00:00जितने प्यारे प्यारे मीठे मीठे प्रेम पत्र होते हैं, कि उसी तीवरता उसी अनुपात में कडवे ब्रेक पत्र होते हैं,
00:07जब तोड़ते हो ब्रेक अप करते हो, जितनी मिठास उडेली होती है प्रेम पत्रों में, उतना ही जहर उतने ही
00:13काटे ब्रेक पत्र में उडेल द
00:27कर जाते हैं क्यों एक तरह का बदला होता अब पता है कि सेग रुपय का फायदा नहीं हो सकता
00:32जितना भीतर जले हैं उसका
00:34हिसाब बराबर कर लो आपने पूरी प्रक्रिया न देखी हो तो आप कहेंगे लोग बॉस का इतना समान क्यों करते
00:41हैं उनने अभी उसका इस्तीफा नहीं देखा इसलिए नहीं बता तुमको कि समान करते हैं कि नहीं वैसे ही कहोगे
00:46लोग प्यार में इतनी मीठी बाते क्यों क
00:51करते हैं कोई किसी का नहीं है सब बस अपनी कामनाओं के हैं जो अपनी कामनाओं के अलावा किसी का
00:57हो सके वो तुप्र वुद्ध हो गया
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