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बिहार विधान परिषद चुनाव में इस बार बिना मतदान के ही सभी 10 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो गए हैं। सबसे ज्यादा चर्चा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार और भोजपुरी स्टार पवन सिंह की जीत को लेकर हो रही है। भाजपा, जदयू, राजद और एलजेपी के उम्मीदवारों ने आसानी से जीत दर्ज की। क्या यह बिहार की राजनीति में नए समीकरणों का संकेत है? पवन सिंह की एंट्री और निशांत कुमार की बढ़ती राजनीतिक भूमिका के क्या मायने हैं? इस वीडियो में जानिए बिहार MLC चुनाव का पूरा गणित, राजनीतिक संदेश और आने वाले दिनों की संभावित तस्वीर।

Bihar’s Legislative Council elections concluded without a single vote being cast, as all 10 candidates were elected unopposed. The biggest talking points are the entry of Nishant Kumar, son of Chief Minister Nitish Kumar, and Bhojpuri superstar Pawan Singh into the Bihar Legislative Council. With BJP, JDU, RJD, and LJP candidates securing smooth victories, political observers are closely watching the emerging equations in Bihar politics. What does this result mean for the NDA, the opposition, and the future political role of these new MLCs? Watch the full analysis for all the key details.

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Transcript
00:00बिहार की राजनीती में एक बड़ा दिन आया, लेकिन इस बार नारे लगे, न वोट पड़े, और ना ही किसी
00:05तरह की चुनावी टककर देखने को मिली। फिर भी नतीजा ऐसा निकला, जिसमें राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज कर दी।
00:12बिहार विधान परिशत की दस सीटों पर सभी उम्मीदवार निर्विरोध चुन लिये गए हैं। इन में सबसे ज्यादा चर्चा दो
00:19नामों की हो रही है। पहला मुख्यमंत्री नितीश कुमार के बेटे निशांत कुमार और दूसरा भोजपुरी फिलिम जगत के चर्चित
00:25चहरे पवन सिंग। दरसल इन 10 सीटों के लिए जितने उम्मीदवारों की जरूरत थी उतने ही उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल
00:31किया। जब मुकाबले में कोई अतरिक्त उम्मीदवार नहीं रहा तो मतदान की जरूरत ही नहीं पड़ी। नतीजा ये हुआ कि
00:38सभी 10
00:38उम्मीदवार बिना वोटिंग के ही विधान परिशत पहुँच गये। इस चुनाव में राष्ट्रिय जनतांत्रिक गटपंधन यानि NDA का दबदबा साफ
00:44दिखाई दिया। भाजपा ने चार उम्मीदवार उतारे, जनतादल युनाइटेड ने चार उम्मीदवारों को
00:49मैदान में उतारा, लोग जनशक्ती पार्टी राम विलास की तरफ से एक उमीदवार था, जबकि राष्ट्रिय जनतादल की ओर से
00:55एक उमीदवार को मौका मिला। चूंकि कुल सीटे भी 10 थी और उमीदवार भी 10 ही थे, इसलिए सभी की
01:00जीत तैह हो गई। लेकिन इस पू
01:17राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर माना जा रहा है। पवन सिंग के नाम की चर्चा इसलिए भी हुई क्योंकि भाजपा
01:22ने उन्हें उम्मीदवार बनाया। उम्मीदवार घोशित होने के बाद उन्होंने मुकामा के चर्चित नेता अनन सिंग से मुलाकात की। पवन
01:47और बल मिल सकता है। राजनीतिक जानकार इसे जद्यू के लिए एक महत्वपूर संकेत के रूप में भी देख रहे
01:52हैं। इस चुनाव का एक और बड़ा पहलू दीपक प्रकाश से जुड़ा हुआ है। एंडिये की ओर से उन्हें इस
01:57बार विधान परिशत का उमीदवार
01:58नहीं बनाये गया। इसके बाद राजनीतिक गल्यारों में ये चर्चा तेज हो गई है कि क्या उनके मंत्रीपत पर भी
02:03असर पढ़ सकता है। हालाकि इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक फैसला सामने नहीं आया है लेकिन राजनीतिक अटकलों का
02:08दौर जारी है। निर्
02:24राजनीतिक दलों के बीच पहले से सहमती जैसी स्थती बन जाती है और सीटों के मुकाबले उमीदवारों की संख्या बराबर
02:29रहती है तब चुनाओ बिना मतदान के भी पूरा हो सकता है। फिलहाल बिहार की राजनीति में चर्चा इस बात
02:34की है कि विधान परिशद में प
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