईयों को दिया जाएगा, विक्षित भारत जी राम जी योजना आज से लागू हो गई
00:21देश के करोडो ग्रामीन मजदूरों के लिए आज से एक ऐसा कानून लागू हो गया है, जो पिछले करीब 20
00:28साल से चली आ रही व्यवस्ता को पूरी तरह बदल देता है
00:32अब 100 दिन नहीं, बलकि 125 दिन रोजकार की कानूनी गैरेंटी मिलेगी, मजदूरी भी बढ़ेगी, न्युतन दिहाडी भी तै होगी
00:40और मन्रेगा का नाम भी इतिहास बन जाएगा
00:43लेकिन सवाल ये है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि सरकार को मन्रेगा की जगे नया कानून लाना पड़ा
00:49क्या ये सिरफ नाम बदलने की राजनिती है, क्या ये सच में गाउ की तस्वीर बदलने वाला फैसला है
00:55मैं हूँ अजस्वी कौशिक और अगले 15 मिनट में मैं आपको बताऊंगी
00:59वी वी जी राम जी एक्ट की पूरी कहानी शुरुआत से लेकर इसके असर तक
01:04देश में आज से ग्रामीन रोजकार विवस्ता का एक नया अध्याय शुरू हो चुका है
01:22सरकार का दावा है कि ये केवल किसी योशना का नाम बदलना नहीं
01:26बलकि ग्रामीन रोजकार विवस्ता को पहले से अधिक मश्बूत पाड़ दर्शी और प्रभावी बनाने की देशा में उठाया गड़ा बड़ा
01:33कदम है
01:34लेकिन दूसरी तरफ विपक्ष का कहना है कि सवाल केवल नाम बदलने का नहीं
01:38बलकि ये देखना होगा कि क्या जमीन पर वास्ताव में गरीबों को पहले से जाधा रोजकार मिले गाया फिर नहीं
01:44इस पूरे विवात को समझने के लिए हमें थोड़ा पीछे जाना होगा
01:48साल था 2005 उस समय देश में ग्रामीन इलाकों में बिरोजकारी पलायन और गरीबी बड़ी चुनौती थी
01:55खेती पर निर्भर करोडों परिवार ऐसे थे जिनने साल के कई महीनों तक काम नहीं मिलता था
02:01इस समस्या को दूर करने के लिए उस समय की केंद्र सरकार ने महात्मा गांधी राश्ट्रे ग्रामीन रोजकार गयरेंटी अधिनियम
02:08यानी मन्रेगा लागू किया
02:09मन्रेगा का सबसे बड़ा उदेश्य था कि ग्रामीन परिवारों को हर साल कम से कम 100 दिनों का मज़दूरी वाला
02:16रोजकार कानूनी रूप से सुनिश्चत किया जाए
02:19यानी अगर कोई पात्र ग्रामीन परिवार काम मांगता है तो सरकार की जिम्मेदारी होगी कि उसे रोजकार उपलप कराया जाए
02:26अगर तए समय में रोजकार नहीं दिया गया तो कहीं परस्तितियों में कानून के तहट बेरोजकारी भर्ते का भी प्रवधान
02:33रखा गया
02:33यही वज़े कि मन्रेगा को दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी रोजकार गरेंटी योशनाओं में गिना गया
02:39मन्रेगा के तहट केबल मजदूरी ही नहीं दी जाती थी, इस योशना के सरिये गाउं में हजारों विकास कारे भी
02:45होते थे
02:46जैसे तलाब बनाना, चेक डेम त्यार करना, बर्शा जल सनरक्षन, कच्ची और पक्की ग्रामीन सडके, नहरों की सफाई, पेड लगाना,
02:55चारगा विक्सत करना, खेती से जुड़े बुनियादी धाचे का निर्मार, और कहीं जगे महिलाओ को भी बड़ी संख्या में रोज
03:02सरकारे दावा करती रही कि इस योशना ने करोडों परिवार को आर्थिक सुरक्षा दी, वहीं एक्सपोर्ट का कहना रहा कि
03:09सूखे, बाड या आर्थिक संकट के समय मन्रेगा ग्रामीन परिवारों के लिए एक सुरक्षा कवज की तरह काम करता था,
03:16लेकिन समय के साथ इस �
03:17योशना को लेकर कही सवाल भी उठने लगे, यहीं सबसे बड़ा सवाल है कि अगर मन्रेगा चल रही थी तो
