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Transcript
00:00दुनिया भर की छिपकलिया छट पे रहती हैं, मेरी वाली जमीन पे रहती हैं
00:03दुनिया भर की छिपकलिया सामने पड़ो तो भगती हैं
00:06मेरी वाली मुझे देखके और सामने आगे ऐसे हो जाती हैं
00:08तो मैं जा रहा हूँ और जब मैं कमरे में नहीं था तो और एकदम जमीन पर उताराती है
00:12तो यहां सतर जा रहा हूँ तो मगन अपना तो पाउ एक पर पढ़ने ही वाला
00:15तो मुझे बहुत जोड़ते डाटा
00:17दुवार ही हरकत की तो कमरे से निकाल दूँगा
00:19रिष्टा सिर्फ प्यारे प्यारे जानुरों से ही बनता है
00:23या आप साप से और गिद्ध से और तिलचटे से भी रिष्टा बना सकते हो
00:28तो ता मैना पराकीट इन ही को देख करके प्यार आता या कव्य को देख के भी
00:41आप अपने आपको बहुत जल्दी सर्टिफिकेट देते हैं एनिमल लवर होने का
00:45मैं कुत्ते को रोटी डाल देता हूँ मिचडिया को पानी पिला देता हूँ
00:48बताओ जब सौ करोड जानवर इस प्रत्वी पर रोज मर रहे हैं
00:53तो वहाँ आप जिन चार जानवरों को शैंपू अंपू लगा रहे हो तो मैं आपको क्या मानूँ काशू प्रेमी मानूँ
00:59क्या मानूँ
00:59बोध की बात तो यह है कि मैं देखूंगी पूरी प्रत्वी पर क्या चल रहा है
01:03और उसके लिए काम करूँगा और कि जितना समय आप चार जानवरों की सिवा में लगा रहे हो
01:07उतना समय अगर आप जानवरों के लिए सही तरीके से लगा दो तो आप चार हजार जानवर बचा दो
01:12रेम बहुत अलग बात होती है
01:21रेम बहुत अलग बात है उसको बहुत सस्ते में उचाल लेते हैं
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