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महाराष्ट्र की चर्चित मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना में बड़ा बदलाव हुआ है। e-KYC और सत्यापन अभियान के बाद करीब 80 लाख लाभार्थियों के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। आखिर सरकार ने यह फैसला क्यों लिया? किन लोगों के नाम हटाए गए? महिलाओं को इससे क्या नुकसान हो सकता है? सरकार को इससे कितनी बचत होगी और आगे सरकार का क्या प्लान है!

A major change has taken place in Maharashtra’s popular Mukhyamantri Majhi Ladki Bahin Yojana. Following an e-KYC and verification drive, nearly 8 million (80 lakh) beneficiaries have been removed from the scheme’s list. Why did the government take this decision? Whose names were removed? How could this impact women who depended on the scheme? How much money will the government save, and what is its plan going forward?

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~HT.318~PR.476~ED.472~GR.506~VG.HM~

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00:26लाड़की बहीन योजना
00:30रही थी उसी योजना से आपका नाम हटा दिया गया है तो आप पर क्या बीतेगी महराश्ट में इस समय
00:35हजारों नहीं बलकि लाखों महिलाएं इसी चिंता से गुज़र रही है
00:39एक वाईसी और सत्यापन अभियान के बाद सरकार ने लाड़की बहीन योजना से करीब 80 लाख नाम हटा दिये हैं
00:46इसके बाद कई महिलाओं के मन में डड़ है कि अब घर का बजट कैसे संभलेगा और आगे क्या होगा
00:53तो आखिर ऐसा क्या हुआ कि सरकार को इतने बड़े इस्तर पर लाभार्तियों की चाच करनी पड़ी किन लोगों के
00:59नाम हटाए गए
00:59क्या वाकई सिर्फ अपात्र लोग ही सुची से बाहर हुए हैं सरकार को इस से कितना फायदा होगा और जिन
01:06महिलाओं का नाम हटा दिया गया है उनके लिए आगे क्या रास्ता बचता है
01:10आए इस पूरी कहानी को विस्तार से समझते हैं
01:13महराज सरकार ने एक योजना जुलाई 2024 में शुरू की थी इसका उदेश्य आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को हर
01:20महीने 1500 रुपे सीधी वितियरासी प्रदान करना था
01:24योजना के तहद 21-65 वर्स की पात्र महिलाओं के बैंक खाते में डिविटी के माध्यम से राशी भेजी जाती
01:30है
01:31ये तो हो गई योजना की पूरी चानकारी अब इसके बारे में इतनी चर्चा क्यों चल रही है आईए ये
01:36भी जान लेते हैं
01:37आखिर हुआ क्या है जब महराज सरकार ने लाड़की बहीन योजना शुरू की थी तब इसका मकसद आर्थिक रूप से
01:43कमजोर महिलाओं को हर महिने 1500 की आर्थिक सहायता देना था
01:47यह राशी कई महिलाओं के लिए सिर्फ पैसे नहीं थे बलकि घर चलाने का सहारा था लेकिन पिछले कुछ महीनों
01:53में सरकार लगातार लभार्थियों का डेटा चाच रही थी इसके लिए EKYC अनिवारे किया गया और कई बार इसकी समय
02:01सीमा भी बढ़ाई गई
02:02आखिरकार 20 अप्रेल के बाद बड़े इस तरपर सत्यापन किया गया और लाखो लोगों का नाम इस लिष्ट से बाहर
02:08कर दिया गया अब सवाल यह है कि इतने नाम इस योजणा से सरकार नी क्यों हटा दिये आखिर क्या
02:13वजह थी
02:14तो 80 लाख नाम क्यों हटाए गए? सरकार के अनुसार यह कारवाई किसी एक कारण से नहीं हुई. हटाए गए
02:20नामों में ऐसे लोग शामिल पाए गए जिन्होंने EKYC पूरा नहीं किया, जिनके दास्तावेज अधूरे थे, जिनके जरकारी रिकॉर्ड से
02:27मैच नहीं हुई औ
