00:01इस्लामिक नाटो एक मीडिया ड्रिवन नॉमन्क्लेचर है थिंकिंग ब्रेंज का यह ऑफिशल नहीं है अगर हमें इसी तरह का कोई
00:14नॉमन्क्लेचर यूज करना है तो हम इसको पर्सनली सुनी नाटो बोलना चाहेंगे
00:19क्योंकि इसमें all the three nations are majorly सुनी और शिया सुनी की का इतिहास है जो आपस में उनकी
00:29रिष्टे हैं गल्फ की अगर खास करके बात करें तो यह जग जाहिर है तो तो स्टार्टिंग पॉइंट से हम
00:34इसको सुनी नाटो बोलेंगे इसलामिक नाटो नहीं बोलेंगे
00:40यह बहुत दिनों से सुखबुगाट थी कि ऐसा कुछ हो रहा है कई महीनों से तो हम ही सुन रहे
00:45थे इससे क्या इंडिया को अलाम होना चाहिए वेबाफ not at all क्योंकि साओधिया के साथ पाकिस्तान के पहली last
00:54year October में एक पैक्ट हुआ पड़ा है defense agreement बोलते है उसको जिसमें य
01:04देशों पर हमला माना जाएगा और required defensive actions लिए जाएंगे यह ध्यान रहेगी a defensive pact है साओधिया तुर्किये
01:12और पाकिस्तान का यह जो पैक्ट है सुनी नाटो जिसको हम कहना चाहेंगे वो एक defensive pact है in case
01:18of an attack on any of these three nations यह तीनों नेशन के उपर हमला माना जाएगा और उसी के
01:24हिसा�
01:29application है नाटो का नाटो के article 5 में भी इसी तरह की व्यवस्ताएं है जो इन्होंने अपने तीनों देशों
01:35के बीच में व्यवस्ता कर रखी है टेक्निकल इशूस क्या क्या है मेजट अगर तुर्किये पर हमला होता है तो
01:43उसको नाटो पर हमला माना जाएगा या सुनी नाटो प
01:58पाकिस्तान लेंगे ये चीज़ें अभी इस दील के बाद भी clarify नहीं हो रही है दूसरा इस दील के इस
02:06पैक्ट के इस agreement के होने के बाद इरान समर्थक येमन बेस्ट होतीज ने साओधिया पे direct हमले किये हैं
02:18उनके assets पे उनके ports पे और उनके ships पे
02:21thereby attacking their business interest and revenue इसके बावजूद ना तुर्किये ना पाकिस्तान ने कोई आदिकारिक stand लिया है कि
02:31इसके defense में वो
02:33होतीज पे हमला करेंगे इरान पे हमला करेंगे या नहीं करेंगे हाँ चुप चाप कल पाकिस्तान का एक delegation तहरान
02:43चला गया और ये खबर है कि शायद उन्होंने इस बात के लिए
02:47अमेरिका से भी कोई clearance नहीं ली थी ये बोलके कि ये हमारा और इरान का bilateral मुद्दा है कुछ
02:53बाते डिसकस करनी है इसलिए ये विजिट किया जा रहा है इस पे American Congress के कुछ लोगों ने नाराजगी
03:00जाहित की कि पाकिस्तान अगर एक middleman का role play कर रहा है इरान के साथ संभी कराने
03:06में तो ये अपने तौर पे bilateral इरान से क्या बात कर रहे है इसका अधिकार है अमेरिका को जानने
03:12के लिए एक चीज़ जो हमारे लिए थोड़ा सा alert रहने की होगी इस pact के बाद वो ये है
03:19कि पहलगाम हमले के बाद भारत सरकार ने कुछ changes किये है in the understanding and definition of act of
03:29war.
