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The Central Government has implemented the VB-G RAM G Act from July 1, replacing MGNREGA with a new rural employment guarantee law. Eligible rural families will now receive a legal guarantee of 125 days of employment instead of 100 days. Daily wages have been increased, with a minimum wage of ₹300 and an average wage of ₹327.40. Here's a complete analysis of the new law, its benefits, key changes, and the political debate surrounding it.

केंद्र सरकार ने 1 जुलाई से VB-G RAM G Act लागू कर दिया है, जिसके साथ मनरेगा की जगह नई ग्रामीण रोजगार गारंटी व्यवस्था लागू हो गई है। अब पात्र ग्रामीण परिवारों को 100 की बजाय 125 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी। न्यूनतम मजदूरी 300 रुपये और औसत मजदूरी 327.40 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है। इस वीडियो में जानिए नए कानून के सभी बड़े बदलाव, मजदूरी में बढ़ोतरी, राज्यों पर असर और विपक्ष के सवालों का पूरा विश्लेषण।

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~HT.318~GR.508~VG.HM~

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00:00कल मन्रेगा का समापन हो गया और मन्रेगा से बहुत बहतर योजना जिसमें 100 दिन नहीं, 125 दिन का रोजगार
00:12मांगने पर मजदूर बहनों और भाईयों को दिया जाएगा, विक्षित भारत जी राम जी योजना आज से लागू हो गई
00:21देश के करोडो ग्रामीन मजदूरों के लिए आज से एक ऐसा कानून लागू हो गया है, जो पिछले करीब 20
00:28साल से चली आ रही व्यवस्ता को पूरी तरह बदल देता है
00:32अब 100 दिन नहीं, बलकि 125 दिन रोजकार की कानूनी गैरेंटी मिलेगी, मजदूरी भी बढ़ेगी, न्युतन दिहाडी भी तै होगी
00:40और मन्रेगा का नाम भी इतिहास बन जाएगा
00:43लेकिन सवाल ये है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि सरकार को मन्रेगा की जगे नया कानून लाना पड़ा
00:49क्या ये सिरफ नाम बदलने की राजनिती है, क्या ये सच में गाउ की तस्वीर बदलने वाला फैसला है
00:55मैं हूँ अजस्वी कौशिक और अगले 15 मिनट में मैं आपको बताऊंगी
00:59वी वी जी राम जी एक्ट की पूरी कहानी शुरुआत से लेकर इसके असर तक
01:04देश में आज से ग्रामीन रोजकार विवस्ता का एक नया अध्याय शुरू हो चुका है
01:22सरकार का दावा है कि ये केवल किसी योशना का नाम बदलना नहीं
01:26बलकि ग्रामीन रोजकार विवस्ता को पहले से अधिक मश्बूत पाड़ दर्शी और प्रभावी बनाने की देशा में उठाया गड़ा बड़ा
01:33कदम है
01:34लेकिन दूसरी तरफ विपक्ष का कहना है कि सवाल केवल नाम बदलने का नहीं
01:38बलकि ये देखना होगा कि क्या जमीन पर वास्ताव में गरीबों को पहले से जाधा रोजकार मिले गाया फिर नहीं
01:44इस पूरे विवात को समझने के लिए हमें थोड़ा पीछे जाना होगा