03:23फिर नया कानून क्यों लाया गया, सरकार का कहना है कि पिछले 20 वर्षों में देश की अर्थ्व्यवस्ता बदल चुकी
03:29है, ग्रामीन जरूरते भी बदल चुकी ह
03:32इसे में केवल रोजगार देना काफी नहीं है, रोजगार के साथ-साथ ऐसी परंसंपतियां भी बननी चाहिए, जो गाओ की
03:39अर्थ्व्यवस्ता को लंबे समय तक मजबूत करें, सरकार का दावा है कि नई व्यवस्ता केवल मजदूरी देने तक सीमित नहीं
03:45रहेगी, बलक
03:58रोजगार के साथ-साथ विकास भी होगा, यही सोच से लेकर सरकार वीवीजी रामजी एक्ट लेकर आई है, वीवीजी रामजी
04:06एक्ट यानि विक्सित भारत गैरेंटी फोर रोजगार एंड अर्जिविका मिशन ग्रामी, सरकार के मताबिक इस कानून का उदेश्य केवल �
04:13रोजगार देना नहीं, बलकि ग्रामीन वरिवारों की अर्जिविका को मजबूत करना भी है, यानि सरकार इसे रोजगार योशना से आगे
04:21बढ़ाकर ग्रामीन विकास मिशन के तौर पर पेश कर रही है, यही वज़गा है कि इस कानून में केवल मजदूरी
04:27नहीं बलकि व
04:40तो 25 दिनों की रोजगार गरेंटी है, यानि पात्र ग्रामीन परिवारों को अब साल में 25 दिन तक अतिरिक्त रोजगार
04:47मिलेगा, सरकार का मानना है कि इसे ग्रामीन परिवारों की आमदनी बढ़ेगी और काम की तलाश में शेहरों की और
04:54होने वाले पलायन भी कम होगी, अ
05:10भावना है लेकिन इसके लिए जरूरी होगा कि राज्यों में पर्याप्त काम उपलप्त कराया जाए यही वैब बिंदु है जिस
05:17पर आगे चल कर बहस भी हो रही है अब केवल रोजगार के दिन नहीं बढ़े बलकि मजदूरी भी बढ़ाई
05:22गई अब तक देश में औसत मज�
05:38इस रुपए प्रति दिन की बढ़ोती पहली नजर में यह बढ़ोती छोटी लग सकती है लेकिन अगर कोई मजदूर पूरे
05:44125 दिन काम करता है तो साल भर में उसकी आए पहली की तुलना में 1000 रुपए तक बढ़ सकती
05:50है सरकार का कहना है कि महंगाई और बढ़ती जीवन या
05:53पन लागत को देखते हुए मजदूरी दरों में यह संशोधन जरूरी था नई व्यवस्ता का एक और बड़ा बदलाव है
06:00300 रुपए प्रति दिन की अंतरिम न्यूतम मजदूरी इसका मतलब यह है कि इस योजना के तहट देश में कहीं
06:07भी मजदूरी 300 रुपए प्रति दि
06:22मजदूरी इससे अधिक है वहाँ पहले की तरह अधिक दरे लागू रहेंगी सरकार का दावा है कि इससे मजदूरी को
06:29आर्थिक सुरक्षा मिलेगी और राज्यों के बीच मजदूरी का अंतर भी कुछ हद तक कम होगा यहीं से अस्त्री सवाल
06:36शुरू अता है अगर मजद�
06:5025 दिन का वादा पूरा हो पाएगा इनी सवालों पर अब देश भर में चर्चा हो चुकी है सरकार भरोसा
06:56दिला रही है कि पूरी तयारी के बाद ही नया कानून लागू किया जाएगा लेकिन विपक्ष और कई समाजिक कार्यकरताओं
07:02का कहना है कि किसी भी योशना की सफलता
07:04उसके घोशना से नहीं बलकि उसके क्रियानयवन से तय होती है अब असली सवाल ये है कि सरकार ने आखिर
07:11इतनी बड़ी योशना को लागू करने के लिए त्यारी क्या की है क्योंकि केवल कानून बना देना काफी नहीं होता
07:18अगर समय पर पैसा नहीं पहुचा अगर मजद�
07:32का भी एलान किया है केंद्र सरकार ने वीवी जी राम जी एक्ट के तहट शुरुवाती चरण में 95,692
07:39करोड रुपए से अधिक की अंतरिम राशी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए जारी की है
07:45सरकार का कहना है कि इस राशी का मकसद बेहत साफ है
07:49पहला मजदूरों को समय पर मजदूरी मिले
07:52दूसरा चल रहे विकास कार्रे बीच में न रुके
