00:00सोना खरीदने वालों के लिए खुश खबरी या फिर ये सिर्फ एक जाल है रिकॉर्ड हाई से पचास हजार रुपे
00:06से ज्यादा तूट चुका है गोल्ड लेकिन क्या यही सही मौका है खरीदारी का या असली गिरावट अभी बाकी है
00:132008 के बाद गोल्ड सबसे बड़ी मासिक गिरावट की ओर बढ़ रहा है आखिर कीमते क्यों तोट रही है और
00:21क्या निवेशकों को अभी खरीदारी करनी चाहिए देखिए हमारी ये खास रिपोर्ट
00:26जिस से उने को दुनिया भर में सबसे सुरक्षिक निवेश माना जाता है आज वही निवेशकों की सबसे बड़ी चिंता
00:33बन गया है
00:34इस साल की शुरुआत में जिस गोल्ड ने रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड बनाए आज वही तेज गिरावट का सामना कर रहा
00:41है
00:41Multi Commodity Exchange यानि MCX पर इस साल गोल्ड ने 1,92,991 रुपए प्रती 10 ग्राम का रिकॉर्ड इंट्राडे
00:52हाई बनाया था
00:53लेकिन आप इसकी कीमत करीब 1,42,413 रुपए प्रती 10 ग्राम रहे गई है
01:00यानि कुछ ही महीनों में गोल्ड करीब 50,600 रुपए या लगभग 26 प्रतीशत तक तूट चुका है
01:07सिर्फ भारती बजार ही नहीं इंटरनाशनल मारकेट में भी गोल्ड की चमक फीकी पड़ती नजरा रही है
01:12स्पोर्ट गोल्ड जून महीने में करीब 13 प्रतीशत गिर चुका है और अक्टोबर 2008 के बाद का सबसे खराब मासिक
01:21परफॉर्मेंस माना जा रहा है
01:23इसके साथ ही गोल्ड 2013 के बाद अपनी सबसे बड़ी क्वाटरली डिकलाइन की ओर भी बढ़ रहा है
01:29अब सवाल है कि आखिर गोल्ड की कीमते इतनी तेजी से क्यों गिर रही है
01:34इसकी सबसे बड़ी वज़ा है यूएस फेडरल रिजर्फ की इंट्रेस्ट रेट्स को लेकर सक्थ नीती
01:39मार्केट को उमीद है कि इस साल अमेरिका में इंट्रेस्ट रेट्स में तीन बार तक बढ़ोतरी हो सकती है
01:45जब इंट्रेस्ट रेट्स बढ़ती है तो निवेशों को का रुजान, बॉंड्स, ट्रेजरी और फिक्स्ट इंकम इंवेस्पेंट्स की ओर बढ़ जाता
01:53है
01:53क्योंकि इन निवईशों पर नियमित रिटर्न मिलता है जबकि गोल्ड किसी तरह का इंट्रेस्ट ये डिविडेंट नहीं देता
01:59ऐसे में गोल्ड की मांग कमजोर पढ़ जाती है
02:02दूसरी बड़ी वज़ा है स्ट्रॉंग यूएस डॉलर
02:05डॉलर मजबूत होने पर दूसरे देशों के खरीदारों के लिए गोल्ड महेंगा हो जाता है
02:11इसका सीधा असर ग्लोबल डिमांड पर पढ़ता है और कीमतों पर दबाव बढ़ जाता है
02:16हाल ही में यूएस इरान कॉन्फिक्ट ने कुछ समय के लिए गोल्ड को सहारा जरूर दिया था
02:23क्योंकि संकट के समय निवेशक सेफ हेवन एसेट्स की और भागते हैं
02:27लेकिन चैसे ही तनाफ कम हुआ मार्केट का फोकस फिर से इंफलेशन, इंट्रेस्ट रेट्स और यूएस एकोनोमी पर लौट आया
02:34नतीजा गोल्ड में एक बर फिर बकवाली शुरू हो गई
02:38अब सबसे बड़ा सवाल क्या यही गोल्ड खरीदने का सही समय है
02:42एक्सपर्ट की राय है कि इसका जवाब आने वाले यूएस एकोनोमिक डेटा में छिपा है
02:47अगर अमेरिका में जॉब्स डेटा कमजोर आता है या इंफलेशन में नर्मी देखने को मिलती है
02:52तो फेडरल रिजर्व अपनी नीती में नर्मी दिखा सकता है
02:56ऐसे में गोल्ड की कीमतों में फिर से तेजी लौट सकती है
02:59लेकिन अगर यूएस एकोनोमि मशबूत रहती है और फेड इंट्रेस्टरेट्स बढ़ाने का फैसला करता है
03:05तो गोल्ड की कीमतों में अभी और गिरावट देखने को मिल सकती है
03:08यही वज़ा है कि market experts निवेशकों को lump sum investment करने की सलहा नहीं दे रहे
03:14उनका कहना है कि अगर आप long term के लिए gold में निवेश करना चाहते हैं
03:19तो gold ETF, digital gold या दूसरे investment option में SIP के जरीए धीरे धीरे निवेश करना ज्यादा समझधारी होगी
03:27इससे market की volatility का असर कम होगा और average buying price भी बहतर रह सकती है
03:33फिलहाल इतना तै है कि record high से करीब 50,000 रुपे की गिरावट ने gold को पहले के मुकाबले
03:39सस्ता जरूर बना दिया है
03:41लेकिन क्या ये साल का सबसे बड़ा buying opportunity साबित होगा या कीमतों में अभी और गिरावट आएगी
03:47इसका फैसला आने वाले दिनों में US economic data, US dollar की चाल और Federal Reserve की monetary policy तै
03:55करेगी
03:56फिलहाल के लिए इस खबर में इतना ही आप जुड़े रही One India Hindi के साथ
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