00:00मौनसून का महीना शुरू हो चुका है। ऐसे में तप्ती गर्मी से बेहाल होकर आप आस्मान की तरफ आखे टिकाए
00:06बैठे हैं कि कब काली घटाए चाएंगी और कब वो राहत की बूंदे बरसेंगी। लेकिन आस्मान से राहत की जुगा
00:13सर्फ एक खामोशी बरसती है।
00:15क्या आपने कभी सोचा है कि साथ समंदर पार प्रशान्स महासागर में हूने वाली एक हलचल भारत के आमादमी की
00:21रसोई का बजट बिगार सकती है। जी हाँ। आज हम बात करें उस अलनीनों की जुसने साल हमारे मौनसून का
00:28रास्ता रोक दिया। जून तो सुखा भीता ही
00:31अब जुलाई भी आपको रुलाने की तयारी में है। हम और आप जून के पूरे महीने गर्मी से बेहाल रहे।
00:37हम सोचते रहे कि मौनसून आने में जरा सी देरी हुई है आही जाएगा लेकिन मौसम विभाग यानि आइमडी के
00:43जो आकड़े सामने आए हैं वो डराने वाले
00:46साल 1927 से लेकर 2026 तक यानि पिछले 100 सालों के इतिहास में ये तीसरा ऐसा मौका था जब जून
00:53का महीना इतना सूखा भी था।
01:16भारत की हालाद तो और भी खराब हैं जहा समानने से 54 प्रतीशत कम पानी बरसा। अब सवाल ये है
01:23कि आखिर बादलों ने हमसे ये कैसी बेरुखी दिखाई है। इस बेरुखी के पीछे सबसे बड़ा विलन है अलनीन। अब
01:29आप सोच रहे होंगे कि ये बला क्या है। सी�
01:46नहीं है। मौसम विभाग के महानिदेशक डॉक्टर मृत्यून जय महापात्र ने इसके पांच बड़े कारण बताएं। पहला अलनीनों का लगातार
01:54मजबूत हूँ। दूसरा मेडें जूलियन ओसिलेशन यानि बादलों और हवाव के एक खास चक्र का भारत के पक्ष मे
02:01ना हूँ। तीसरा जून के महीने में समंदर में कोई कम दबाव का छेत रहने की लोग प्रशर एरिया ही
02:08नहीं बना जो बादलों को खीच कर लाता है। चौथा जो थोड़े बहुत तुफान या वेदर सिस्टम बने वो उत्तर
02:14पश्चिम दिशा की और मुड़ गए। अ�
02:31पूरे सीजन की सबसे जादा वारिश होती है। लेकिन इस बार ये लॉंग पीरिड आवरिज की 94 फीसिदी से भी
02:38कम रहने का अनुमान है। इसका सीधा और सबसे खतरनाक असर हमारी खेती पर पढ़ रहा है। देश में खरीफ
02:44की फसले जैसे धान, दाले, सोया, बीन और क�
02:47पास की बुआई में पिछले साल के मुकाबले करीब 23 फीसिदी की भारी गिरावट आई है। अगर जुलाई में ही
02:56यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में अनाज, दालों और सबजियों की कीमते आस्मान चुने लगेंगी। यानि आपकी और
03:02हमारी धाली पर महंगाई का सी
03:16बारिश होगी लेकिन उत्तर पश्चिम भारत, पूर्वमध्य भारत और पूर्वांतर के राज्चियों में समान्य या उससे जादा बारिश देखने को
03:23मिल सकती है। इसके लावा एक अच्छी खबर आस्ट्रेलिया की मौसम व्यूरे से भी आ रही है। मौनसून के दूस
03:45सो में मौनसून के आगे बढ़ने के लिए हलात अनुकूल बन रहे हैं। लेकिन विग्याने को की एक च्छेतावनी हमें
03:51भूली नहीं चाहे। अगर अल्नीनो इसी तरह ताकतवर बना रहा तो औगस्स सितंबिर की राहत बहुत छोटी साबित होगी। प्रकृती
03:58हमें बार
04:14अल्नीनो के चकर व्यू को तोड़ पाएगा। क्या हमारे देश का अन्यदाता इस सुखे संकट से उबर पाएगा। मौसन के
04:21इस बदलते मिजाद और पलपल के अपडेट के लिए बने रहे हैं वन इंडिया हिंदी के साथ।