00:07बिहर की राजश्रीती में एक बड़ा उलट फिर हो गया
00:10नितीश कुमार के स्थीफे के बाद भाजपा के समराठ चौधरी ने खमान संभाल ली है
00:15बिहर के नए समराठ बन गए
00:17इस नहीं सरकार में जीडियू कोटे से दो अनुभवी नेता जिनका नाम विजयेंद परसाथ यादव और विजय कुमार चौधरी दोनों
00:25को उप मुख्यमंत्री बनाया गया
00:27डेपीटी सीम का पद जीडियू के खाते में गया
00:30सत्तक इस बद्दे समिकरण में नितिश कुमार ने अब केंद्र की राजनिती का रुख करने का फैसला लिया
00:35और अपनी विरासत अपने सबसे भरूसे मनसाथियों को सौप कर दिल्ले पहुँच गए
00:41ये बदलाब इसलिए भी एहम है क्योंकि अब तक नितिश कुमार मुख्यमंत्री हुआ करते थे
00:45लेकिन अब भाजपा नितित्व में जीडियू सहयोगी की भूमिका में नजर आएगा
00:50बिहार में सत्ता का पूरा धांचा अब बदल चुका है
00:54अब तक चली आ रही परंपरा के विप्रीत भाजपा के समराठ चौधरी ने मुख्यमंत्री बद की शपत ली
01:00जबकि जनता दल युनाइटेट के दो दिगजनेता विजेंद्रियादव और विजे कुमार चौधरी उपर मुख्यमंत्री बनाए गए
01:07नितीश कुमार के दिल्ली जाने के फैसले ने बिहार की राजनीती में एक नए युग की शुरुआत करती
01:12जेडियू के ये दोनों नेता ना केवल नितीश कुमार की करीबी हैं बलकि वे पार्टी के भीतर स्थर्ता और अनुभव
01:19का प्रतीक माने जाते हैं
01:20इस नए मॉडल के जरी सरकार का संतुलन बनाय रखने की कूशिश की गई है नितीश कुमार का प्लान तो
01:26फिलहाल ऐसा ही है
01:27विजेंद पिसाद यादव बिहार की राजनीती का वो स्तंभ है जो कि 1990 से लगातार विधान सभा में सक्रिया भुमिका
01:35निपा रहे हैं
01:36उस एक शित्र के सुपॉल से अपनी पहचान बनाने वाले विजेंद यादव ने जनता दल के समय से ही अपनी
01:42मजबूर पकड़ बनाई
01:43उनकी सबसे बड़ी विशिश्टा ये कि वे लालू पिसाद यादव और नितीश कुमार दोनों के बेहत खास रहे
01:491991 में लालू सरकार में राज्य मंत्री बनने से लिखकर अब तक लगबग हर सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे
01:561997 में जब जनता दल तूटा तो उन्होंने शरद्यादव का साथ दिया और बाद में नितीश कुमार के साथ जीडियो
02:03को मजबूती भी
02:04उर्जा और वित्र जैसे एहम विभागू को संभालते हुए उन्होंने अपनी प्रिशाचनिक उक्षमता का लूखा हर बार मनवाया
02:11उनकी इमानदार छवी जमीनी पकड़ ही वो बज़ा है कि नितीश कुमार ने उन्हें इस बड़े पद के लिए सबसे
02:18काबिल चुना और अब बेहार के वो डेप्यूटी सीम बन चुके हैं
02:22दूसरी तरफ है उप मुख्यमंत्री विज़कुमार चौधरी की कहानी बेह दल्चस्प कहानी भारति स्टेट बैंक की सुरक्षिक नौकरी छूटकर राज
02:29नीती में आए विज़कुमार संस्तिकोर्ज जिले से ताल्लुक रखते हैं
02:32उन्हें अस्ति के दशक में कॉंगुस के साथ अपने सफर की शुरुवात पर ये जाना चाता है लेकिन बाद में
02:38नीतीश कुमार के नीतियों से प्रभावित होकर जेडियू में शामिल हो गए वे जेडियू का एक प्रमुक भूमिहार चहरा है
02:44और नीतीश कुमार के संकट
02:46मोचक भी विदानसबा अध्यक्ष के रूप में उनका कारिकाल काफी सराहा गया संसद्यकार्या शिक्षा और जल संसाधन जैसे मंत्रालियों में
02:54काम करने का उनका एक लंबा अच्छा खासा करियर रहा अब सरकार चलाने में भी यनुभव काम आएका वे जेडियू
03:00को नित
03:15श्री राजनीती में सक्रिय हूने का मन बनाया तो उन्हें बिहार में ऐसे चहरे चाहिए थे जो कि प्रिशाशन और
03:21संगठन दूनु को संभाल लें विजण द्यादव के पास उसी और स्रीमांचल का जनाधार है जबकि विजण चौधरी के बात
03:28करें तो वो नितिकत मामले
03:30और सदन चलाने की गहरी समझ रखते नजर आते हैं ये नई जोड़ी भाजपा के साथ तालमेल बिठाने जेडियू के
03:37गैडर को एक जुट रखने की बड़ी जिम्मेदारी निभाएगी
03:402024 और 25 के आगामी चुनाफ के समिकरणों को देखते हुए ये सत्ता परिवर्तन बिहार के लिए बहुत नरणायक साबित
03:47होगा
03:47समराठ चौधरी के नित्कित्पों में भाजपने अपना पहला मुख्यमंत्री बिहार को दे दिया जो की पार्टी के लिए एतिहासिक उपलब्धी
03:55है बीजेपी बड़ा भाई बने
03:57वहीं जेडियों ने अपने दो सबसे भरुसे मंद्योद्धाओं को मैदान में उतार कर ये तो साफ कर दिया कि सत्ता
04:02का संतुलन अब भी उनके अनुभवी के हाथों में होगा
04:05बिहार की जनिता के लिए ये देखना दिल्चस्प है कि अब ये नया मौडल विकास की गती को आगे कैसे
04:11बढ़ाएगा
04:11जेडियों के दोनों ने ता अब नितीश के सियासी उत्राधिकारी के रूप में रज्ज की कमान संभाल चुके हैं
04:17बिहार अब इनकी सियासी आप कह सकते हैं कद में कितना उफान भरेगा ये देखना दल्चस्प होगा
04:24बहराल बिहार के राजनिती पर इन तीन चेहरों को लेकर आपकी क्या राय है वो समराट चौधरी मुख्यमंत्री हो
04:30इसके लावा आप तो डेप्यटी सीम जिनमे विजय और विजंदर का नाम शामिल है
04:35कैसे देख रहे हैं बिहार के राजनिती कितनी प्रभावित होगी
04:38कॉमेंट बॉक्स में अपनी राय अपनी टपणी ज़रूर कीजएगा
04:41मेरा नाम है मुकुंद आप बनी रहे हैं वन इंडिया के साथ शुक्रिया
Comments