02:28जो पात्तरताश शर्तें पूरी नहीं करते थे। डुब्लीकेट एंट्री वाले लावार्थी, आयकरदाता, सरकारिक करमचारी, वाहनमालिक यहां तक कि कुछ पुरुष
02:38भी इस योजना का लाव ले रहे थे।
02:40मुख्यमंतरी देवेंद्र फड़नमिस के अनुसार जाच में लगबग 14,000 पुरुष, 5,000,000 सरकारी करमचारी और करीब 10,000
02:48,000 आयकरदाता भी लावार्थी सुची में पाए गए। इसलिए सरकार का कहना है कि EKYC का सत्यापन करवाना बेहर जरूरी
02:55था जिससे जरूरत मंदो
02:57तक इस योजना का लाव पहुँचे अब ये तो योजना से जुड़ी बाते होगे अब आईए आपको समझाते हैं कि
03:03सरकार को कितना लाव हो सकता है क्योंकि इतनी बड़ी योजना चलाने में बजट भी बढ़ा जाता होगा पर अब
03:09योजना में नाम घटने से उसका फाय�
03:24ुआ तो गणित कुछ ऐसर बनता है अस्ति लाग गुना पंद्रसो यानि की बारा सो करोड प्रती मा यानि लगबग
03:3114400 करोड प्रती वर्स सरकार के
03:35सरकार का खर्च काफी कम हो सकता है क्योंकि अब लाभार्तियों की संख्या घट गई है रिपोर्ट के अनुसार सरकार
03:42पहले हर महीने करीब 3700 करोड खर्च कर रही थी यही वज़ा है कि विपक्ष सरकार पर विटिये दबाव की
03:48वज़से लाभार्ति घटाने का आरोप भी ल�
04:03हिस्सा है जो सबसे जादा भावनात्मक है कई महिलाओं के लिए 1500 सिर्फ एक सरकारी सहायता नहीं थी बलकि उनकी
04:09आम जिंदगी का एक बड़ा हिस्सा था इसी पैसे से रासन खरीदा जाता था बच्चों की पढ़ाई का खर्च निकलता
04:15था दवाईयां खरीदी जाती थी �
04:16चोटे घरेलू खर्चे पूरे होते थे अब जिन महिलाओं का नाम हट गया है उनके सामने बड़ी समस्तिया यही होगी
04:22कि महीने की तय आये का एक हिस्सा अचानक बंध हो जाएगा हलाकि सरकार का दावा है कि केवल आपात्र
04:28लोगों को हटाया गया है लेकिन कई जगा ऐसी
04:30शिकायते सामने आई है कि तकनीकी गलती या एक वाईसी समस्तिया के कारण पात्र महिलाओं के नाम भी प्रभावित हुए
04:36हैं अब सबसे बड़ा सवाल महराज सरकार से इस योजना पर है कि कितना पैसा खर्च होता था योजना शुरू
04:42होने के बाद यह राजी की सबसे ब�
04:58वास्तवी खर्च पहले की तूलना में कम हो जाएगा अब आईए आपको बताते हैं जरूरी बात अगर महिलाओं ने एक
05:04वाईसी नहीं कराया तो क्या हुआ
05:05सरकार ने एक वाईसी के लिए कई बार समय सीमा बढ़ाई थी नॉवंबर दुहचार पचीस में लगतार विस्तार दिया गया
05:12और अंतता तीस अप्रेल दुहचार चब्विस के बाद सत्यापन प्रिक्रिया पूरी की गई
05:16सरकार का कहना है कि लावर्तियों को प्रयाप्त समय दिया गया था जिन महिलाओं ने एक वाईसी पूरा नहीं किया
05:21उनके खाते निश्क्रिये कर दिये गये या लावरोक दिया गया
05:25So if you go and you've already received everything from the prescription and allowed
05:36to get your vaccine from home to the city and the local location nearby.
06:13
06:15फर्जी लाभार्थियों को हटाने का कदम भी है लेकिन लाखों महिलाओं के लिए या उसके मासिक सहारे का सवाल है
06:21अब पूरी बहस दो बातों पर टिकी हुई है क्या वाकई सिर्फ अपात्र लोग हटाए गए हैं और क्या कोई
06:26भी पात्र महिला इस प्रक्रिया में छूट �
06:28तो नहीं गई आने वाले महीनों में सरकार की अगली कारवाई और जमीनी इसतर पर होने वाले सत्यापन ही इस
06:34सवाल का जबाब देंगे तब तक के लिए ऐसे ही तमाम अपडेट्स और शियर मार्केट से जुड़ी तमाम जानकारी के
06:40लिए आप बने रहें गुड रिटरंस
06:42दिश्टल के साथ
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