01:48साल था 2005 उस समय देश में ग्रामीन इलाकों में बिरोजकारी पलायन और गरीबी बड़ी चुनौती थी
01:55खेती पर निर्भर करोडों परिवार ऐसे थे जिनने साल के कई महीनों तक काम नहीं मिलता था
02:01इस समस्या को दूर करने के लिए उस समय की केंद्र सरकार ने महात्मा गांधी राश्ट्रे ग्रामीन रोजकार गयरेंटी अधिनियम
02:08यानी मन्रेगा लागू किया
02:09मन्रेगा का सबसे बड़ा उदेश्य था कि ग्रामीन परिवारों को हर साल कम से कम 100 दिनों का मज़दूरी वाला
02:16रोजकार कानूनी रूप से सुनिश्चत किया जाए
02:19यानी अगर कोई पात्र ग्रामीन परिवार काम मांगता है तो सरकार की जिम्मेदारी होगी कि उसे रोजकार उपलप कराया जाए
02:26अगर तए समय में रोजकार नहीं दिया गया तो कहीं परस्तितियों में कानून के तहट बेरोजकारी भर्ते का भी प्रवधान
02:33रखा गया
02:33यही वज़े कि मन्रेगा को दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी रोजकार गरेंटी योशनाओं में गिना गया
02:39मन्रेगा के तहट केबल मजदूरी ही नहीं दी जाती थी, इस योशना के सरिये गाउं में हजारों विकास कारे भी
02:45होते थे
02:46जैसे तलाब बनाना, चेक डेम त्यार करना, बर्शा जल सनरक्षन, कच्ची और पक्की ग्रामीन सडके, नहरों की सफाई, पेड लगाना,
02:55चारगा विक्सत करना, खेती से जुड़े बुनियादी धाचे का निर्मार, और कहीं जगे महिलाओ को भी बड़ी संख्या में रोज
03:02सरकारे दावा करती रही कि इस योशना ने करोडों परिवार को आर्थिक सुरक्षा दी, वहीं एक्सपोर्ट का कहना रहा कि
03:09सूखे, बाड या आर्थिक संकट के समय मन्रेगा ग्रामीन परिवारों के लिए एक सुरक्षा कवज की तरह काम करता था,
03:16लेकिन समय के साथ इस �
03:17योशना को लेकर कही सवाल भी उठने लगे, यहीं सबसे बड़ा सवाल है कि अगर मन्रेगा चल रही थी तो
03:23फिर नया कानून क्यों लाया गया, सरकार का कहना है कि पिछले 20 वर्षों में देश की अर्थ्व्यवस्ता बदल चुकी
03:29है, ग्रामीन जरूरते भी बदल चुकी ह
03:32इसे में केवल रोजगार देना काफी नहीं है, रोजगार के साथ-साथ ऐसी परंसंपतियां भी बननी चाहिए, जो गाओ की
03:39अर्थ्व्यवस्ता को लंबे समय तक मजबूत करें, सरकार का दावा है कि नई व्यवस्ता केवल मजदूरी देने तक सीमित नहीं
03:45रहेगी, बलक
03:58रोजगार के साथ-साथ विकास भी होगा, यही सोच से लेकर सरकार वीवीजी रामजी एक्ट लेकर आई है, वीवीजी रामजी
04:06एक्ट यानि विक्सित भारत गैरेंटी फोर रोजगार एंड अर्जिविका मिशन ग्रामी, सरकार के मताबिक इस कानून का उदेश्य केवल �
04:13रोजगार देना नहीं, बलकि ग्रामीन वरिवारों की अर्जिविका को मजबूत करना भी है, यानि सरकार इसे रोजगार योशना से आगे
04:21बढ़ाकर ग्रामीन विकास मिशन के तौर पर पेश कर रही है, यही वज़गा है कि इस कानून में केवल मजदूरी
04:27नहीं बलकि व
04:40तो 25 दिनों की रोजगार गरेंटी है, यानि पात्र ग्रामीन परिवारों को अब साल में 25 दिन तक अतिरिक्त रोजगार