07:56तीसरा राज्ये को फंड की कमी का सामना न करना पड़े
07:59पिछले कुछ वर्षों में कहीं राज्यों से ये शिकायत आती रही कि मजदूरी बुकतान में देरी हो रही है
08:06कहीं मजदूरों को हफ्तों इंतजार करना पड़ता है तो कहीं महीनों तक बुकतान अटका रहता है
08:11सरकार का दावा है कि नई विवस्ता में समस्या को कम करने की कोशिश की चाएगी
08:16हाला कि असली तस्वीर आने वाले महिनों में ही साफ होगी कि क्या भुक्तान वास्तव में समय पर हो पाता
08:22है और नहीं
08:24सरकार की नई अधी सूचना के मुताबिक देश के अलग-अलग राज्यों में मजडूरी दरों में संचोधन किया गया है
08:31करीब 30 राज्यों प्रशासने के कायों में मजडूरी सीदे 300 रुपए प्रतिरिन्य उससे अधिक कर दी गई है
08:37लेकिन कुछ राज्यों में इससे भी बड़ी बड़ोती देखने को मिली है जैसे उत्तर प्रदेश, बिहार, जारखन, पश्चिम, बंगाल और
08:44असम इन राज्यों में मश्दूरी दरों में लगबग 15-25 प्रतिशत तक बड़ोती की गई है
08:49यानि जिन राज्यों में पहले मश्दूरी अपेक्षा करत कम थी, वहाँ सबसे जादा राहत मिलने की उमीद जताई जा रही
08:56है
08:56वहीं अरुनाचल प्रदेश और नागलान में सबसे अधिक बड़ोती हुई है
09:00सरकार के आखडों के मुताबिक यहां मश्दूरी लगबग 24.5 प्रतिशत तक बड़ी है
09:06दूसी तरफ जिन राज्यों में पहले से मश्दूरी अपेक्षा करत अधिक थी, वहाँ भी नई दरे लागू की गई है
09:13उधारन के तोर पर हर्याना में मश्दूरी 409 रुपए प्रतिदिन तय की गई है
09:18गोआ में 406 रुपए, केरल में 401 रुपए
09:22और सिक्किम में उचाई वाले ग्राम पंचायट शेत्रों में यह दर 450 रुपए प्रतिदिन तक पहुँच गया है
09:40पुराने मंद्रे का जॉप कार्ड बिकार हो चाएंगे
09:43सरकार ने इस पर सिती पूरी तरह साफ करती है
09:46जिन लोगों का EKYC पूरा हो चुका है
09:49वे नए ग्रामीन रोजकार के रेंटी कार्ड मिलने तक पुराने जॉप कार्ड का ही इस्तमाल कर सकेंगे
09:54यानि फिलाल किसी को घबराने के जुरत नहीं है
09:57काम भी चलता रहेगा और पुराना कार्ड भी मानने रहेगा
10:00जब तक नया कार्ड जारी नहीं होता
10:03सरकार का कहना है कि इसे योशना के बदलाफ के दौरान किसी मश्दूर का काम प्रभावित नहीं होगा
10:09जब भी किसी ग्रामीन रोजकार योशना की बात होती है तो सबसे महत्वपून भूमिका ग्राम पंचायतों की होती है
10:16किवी गाओं में कौन-कौन सा काम होगा, किससे रोजकार मिलेगा, काम की निग्रानी कौन करेगा, इन सबका बड़ा हिस्सद्ध
10:23पंचायतों के जिम्मे होता है, नई विवस्ता में भी सरकार का कहना है कि पंचायतों की भूमिक का खतम नहीं
10:29होगी, बल्की वे पहले की तरह �
10:31योशना के क्रियावन्यम में एहम जिम्मेदारी निभाती रही जल सनरक्षन प्राक्रितिक संसाधनों का विकास खेती से जुड़े कार्य ग्रामीन सडके
10:40और महिला सशक्तिकरण जैसी गतिवीदियों को प्रात्मिक्ता दी गई है यानि सरकार रोजकार को विकास से जोड़न
10:59सरकार देगी जबकि 40 प्रतीशत राज्य सरकारों को देना होगा लेकिन हिमाल्य राज्यों उत्राखन हिमाचल प्रदेश जम्मु कश्मीर और पुर्वोतर
11:09राज्यों के लिए अलग विवस्ता की गई है इन शेत्रों में कुल खर्च का लगबक 90 प्रतीशत हिस्सा केंद्
11:18राज्यों की भोगलिक परिस्तितियां अलग है इसलिए उन्हें अतिरिक्त विट्ती साहिता दी जाएगी नए कानून में एक और महत्वपून प्रवधान
