00:00क्रिकिटर होते हैं वो बोल्ड हो जाते हैं वो बोल्ड हो जाते हैं वो आपस जाते हैं भी मुड़ मुड़
00:03के पिछ की उड़ देखते हैं कई बार तो खड़ा हुआ है डिफेंड करने के लिए और गेंस सीम हो
00:08गई उसका आफ स्टम पुड़ गया तो वो अपनी पोजीशन �
00:12जैसे कि कोई गलती उसके भीतर कुछ है जो तलाश रहा है कि उसे पिच में दरार दिख जाए ताकि
00:18वो ये सिद्ध कर सके कि उसकी गलती नहीं है पिच में क्रैक था और क्रैक में पढ़के बॉल नीची
00:23रह गई और उसकी गिल्ली उड़ गई ये भी हो सकता है कि दरार होई �
00:26वो बोल दरार है उसको एक जूट बचाना है कौन सा जूट गलती मेरी है इस जूट को बचाने के
00:32लिए वो पिच को लेके सो जूट हो लेगा भीतर के जूट को बचाने के लिए बाहर बहुत सारे जूट
00:38रचने पड़ते हैं निर्मित करने पड़ते हैं भीतर के जूट को
00:41बचाने का दाम हम ये चुकाते हैं कि पूरी दुनिया जैसी है नहीं हमको वैसी दिखाई देने लगती है
00:49हम अपने आपको इस हद तक आश्वस्त कर सकते हैं हमें सचमुच ऐसा लगने लग सकता है कि दुनिया खराब
00:55है
00:55यह आदमी बुरा है यह ऐसा है वैसा है जो है नहीं हम उसकी कलपना करना शुरू कर सकते हैं
01:00हमें जो कुछ भी लग रहा है ना दुनिया के बारे में दुनिया वैसी नहीं हमारे पास जितने जूट हैं
01:05वो हमारी दुनिया बन जाते हैं
01:20आपके भीतर खोर डर है तो बहुत सारा पैसा आपकी जिन्दगी बन जाता है विसलिए क्योंकि कायर डर पोक आदमी
01:27हो जिन्दगी के सामने खड़े होने का होसला नहीं तो नोटों की गड़ी के पीछे छुप रहे हो
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