04:47मिलेगा, सरकार का मानना है कि इसे ग्रामीन परिवारों की आमदनी बढ़ेगी और काम की तलाश में शेहरों की और
04:54होने वाले पलायन भी कम होगी, अ
05:10भावना है लेकिन इसके लिए जरूरी होगा कि राज्यों में पर्याप्त काम उपलप्त कराया जाए यही वैब बिंदु है जिस
05:17पर आगे चल कर बहस भी हो रही है अब केवल रोजगार के दिन नहीं बढ़े बलकि मजदूरी भी बढ़ाई
05:22गई अब तक देश में औसत मज�
05:38इस रुपए प्रति दिन की बढ़ोती पहली नजर में यह बढ़ोती छोटी लग सकती है लेकिन अगर कोई मजदूर पूरे
05:44125 दिन काम करता है तो साल भर में उसकी आए पहली की तुलना में 1000 रुपए तक बढ़ सकती
05:50है सरकार का कहना है कि महंगाई और बढ़ती जीवन या
05:53पन लागत को देखते हुए मजदूरी दरों में यह संशोधन जरूरी था नई व्यवस्ता का एक और बड़ा बदलाव है
06:00300 रुपए प्रति दिन की अंतरिम न्यूतम मजदूरी इसका मतलब यह है कि इस योजना के तहट देश में कहीं
06:07भी मजदूरी 300 रुपए प्रति दि
06:22मजदूरी इससे अधिक है वहाँ पहले की तरह अधिक दरे लागू रहेंगी सरकार का दावा है कि इससे मजदूरी को
06:29आर्थिक सुरक्षा मिलेगी और राज्यों के बीच मजदूरी का अंतर भी कुछ हद तक कम होगा यहीं से अस्त्री सवाल
06:36शुरू अता है अगर मजद�
06:5025 दिन का वादा पूरा हो पाएगा इनी सवालों पर अब देश भर में चर्चा हो चुकी है सरकार भरोसा
06:56दिला रही है कि पूरी तयारी के बाद ही नया कानून लागू किया जाएगा लेकिन विपक्ष और कई समाजिक कार्यकरताओं
07:02का कहना है कि किसी भी योशना की सफलता
07:04उसके घोशना से नहीं बलकि उसके क्रियानयवन से तय होती है अब असली सवाल ये है कि सरकार ने आखिर
07:11इतनी बड़ी योशना को लागू करने के लिए त्यारी क्या की है क्योंकि केवल कानून बना देना काफी नहीं होता
07:18अगर समय पर पैसा नहीं पहुचा अगर मजद�
07:32का भी एलान किया है केंद्र सरकार ने वीवी जी राम जी एक्ट के तहट शुरुवाती चरण में 95,692
07:39करोड रुपए से अधिक की अंतरिम राशी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए जारी की है
07:45सरकार का कहना है कि इस राशी का मकसद बेहत साफ है
07:49पहला मजदूरों को समय पर मजदूरी मिले
07:52दूसरा चल रहे विकास कार्रे बीच में न रुके
07:56तीसरा राज्ये को फंड की कमी का सामना न करना पड़े
07:59पिछले कुछ वर्षों में कहीं राज्यों से ये शिकायत आती रही कि मजदूरी बुकतान में देरी हो रही है
08:06कहीं मजदूरों को हफ्तों इंतजार करना पड़ता है तो कहीं महीनों तक बुकतान अटका रहता है
08:11सरकार का दावा है कि नई विवस्ता में समस्या को कम करने की कोशिश की चाएगी
08:16हाला कि असली तस्वीर आने वाले महिनों में ही साफ होगी कि क्या भुक्तान वास्तव में समय पर हो पाता
08:22है और नहीं
08:24सरकार की नई अधी सूचना के मुताबिक देश के अलग-अलग राज्यों में मजडूरी दरों में संचोधन किया गया है
08:31करीब 30 राज्यों प्रशासने के कायों में मजडूरी सीदे 300 रुपए प्रतिरिन्य उससे अधिक कर दी गई है
