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  • 2 months ago
उत्तर प्रदेश में SIR की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। फाइनल वोटर लिस्ट भी आ चुकी है, लेकिन वाराणसी में अभी भी ऐसे परिवार हैं, जिनका नाम वोटर लिस्ट में नहीं हैं। सामाजिक कार्यकर्ता जागृति राही उनमें से एक हैं, जिनका नाम एसआईआर के बाद की वोटर लिस्ट में नहीं है। दरअसल जागृति सर्व सेवा संघ से जुड़ी थीं, और 2023 में इस पर बुलडोजर चलने और मामला कानूनी पचड़े में फंसने के बाद जागृति के सामने पते का संकट खड़ा हो गया। मगर यह सिर्फ जागृति राही का मामला नहीं है, ऐसे बहुत सारे परिवार हैं, जो सर्व सेवा संघ से जुड़े थे। नवजीवन ने इस मसले पर सामाजिक कार्यकर्ता जागृति राही से बात की - देखिए यह वीडियो

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00:00कि इस पूरी प्रक्रिया को लेके बहुत बड़ा सवाल है और दुख इस बात का है कि तमाम जो बड़े
00:06सामाजिक कारे करता हूँ, वकील हूँ, इस देश के विपक्ष के नेता हूँ, सबने सुप्रिम कोर्ट तक में दखल दिया,
00:13कहा बिहार चुटाओं के पहले काफी सारी स
00:27कि जिन लोगों के नाम वोटर लिस्ट से डिडिट होंगे, उनको किसी भी सरकारी योजना में लाब नहीं दिया जाएगा,
00:33उनको किसी तरह से नागरिक के तौर पर जो कुछ भी मिलता है, उसको चीन लिया जाएगा, तो ये एक
00:38डराने वाली बात है, उन हजार बारा सो में
00:55नेशनल हेराड नोजीवन और कौमियवाज की साजा पेशकस, आज हम जो है यूपी में हुए SIR पर बात करेंगे, क्योंकि
01:02जो फाइनल वोटर लिस्ट से ये SIR के बाद वो आ गई है, लेकिन खबरे ऐसी हैं कि बहुत सारे
01:10लोगों का नाम जो फाइनल वोटर लिस्ट है, �
01:12उसमें नहीं है, उसमें जागरिती राही जी भी हैं और ये सर्व सिवा संग भवन जो वारानसी के राजगाट परिस्थित
01:21था और दोजार टेईश में जिस पर बुल्डोजर चला गया, चला चलाया गया और जो गांधी और लोहिया की वीरासत
01:29था, उसका नामों निसान मि
01:34दावा किया और फिर जिलाधिकारी ने जो है सर्व सिवा संग भवन के दावे को खारिच कर दिया, उसके बाद
01:42उस परिसर में बहुत सारे लोग थे जो बेघर हो गए और आमने सामने की जो बस्तियां थी उन पर
01:48भी बुल्डोजर चला, लेकिन सवाल ये है कि जो लोग सर्
02:04जो वोटर लिस्ट में नहीं है और इनकी संख्या जो है एक दो नहीं बलकि सर्व सेवा संग से जो
02:11जुड़े परिवार हैं, उनकी संख्या ही चालिस से जादा है, बाकी वो समाजिक तोर पर सक्रिये हैं, वारानसी के ग्रामेर
02:18इलाकों में काम करती हैं, और उनका कहना है कि
02:21अल्प संख्यक संगुदाइस के जो लोग हैं, अभी भी बड़ी संख्या में वोटर लिस्ट से बाहर हैं, उनका अनुखो क्या
02:29रहा है और उन्होंने क्या समझा है, इस बारे में बात करेंगे, जागरिती जी आपका स्वागत है, और आप सर्व
02:37सेवा संग वाहन से जुड
02:50से आपके परिवार को वोटर लिस्ट में जगाया नहीं मिली, धन्यवार नलाल जी, पहले आप लोग इस चैनल के मादम
03:03से इस मुद्दे को उठाना ये उसके लिए शुक्रिया, क्योंकि ये बहुत ही डिस्टर्विंग है हमारे लिए खास करके, परसनल
