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Transcript
00:00मैंने तो ऐसे यहां तक मैंने एक्स्पिरियंस किया कि और तो कि जुन्ड में भी औरतें अपना हजाब नहीं निकालती
00:05कि
00:06अरे कोई किसी नियगान एक वीडियो निकाल लिया तो इसी मेरा पिक्टर ले लिया तो
00:11मैंने और कुछ ऐसा नहीं कि कोई heroine दिख रही है, ऐसा कुछ भी ऐसा नहीं है.
00:15It's just कि उनको body से इतना जादा identify कर दिया है, जोर दिया गया है, अब उसके अलावां कुछ
00:22और नजरी नहीं आता.
00:23आपको ये पता होगा, अब आप भारत, हिंदुस्तान, बंबई रही हैं, जानती हैं, भारत में जादा तर महिलाएं, ये तो
00:31छोड़िए कि दूसरी महिलाओं के सामने कपड़े हटाना, उन हाते से में भी कपड़े नहीं हटाती है, वहां इतनी लाज
00:40रहती है, कि बंद बा�
00:53हमारियां, उनसे लाखों महिलाएं मर जाती हैं, पर लाज इतनी गहरी है, कि लाज नहीं करवाती हैं, बहुत दुक्री बात
01:00नहीं है, लाज है, और इस चीज का अब आप गहरा संबंद खुदी सोच लीजिएगा, जो ये पॉर्न एडिक्शन होता
01:08है उससे, कि जब आप ए
01:22नयानया इंटरनेट आया था न, अब क्या आकड़ें देख ले न, तो 2005-2010 तक ये हालत थी, कि 50
01:30% इंटरनेट उसेज पॉर्न के लिए था, वो लड़का उपर-पर से दिन भर बिलकुर संसकारी बालक बन कर भूमेगा,
01:37और सब बंद बंद कर करके अपना रात में हाउसी भ
01:51इंस्टाग्राम पर ही चाही हुई है, क्योंकि ये दोनों साथ चलते ही चलते हैं, जहां पर नकली किसम की धर्मिक्ता
01:58होगी, और देह को ही धर्म से जोडने की कोशिश होगी, वही फिर देह से संबंधित वासना भाव भी सबसे
02:06आदा होगा, तो नकली बाबाजी इंस्टा
02:11परनका अड़्डावी बन रहा है, दोनों चीज़ें एक साथ चलेंगी हमेशा, समना अंतर
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