03:29act of war conventionally युद्ध तभी declare किया जाता है जब armed activities होती है किसी भी देश की आपके
03:39international border को आपकी sovereignty को threat करते हुए तो ये conventional definition में पुरा युद्ध जो होता है सेनाओं
03:47के द्वारत किया जाता है लेकिन पहलगाम हमला जिसमें पाकिस्तान की regular army ने पार्ट नहीं लिया exactly कार्मिल की
03:53तर
03:59कराया उसके बाद भारत सरकार ने ये introduce किया है अपने definition of war में कि इस तरह के आतनकवादी
04:06हमले भले ही वो non state players के द्वारा किये जा रहा हो regular army पाकिस्तान की नहीं है फिर
04:13भी हम इसको act of war मानेंगे पाकिस्तान की खिला और हम इस war के act का माकूल जवाब देंगे
04:20मतलब armed response किया ज
04:24जिसको कि फिर पाकिस्तान ये बोल सकता है international forums में कि इंडिया ने हम पे हमला किया है और
04:31वो activate कर सकता है ये सुनी NATO को कि आप लोग साओधिया हमें पैसे दे तर्किया हमें F-16
04:37दे क्योंकि पाकिस्तान को जो F-16 अमारिका ने दे रखे हैं उनके साथ एक caveat लगा हुआ है कि
04:43वो
04:53इंडिया को बहुत ज़्यादा alarm होने की जरूत नहीं कि अभी ये pact शुरू होने से पहले ही खतम होने
04:58के चांसे था बहुत कोशिश की गए थी इसमें Syria को भी include करने के लिए लेकिन अभी तक तो
05:03ऐसा हुआ नहीं है और ये तीनों countries के पास अपने उपने challenges है अमेरिका का pressure है क
05:09साथिया और पाकिस्तान और तुर्किये ये Abraham Accord को sign करें अगर तुर्किये को F-35 चाहिए तो रशा से
05:18खड़ी दे गए S-400 को वापस करें deactivate करें disuse करें फिरी F-35 मिलेंगे क्योंकि इस पे इसराइल
05:26ने भी अपनी एक नाराज़गी जाहिए ती तो अमेरिका ने retract किया है ट
05:38तुर्किये को पास पैसे हैं और इनका बिजनेस इंट्रेस्ट अमेरिका के इन हाड़वेर्स को बेचने में लेकिन उनके यहां अपना
05:44एक पैक्ट है एक्ट है कॉंग्रिस का कि अगर किसी दुश्मन देश के हथियार किसी देश ने खरीद रखें तो
05:53उनको F-35 नहीं बे�
06:05कर दी थी विदिन 48 आज उसको भी विड्रॉ किया यह तभी हम बनाएंगे जब साओधी अरेबिया अबरहाम एक्ट को
06:14साइन करेगा तो एज आफ नौ यह लेटिस्ट जो डेवलप्मेंट है रिगार्डिंग सुन्नी नाटो जी वह बाद बलकुल डॉक्टर रिस्ताब
06:24जी
06:35अपने में ही कुछ अंतरदों हैं बहुत जादा कि जैसे की आहूती विद्रोही जब लगातार हमला कर रहे हैं साओधी
06:41एरब पर तो पाकिस्तान क्या बचाने आ रहा है कोई गड़बंधन के हिसाब से उससे जाना चाहिए और पुराना इतिहास
06:47भी देखें तो यमन पर ज
06:50देना बेजने से इंकार कर दिया था बकाइदा पाकिस्तानी संसद में उसको लेकर प्रस्ताओ भी लाया गया था इसके लावाँ
06:56तुर्किये को किससे खत्रा हो सकता है एक तो पहले से वो नेटों का सदस है दूसरी बात अमेरिका ने
07:02बहुत सारे खुद हत्यार वहां पर �
07:06वो खुद उसकी सहायता के लिए आएगा रही बात पाकिस्तान की तो पाकिस्तान तो खत्रों से जूजी रहा है क्या
07:13उसे आर्थिक मदद मिल सकते है इसी बहाने