03:12लेवल पे ही नहीं
03:13जिस तरह से मैं एक सामाजिक राजनीतिक करता के रूप में काम कर रही हूँ, तो एक शायद मुझे लगता
03:20है कि इस देश में इस समय सबसे बड़ा मुद्दव होई है, जिसमें हमारे नागरी कतिकारों की कटौती की जा
03:26रही है, और सीदे सीदे जो है एक तरह से लोग कंत
03:43बुरा अनुभव से मैं गुजरी हूँ, इस तरह से मैं कह सकती हूँ, कि इस पूरी प्रक्रिया को लेके बहुत
03:49बड़ा सवाल है, और दुख इस बात का है कि तमाम जो बड़े सामाजिक कारे करता हूँ, वकील हूँ, इस
03:55देश के विपक्ष के नेता हूँ, सब ने सुप्
04:13कोई कारवाही नहीं हुई, 27 लाख लोग अगर वोट नहीं दे रहे हैं, तो ठीक है कोई बात नहीं आप
04:17अगली बार दे दीजिएगा, तो हर प्रदेश में इस तरह से नामों को हटाया गया है, दूसरा, जो मुझे बड़ा
04:24सवाल है, मैं अपनी व्यक्तिकत बात पर बात म
04:27में आऊंगी पहले, वो ये कि आपने जंगरना नहीं कराई है, आप जंगरना बाद में करा रहे हैं और SIR
04:34पहले करा रहे हैं, ये बहुत बड़ा कंट्राडिक्शन है अपने आप में, पहले तो आप इस देश के जंगरना कराएंगे,
04:42लोगों को कौन हिंदुस्तान में है,
04:45कितने हैं ये तै करेंगे, उसके बाद ना उनको वोटर के तौर पर उनकी पहचान और उसको ले करके करेंगे,
04:52और SIR कोई पहली बार तो हो नहीं रहा, ये एक आम प्रक्रिया थी जिसमें जो मृत हैं या जो
04:58ट्रांसफर हो गये हैं, लोग इस प्रक्रिया से सहज्टा से ग
05:14बाहर किया गया, उसका खामियाजा बहुत बड़ी संख्या में मिला और उसका लाव सीधे सीधे जो सत्ता में बैठे लोग
05:21हैं वो ले रहे हैं, ये बार बार थाबित हुआ है, चाहे वो कॉंग्रेस हो, चाहे और लोगों ने, खासका
05:29कॉंग्रेस नी जिस तरह से इस पु�
05:44होंगे उनको किसी भी सरकारी योजना में लाव नहीं दिया जाएगा, उनको किसी तरह से नागरिक के तोर पे जो
05:50कुछ भी मिलता है, उसको चीन लिया जाएगा, तो ये एक डराने वाली बात है, मैं जब बात कर रहे
05:55थी लोगों से तो आम तोर पर लोग इस बात से घबड
06:12शाकरे हुए हैं, और खाले मुसलिम की ही बात नहीं है, उसमें बहुत बड़ी संख्या में वो लोग हैं, जो
06:19मजदूर है, जो बाहर कमाने जाते थे, अब वो कहा से, वहा से, गुजरात से, सा Fragen से, दोड़ दोड़
06:25के यहां से बहुत बड़ी संख्या में बूं कर जाते है
06:27तो वो दोड़के आएंगे यहां करवा पाएंगे यह बहुत बड़ी मुश्किल है क्योंकि कोई एक टाइम था नहीं तीन बार
06:35चार बार डेट्स वगरा डिकलेर हुई लेकिन कोई निश्चित समय नहीं था और ना सबसे बड़ी दिक्कती है कि फॉर्म
06:42सेवन फॉर्म सिक्स
06:43की उपलबदता नहीं है एक दिन अचानक मैंने देखा कि मेरे घर के पास जो भाजपा का कारेकरता है उसके
06:49घर पे बेलो बैठा हुआ है और लोग महले के जुट रहा है तो मैं उसके पास गई मैंने का
06:54भाई मैं ऐसे से अभी यहां शिफ्ट हुई हो मुझे फॉर्म दीज
07:11का तो काया नहीं नहीं आपका नाम जोड़ दिया जाएगा ऐसा क्या है आप पहले पीला कार्ड अपने घर का