08:37लेकिन कुछ राज्यों में इससे भी बड़ी बड़ोती देखने को मिली है जैसे उत्तर प्रदेश, बिहार, जारखन, पश्चिम, बंगाल और
08:44असम इन राज्यों में मश्दूरी दरों में लगबग 15-25 प्रतिशत तक बड़ोती की गई है
08:49यानि जिन राज्यों में पहले मश्दूरी अपेक्षा करत कम थी, वहाँ सबसे जादा राहत मिलने की उमीद जताई जा रही
08:56है
08:56वहीं अरुनाचल प्रदेश और नागलान में सबसे अधिक बड़ोती हुई है
09:00सरकार के आखडों के मुताबिक यहां मश्दूरी लगबग 24.5 प्रतिशत तक बड़ी है
09:06दूसी तरफ जिन राज्यों में पहले से मश्दूरी अपेक्षा करत अधिक थी, वहाँ भी नई दरे लागू की गई है
09:13उधारन के तोर पर हर्याना में मश्दूरी 409 रुपए प्रतिदिन तय की गई है
09:18गोआ में 406 रुपए, केरल में 401 रुपए
09:22और सिक्किम में उचाई वाले ग्राम पंचायट शेत्रों में यह दर 450 रुपए प्रतिदिन तक पहुँच गया है
09:40पुराने मंद्रे का जॉप कार्ड बिकार हो चाएंगे
09:43सरकार ने इस पर सिती पूरी तरह साफ करती है
09:46जिन लोगों का EKYC पूरा हो चुका है
09:49वे नए ग्रामीन रोजकार के रेंटी कार्ड मिलने तक पुराने जॉप कार्ड का ही इस्तमाल कर सकेंगे
09:54यानि फिलाल किसी को घबराने के जुरत नहीं है
09:57काम भी चलता रहेगा और पुराना कार्ड भी मानने रहेगा
10:00जब तक नया कार्ड जारी नहीं होता
10:03सरकार का कहना है कि इसे योशना के बदलाफ के दौरान किसी मश्दूर का काम प्रभावित नहीं होगा
10:09जब भी किसी ग्रामीन रोजकार योशना की बात होती है तो सबसे महत्वपून भूमिका ग्राम पंचायतों की होती है
10:16किवी गाओं में कौन-कौन सा काम होगा, किससे रोजकार मिलेगा, काम की निग्रानी कौन करेगा, इन सबका बड़ा हिस्सद्ध
10:23पंचायतों के जिम्मे होता है, नई विवस्ता में भी सरकार का कहना है कि पंचायतों की भूमिक का खतम नहीं
10:29होगी, बल्की वे पहले की तरह �
10:31योशना के क्रियावन्यम में एहम जिम्मेदारी निभाती रही जल सनरक्षन प्राक्रितिक संसाधनों का विकास खेती से जुड़े कार्य ग्रामीन सडके
10:40और महिला सशक्तिकरण जैसी गतिवीदियों को प्रात्मिक्ता दी गई है यानि सरकार रोजकार को विकास से जोड़न
10:59सरकार देगी जबकि 40 प्रतीशत राज्य सरकारों को देना होगा लेकिन हिमाल्य राज्यों उत्राखन हिमाचल प्रदेश जम्मु कश्मीर और पुर्वोतर
11:09राज्यों के लिए अलग विवस्ता की गई है इन शेत्रों में कुल खर्च का लगबक 90 प्रतीशत हिस्सा केंद्
11:18राज्यों की भोगलिक परिस्तितियां अलग है इसलिए उन्हें अतिरिक्त विट्ती साहिता दी जाएगी नए कानून में एक और महत्वपून प्रवधान
11:27जोड़ा क्या है बुवाई और कटाई जैसे क्रिशी के व्यस्त मौसम के दौरान राज्य सरकार साल में अधिक्तम
11:34साथ दिनों तक इस योजना के तहत मिलने वाले काम को सीमित कर सकती है सरकार का तर्क है कि
11:40अगर खेती के सबसे जरूरी समय में बड़ी संख्या में मजदूर सरकारी पर योजनाओं में चले गए तो किसानों को