07:17देखिए बहुत अच्छा अपने क्रेशन पूछा है वैवब जी सबसे पहले तो ये कोई एक कॉमन गोल या कॉमन ऑप्जेक्टिव
07:25जो मक्का कह लिजे एक और्ड बना है या मक्का त्रिगूट बना है इसका कोई ऐसा कॉमन ऑप्जेक्टिव तो है
07:34नहीं हर किसी के अपन
07:35अपने इंट्रेस्ट हैं तो कोई भी ऐसी संस्था खास कर के defense Deal जब बनता है जब उसमें कोई common
07:42strategy होती है या objective होता है तो जादा effective होता यहां तीनों के अपने अपने इंट्रेस्ट है और कई
07:49इंट्रेस्ट इनके जो हैं वो class कर रहे हैं For example Saudi Arab क्या वो India के against में आइगा
07:56बिलक�
08:05भी दिये तो सावुदी अरब नहीं आएगा तुर्किये भी हमारे से व्यापार बहुत करता है वो निश्ची तुरुप से पाकिस्तान
08:14को उसने सपोर्ट किया ओपरेशन सिंदूर में हजार से उपर ड्रोन्स दिये हैं टेकलोजी दिये हैं वो सारे इन्फरमेशन हैं
08:22लेकिन
08:23खुल के तुर्किये क्या इंडिया के अगेंस्ट में आएगा ऐसी संभावना नहीं है मुझे लगता है ये पाकिस्तान की गिरगिराहट
08:30एक तरह से कह लीजिए और उसके यहाँ जो अभी कटोड़ा लेके मैंनों पैसे मांगने की जो वहाँ एक तरह
08:37से कह लीजिए भुकम
08:52पिछले सेप्टेंबर में साओधी अरव के साथ पाकिस्तान ने किया हुआ था उस समय तो तुर्की नहीं आया और उसके
09:00बाद अभी 6-8 महीने इनको लग गए तुर्की को ऑन बोर्डिंग करने में जबकि जिप्ट जो मिसर है मिसर
09:07की बाचीत इनको उसी समय से चल रही थी
09:10लेकिन मिसर अभी तक नहीं आया है मिन्स उसके और जो अबजेक्टिव एक त्रीगुट के हैं वो मेल नहीं खाते
09:18इसलिए मिसर ने लास्ट मोमेंट में कह लिजिए इसमें जोईन करने से नकाड दिया
09:24दूसरी तरफ और भी जो गल्फ के या अरब के देश हैं इसको कुछ लोग अरब नाटो कहते हैं सुनी
09:31नाटो जैसा सहाई सर ने कहा मुझे तो लगता है ये कुछ भी नहीं है उसमें से ये अपने अपने
09:37इंट्रेस साधने की कोशिस है निश्चित रूप से पाकिस्तान �
09:41देखिए एक पॉपलस कंट्री है उसके पास पॉपलेशन है उसके पास सेना है धेर सारे पड़े हुए है ऐसे भी
09:48वो साउदी को अपनी सेना अभी उसने अपने सैनिक दिये है और उसके वज़ में अच्छे खासे वो पैसे ले
09:54रहा है तो वो भाड़े का टट्टू एक त
10:07सपोर्ट देने की स्थिति में है दूसरी तरफ तुर्की के पास टेकलोजी है तुर्की के पास और भी बहुत सारे
10:13ऐसे इनो सीप बिल्डिंग का उसका बहुत बड़ा है सैनिक उसके पास है और एक स्टेटिक लोकेशन है निश्ची तुरूप
10:20से लेकिन तुर्की को जरु
10:37कई ऐसे इतिहास में कई है पाकिस्तान और मिडिलिस्ट के देश कई ऐसे संस्थाएं संगठन डिफेंस को लेके बनी है
10:44जैसे सियटो है सेंटो है इस तरह के कई संस्था बने और बनके खतम भी हो गए कोई उसका हासिल
10:52वैसा नहीं हुआ तो मुझे इसमें बहुत ज्यादा
10:55वैसा नहीं दिखता है कि ये हैविनेश होगा लेकिन कहीं न कहीं राष्टपती ट्रंप की सहमती होगी क्योंकि उनकी बॉखलाहट
11:04छटपटाहट उनको एगजीट करना है यहां से तो ये वो हो सकता है कि बैलेंसिंग एक्ट की कोसिस करें कि
11:11ये संगठन बाबल मंदेव मे
11:14होतियों को बैलेंस करने की कोसिस करें जहां जबकि अमेरिका साइद हॉर्मूज में ज़्यादा फोकस कर पाए तो इस तरह
