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US–Iran war एक बार फिर तेज हो गया है और इसका सीधा असर global markets पर देखने को मिल रहा है। बढ़ते geopolitical tensions के बीच कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, सप्लाई चेन को लेकर चिंता और निवेशकों की risk sentiment में बदलाव ने शेयर बाजार को झटका दिया है। इस वीडियो में हम समझेंगे कि इस नए तनाव का भारतीय शेयर बाजार पर क्या असर पड़ेगा, कौन से सेक्टर जैसे Defence, Oil & Gas और Renewable Energy इसमें फायदा उठा सकते हैं, और किन सेक्टर्स जैसे Aviation, Auto, FMCG और IT पर दबाव बढ़ सकता है…

US–Iran war has once again escalated, and its direct impact is being seen on global markets. Amid rising geopolitical tensions, a surge in crude oil prices, concerns over supply chains, and a shift in investor risk sentiment have shaken the stock market. In this video, we will understand how this new conflict may impact the Indian stock market, which sectors like Defence, Oil & Gas, and Renewable Energy could benefit, and which sectors such as Aviation, Auto, FMCG, and IT may come under pressure…

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Transcript
00:16पिर बढ़ी जंग की आहट किस सिक्टर में खत्रा किसमें कमाई की चाहत अमेरिका और इरान के बीच तनाव एक
00:23बार फिर से जंग का रूप लेता नजरा रहा है
00:26दोनों देश अब एक तूसरे के आमने सामने खड़े हैं बाच्चीत के लिए नहीं बलकि हतियारों, मिसाइलों, ड्रोन और फाइटर
00:34जेट्स के सांग
00:34यानि संकेत साफ है कि टकराव अब खुल कर सामने आ चुका है
00:39इरान की IRGC ने दावा किया है कि उसने कुबयत और पहरीन में अमेरिकी सैन ने ठिकानों को निशाना बनाते
00:45हुए
00:45मिसाइल और ड्रोन हम लेकिये हैं
00:47अब बड़ा सवाल यह है कि अगर यह तनाव और बढ़ता है तो भार्तिये शियर वाजार पर इसका कितना असर
00:52पड़ेगा
00:53या कच्चे तेल की कीमतों में फिर से बड़ी तेजी देखने को मिलेगी
00:57और कोन से सेक्टर्स दबाओं में आ सकते हैं और किन सेक्टर्स को इस संकट का सबसे बड़ा फायदा मिल
01:02सकता है
01:03फरवरी दोहजार चब्विस से अब तक अलग-अलग सेक्टर्स का प्रदर्शन कैसा रहा है
01:07निवेशकों ने कहां पैसा बनाया और आगे बाजार की दिशाक कैसी हो सकती है
01:12आज की इस वीडियो में हम इनी सभी सवालों के जबाब तलाशेंगे और समझेंगे कि बढ़ते भूराजनीतिक तनाव के बीच
01:18निवेशकों के लिए कहां मौका बन सकता है
01:21तो वीडियो में लाश तक बने रहिएगा सबसे पहले बात कर लेते हैं हाल के घटना की फिर वापस मार्केट
01:26के बारे में चर्चा करेंगे
01:28अमेरिका और इरान के बीच तनाव एक बार फिर से खतरनाक मोर पर पहुँच किया है
01:32इरान की IRGC ने दावा किया है कि उसने कुबयत और बहरीन में अमेरिकी सेन्य ठीकानों को निशाना बनाते हुए
01:38मिसाइल और ड्रोन हमले किये हैं
01:40वहीं अमेरिकी सेन्ट कॉम का कहना है कि इरान की ओर से दागी गई सभी मिसाइले या तो रास्ते में
01:46ही नश्ट हो गई है या अपने लक्ष तक पहुँचने में नाकाम रही
01:49हाला कि इसके जबाब में अमेरिका ने भी इरान पर हमला किया और इरान के किश्म आइलेंड पर इस्थित एक
01:55कॉम्निकेशन फैसलीटी पर हमला किया
01:57यानि साफ है कि जंग शुरू हो चुकी है वही ये स्टेट ऑफ हॉर्मूज को लेकर भी तनाव चरम पर
02:02बना हुआ है जहां से दुनिया की करीब 20% तेल सप्लाई गुजरती है यही वह अहम रास्ता है जिससे
02:09सिर्फ तेल ही नहीं बलकि मार्केट की दिशा भी तै होती है
02:2825,556 के आसपास बंद हुआ था जो 2 जून 2026 को 23,484 के इस्तर पर बंद हुआ यानि