11:47खेतों के लिए मजदूर नहीं मिल पाएंगा यानि सरकार क्र
12:04कई सवाल उठाएं विपक्ष का कहना है कि योजना का नाम बदल देना सबसे बड़ी उपलब्दी नहीं हो सकती जरूरी
12:11है कि गाउ में मांग करने वाले हर व्यक्ति को समय पर काम मिले मजदूरी का मुक्तान समय पर हो
12:17और योजना के लिए परियाप्त बजट लगातार उ�
12:31कुछ लोगों ने पंचायतों की भूमिक और राज्यों की हिस्सेदारी को लेकर भी चिंता जताई है हाला कि सरकार इन
12:38सभी आशंकाओं को खारिस कर रही है केंद्रे गामीन विकास मंद्री शिवरात सिंग चोहान ने इस कानून को ग्रामीन भारत
12:45के लिए बड़ा बदला�
12:59महिलाओं की भागिदारी बढ़ेगी संरक्षन मर्सबूत होगा खेटी को फायदा मिलेगा और विक्सत भारत के लक्षे को नई निती मिलेगी
13:07सरकार दो जुलाई को आंधर प्रदेश के विरुपती जिले के मुकवारी पली गाउं से योजना को राश्ट्रे स्तर पर आप
13:28क्या राज्यों के पास परियाप प्रशासनिक शम्ता होगी क्या ब्रश्टा चार पर लगाम लगेगी और क्या मजदूरों को काम मांगने
13:35के लिए अब भी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ेंगे
13:38क्या नई विवस्ता वास्तव में आसान होगी इन सवालों के जवाब आज किसी के पास नहीं है इनका जवाब आने
13:44वाले महीनों में जमीन पर दिखाई देगा
13:46फिलाल इतना तो तय है कि 1 जुलाई 2026 ग्रामीन भारत के लिए एक महत्वपून तारीक बन चुकी है
13:52करीब दो दर्शक ग्रामीन रोजगार की पहचान रही मंद्रेगा वितिहास का हिस्सा बन रही है और उसकी जगा वीवीजी रामजी
13:59एक ने ले ली है
14:00सरकार इसे ग्रामीन विकास का नया मॉडल बता रही है
14:03सरकार का कहना है कि 125 दिनों की रोजगार गरेंटी, बड़ी हुई मजदूरी, 300 रुपए की न्युक्तम दिहाडी, ग्रामीन विकास
14:11पर फोकस और 1000 करोड रुपए का बज़र
14:14इन सबके सर ये गाव की अट्विवस्ता को नई मस्बूती मिली
14:17दूसरी और विपक्ष का कहना है कि किसी भी कानून की असली परिक्षा उसके लागू होने के बाद ही होती
14:23है
14:23घोशना से नहीं बलकि जमीन पर दिखाई देने वाले परियरामों से
14:27इसलिए अब पूरे देश की नजर इस बात पर होगी कि क्या ये नया कानून वास्तव में ग्रामीन मज़दूरों की
14:33जिन्दकी बदल पाता है
14:34या फिर ये बदलाव केवल काग जोर सरकारी घोशनाओ तकी सीमित रह जाता है
14:38फिलाल इस पूरे मामले पर आपके क्या राय है क्या 100 दिनों से बढ़ा कर 125 दिन का रोजकार गैरेंटी
14:45ग्रामीन भारत के लिए बड़ा बदलाव साबित होगा
14:48क्या बड़ी हुई मजदूरी से गाउ के आर्थिक सिती मस्बूत होगी आपको लगता है कि सबसे बड़ी चुनौती अभी वीस
14:54योशना को सही तरीके से लागू करना है
14:56अपनी राय हमें कमेंट सेक्शन में जरूर बताएं
14:59अगर आपको ये एक्स्प्लेनर पसंद आया है तो इस वीडियो को लाइक करें शेयर करें और वन इंडिया हिंदी को
15:05सब्सक्राइब करना न भूले
15:06आप देख रहे हैं वन इंडिया हिंदी
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