11:21के कुछ एजेंडा हो सकते हैं लेकिन मुझे लगता है बिना अमेरिका की सहमती के ये संगठन नहीं बना होगा
11:29बिल्कुल आपने बिल्कुल सही बात कही कि पहले से बहुत सारे संगठन बने थे और उनकी कोश्चे भी हुई थी
11:34लेकिन कुछ सफल नहीं हो सका
11:36सहाय सर बहुत सारे नाम है OIC पहले से ही इसलामी दुनिया का सबसे बड़ा संगठन है 17 मुलक उसके
11:42हिस्सा है
11:43अरब लीग है GCC है D8 है तमाम इसे संगठन पहले से बने हुए है लेकिन उनाम मात्र के संगठन
11:49है बैठक होती है सलाना बैठक होती है उसमें 2-3 बड़े बयान दे याते हैं बाकी कुछ खास इससे
11:55हासिल हो रहा है किसी देश को वो तो नहीं है क्या ये जो नया संगठन ब
12:13इस्लामिक देश जो है वो इसका हिस्सा बनना चाहते हैं धीरे धीरे और विस्तार लेगा और ये नेटों को भी
12:20पचार देगा ऐसा दावा कर रहे हैं वो लोग
12:25देखें वैब इस तरह के किसी भी दावे को एक परस्पेक्टिफ में देखना पड़ता है हमें मालूम है कि पिछले
12:35कई दश्चकों से पाकिस्तान जिसको मैं परसनली एक फेल्ड एकॉनमी और उसकी वज़े से फेल्ड नेशन मानता हूं जिस तरह
12:45का उनका डेट ट्रैप ह
12:46कि IMF से, World Bank से, America से, Saudiya से, UAE से लोन लेकर और previous existing loans को उसमेरी
12:54interest को pay करते हैं इसको debt trap होते हैं उसमें है ये nation अभी भी 10-10 billion के
12:59दो इन्होंने मांग रखे हैं Saudiya से, America से for various purposes कि हमें UAE के तीन billion डालर वापस
13:04करने पड़े तो पाकिस्तान आज से कुछ दश्कों पहले से एक उन्हो
13:12bomb का कि हम परमाणो bomb बनाएंगे और पूरे Islamic world को उसके cover देंगे काफी दिनों तक चला और
13:21उसके एक दो scientist को eliminate किया गया फिर उसमें international pressure बहा Islamic bomb did not go anywhere पाकिस्तान
13:28ने कुछ छोटे मोटे low potency bombs बना के रखे हूँ है nuclear की बात कर रहो इसी तरह जब
13:34ये phobia खतम हो गया तो इन्होंने
13:40एक गजबाय हिंद करके था कुछ न कुछ fantasy जिनकी रहती है इसमें कितना depth है उनके पत्रकार कितना इसमें
13:47deep research करते हैं कुछ ऐसी agencies जो इस तरह की topics पे fellowship देती हैं पाकिस्तानी scientists को पाकिस्तानी
13:56international affairs के experts को पाकिस्तानी media को इन मुद्दों को जिलाय रखने के लिए इस वज़े
14:10countries आ जाएंगे तो इनको यह अच्छे से पता है हमें पता है open source information है कि चार का
14:16plan था एक ने withdraw कर लिया तीन के हैं और उसके साथ ही साथ overlap कर दिया नाटो के
14:22साथ कि नाटो में भी वही articles हैं इन में भी वही articles हैं इसलिए मैंने अपने opening में बताया
14:27कि इसमें से कौन सा active करेगा तु
14:39यह कैसे हो decide करेंगे या दोनों को बोलेंगे सारे ही आ जाओ मतलब it's a very funny kind of
14:44a very shallow kind of understanding क्योंकि आपको clarification देना पड़ता है इस तरह के major steps अगर आप कोई
