00:04buneожuela की आरेवाहक राष्टपती का भारत दौडा क्या दुनिया में बदलने वाला है तेल का गनित?
00:10जी हाँ, बेनेजुएला की कारेवाहक राष्टपती डेलसी रोडी ग्रेज का भारत दोड़ा ऐसे समय में हो रहा है, जब पूरी
00:17दुनिया की नचरे कच्चे तेल की सप्लाई, कीमतो और उर्जा सुरक्षा यानी की इनर्जी सिक्विरेटी पर टिकी हुई है, मेडे
00:35लिस्�
00:39बेनेजुएला से भारत को सस्ता कच्चा तेल मिल पाएगा, क्या इस दौरे के बाद भारत के तेल आयात वील में
00:45बड़ी कमी आ सकती है, क्या या साजेदारी भारत की उर्जा निर्भरता को मिडलिस्ट से हटा कर एक नए संतूलन
00:51की ओर ले जाएगी, और सबसे बड़ा स�
00:54पाजेदारी के बाद भारत में पेट्रॉल और डीजल की कीमत सस्ती हो जाएगी, तो चलिए एके करके सभी सवालों का
01:00जबाब जानने की कोशिश करते हैं, पहले तो करन्ट सेनेरियो समझ लीजिए, भारत अपनी जरूरत का 80-85% कच्चे
01:07तेल का आयात करता है, फिलहाल अम
01:24पाज़ा या तनाव बढ़ता है, तो ग्लोबल सप्लाई चेंज सीधे प्रभावित होती है, और यही वज़ा है कि भारत जैसे
01:29बड़े ओयल इंपोर्टर देश के लिए या स्थिती काफी सेंसेटिव है, जो कि इसका स्थिधा असर इंफ्लेशन, ओयल इंपोर्ट वील
01:37और
01:37करंसी इस्टेविलिटी पर पढ़ता है, इसलिए अपने उर्जा सुरोतों को डाइवर्सीफाई करने की दिशा में भारत तेजी से कदम बढ़ा
01:44रहा है, ताकि किसी एक शेत्रिया सप्लायर पर अत्याधिक निर्भरतान न रहे, और यहां से बेनेजुएला का रोल सामने �
01:51बेनेजुएला एक वार फिर से भारत के लिए बेहत एहम साज़ेदार बनकर उभर रहा है, क्योंकि उसके पास दुनिया के
01:57सबसे बड़े प्रोवेन ओयल रिजर्ब में से एक है, हाला कि राचनितिक अईस्थिर्ता और अमेर्की प्रतिवंध के कारण उसका उत्पादन
02:04औ
02:19इसी कारण यह तेल अक्सर वाजार में सस्ता मिलता है, अंतराष्टिये वाजार में जहां ब्रेंट क्रूड लगबग 80-90 डॉलर
02:26प्रति वैरल के बीच ट्रेट करता है, वही वेनेजुएला का क्रूड कई बार 5-15 डॉलर प्रति वैरल तक सस्ता
02:32मिल सकता है, और यही कारण
02:34है कि भारत जैसे बड़े आयातक देशों के लिए यह आकर्शक बिकल्प बन जाता है, क्योंकि यहां से मिलने वाला
02:40हर वैरल सीधे तोर पर आयात बिल को कम करने में मदद करता है, इधर अगर आप भारत को देखें
02:45तो भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल उभगत
02:48देश है और अपनी कूल जरूरत का लगबग 80-85% कच्चा तेल आयात करता है, ऐसे में हर डॉलर
02:54की कीमत भारत की अर्थव्योस्था पर असर डालती है, अगर भारत बेने जुएला से अपने तेल आयात को बढ़ाता है,
03:00तो अनुमान लगाया जा सकता है कि प्रती वेरल 5-10
03:03डॉलर की बचत भी सालाना अर्बो डॉलर के आयात पिल में कम इलाज सकती है, जो देश के करन्ट अकाउंट
03:09डेफिसियेट यानि की C.A.D. को कम करने में महत्पुन भूमिका निभाता है, इसका सीधा असर भारतिये अर्थवस्था के
03:16कई बड़े पहलूओ पर पढ़ सकता
03:17है, सबसे पहले यदि कच्चा तेल सस्ता मिलता है तो महंगाई यानि की इंफ्लेशन पर दबाव कम हो सकता है,
03:23क्योंकि पेट्रॉल डीजल की कीमते ट्रांसपोर्ट, लोजिस्टिक्स और उत्पादन लागत को प्रभावित करती है, जब फ्यूल सस्ता होता है तो
03:30ट्रकिं
03:43मांग कम होने से मुद्रा इस्थिरता को सपोर्ट मिलेगा, हाला कि यह जरूरी नहीं है कि बेनेजुएला से सस्ता तेल
03:50मिलने पर तुरंत पेट्रॉल और डीजल की कीमतों में गिरावट देखने को मिले, भारत में फ्यूल प्राइस काफी हद तक
03:55टैक्स, एक्स्ट्रक्च
04:13प्लब्ध रहेगा, तो मीडियम से लॉंग टर्न में पेट्रॉल डीजल की कीमतों में पांच से दस रुपए प्रती लीटर तक
04:19की गिरावट संभव है, जो आर्थिक रूप से काफी महत्पून होगी, अब अगर गलोबल लेबल पर देखें तो इस तरह
04:25की डील का असर और
04:26भी बड़ा हो सकता है, अगर भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश बेनोजुयला, रूस और अन्ने नौन ओपेक सप्लायर की
04:33ओर जुकते हैं, तो ओपेक देशों की प्राइसिंग पावर कुछ हद तक कमजोर हो सकती है, इस से गलोबल ओयल
04:39मार्केट में प्रती स्प्रध
04:52जा सकती है, इसलिए तेल बाजार पूरी तरह भूराजनीती पर निर्वर रहता है, अब अगर भारत की बात करें तो
04:57भारत के लिए सबसे बड़ा फायदा सिर्फ सस्ता तेल नहीं, बलकि उर्जा सुरक्षा को मजबूत करना है, अगर भारत अपने
05:04सप्लाई सोर्स को मेड
05:17डाइवर्सिफिकेशन एस्टेरजी पर काम कर रहा है, वेनेजुएला इस रणनीती में एक महत्पूर्ण भूमिकान निवा सकता है, क्योंकि उसके पास
05:24बिशाल तेल भंडार है और भविश्य में उत्पादन बढ़ाने की शमता भी मौजूद है, इसके अलावा इस साजह
05:47हो सकती है, इससे दोनों देशों के बिश ट्रेड और निवेस्ट के नए रास्ते खुल सकते हैं, हाला कि इस
05:52पूरे परिद्रिष्ट में कई चुनोतिया भी मौजूद है, सबसे बड़ा रिस्क अमेरिका द्वारा लागाएंगा प्रतिबंध है, जो बेनेजुएला के ते
06:16बिना जोखिन के हैं, फिर भी कुल मिलाकर देखा जाए तो यह यात्रा भारत की उर्जा नीती के लिए एक
06:22महत्पून मोर सावित हो सकती है, अगर बेनेजुएला से तेल सप्लाई इस्थिर और बढ़ती है, तो भारत को सस्ता कच्चा
06:28तेल मिल सकता है, जिससे महंगाई प
06:43पूरे मामले पर आपको क्या लगता है, आप इसको कैसे समझते हैं, कमेंट सेक्शन में जरूर बताएं, और ऐसे ही
06:48तमाम अपडेट्स और शेयर मार्केट से जूरी तमाम जानकारी के लिए आप बने रहें, गुड रिटर्न्स डिश्टल के साथ
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