00:00मीरा का कृष्ण को चुन लेना और राणा का कहना की पी जहर ये दोनों सदा साथ साथ चलते हैं
00:07अगर अभी जीवन में राणा का जहर नहीं आ रहा तो कृष्ण भी नहीं आए हैं
00:13ऐसे थोड़ी है कि राणा भी रूह अवजा पिला रहे हैं और कृष्ण का भी चर्णामृत पी रहे हो ये
00:20दोनों तो एक साथ नहीं चल सकते मामला फरेव का है
00:24अगर कृष्ण सच्मुच जीवन में आये होते तो प्रमाण ये होता कि राणा जहर लेके खड़ा हो गया होता
00:30संत सच्मुच जीवन में आये होते मीरा जाती तो थी रहदास के पास
00:36पूरा समुदाय पूरा कुनबा डंडा लेके खड़ा हो गया था
00:39कि एक तो तुम समरिद्ध घर से
00:43महा तुम महल से निकलती हो
00:45जा किसके पास रही हो
00:46ये चरमकार
00:49ये चमड़े और जूते का काम करते
00:51पहली बात
00:53दूसरी बात तुम स्तरी
00:55वो भी युवा
00:57और खुले आम सड़क पे घूमती
00:59जा कहा रही हो
01:01पुरुष के पास
01:02और तीसरी बात तुम हो
01:05उच्च जाती से
01:07और जाग इसके पास रही हो
01:10जो तो था कथी थे
01:12निचली जाती का है
01:13तो चाहे
01:15क्रिश्न के पास जाना हो
01:16और चाहे
01:19रहदास के पास
01:22ज्यान आ रहा है कि नहीं
01:24कोई सच्ची घटना जीवन में घट रही है के नहीं
01:26इसका प्रमाण तो मारपीटी होती है
01:28जिंदगी में जब तक भूकम्प नहीं आ रहा
01:31और इमारते नहीं चर्मार आ रही है
01:32तब तक कहे का ज्यान
01:34ज्यान बिना टूट फूट के आही नहीं सकता बाबा
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