07:17आवास का आवास का बना लेके आए और आवास प्रमांट पत्र लेके आए वह सबसे लिखवाने में ही तीन-चार
07:24महीन लग गए नगर्विक हम बना के देने को �
07:27साज ही नहीं है हम किराया मतलब खरीदा हुआ मकान है सोटा सा प्लैट है सरकारी और उसके बाद उसकी
07:35जो है कागज रजिस्ट्री हुई पड़ी है हम बिजली बिल भर रहे हैं पानी का टैक्स भर रहे हैं पानी
07:41टैक्स भरने के लिए आपको पीला कार्ड चाहिए और वह �
07:48दोड़ाते रहे हैं यह कि आपको बना के मकान नंबर अलॉट नहीं करेंगे वह मकान नंबर अलॉट कराते कराते हमारी
07:54प्रक्रिया पूरी इतनी तीले हुई उसके बाद जब हम लेके पार्षद के पास पहुँचे तो उन्होंने कहा कि भीजेपी के
08:01ही पार्षद है कि हा�
08:03जाएगा आपको फॉर्म दे देंगे फॉर्म नहीं मिला हम लोगों को फाइनली फॉर्म सिक्स नहीं मिला और मेरे बेटे का
08:10पहली बार नाम जाना था उसका भी नहीं दिया हम लोगों को आधार काट वगरे में सब नाम चेंज कराना
08:18था हमारे सारे डॉक्युमेंट में सरस
08:33यह जानना चाहरा हूँ कि जब आप काम के सिलसिले में जाती हैं लोगों के बीच में तो किन इलाकों
08:40में आपको यह लोग मिलते हैं जिनका नाम जो है वोटर लिस्ट में नहीं है और वो कौन लोग हैं
08:45क्या वो दलित समाज के हैं क्या वो माइनॉर्टी के हैं क्या वो मजद�
09:01का नाम वोटर लिस्ट में है वो चेक करता है कि है की नहीं है और फिर यह जिम्मेदारी उसी
09:06के पास आ जाती है कि वो अपना नाम जुड़वाए
09:10क्योंकि मैं खुद परिशान हो रही हूं तो मुझे यह समझ में आ रहा है और मैं इस चुनाव से
09:20पहले मैं नखी घाट शेत्र में बात कर रही हूं चीदे सीदे उतरी में ही जो आते हैं और तमाम
09:26महले जो स्लम एरिया है और बुनकर बहुल और दलित कमिटी के लोग ज्याद
09:37के बाद मेरा एक काम था बालिका महिला सिक्षा को लेकर लड़कियों की सिक्षा को ले करके तो मैं उसमें
09:4612-1300 परिवारों के साथ मिलके काम कर रही थी उनकी लड़कियों को एजुकेशन देने का राजिव गांदी पॉंडेशन की
09:53मदद से तो मेरा घरों में जाना आना इ
10:07पिछले चुनाओ की हिट कहानी है कि वहां पर आम शिकायत यह थी कि हम लोगों के घर से एक
10:15लोगों का नाम है दो लोगों का नाम है और पता चला कि पूरे परिवार में 57 लोगों के नाम
10:20कट गए हर परिवार से हर मोहले कि मैं अगर एक जो कर सकते हैं कि एक जो पूलिंग �
10:31बूत है, वहां 1200 नाम होते हैं, आम तोर पे रहे हैं, उन 1200 में से 200, 300, 400 ऐसे
10:38नाम के जो काट दिये गए थे, पासकर मैं, चुकि उनके बीच काम करती हूं, उनकरों के बीच में जादा
10:45तर उनकी बात कर रहे हूं कि उनके परिवारों में आम तोर पर ये देखने को मिला, ये ब
11:00किया जाता है, पॉलिटिकल कार्यकरता भी शिकायत करते रहे, मुझे पास कई सारे, क्योंकि कॉंकि समधाय के लोग, उनको डर
11:10जादा है, इसलिए वो बहुत शिकायत करते रहे हैं, इस बात की हमारे पास, कि हम लोगों को वोटर लिस्ट
11:16अवेलेबन नहीं कराई जारी है,
11:18पार्टी से, और हम उस पे काम नहीं कर पा रहे हैं, हम को जिस तरह से करना चाहिए, और
