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Kenya में प्रस्तावित Ebola quarantine center को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। America की योजना थी कि Ebola exposure वाले नागरिकों को Kenya की एक facility में quarantine किया जाए। लेकिन इस फैसले के खिलाफ लोगों ने सड़कों पर उतरकर विरोध शुरू कर दिया। Kenya High Court ने भी फिलहाल इस योजना पर रोक लगा दी है। क्या यह स्वास्थ्य सुरक्षा का मामला है या राष्ट्रीय संप्रभुता का? जानिए पूरी कहानी और इस विवाद के पीछे की बड़ी वजह।

Hundreds of protesters in Kenya have taken to the streets against a proposed Ebola quarantine facility linked to U.S. citizens exposed to the virus. The Kenyan High Court has temporarily suspended the project, citing concerns raised by legal and constitutional groups. Supporters argue the center will strengthen public health preparedness, while critics fear additional health risks and question why Kenya should bear the burden. Watch the full report.

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~HT.410~ED.276~GR.538~VG.HM~

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00:00क्या आप मानेंगे कि अमेरिका अपने एबोला एक्सकोर सिटीजन्स को घर आने के वजाए कि एफिकिन देश भेजने की त्यारी
00:06कर रहा है और अब उस फैसले के खिलाफ केन्या की सडकों पर लोग उतर आए हैं
00:11सवाल ये है कि आखिर अमेरिका को केन्या ही क्यों चाहिए और केन्या के लोग इतने गुस्ते में क्यों हैं
00:17नवस्कार मैं हूँ जस्वी कौशिक और आप देख रहे हैं वन इंडिया हिंडी
00:20केन्या के सेंचल टाउन नान्यूकी में हंड्रेद्स ओफ यंग प्रोटेस्टर्स लेकी पियायर बेस के बहार जमा हुए
00:27उनका विरोज एक प्रपोस्ट एबोला कॉरंटाइन सेंटर को लेकर है
00:30अमेरिका की प्लानिंग थी के बोला के कॉंटाइक्ट में आये अपने सिटीजन्स को केन्या के स्वेसिलिटी में कॉरंटाइन किया जाए
00:37इंस्टेड ओफ लाइंग देम बाक टु यॉनाइट स्टेट्स लेकिन कहानी यहीं खतम नहीं होती
00:43केन्या हाई कोट ने दो दिन पहले ही स्वेसिलिटी और फॉरंट पेशिंस के अराइवल पर टेम्प्ररी स्टे लगा दिया है
00:49पोट अब इस मामले के सुनवाई करेगा
00:52प्रोटेस्ट का असली रीजन क्या था आईए जानते हैं
00:55केन्या की लॉ सुसाइटी और एक कॉंसिटूशनल वॉच्ट डॉक ने कोट में पिटीशन पाइल की थी
01:00उनका कहना था कि केन्या का हेल्प केर सिस्टम अल्रेडी प्रेशर में है
01:04उनका सवाल सीधा है जब देश अपने हेल्ट चैलेंजस से जूज रहा है
01:08तो फॉरन इबोला रिलेटेड केसिस का रिस्ट क्यों लिया जाए
01:11इसी कंसर्न के बाद कोट ने फैसलिटी को टेंपरी बेसिस पर सिस्पेंड कर दिया
01:16लेकिन मंडे को भी लोग सड़कों पर उतर आए
01:19प्रोटेस्टर्स एंटी बोला स्लोगन्स लगा रहे थे
01:22और डिमांड कर रहे थे कि गवर्मेंट इस प्लान को पूरी तरह रिजेक्ट करे
01:26लेकिन एक मिनिट क्या ये सिर्फ हेल कंसर्न है या फिर नाशनल सोवर्निटी का भी मुद्दा है
01:31एसोसियेटड प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक यूएस ओफिशल्स ने बताया था कि अमेरिका एबोल एक्सपोजर वाले अपने सिटीजन्स के ले
01:38केन्या में एक डेडिकेटड कॉरंटाइन फैसिलिटी एस्टेबलिश करना चाहते हैं
01:43प्लान के हिसाब से लेक्पिया एयर बेस पर फिफ्टी बेट कॉरिंटाइन सेंटर ऑपरेशनल होना था
01:48इसके साथ ही अमेरिका ने केन्या की बोला प्रिपेर्टनेस एफर्ट्स के लिए 13.5 मिलियन डॉलर सपोर्ट देने का भी
01:56प्रॉमिस किया है
01:56यानि वाशिंग्टन का आर्गूमेंट है कि ये सिरफ अमेरिका के लिए नहीं बल्कि केन्या के हेल्थ इंफ्रस्ट्रक्चर को स्ट्रेंट्सन करने
02:03का भी एक मौका है
02:04जैसे ही ये कॉंट्रवर्सी बड़ी केन्या के हेल्थ मिनिस्टर एदिन ड्वाले ने क्लैरिफिकेशन दिया
02:09उन्होंने कहा कि ये कॉरिंटाइन सेंटर सिरफ अमेरिकन सिटीजन के लिए नहीं होंगे
02:14बलकि ये सब के लिए होंगे और इसको अब्जेक्टिव पब्लिक हेल्फ प्रिपेर्डनेस को इंप्रूफ करना है
02:19लेकिन प्रोटेस्टर्स और प्रेटीशनर्स इस एक्स्परनेशन से पूरी धरा सैटिस्फायर नहीं दिख रहे
02:25उनका मानना है कि एबोला जैसे डेट्वी डिसीज के मामले में एक्स्ट्रा कॉश्टिन जरूई है
02:31और इसी वज़ासे इशू अब फोर्ट, गवर्मेंट और पप्लिक ओपीनियन के बीच एक बड़ा डिबेट बन गया है
02:37तो बड़ा सवाल यह है कि अगर फैसिलिटी हेल्थ सेक्यॉरिटी के लिए है तो लोग अपोस क्यू कर रहे हैं
02:42और अगर लोगों की चिंता सही है तो अमेरिका को अल्टरनेटेव अरेंच्मेंट क्यू नहीं ढूणना चाहिए
02:48एक तरफ सपोर्टर्स कहते हैं कि कॉरिंटाइन फैसिलिटी से इबोला प्रिपेर्डनेस इंप्रूफ होगी और इंटरनाशनल कॉपरेशन मस्बूत होगी
02:56तो दूसरी तरफ फ्रिटेक्स का कहना है कि केन्या को दुनिया के हेल्टर्स का डंपिंग ग्राउंड नहीं बनना चाहिए
03:02पैशली जब लोकल हेल्ट केर सिस्टम्स पर अल्रेडी प्रेशर हो
03:06दोनों आर्ग्यूमेंट्स में लॉचिक है लेकिन फाइनल फैसला कोट और पॉलिसी मेकर्स को करना है
03:11आपका क्या मानना है क्या ग्लोबल हेल्ट एमरजेंसी में कंट्रीज को मिलकर काम करना चाहिए
03:17या देश को अपने सिटीजन की रिस्पोंसिबलिटी खुद उठानी चाहिए
03:21फिलाल के इन्या में इबोला कॉरंटाइन सेंजल को लेकर
03:25कॉंट्रोवर्सी और प्रोटेस्ट दोनों ही जारी है
03:27और सबकी नजरे कोट के अगले फैसले पर टिकी हुई है
03:30आप इस मुद्दे पर क्या सोचते हैं
03:31कमेंट सेक्शन में जरूर बताइए
03:33आप देख रहे हैं वन इंडिया हिंडि
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