00:16पिर बढ़ी जंग की आहट किस सिक्टर में खत्रा किसमें कमाई की चाहत अमेरिका और इरान के बीच तनाव एक
00:23बार फिर से जंग का रूप लेता नजरा रहा है
00:26दोनों देश अब एक तूसरे के आमने सामने खड़े हैं बाच्चीत के लिए नहीं बलकि हतियारों, मिसाइलों, ड्रोन और फाइटर
00:34जेट्स के सांग
00:34यानि संकेत साफ है कि टकराव अब खुल कर सामने आ चुका है
00:39इरान की IRGC ने दावा किया है कि उसने कुबयत और पहरीन में अमेरिकी सैन ने ठिकानों को निशाना बनाते
00:45हुए
00:45मिसाइल और ड्रोन हम लेकिये हैं
00:47अब बड़ा सवाल यह है कि अगर यह तनाव और बढ़ता है तो भार्तिये शियर वाजार पर इसका कितना असर
00:52पड़ेगा
00:53या कच्चे तेल की कीमतों में फिर से बड़ी तेजी देखने को मिलेगी
00:57और कोन से सेक्टर्स दबाओं में आ सकते हैं और किन सेक्टर्स को इस संकट का सबसे बड़ा फायदा मिल
01:02सकता है
01:03फरवरी दोहजार चब्विस से अब तक अलग-अलग सेक्टर्स का प्रदर्शन कैसा रहा है
01:07निवेशकों ने कहां पैसा बनाया और आगे बाजार की दिशाक कैसी हो सकती है
01:12आज की इस वीडियो में हम इनी सभी सवालों के जबाब तलाशेंगे और समझेंगे कि बढ़ते भूराजनीतिक तनाव के बीच
01:18निवेशकों के लिए कहां मौका बन सकता है
01:21तो वीडियो में लाश तक बने रहिएगा सबसे पहले बात कर लेते हैं हाल के घटना की फिर वापस मार्केट
01:26के बारे में चर्चा करेंगे
01:28अमेरिका और इरान के बीच तनाव एक बार फिर से खतरनाक मोर पर पहुँच किया है
01:32इरान की IRGC ने दावा किया है कि उसने कुबयत और बहरीन में अमेरिकी सेन्य ठीकानों को निशाना बनाते हुए
01:38मिसाइल और ड्रोन हमले किये हैं
01:40वहीं अमेरिकी सेन्ट कॉम का कहना है कि इरान की ओर से दागी गई सभी मिसाइले या तो रास्ते में
01:46ही नश्ट हो गई है या अपने लक्ष तक पहुँचने में नाकाम रही
01:49हाला कि इसके जबाब में अमेरिका ने भी इरान पर हमला किया और इरान के किश्म आइलेंड पर इस्थित एक
01:55कॉम्निकेशन फैसलीटी पर हमला किया
01:57यानि साफ है कि जंग शुरू हो चुकी है वही ये स्टेट ऑफ हॉर्मूज को लेकर भी तनाव चरम पर
02:02बना हुआ है जहां से दुनिया की करीब 20% तेल सप्लाई गुजरती है यही वह अहम रास्ता है जिससे
02:09सिर्फ तेल ही नहीं बलकि मार्केट की दिशा भी तै होती है
02:2825,556 के आसपास बंद हुआ था जो 2 जून 2026 को 23,484 के इस्तर पर बंद हुआ यानि
02:35फरवरी से अब तक निफ्टी में करीब 2100 पॉइंट्स की गिरावट देखी गई है बीच में यह गिरावट और बढ़
02:41गई थी जो प्रतिसत में 8 से 9 प्रतिसत के करीब है मार्च के महीन
02:45में जब जंग सबसे ज़्यादा बढ़ी और क्रूड ओयल की प्राइस काफी तेजी से आगे बढ़ी तब सबसे तेज बिक्वाली
02:51देखने को मिली इसके बाद मार्केट वोलेटाइल रहा कभी रिकबरी का दोर तो कभी दबाओ अब बात करते हैं सेक्टर्स
02:58की तो जंग ज
03:14सेरो की चाल देखे तो एमटार टिक में करीब 91 परसेंट पारस डिफेंस में 35 परसेंट और डेटा पैटर्स में
03:2125 परसेंट की तेजी देखी गई है इसके अलावा कई अन्य सेरो में भी 10 परसेंट से ज़्यादा की बढ़त
03:26दर्ज हुई है अब अगर निफ्टी इंडिया �
03:29पर नजा डालें तो 27 फरवरी से अब तक हम इसमें 9 परसेंट से ज़्यादा की तेजी देख रहे हैं
03:34जो ब्रॉड मार्केट में बेहतर प्रदर्शन को दिखाता है इसकी वचा साफ है बढ़ती डिमांड आत्म निर्भर भारत अव्यान का
03:41सपोर्ट और घरेलू मैनुफेक
03:55से अल्टरनेटिव एनर्जी की ओर बढ़ा जिसका असर खास तोर पर मार्च से अप्रेल के दोरान देखने को मिला हाला
04:02कि पूरे मार्केट में गिरावट के कारण बीच बीच में प्रॉफिट बुकिंग भी हुई 27 फरवरी से 3 जून 2026
04:08के बीच ग्रीन इनर्जी इंडेक्
04:12कर 22 परसेंट तक की ओसत तेजी रही जबकि कुछ समय में यह 15-25 परसेंट तक उचला और निफ्टी
04:18को बड़े अंतर से आउट परफॉर्म किया मार्च में जब कुरूट 100 डॉलर के पार गया तब सोलर और बिंड
04:23स्टॉक्स में एक ही दिन में 8-14 परसेंट तक की तेज उ�
04:36मिला इसके अलावा आइनोक्स बिंड वाली इनर्जी जैसे शियरों में भी 15-20 परसेंट तक की बठत दर्ज हुई हाला
04:42कि बाद में इनमें से कुछ कंपनियों में मुनाफ़ा असूली भी देखी गई इस तेजी के पीछे मुख्य कारण रहें
04:48उचे कुरूड प्राइस एन
05:06दूसरी तरफ जो सेक्टर दबाओ में हैं अगर उसकी बात करें तो सबसे ज़्यादा नुकसान हुआ है एवियेशन या एरलाइन
05:11सेक्टर को हाई फ्यूल कोस्ट की वज़ा से इंडिगो, स्पाइस जेट, एर इंडिया जैसी कंपनियों के मार्जिन पर बुरी तरह
05:17दबा
05:31में रहें, कुरूड ओयल से बने रौ मेटेरियल महेंगे होने से प्रोडॉक्शन कोस्ट बढ़ गई, महेंगाई बढ़ने से कंजूमर डिमांड
05:38पर असर पड़ा, एसियन पेंट, स्पीड लाइट, एमारेफ, टाटा मोटर्स, मारूती जैसी कंपनियों पर 10-15% तक का द�
05:45देखने को मिला, ओयल मार्केटिंग कंपनियों में HPCL, BPCL, Indian Oil खास समस्या में है, कुरूड महेंगा तो है, लेकिन
05:53पेट्रॉल डीजल की रिटेल कीमते सरकार के कंट्रोल में है, इसलिए इनका मार्जिन बूरी तरह क्रैस हो रहा है, अगर
06:00IT और Exported Oriented कंपनियों की बात करें
06:03तो इस पर मिक्स असर देखने को मिल रहा है, गोलोबल डिस्क ए वर्जन और अमेरिकी मार्केट की अनिश्चित्ता से
06:08ओबर ओल दबाव बना हुआ है, मेटल सेक्टर में थोड़ी सपोर्ट मिली, हाई एनरजी प्राइस और गोलोबल डिमांड शिफ्ट होने
06:14की वज़ह से
06:15लेकिन यह बहुत मजबूत नहीं रहा, यह तो हो गई पुरानी बात, अब सवाल है कि आगे क्या होने वाला
06:21है, तो नए हमलों की वज़ह से शौर्ट टर में ओयल और डिफेंस सेक्टर में और तेजी आ सकती है,
06:26ओयल सेक्टर में मार्केटिंग कमपनियों में नहीं, इसके
06:43कमजूर होना और आर्थिक ग्रोथ स्लोडाउं, मैनुफेक्टरिंग, ट्रांसपोर्ट, फूड प्रोसेसिंग और कंजूमर सेक्टर पर दबाव सबसे जादा पड़ेगा, बता दें
06:51कि यह जंग फरवरी 2026 से चल रही है, कभी सीच फायर की खवर आती है, तो कभी रिलीफ
06:56फ्रैली होती है, लेकिन फिर नया अटैक और टेंसन बढ़ जाता है, मार्केट बहुत बोलेटाइल है, सौट टर्म में डिफेंस
07:02और अप इस्ट्रीम ओयल में मौके दिख रहे हैं, लेकिन लॉंग टर्म में एकोनॉमी रिस्क भी बढ़ा हुआ है, इसलिए
07:08किसी भी निव
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