11:23प्रक्रिया इतनी मुश्किल है कि लोगों का नाम डालवाना आसान नहीं होता, उसके लिए पूरा कैंपेन करने की और ब्रॉपर
11:30ट्रेनिंग होने की ज़रूरत है, तो ये शिकायत आ
11:47इतने काफी सारे वार्डों में शहर की बात करूँ, तीन विदान सभा है अमारी, तीन विदान सभा जो है लोग
11:55सभा की शेत्र में शहरी है, और उसके बावजूद जो पार्षदों की तरब से जो फ्रक्रिया चलाई जानी चाहिए, और
12:03कैंप लगाया जाना चाहिए, फॉ
12:06कहीं मुझे दिखाई नहीं गोते उए इस तरह से तो ये सक्रियता की भी कहीं न कहीं कमी है कि
12:13इतना बड़ा मुद्दा नेशनल लेवल पर नेटा उठा रहा है और उसके नीचे के इस तरफर ये चीजे प्रक्रियागत हमारी
12:20कमी रह जाती है कहीं न कहीं प्रधानों के इस त
12:36इट भटो पे खाम करने जाती है उन पैचारों के लिए रोज कमाना खाना जरूरी है वो दस बार नहीं
12:42तोड सकते हैं ना उनके अंदर इसनी अवेरनेस है इसलिए मैंने जब उनसे पूछना शुरू किया तो उनको
12:54कर दो मतलब वो बेचारे इनोसिंट जानते ही नहीं कि इसको किस तरह से उनके लिए क्यों जरूरी है वोटर
13:04की तौर पर उनकी पहचान बनी रहे और वोटर लिस्ट में उनका नाम रहे इसको लेकर वो उनको इतना प्रयास
13:11करना इस बात को अभी भी लोग नहीं समझ पाने ख
13:16वो इस तरह से, क्योंकि शादी हो गई, मापाप का मांग रहे हैं, वो कहां जाएगी बैचारी मजदूर और वो
13:24माईके जाकर और अपने मापाप का काड़ खोजेगी और उसके मापाप भी मजदूर बरक से हैं, वो कहां उतको दे
13:29पाएंगे, तो औरतों का नाम सबसे साधा �
13:32इसमें नुकसान हो रहा है, कि उनके परिवार में, मैं कई जगों घरों पे गई, तो उनों ने का हमार
13:37तो नाम हो हमारे और मतलब बोल रहे हैं, आदमी का नाम हो हमार नाम, और वो हो जाता है,
13:43ठीक है, आदमी का नाम हो हम नहीं देंगे, तो का हुआ, तो यह जो स्थिती ह
13:48है हमारे आदेश में इतनी जादा अशिक्षा है गरीबी है परिशानी है लोगों को उस स्थिती में जब इस तरह
13:55के सबसे दा मार उनी उनी वर्गों पर पड़ रही है दूसरा सामप्रदाई बेदबाव है जिस तरह का उसमें सीधे
14:03-सीधे उधर से इशारा है कि आप उन लो
14:17मिलता है तो वह उनी कम्यूनिटी इसका मिलता है और वह उनको उनमें से कम करना ही करना है अगर
14:24जीतना है कि जीतने का मार्जन तो कम हुआ है तो यह तो तैह है ना कि लोगों को टार्गेटेटे
14:30डिए आप यह कह रहे हैं कि जीत का मार्जन कम हुआ है उसको ध्यान में रख
14:47अब्रेल में तो उसमें उन लोगों का नाम नहीं है ऐसे आप बहुत सारे लोगों से मिलिए वह यह वाराणसी
14:56दच्छणी और वाराणसी उत्तरी की बात आप करें अच्छा-च्छा मैं एक चीज और जानना चाहूंगा कि जैसे की बात
15:06होती है कि वाराणसी जो एक प्रदान
15:17रेस्यो है वोटरों का वो काफी कम हो गया है तो आप जिस और इसारा कर रही है कि मुशहर
15:23समाज के जो अती धलित और अती ही मतलब गरीब लोग हैं
15:28उनकी महिलाओं का नाम नहीं उनके परिवार का नाम नहीं है और इसके लिए कोई काम करने वाला नहीं है
15:34उनकी कोई मदद नहीं करने वाला है और चुकि आप उनके बीच में काम कर रही है तो यह आपके
