00:09पश्चिम और मध्धे अफ्रीका से इस वक्त एक बेहट डराने वाली खबर सामने आ रही है।
00:30सबसे चिन्ता की बात ये है कि इस बार जो इबोला वाइरस फैला है उसके लिए फिलहाल कोई मनजूर शुदा
00:36वैक्सीन मौजूद नहीं है।
00:38दुनिया अभी कुरोना महामारी के असर से पूरी तरह उभर भी नहीं पाई थी कि अब एबोला वाइरस ने फिर
00:44से डर बढ़ा दिया है।
00:45WHO की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक कॉंगो में अब तक 900 से ज्यादा संदिग्ध मामले सामने आ चुके हैं जबकि
00:52सैक्डों लोगों की मौत की आशंका जताई जा रही है। कई मामलों की अभी लैब जांच चल रही है।
00:57सबसे पहले समझते हैं कि आखिर एबोला वाइरस है क्या।
01:01एबोला एक बेहत खतरनाक और जानलेवा वाइरस है जो इनसानों में गंभीर बुखार, कमजोरी, उल्टी, दस्त और कई मामलों में
01:09शरीर से खून बहने जैसी स्थिती पैदा कर देता है।
01:12ये वाइरस संक्रमित व्यक्ती के खून, पसीने, उल्टी या शरीर के दूसरे फ्लूइड्स के संपर्क में आने से पहलता है।
01:19यही वज़ा है कि अस्पतालों और परिवारों में संक्रमन तेजी से पहलने का खतरा रहता है।
01:24WHO की मताबिक इस बार जो स्ट्रेंड सामने आया है वो बुंडी बुगियो वाइरस है जो एबोला परिवार का हिस्सा
01:31है।
01:32लेकिन चिंता की बात ये है कि इस स्ट्रेंड के लिए फिलहाल कोई लाइसंस प्राप्त वैक्सीन उपलब्ध नहीं है।
01:38WHO प्रमुक तेड्रोज अधानोम ने साफ कहा है कि ये प्रकोप तेजी से फैल रहा है और राश्ट्रियस तर पर
01:44इसका खत्रा बहुत ज्यादा हो चुका है।
01:46संक्रमन अब सिल्फ गाउं तक सीमित नहीं है बल्कि बड़े शहरों तक पहुँचने लगा है।
01:51कॉंगो के अलावा युगांडा में भी संक्रमित मरीज मिले हैं।
01:54रिपोर्ट्स के मुताबिक शुरुआत में कई मरीजों की पहचान नहीं हो पाई क्योंकि डॉक्टरों को शक ही नहीं हुआ कि
02:00ये इबोला हो सकता है।
02:02इस वज़ा से वाईरस कई दिनों तक बिना पकड़े फैलता रहा।
02:05एबोला के फैलने की एक और बड़ी वज़ा है असुलक्षित अंतिम संसकार बताए जा रहे हैं।
02:10कई इलाकों में लोग पारंपरिक तरीके से शवों को छूते हैं जिससे संक्रमन तेजी से फैल जाता है।
02:15क्या दुनिया को फिर महामारी का डर है।
02:18WHO ने फिलहाल इसे Public Health Emergency of International Concern यानि अंतराष्ट्रिय स्वास्थ आपातकाल घोशित किया है लेकिन अभी इसे
02:26महामारी नहीं कहा गया है।
02:28हाला कि विशेशग्यों का मानना है कि अगर समय रहते इसे नहीं रोका गया तो हालात गंभीर हो सकते हैं।
02:34कई देशों ने अलर्ट जारी कर दिया है।
02:36भारत सरकार ने भी अपने नागरिकों को कॉंगो, युगांडा और आसपास के प्रभावित इलाकों में गेर जरूरी यात्रा से बचने
02:43की सलह दी है।
02:44भारत ने अफरीका सीडीसी को मेडिकल सहायता और राहत सामगरी भी भेजी है।
02:48विशेशग्यों के मताबिक इस बार हालात इसलिए और मुश्किल हैं क्योंकि संक्रमन ऐसे इलाकों में फैला है जहां हिंसा, गरीबी
02:56और कमजोर मेडिकल सिस्टम पहले से बड़ी समस्याय है।
02:59कई अस्पतालों में डॉक्टरों और नर्सों की भारी कमी हैं। कुछ जगहों पर तो हेल्थ वरकर्स खुद संक्रमित हो गए
03:05हैं।
03:05अब सवाल ये भी उठ रहा है कि क्या दुनिया ने कोरोना से कोई सबक सीखा? क्योंकि WHO और स्वास्त्य
03:11विशेशग्य लगातार कह रहे हैं कि शुरुआती लापरवाही किसी भी वाइरस को वैश्विक संक्रट बना सकती है।
03:17अभी सबसे ज्यादा जरूरत है तेज टेस्टिंग, मरीजों को अलग रखने, कॉन्टाक्ट ट्रेसिंग और लोगों में जागरुकता पहलाने की।
03:24हाला कि राहत की बात ये है कि फिलहाल संक्रमन का खत्रा अफ्रीका शेत्र तक सीमित माना जा रहा है
03:29और वैश्विक स्तर पर रिस्क कम बताया गया है।
03:32लेकिन जिस तेजी से मामले बढ़ रहे हैं, उसने पूरी दुनिया की चिंता जरूर बढ़ा दी है।
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