02:35फरवरी से अब तक निफ्टी में करीब 2100 पॉइंट्स की गिरावट देखी गई है बीच में यह गिरावट और बढ़
02:41गई थी जो प्रतिसत में 8 से 9 प्रतिसत के करीब है मार्च के महीन
02:45में जब जंग सबसे ज़्यादा बढ़ी और क्रूड ओयल की प्राइस काफी तेजी से आगे बढ़ी तब सबसे तेज बिक्वाली
02:51देखने को मिली इसके बाद मार्केट वोलेटाइल रहा कभी रिकबरी का दोर तो कभी दबाओ अब बात करते हैं सेक्टर्स
02:58की तो जंग ज
03:14सेरो की चाल देखे तो एमटार टिक में करीब 91 परसेंट पारस डिफेंस में 35 परसेंट और डेटा पैटर्स में
03:2125 परसेंट की तेजी देखी गई है इसके अलावा कई अन्य सेरो में भी 10 परसेंट से ज़्यादा की बढ़त
03:26दर्ज हुई है अब अगर निफ्टी इंडिया �
03:29पर नजा डालें तो 27 फरवरी से अब तक हम इसमें 9 परसेंट से ज़्यादा की तेजी देख रहे हैं
03:34जो ब्रॉड मार्केट में बेहतर प्रदर्शन को दिखाता है इसकी वचा साफ है बढ़ती डिमांड आत्म निर्भर भारत अव्यान का
03:41सपोर्ट और घरेलू मैनुफेक
03:55से अल्टरनेटिव एनर्जी की ओर बढ़ा जिसका असर खास तोर पर मार्च से अप्रेल के दोरान देखने को मिला हाला
04:02कि पूरे मार्केट में गिरावट के कारण बीच बीच में प्रॉफिट बुकिंग भी हुई 27 फरवरी से 3 जून 2026
04:08के बीच ग्रीन इनर्जी इंडेक्
04:12कर 22 परसेंट तक की ओसत तेजी रही जबकि कुछ समय में यह 15-25 परसेंट तक उचला और निफ्टी
04:18को बड़े अंतर से आउट परफॉर्म किया मार्च में जब कुरूट 100 डॉलर के पार गया तब सोलर और बिंड
04:23स्टॉक्स में एक ही दिन में 8-14 परसेंट तक की तेज उ�
04:36मिला इसके अलावा आइनोक्स बिंड वाली इनर्जी जैसे शियरों में भी 15-20 परसेंट तक की बठत दर्ज हुई हाला
04:42कि बाद में इनमें से कुछ कंपनियों में मुनाफ़ा असूली भी देखी गई इस तेजी के पीछे मुख्य कारण रहें
04:48उचे कुरूड प्राइस एन
05:06दूसरी तरफ जो सेक्टर दबाओ में हैं अगर उसकी बात करें तो सबसे ज़्यादा नुकसान हुआ है एवियेशन या एरलाइन
05:11सेक्टर को हाई फ्यूल कोस्ट की वज़ा से इंडिगो, स्पाइस जेट, एर इंडिया जैसी कंपनियों के मार्जिन पर बुरी तरह
05:17दबा
05:31में रहें, कुरूड ओयल से बने रौ मेटेरियल महेंगे होने से प्रोडॉक्शन कोस्ट बढ़ गई, महेंगाई बढ़ने से कंजूमर डिमांड
05:38पर असर पड़ा, एसियन पेंट, स्पीड लाइट, एमारेफ, टाटा मोटर्स, मारूती जैसी कंपनियों पर 10-15% तक का द�
05:45देखने को मिला, ओयल मार्केटिंग कंपनियों में HPCL, BPCL, Indian Oil खास समस्या में है, कुरूड महेंगा तो है, लेकिन
05:53पेट्रॉल डीजल की रिटेल कीमते सरकार के कंट्रोल में है, इसलिए इनका मार्जिन बूरी तरह क्रैस हो रहा है, अगर
06:00IT और Exported Oriented कंपनियों की बात करें
06:03तो इस पर मिक्स असर देखने को मिल रहा है, गोलोबल डिस्क ए वर्जन और अमेरिकी मार्केट की अनिश्चित्ता से
06:08ओबर ओल दबाव बना हुआ है, मेटल सेक्टर में थोड़ी सपोर्ट मिली, हाई एनरजी प्राइस और गोलोबल डिमांड शिफ्ट होने
06:14की वज़ह से
06:15लेकिन यह बहुत मजबूत नहीं रहा, यह तो हो गई पुरानी बात, अब सवाल है कि आगे क्या होने वाला
06:21है, तो नए हमलों की वज़ह से शौर्ट टर में ओयल और डिफेंस सेक्टर में और तेजी आ सकती है,
06:26ओयल सेक्टर में मार्केटिंग कमपनियों में नहीं, इसके
06:43कमजूर होना और आर्थिक ग्रोथ स्लोडाउं, मैनुफेक्टरिंग, ट्रांसपोर्ट, फूड प्रोसेसिंग और कंजूमर सेक्टर पर दबाव सबसे जादा पड़ेगा, बता दें
06:51कि यह जंग फरवरी 2026 से चल रही है, कभी सीच फायर की खवर आती है, तो कभी रिलीफ
06:56फ्रैली होती है, लेकिन फिर नया अटैक और टेंसन बढ़ जाता है, मार्केट बहुत बोलेटाइल है, सौट टर्म में डिफेंस
07:02और अप इस्ट्रीम ओयल में मौके दिख रहे हैं, लेकिन लॉंग टर्म में एकोनॉमी रिस्क भी बढ़ा हुआ है, इसलिए
07:08किसी भी निव
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