00:00मध्य प्रदेश की राजनीती में गुरुवार का दिन भारतिय जनता पार्टी के लिए बड़ी जीत और कॉंग्रिस के लिए बड़े
00:06जटके वाला साबित हुआ
00:07जिस मुकाबले को कॉंग्रिस आखरी समय तक जिन्दा रखने की कोशिश कर रही थी वो आखिरकार उसके हाथ से फिसल
00:13गया
00:14राज्य सभा की तीनों सीटों पर भाजपा ने निर्विरोध जीत दर्च कर ली और कॉंग्रिस की सारी उमीदें धरी की
00:20धरी रह गई
00:20विधान सभा में रिटर्निंग आफिसर अर्विंद शर्मा ने भाजपा उमीदवार रजनी शगरवाल, तरुन चुग और महेश केवट को जीत का
00:27प्रमान पत्र सौप दिया
00:29इसके साथ ही मध्यप्रदेश से राज्यसभा की तीनों सीटें भाजपा के खाते में चली गई
00:33लेकिन इस कहानी का सबसे बड़ा किरदार कॉंग्रिस उमीदवार मीनाक्षी नटराजन रही
00:38कॉंग्रिस को उमीद थी कि सुप्लीम कोर्ट से उसे राहत मिलेगी और चुनावी मुकाबला बच जाएगा
00:43इसी उमीद में पार्टी ने देर रात अधालत का दर्वाजा खटखटाया था
00:46कॉंग्रिस ने अपनी याचिका में आरोप लगाया कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन गैर कानोनी और पक्षपात पूर्ण तरीके से खारिज
00:53किया गया है
00:53पार्टी ने मांग की कि इस फैसले को रद किया जाए
00:56बुधवार और गुरुवार की दर्मियानी रात करीब दो बजी कॉंग्रिस ने डिजिटल माध्यम से सुप्रीम कोट में याचिका दायर की
01:01पार्टी को उमीद थी कि अदालत ततकाल सुनवाई करेगी और चुनावी प्रक्रिया पर रोक लगाने जैसा कोई अंतरे मादेश दे
01:07सकती है
01:07गुरुवार को जब मामला सुप्रीम कोट पहुचा तो कॉंग्रिस की ओर से वरिष्ट वकील अभिशेक मन्व सिंगवी ने अदालत से
01:12ततकाल सुनवाई की मांग की
01:13उन्होंने कहा कि नामांकन वापसी की समय सीमा दो बहर तीन बजे तक है इसलिए मामले पर उसी दिन फैसला
01:18होना जरूरी है
01:19लेकिन अदालत में एक अलग स्थिती सामने आई चुनाव आयोक की ओर से कहा गया कि उन्हीं याचिका की प्रती
01:23तक नहीं मिली है
01:24और मामले को समझने तथा जवाब देने के लिए समय चाहिए
01:26इसके बाद कॉंग्रिस ने अदालत से कम से कम इतना आग्रह किया कि अंतिम सुनवाई भले बाद में हो
01:30लेकिन तब तक परणाम घोशित ना किये जाएं
01:32हाला कि अदालत ने ऐसा कोई आदेश नहीं दिया
01:34सुप्रीम कोट ने मामले की सुनवाई अगले दिन के लिए तै कर दी
01:37अदालत के इस फैसले के बाद लगभग साफ हो गया
01:39कि कॉंग्रिस की चुनावी लड़ाई अब खत्म हो चुकी है
01:41जैसे ही सुनवाई तली भाजपा उमीद्वारों की जीत का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया
01:45दुपहर तक तीनों सीटों पर भाजपा की निर्विरोध जीत तै हो गई
01:47दूसरी तरफ कॉंग्रिस ने इस पूरे घटना क्रम पर गंभीर सवाल उठाए
01:50नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंहार ने चुनाव आयोग की भूमेका पर सवाल खड़े किये
01:54उनका कहना था कि यदि अन्य राजव में चुनाव आयोग हस्तक शेप कर सकता है
01:57तो मध्यप्रदेश के मामले में ऐसा क्यों नहीं किया गया
01:59उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग ने समय रहते फैसला नहीं लिया
02:02और इससे कॉंग्रिस को नुकसान हुआ
02:03सिंहार ने कहा कि सुप्रीन कोर्ट की गाइडलाइन और कानूनी पहलों पर भी परियाप्त विचार नहीं किया गया
02:07उनके मुताबिक अगर समय रहते फैसला होता तो स्थिती अलग हो सकती थी
02:10कॉंग्रिस निताओं का मानना है कि उन्हें न्याय मिलने में देरी हुई है
02:13हालाकि राजनेतिक जानकार इस पूरे मामले को सिर्फ कानूनी विवाद नहीं
02:16बलकि राजनेतिक ताकत के प्रदर्शन के रूप में भी देख रहे हैं
02:18विधान सभा में भाजपा के मजबूत भहुमत के बीच राजसभा चुनाओं में उसकी स्थिती पहले से ही मजबूत थी
02:23लेकिन कॉंग्रेस चाहती थी कि कम से कम चुनावी मुकाबला बना रहे ताकि राजनेतिक संदेश दिया जा सके
02:27अब जबकि तीनों सीटे भाजपा के खाते में चली गई है
02:29कॉंग्रेस के सामने सबसे बड़ा सवाल ये है कि वो आगे क्या करेगी
02:32क्या पार्टी इस मामले को कानूनी रूप से आगे बढ़ाएगी
02:34या फिर इसे राजनेतिक मुद्धा बना कर जनता के बीच ले जाएगी
02:37फिलहाल तस्वीर साफ है
02:47अब सबकी नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में कॉंग्रेस इस हार से कैसे उभरती है
02:50और भाजपा अपनी इस जीत को राजनेतिक बढ़त में कैसे बदलती है
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