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00:58जो है हैवानी माश्रे और च्यूटियां ये देखना वाके बहुत दिल्चस्प है कि कदीम कितावों और आज की जदीद साइंस
01:05दोनों ने ही च्यूटियों के समाजी फितरत को किस तरह तसलीम किया है
01:08अब यहाँ एक इंतिहाई हैरान कुन बात सामने आती है
01:12मजभी और तारीखी नसूस जैसे के कुरान मजीद में सूरत नमल की आयत अक्थारा में जदीद साइंसी आलात की इजाद
01:21से सदियों पहले ही उनके पेचीदा मुवासलाती निजाम की निशान देही कर दी गई थी
01:26इन में बाकाइदा ये शहुर मौजूद है कि वो खत्रे को भांप लेती है और अपनी साथियों को फौरण खबरदार
01:32करती है
01:32और कमाल की बात ये है कि आज की जदीद रिसर्च इन कदीम मुशाहदात की बिलकुल तजदीग करती है
01:39आज की साइंस बताती है कि चूटियां इनसानों की तरह अपने मुर्दों को दफनाती है
01:45उन में काम की बाकाइदा तक्सीम होती है और वो सर्दियों के लिए अनाज तक जमा करती है
01:50और सबसे हैरत अंगेज बात वो बीजों को जमीन के अंदर उगने से रोकने के लिए उनकी जड़े काट देती
01:57है
01:57और अगर बीजगीले हो जाएं तो उन्हें बिल से बाहर लाकर धूप में सुखाती है
02:01बका का ये तरीकाकार वाकई लाजवाब है
02:04तो इस सब का नतीजा क्या निकलता है
02:06नतीजा ये है कि इंतिहाई समाजी हश्रात खास तोर पर च्यूंटियां आज जमीन पर मौजूद तमाम जानवरों के कुल वजन
02:15का तकरीबन 10 फीसिन हिस्सा बनती है
02:17जरा सोचिये 10 फीसित ये कोई मामूली हिंसा नहीं है
02:21बलके हमारी जमीन पर उनके शांदार घल्बे और काम्याबी का जीता जाकता सबूत है
02:26अब बढ़ते हैं दूसरे हिस्से के जानब
02:29यानी च्यूंटियों का हैरत अंगीज निजाम और उनके किरदार
02:33आईए देखते हैं कि ये मखलू किस तरह एक इंतहाई पेचीदा निजाम में ढलकर आपस में जिम्मेदारियां बांटती है
02:40किसी भी च्यूंटियों की कॉलोनी को देखें तो वो बनियादी तोर पर तीन हिस्सों या जातों में बटी होती है
02:46और हर एक की जिस्मानी साक्त उसके काम के हिसाब से बिलकुल परफेक्ट होती है
02:50मलका तौलीदी अमल की सरबरा है जो अकसर शुरू में परदार होती है
02:55फिर आते हैं सिपाही जो बड़े सरों और ताकतवर जबडों के साथ कॉलोनी का दिफा करते हैं
03:01और आखिर में कारकुन चूटियां जो खुराक तलाश करने से लेकर बच्चों की देखभाल तक सारे काम समालती हैं लेकिन
03:08ये खुद तौलीद के काबिल नहीं होती
03:10आज कल की एकेडेमिक रीसर्च भी चूटियों के समाजी इतिहाद और अंदरूनी तावून को समझने पर गहरी तवज्जो दे रही
03:17है
03:17माहिरी इन मुस्सल्सल खोज लगा रहे हैं कि ये आपस में कीमियाई राप्ते कैसे करती हैं
03:22खुराक कैसे बांड़ती हैं और यहां तक कि अपने पेट रगड़कर जो मखसूस आवाजे पैदा करती हैं उनके पीछे क्या
03:28राज है
03:28इन सब चीजों से उनके कमाल के दिफाई और समाजी निजाम को समझने में बहुत मदद मिलती है
03:34और अगर उनकी जिसमानी ताकत की बात की जाए तो उसका वाकई कोई सानी नहीं
03:38एक अकेली चूंटी अपने चोटे से जिसम के बावजूद अक्सर अपने वजन से 20 गुना ज्यादा बोज उठाने की सलायत
03:45रखती है
03:46और ये सब वो क्यों करती है ताके उसकी पूरी की पूरी बड़ी कॉलनी का पेट भला जा सके
03:50खुराक की तलाश के दुरान इनका तरीका कार बहुत ही जबरदस्त और मुनजम होता है
03:55ये कारकुन चूंटियां बाकाइदा टीमों की शकल में निकलती है
03:58खुराक मिलते ही एक खास किसम का कैमिकल यानि फिरोमोंस खरच करती है
04:02और फिर एक हैंडलिंग टीम बना कर उस खुराक को वापस बल तक ले जाती है
04:06इस सारा का सारा आमल इसी कीमियाई राप्ते पर चलता है
04:09जिससे ये यकीनी बनता है कि कोई भी चूंटी रास्ता ना बठके और बेहतरीन टीमवक चलता रहे
04:14अब आते हैं अपने तीसरे हिस्से की तरफ
04:17जो है आईबीरियन हार्वेस्टर चूंटी की अनोखी तौलिदी हिकमते अमली
04:21ये योरोप में पाई जाने वाली एक मखसूस चूंटी है
04:24जिसकी एक हाली दर्याफ ने तो बायोलिजी के बनियादी असूलों को ही हिला कर रख दिया है