14:51लेते हैं तो जैसा कि अजिताब सर ने भी बोला कि यह personal interest, personal leadership crisis, it is as
15:00bad as that कि जनरल मुनीर को अपनी एक औकात बढ़ानी है, �
15:06अपना status stretcher बढ़ाना है international arena में तो उसके लिए वो maneuver करके यह दिखाना चारें कि जब हम
15:12Islamic countries के लिए हम एक alliance बना रहे हैं, अंदर ही अंदर उनको यह पता है कि यह alliance
15:17सिर्फ Israel focused है primarily और हो सकता है कि पाकिस्तान उसमें इंडिया को भी रखता हो कि ऐसे future
15:23developments में हमको साओधिया से प
15:36हो रहा है साओधिया और इरान के बीच की लड़ाई में और उसमें fail करता हो दिख रहा है और
15:40इसी लिए यह दोड़के इरान गया है कि कूटीज को रुकिए साओधिया पे नहीं मारें क्योंकि हमारा यह pact है
15:46और इससे और भी मतलब दो नावों पे चड़ने वाली बात है foreign policy
15:52analyst इसको एक minute में बता देंगे कि इसमें कोई ऐसी depth नहीं है mutual एक दूसरे का patting the
15:59back कर रहे है अपना structure बढ़ाना चाह रहे है और basically इसराइल को यह बताना चाह रहे हैं कि
16:05जी हम आपके खिलाफ इकठा होते जा रहे हैं क्योंकि इरान और GCC के बीच के conflict के बाद इसराइल
16:11का domination इस
16:16proxies की read टूटी हुई है military hardware में, military supply lines में, उनके economic support systems में इसलिए इनको
16:23ये डर लगा कि इसके बाद unilaterally इसराइल इन सारों को dominate ना कर दे तो इन्होंने उस panic में
16:29ये बनाया है साथ के साथ इंडिया को पाकिस्तान cover करना चाहेगा वो दशकों पुरानी बात है तो ये this
16:34is as far as ये
16:46तरफ से कुछ drones भेजे गए थे या कुछ और तक्निकी सहायता भी दी गई थी पाकिस्तान को, अगर मान
16:53लीजे भविश्च में हमारा पाकिस्तान के साथ कोई और योद्ध होता है, तो तुर्किये सहायता दे देगा, पिछली बार दिया
17:00था, इस बार भी दे देगा, साओ�
17:15चाहे पीस टाइम में या वार टाइम में, गल्फ कंट्री से ज़्यादा एक्सपैंड करके वेनेजुला और रश्या की तरफ नहीं
17:23ले गए, या सेल्फ डिपेंडेंसी नहीं बढ़ाई, चाहे वो E20 से बढ़े, E30 से बढ़े, अंडमा निकोबार में नए तेल्प
17:29के बं�
17:45हो दिया के हो या इरान के हो, उस वक्त इंडिया के प्रती उनका रुख क्या होगा, ये मैं किसी
17:52भी कॉमन सेंस वाले इंसान के विवेक पर छोड़ना चाहूँगा, लेकिन अगर तो ये कभी ऐसा डिसाइड होता है कि
18:00ये एक इसलाम वर्सेस भी रिस्ट का वार है, तो इस
18:15काफी दर्शकों को पता नहीं है, ये मालूम है कि तुर्किया इस नौन इसलामिक कंट्री, और फिर भी पी ओ
18:21के पर, पाकिस्तान अड्मिनिस्टर्ट कश्मीर पर, और इंडिया के कश्मीर पर, उनका जो स्टैंड रहा है, वो जग जाहिर है,
18:29बात बात पर, इंटरनेशनल
18:42होता है पाकिस्तान पर, तो इंटेलिजन्स शेरिंग से लेके कुछ टेक्निकल सपोर्ट इन दे मिसाल सिस्टम्स, कुछ रॉकेट सिस्टम्स में,
18:49कुछ आर्मर जो हमारे आमर्ड ब्रिगेड्स होते हैं, तो खानों में इसरेल थोड़े मोड़े हेल्प करता रहा है, तुर