15:39लिए जो है एक ऐसी जानकारी है जो मतलब चुकि आप खुद ही पेड
16:01मैं इतना तो अन्नोन परसंड नहीं हूँ मतलब इतना तो लोग जानते ही है ठिक ताक तरीके से सबी लोग
16:09की संपर्क करें अपनी तरफ से कोई पूछे तो मुझे तक जब नहीं कोई पहुच पाया तो फिर उनके पास
16:16क्या ही पहुचेगा और वहां तो जिन बस्तियों में म
16:25क्या स्थिती है उत्तर प्रदेश की उत्तर प्रदेश में बिजली की महंगाई मतलब बिजली का मीटर अपने आप में मुद्दा
16:31है अब एक मुसाहर बस्ती में वहां पे और बहुत फेमस गाव की मुसाहर बस्ती है वह बनारा युपी के
16:39सबसे बड़े-बड़े डॉन लो
16:55और बगो हैं वो नहीं कर पा रहा है। तो पूचा गया कि वह उने उपाना वह पड़ेब ञेंगोसे के
17:01लिइस होगा और वह वहीं कर सकता है जो बिजली का करकाशने इस इस लिए बांतुरूराय ञाता है वह लामिए
17:17को और स्व कर दिजी अधर होगा।
17:25बड़ी मुश्किल से मुबाइल दिखाया, एक एक बंदा मिला मुश्किल से, उसने काया कि हमारा था connection, था मतलब, तो
17:33मैंने देखा, चेक किया, तो देखा, उनके पास 14,000 रुपए का बिल नोटिस आया था, 13,000 रुपए का
17:39बिल आया हुआ, वो भागे फिर रहा था बंदा,
17:42कि हम तो बर्दूरी करते हैं, एक बिजली का पंखा और एक बल्ब जलाते हैं, और हमारा इतना भी लाया
17:49है, तो अब हम कैसे जाएं उनसे शिकायत करने, वो हमारा तो घर ही छिंग जाएगा, वो इंदरा आवास, आवास
17:56जो मिलता है, विचारों को उसमें रहते हैं, एक कम
18:13कोई कनेक्शन नहीं लिया हुआ है, तो हम लोग बिजली का कैसे ट्रांसफार्मर जल गया है, कैसे बदलवाएंगे हम कुछ
18:18नहीं कर सकते, उसमें जब कुछ लोग कम से कम कनेक्शन लेंगे तो, तो अब इस लेवल पे इस देश
18:24की जनता जी रही है, कि वहाँ एक शहर जो
18:40बिल अफोर्ड नहीं कर सकते, इसलिए कनेक्शन भी नहीं ले सकते, इसलिए वह अंधिरे में और इस घर्मी में छोटे
18:45-चोटे बच्चे हैं डेर सारे, सब जुलस रहे हैं, व्यवस्था नहीं हो पा रही है, सोलर लैंप, सोलर लैंप, हर
18:51घर नल जल, एक नल नहीं लगा ह
18:54है, उस पे भी अप्लिकेशन दिया गया, यह हुआ कि नहीं अभी तब पानी की विवस्था नहीं हो पाई है,
18:59एक हैंट पंप है, वो रीबोर नहीं हो पा रहा है, क्योंकि प्रधान जी फर्चा नहीं कर पा रहे हैं,
19:05उस पे, इस कंडिशन में वो लोग रह रहे हैं, कलपन
19:22में एक दो सवाल आप से बस रखूँगा, कि जो लोग उस परिसर में रहते थे, तिस चालिस परिवार जो
19:28रहते थे, क्या वो लोग नाम जुड़वा पाए हैं, आपकी जो जानकरी है, गाउं के या दूसरे दूसरे एड्रेस पे,
19:40जिन लोगों का बाहर में था, कुछ लो
19:45है, उन लोगों को डॉकुमेंट्स बहुत सारे लगे और उसमें कर पाए है, कुछ लोगों का नहीं है, उनको नहीं
19:53है, अभी पता नहीं है, अभी प्रकाशित हुई है, और लोग मुझसे ही पूछ रहे थे, कैसे सार्च करें, कैसे
20:03पता करें, हर किसी को ये प्रक्रिया नह
20:08और जा करके कैसे अपना उतनी लंबी वोटर लिस्ट में अपना नाम कीसे खोजना है यह भी लोगों को नहीं
20:14आता है तो यह सारी चीज बिले के दिकत है अब दिकति यह है