04:28यहाँ पर एक इंतहाई हैरत अंगेस तसवर सामने आता है
04:32जिसे जीनो पेरिटी कहते हैं
04:34इसका मतलब है किसी दूसरी नोय अस्पीशीस के जीन्स को इस्तमाल करके अपनी नसल बढ़ाना
04:39होता कुछ यू है कि आईबीरियन हार्वेस्टर चूंटी की मलका
04:42दरसल एक बिलकुल मुख्तलिफ नो के नर के साथ मिलाब करके
04:45मखलूत यानी हाइब्रिड वरकर्स पैदा करती है
04:48लेकिन जब उसे अपनी ही नो की खालिस मलकाएं पैदा करनी होती है
04:51तो वो नरों के खुलियात को अपने अंदर महस क्लोन कर लेती है
04:54इसी वज़ा से माहरीन ने इसे तौलीदी घुलामी का नाम दिया है
04:58और सबसे कमाल की बात ये है कि इस जीनियाती मिलाप से पैदा होने वाले ये हाइब्रिड वरकर्स पूरी कॉलोनी
05:05का 99% हिस्सा बनाते हैं
05:07इन में बीज इखटा करने की जो जबरदस सलाहियत होती है
05:10वो बहरे रूम के पूरे महौलियाती निजाम को कायम रखने में एक बहुती एहम किरदार अदा करती है
05:15चलें आप चोथे हिस्से की तरफ बढ़ते हैं यानि दिफाओ और कीमियाई हत्यार
05:19ये देखना बहुत एहम है कि ये सूपा औरगैनिजम अपनी कीमती और गुंजान आबाद कालूनियों को बेरूनी हमलों से बचाने
05:26के लिए कौन सी जंगी हिक्पत अमलियां इस्तिमाल करता है
05:29उनके जंगी तरीके भी नाकाबिल यकीन हैं
05:32महजब अंदाज में होने वाले इनके बॉक्सिंग मैचेस को ही देख लें
05:35जहां वो बगएर किसी जानी नुकसान के सिर्फ अपने इलाके के जगड़े सुलजाने के लिए ताकत का मुझाहरा करती हैं
05:40फिर ओडॉन्टो मैक्स नामी चून्टी को देखें
05:42जिसके जबड़े 0.13 मिली सेकंड में बंद होते हैं
05:46यानि पलग जपतने से भी हजारों गुना तेज कुछ चून्टियां जैसे सी फलोट्स
05:51अपने चप्टे सरों से दरखतों के सुराख बंद करके खुद को छुपा लेती हैं
05:55और कुछ तो भूरे रीचों जैसे बड़े शिकारियों को भगाने के लिए हवा में फार्मिक एसिट का तेज छिड़काओं तक
06:00कर देती हैं
06:01सिर्फ मजबूत जबड़े ही नहीं बलके नियूरो टॉक्सिंस और फार्मिक एसिड जैसे खतरनाक किम्याई हत्यारों का
06:07यह पूरा पैकेज ही है जो इनननी चूंटियों को एक इंतहाई खतरनाक हरीव बना देता है
06:12यहां तक कि वो मखलुकाद जो जिसामत में इन से सैंकडों गुना बड़ी है वो भी उन से खौफ खाती
06:18है
06:18और हम अपने आخرी यानि पांचवें हिस्से की तरफ आते हैं तिब और रिवायात में चूंटियों का जिक्र
06:25इस हिस्से में हम तारीख के और आग बलट कर देखेंगे कि रिवायती तिब और सकाफत में इनसानों और चूंटियों
06:31के रिश्टे को कैसे पेश किया गया है
06:32यहां एक बहुती दिल्चस्प मुवाजना सामने आता है
06:36रिवायती तिब युनानी में चींटियों को दरजा सोम के गरम और खुश्क मिजाज के तौर पर क्लासिफाई किया गया था
06:43और उन्हें सकती से सिर्फ बैरूनी इस्तमाल के लिए तजवीज किया गया था
06:47अब मज़े की बात ये है कि जदीद कीमियाई तजजिया भी बिलकुल इसी बात की तज़्दीक करता है
06:52क्योंकि साइन्स ने साबित किया है कि चीन्टियों में फॉर्मिक एसिड जैसा एंटी बैक्टिरियल और सॉलिन आप्शन जैसा सोजिश पैदा
06:59करने वाला ताकतवर जहर मौजूद होता है
07:01इसी तरह तारीखी और मजहबी हवालों से जुड़ी कई मौशरों में ये खुबसूरत रिवायत भी देखने को मिलती है कि
07:08चूंटियों को मारने के बज़ाए उन्हें पुरमन तरीके से हटाने के लिए सूरत नमल की आयत 18 लिक कर उनके
07:15बिल के करीब रख दी जाती है
07:16इसका मकसद ये होता है कि उन्हें अपना रास्ता बदलने की तरखीब दी जाए ये वाकई छोटी मखलुकात के साथ
07:22पुरमन बकाय बाहमी की एक जबरदस मिसाल है
07:26इस दिल्चस्प जाइजे के इख्तिताम पर ये सब हमें एक बहुत ही फिक्र अंगेज सवाल के साथ छोड़ जाता है
07:33च्यूंटियों का ये जबरदस्त लचकदार और तावन पर मबनी मौश्रा देख कर क्या हम सोच सकते हैं कि इनसानी तन्जीमें
07:41इस सूपर और्गनाइजम से क्या कुछ सीख सकती है
07:44इतनी छोटी सी मखलूक की ये लाजवाब इच्तिमाई ताकत बिला शुबा हमारी दुनिया के सबसे दिलकश और पुरिसरार राजों में
07:53से एक है
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