19:07तुर्किये डेफिनेटली पाकिस्तान की तरफ होगा, साओधी अरेबिया कुछ वक्त के लिए चुप रह सकता है, लेकिन अगर ये स्केलेट
19:13होगा, तो अब दो पैक्ट्स जो साओधी ने पाकिस्तान से किये हैं, एक बाइलेटरल और एक ट्राइलेटरल तुर्किये के सा
19:21उसे वो बात दे होंगे पाकिस्तान की साथ खड़े होने के लिए, क्योंकि अब उन्होंने लिखित में ये साइन करके
19:28दिया है, कि पाकिस्तान पे हमला, साओधीया पे हमला माना जाएगा, तो ये एक बहुत मेजर नया डवलप्मेंट है, जहां
19:34तक किताबों का सवाल है, �
19:35लेकिन इससे क्या उस वोर पे कुछ ज़्यादा फर्क पड़ेगा, not really, क्योंकि आज की तारीक में भी हम पाकिस्तान
19:41को उतना मीजर मिलिटरी थ्रेट नहीं मानते हैं, जब आमने सामने की लड़ाई हो, लेकिन पाकिस्तान का ठीक इरान की
19:48तरह है, ठीक लेबनान की तरह है
19:51जब इस सामने लड़ाई नहीं करते हैं, पीट में चाकू मारना, प्रोक्सी को भीजना, आतंकवादियों को ट्रेन करना पाकिस्तान में,
19:57और फिर जारे के समय में इंडिया में उनको ले आना, यहां पे स्लीपर सेल्स डवलप करना, आई एस आई
20:02का बंगला देश और ने�
20:16इसे से मैनेज कर लेती है, लेकिन पागिस्तान इस नाट अट मेजर मिलिटरी थ्रेट पर इस लिए इस पैट का
20:22बहुत डिरेक्ट इंपैक्ट इंडिया के उपर नहीं होना चाहिए, दो वी नीड तो बी कौशेस अबोंट इट, जी वैबा, बलकुल,
20:29अगले सवाल के और �
20:30हम इसलामिक दुनिया की बात कर रहे हैं, अब जासर के पास लते हैं, सर, इसलामिक दुनिया क्या आपको 2020
20:37के बात से ही बटी हुई नहीं दिख रही है, जैसे अभी हम इरान युद्ध के दौरान ही देख रहे
20:42थे, इसराइल और यूई के बीच रिश्टों में कुछ ज़्
20:47प्रगारता आ रही है, बहरीन भी उसी खेमे में जाता हुआ दिख रहा है, अब इन तीन देशों ने मिलकर
20:52अपना एक अलग गड़बंधन मना लिया है, इरान के अपने मसलें हैं, वो यूद्ध से जूज रहा है, उसके अलग
20:59कई सारे गुट संगठन हैं, जो उसके हिस्स
21:17सबसे पहले तो मैं बता दूँ, इस त्रिगुट की ही बात करें, तो ये तीनों के इंट्रेस्ट नहीं मिलते हैं,
21:24ये तो हमने पहले डिस्कस किया, लेकिन इनके इंट्रेस्ट क्लैस भी होते हैं और इनके बहुत सारे आपस में प्रॉब्लम्स
21:31हैं, जैसे मैं बताऊं अग
21:47अधनान खाशोगी उसका नाम था, तो ये बहुत बड़ा एक मुद्दा उठा था और तुर्की की काफी उसमें, कह लिजिए,
21:54साउदी अरब से छिछाले दर भी होई थी, बहुत ज़्यादा तना हुआ था, तो एक जस्ट एक्जामपल में दे रहा
22:01हूं कि ऐसे से कई हैं क
22:04इनके आपस में, जो इनको जोडने से अलग करने में भी टाइम नहीं लगाएंगे, एक छोटी सी चिंगारी और इनके
22:12अपने इंट्रेस्ट दिख जाएंगे, क्योंकि तुर्की चाहता है कि यो यूरोपिय बने, यूरोप से जुड़े, और इसी लिए नेटो और
22:19उससे ज
22:34जाने की आदत है, तो इसको देने के ही बात होगी, इससे कुछ मिलेगा इन देशों को, ये पहले भी
22:40नहीं हुआ है, और अभी भी दिखरा है, लेटेस्ट एक्जामपल है कि ये त्रीगुट बनने से चीक 48 गंटे के
22:48अंदर, साओधी अरब के सबसे बड़े दुनिया के इ
23:04इकोनामी में, तो सोचिए इतने बड़े गैस ठीकाने पे हुतियों ने अटेक किया, जबरदस्ट अटेक किया, दूसरी तरफ हुतियों ने