20:19कि यह सारी चीजों की जिम्मेदारी किसके ओपर है उन लोगों के ओपर जैसे सुप्रिपोर्ट में भी बहुत अच्छे सा
20:25कमेंट हो गया था कि भाई किसी ने तो शिकायत की ही नहीं और कोई तो भरा ही नहीं कि
20:32फिर से दुबारा से हमको चाहिए यह हम अपने नाम के लिए क
20:48चीजें हैं उसको करने के लिए आपके पास एक वाज होनी चाहिए कारे करता हूं कि पोलेटिकल पार्टी इसके ऊपर
20:54ही एक तरह से ना चाहते वे जिम्मा दे दिया गया चुनाव आयोग की तरफ से कि आप तर आई
21:00है धरसल यह जो है चुनाव आयोग का था लेकिन चुना
21:17दालमंडी में भी विस्थापन हुआ यह विश्वनाथ कोरिडोर को लेकर भी विस्थापन हुआ और आप विस्थापन की सिकार हैं जिनका
21:26नाम बोटरलिस्ट में नहीं है तो आपने और लोगों से सुना जो दालमंडी के हो या विश्वनाथ कोरिडोर के हो
21:34उनको जो मुस
21:47अवसाद ग्रस्त कर दिया है लोगों की स्थिती यह है कि जिनका घर तूटता है और जो इस तरह से
21:55विस्थापित होते हैं मैं खुद उस ट्रॉमा से निकलने में मुझे तीन साल हो गए अभी पूरी तरह से नहीं
22:01उबर पाई हूँ तो उसमें जाकर यह बात करना और वह करना
22:06अभी ने अपने आप में बहुत दुखत होता है दूसरा चीज की हम जैसे लोगों को तो हिट लिस्ट में
22:12एकनम नमबर वन पर रखा है अभी हर महीं ने हम लोगों को एस नर्सी के केस को लेकर के
22:18फसा रखा है तो हर समय जाना होता है वहां सिगनेचर करने के लिए डेट्स
22:23देने के लिए लोगों को अभी बुला के बैठा लिया था कोट में पूरा नर्सी के में जो लोग थे
22:28हर बार हमारे जो स्टूडेंट विंक है और दमाम लोग है जब जब मोदी आएंगे तो उनके घर में पुलिस
22:33बैठ जाएगी उनको घर के अंदर अरेस्ट कर लेंगे त
22:39तो ऐसे स्थिती में हम जैसे सामाजी कार्यकरताओं के उपर तो इतना वह लगा रखा है अगर हम कचहरी में
22:47जाएंगे तो अलाई हो और इडी से लेके सब पीछे लग जाएंगे इस तरह से हम लोगों के लिए काम
22:51करना मुश्किल कर रखा है तो बिना सपोर्ट सिस्टम के
22:55आप और आपके पास कार्यकरताओं कि फोज ना हो टीम ना हो तो ये करना बहुत मुश्किल है लोग वहां
23:02से उजड रहे हैं तो फिर वो कहां जाके बस रहे हैं ये पता करना ट्रैक करना और उसके साथ
23:07जब ये पहली बार हुआ था कॉरिडोर वाला मसला तो हम लोग बहु
23:25है जो एक बड़ी जन संख्या है वो तो डिसपेर हो जाती है और यहीं उनकी ताकत है बिलकुल आपने
23:34बहुत सही बात की लेकिन ये बताता है कि वराणसी में जो विस्थापन के सिकार लोग हैं उन्हें किस तरीके
23:40की परिसानिया मतलब हुई एसा यार के चलते और हो सकता ह
23:45है कि अपने गाओं के पते पर उन्हें दर्ज करा लिया हो लेकिन जो पीडियों से बनारस में रह रहा
23:51हो अपने गाओं के पते पर बोटर बनता है तो यह भी दुरभाद्य की बात है अब कह सकते हैं
23:58कि व्युश्ता संव्यदंसिल नहीं रही जाकरिती जी आपका बहुत स�
24:13का नहीं इसको लेकर के अभी भी जो है लोग अंधेरे में कटोल रहे हैं और बातचीत कर रहे हैं
24:21आपने समय दिया इसके लिए बहुत सो के लिए धन्यवाद
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