11:27जोड़ा क्या है बुवाई और कटाई जैसे क्रिशी के व्यस्त मौसम के दौरान राज्य सरकार साल में अधिक्तम
11:34साथ दिनों तक इस योजना के तहत मिलने वाले काम को सीमित कर सकती है सरकार का तर्क है कि
11:40अगर खेती के सबसे जरूरी समय में बड़ी संख्या में मजदूर सरकारी पर योजनाओं में चले गए तो किसानों को
11:47खेतों के लिए मजदूर नहीं मिल पाएंगा यानि सरकार क्र
12:04कई सवाल उठाएं विपक्ष का कहना है कि योजना का नाम बदल देना सबसे बड़ी उपलब्दी नहीं हो सकती जरूरी
12:11है कि गाउ में मांग करने वाले हर व्यक्ति को समय पर काम मिले मजदूरी का मुक्तान समय पर हो
12:17और योजना के लिए परियाप्त बजट लगातार उ�
12:31कुछ लोगों ने पंचायतों की भूमिक और राज्यों की हिस्सेदारी को लेकर भी चिंता जताई है हाला कि सरकार इन
12:38सभी आशंकाओं को खारिस कर रही है केंद्रे गामीन विकास मंद्री शिवरात सिंग चोहान ने इस कानून को ग्रामीन भारत
12:45के लिए बड़ा बदला�
12:59महिलाओं की भागिदारी बढ़ेगी संरक्षन मर्सबूत होगा खेटी को फायदा मिलेगा और विक्सत भारत के लक्षे को नई निती मिलेगी
13:07सरकार दो जुलाई को आंधर प्रदेश के विरुपती जिले के मुकवारी पली गाउं से योजना को राश्ट्रे स्तर पर आप
13:28क्या राज्यों के पास परियाप प्रशासनिक शम्ता होगी क्या ब्रश्टा चार पर लगाम लगेगी और क्या मजदूरों को काम मांगने
13:35के लिए अब भी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ेंगे
13:38क्या नई विवस्ता वास्तव में आसान होगी इन सवालों के जवाब आज किसी के पास नहीं है इनका जवाब आने
13:44वाले महीनों में जमीन पर दिखाई देगा
13:46फिलाल इतना तो तय है कि 1 जुलाई 2026 ग्रामीन भारत के लिए एक महत्वपून तारीक बन चुकी है
13:52करीब दो दर्शक ग्रामीन रोजगार की पहचान रही मंद्रेगा वितिहास का हिस्सा बन रही है और उसकी जगा वीवीजी रामजी
13:59एक ने ले ली है
14:00सरकार इसे ग्रामीन विकास का नया मॉडल बता रही है
14:03सरकार का कहना है कि 125 दिनों की रोजगार गरेंटी, बड़ी हुई मजदूरी, 300 रुपए की न्युक्तम दिहाडी, ग्रामीन विकास
14:11पर फोकस और 1000 करोड रुपए का बज़र
14:14इन सबके सर ये गाव की अट्विवस्ता को नई मस्बूती मिली
14:17दूसरी और विपक्ष का कहना है कि किसी भी कानून की असली परिक्षा उसके लागू होने के बाद ही होती
14:23है
14:23घोशना से नहीं बलकि जमीन पर दिखाई देने वाले परियरामों से
14:27इसलिए अब पूरे देश की नजर इस बात पर होगी कि क्या ये नया कानून वास्तव में ग्रामीन मज़दूरों की
14:33जिन्दकी बदल पाता है
14:34या फिर ये बदलाव केवल काग जोर सरकारी घोशनाओ तकी सीमित रह जाता है
14:38फिलाल इस पूरे मामले पर आपके क्या राय है क्या 100 दिनों से बढ़ा कर 125 दिन का रोजकार गैरेंटी
14:45ग्रामीन भारत के लिए बड़ा बदलाव साबित होगा
14:48क्या बड़ी हुई मजदूरी से गाउ के आर्थिक सिती मस्बूत होगी आपको लगता है कि सबसे बड़ी चुनौती अभी वीस
14:54योशना को सही तरीके से लागू करना है
14:56अपनी राय हमें कमेंट सेक्शन में जरूर बताएं
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15:05सब्सक्राइब करना न भूले
15:06आप देख रहे हैं वन इंडिया हिंदी
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