23:12यमन में जो साओधी बैक्ट सरकार है, उसके एक बहुत बड़े पोर्ट पे जो इस्टेजिकली बहुत इंपॉर्टेंट है, अल
23:34साओधी में ओलरेडी डिपलॉइड है, क्या कर लिया पाकिस्तान ने, तो ये दिखाता है कि पाकिस्तान की भी अपनी सिमाएं
23:42हैं, और वो बहुत ज़्यादा खुल के ऐसा नहीं कर पाएगा, टैसीट शुपचाप सपोर्ट तो पहले भी तुर्की ने पाकिस्तान
23:50को दिय
23:50है, ओपरिशन सिंदूर में जैसा हमने डिसकस किया, साओधी भी गाहे बेगा है, पैसे से मदद करता रहता है, लेकिन
23:58वो जब पाकिस्तान हमेशा उनके पास कटोड़ा लेके जाएगा, तो कितना देंगे, जब खुद उन पे बनाएगी, दूसरी तरफ आपने
24:06जो भारत क
24:07बात की, तो आप समझ लिजिए, कि ये एक मुस्लिम देश कभी भी इकटे नहीं होंगे, भारत के साब अगेंस्ट
24:14में तो कभी नहीं होंगे, आज आप देख लिजे, इरान भी तो एक मुस्लिम देश है, क्या इरान के साथ
24:20एक भी, जो OIC कहते हैं, और्गनाइशन ओफ इस
24:37मुस्लिम देश एक दूसरे को सपोर्ट नहीं करते हैं, बात बनाई होती है, गजा में क्या हो गया, गजा में
24:43कितने लोग आ गए इसराइल के अगेंस्ट में लड़ने के लिए, मुस्लिम अगर एकता की बात की जाए, उम्मा की
24:49बात की जाए, तो कितने लोग आए वहां प
25:07पाँच देसों का एलाइंस की भी बात हो रही है
25:10हाला कि वो भी कंक्रीट नहीं है
25:12लेकिन संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता
25:14क्योंकि भारत का इजराइल के साथ तो रिलेशन है ही है
25:18इसके अलावा जो युनान है ग्रीस जिसको हम कहते हैं
25:22साइपरस वहाँ पे है उसको भारत ने आगे बढ़के सपोर्ट किया है
25:26तो ग्रीक कह लिजे साइपरस कह लिजे इसराइल कह लिजे और युएई
25:32युएई तो हमारा बहुत बड़ा पार्टनर है
25:34आज वहाँ देख लिजे 50 लाग के लगवग हमारे इंडियन सी युएई में है
25:38तो युएई और भारत ये 5 देशों का संगठन अगर बन जाए
25:42तो ये किसी पे भी भाड़ी होने के लिए काफी है
25:46लेकिन इस संभावना मुझे नहीं देखती
25:48मुझे लगता है ये ज़्यादा ऑप्टिक्स है दिखावा है पुस्चरिंग है
25:52इससे ज़्यादा कुछ नहीं हो सकता
25:54इरान के अगेंस्ट में जब ये कुछ नहीं कर पा रहे हैं
25:57और कुछ नहीं करेंगे
25:59तो आगे की क्या चुक्कियों की देखिए
26:01इरान इतना मजबूत है
26:02उसने अपने प्रॉक्सीज हर जगह बिठा रखे है
26:05चारो गिसाओं में
26:06उसके प्रॉक्सीज चाहे आप वो
26:08पलिस्टाइन की बात कीजिए यमन की बात कीजिए
26:11शिरिया की बात कीजिए इराग की बात कीजिए एक तरफ तो खुद वो बैठा हुआ है तो इरान इतना काबिल
26:17है और इतना उसके पास इतनी छमता है कि पाकिस्तान को कभी भी वो कंट्रोल कर सकता है और ध्यान
26:23रखिये कि पाकिस्तान का 900 किलोमीटर का बॉर्डर इरान से मिल
26:27अगर पाकिस्तान ने कुछ भी ऐसी की इनों हरकत तो इरान उसको छोड़ने वाला नहीं है और इसलिए पाकिस्तान के
26:36लिए मुझे लगता है आगे जाके कहीं गले की हड़ी न बन जाए
26:42मुझे लगता है तो सुद्थ्चै कीषि लाट यंटा यंडड़ की डासी ब dirिए सुभंडट यंटर साद्न आपकिस्तान न मुझे खूस्रासी
26:51जाल पाकिस्तानी डम्हार जड़ीघ कीऊ march श़पे chi数ता है