Skip to playerSkip to main content
  • 2 days ago
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिलने के बाद वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि '5 अप्रैल की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दो दिन बाद असम सरकार की मशीनरी ने पूरी ताकत के साथ एक NBW याचिका डाली, जिसे ख़ारिज कर दिया गया था। जिस निर्णय के खिलाफ हम सुप्रीम कोर्ट गए थे, उस पर सुप्रीम कोर्ट ने जो फैसला दिया है, उसमें ऐसे प्रावधानों का जिक्र है, जो शिकायतकर्ता, याचक और जांच एजेंसी ने नहीं कही है। कोर्ट ने यह भी कहा है कि हम भूल जाते हैं कि अंतरिम जमानत के मामले में जब तक दोष सिद्ध न हो जाए, तब तक किसी को दोषी नहीं माना जा सकता है। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि हर नागरिक को अभिव्यक्ति की आजादी है और अगर राजनीतिक अभियान के दौरान एक राजनीतिक बयान को इतना बड़ा मुद्दा बनाया जाएगा तो ये Article 19(1)(a) को खतरा होगा।'

Category

🗞
News
Transcript
00:02दोस्तों मैं शुरुआत में इतना आपको अर्श कर दूँ कि ये याद रखना आवश्क है कि हम क्या नहीं कर
00:09रहे हैं आज आज हम आद पर प्रसंचा के लिए या एक बहुत दावा करने के लिए कि हम जीत
00:20गए हैं और तुम लोग गलत हो उसके लिए नहीं आएं सिरफ हम कु
00:29जाई हैं और आप पर आजय हुए हो ये समय है तीन चार मूल सिद्धानतों को याद रखने के लिए
00:37पहला कि जब जब स्वतनतिता लिबर्टी का मुद्दा आता है तो सबसे बड़ा जो एक संगरक्षक है जिसकी तरफ हम
00:48देखते हैं नागरिक देख सकता है जो सिर्फ वह
00:51कोई चीज़ है नागरिक के लिए वो है हमारा न्याएक सिस्टम हमारे न्यायले हमारे कानून हमको यह याद रखना है
01:01जो सेखडो बार कई सो साल पहले से कहा गया है कानून में कितने भी उच्छे हो कहीं भी हो
01:09कभी यह न भूलो कि आप कानून के नीचे हो
01:12Be You Ever So High, The Law Is Above You, ये सिधान्त बार बार नियायले साशकों को याद दिलाता है,
01:25तीसरा, जब जब आप धर्म की रक्षा करते हो तो धर्म आपकी रक्षा करता है, आपने एक भावना, एक फेट
01:34और कमिट्मेंट दिखाया, कोट कचरी नियायले के विशे में, और अंतिम, अंततो
01:41से आप बचे, और मैं इस परश करना चाहता हूं कि इसमें कोई सब्जूरिस रूल का मुद्दा नहीं है, ये
01:47निर्ने आ गया है, हम सुर्जूनता से बोल सकते हैं, लेकिन फिर भी मैं सीमाओं के अंदर जान बूच के
01:52बोल रहा हूं, क्योंकि मैं ऐसा नहीं दर्चाना चा
02:11सामरूप के मैजिस्ट्रिट में एक कहानी शुरू हूई थी, प्रेस कांफरेंस पाच तारीक के बाद, उसके बाद ये तेलंगाना के
02:16हाई कोट गई थी, फिर उच्चतम न्यायले आई, वहां से गोहाटी हाई कोट भेजा गया, और आज अंततो गत्वा उच्चतम
02:23न्याय
02:27एक प्रक्रिया में हमने पूरी पूरे पूर्ण रूपेंड आस्था दिखाई, विश्वास दिखाया, और हमें पूरी आशा और विश्वास था कि
02:37न्याय और सच्चाई की जीत होगी, ये हमको जो सबसे महत्वपूर्ण कानूनी सामविधानिक गंतांतरिक सद्धान्त य
02:57तो आपको एक प्रश्ट सबसे पहले पूछना चाहिए, क्या गिरफतारी के बिना तहकीकात नहीं हो सकती, अगर गिरफतारी के बिना
03:08तहकीकात असंबव है, तो वो बहुत बहुत बहुत रेर केसिस में आप गिरफतारी कर सकते हैं, लेकिन जहां जिसको हम
03:16त्रिकोन वाला
03:18टेस्ट कहते हैं, ट्रिपल टेस्ट कहते हैं, भगोड़ों होने का कोई सवाल नहीं है, जाना माना व्यक्ति है, समाज में,
03:25घर में, राजनीती में उसकी एक पहचान है, वो अंडर्टेकिंग दे सकता है कि वो हर हफ्ते इस बार आएगा
03:34तैकीकात के लिए, जवाब के देने क
03:40भागने का सवाल नहीं उड़ता क्योंकि पास्पोर्ट अवेलिबल होता है, जब्त होने के लिए, जिस प्रेस का विशे है इसमें,
03:49सब कुछ पारदर्शी रूप से सामने रखा गया है, कोई डॉक्यूमेंटरी या कोई ऐसे साक्ष नहीं है, जिन से भै
03:56हो सकता है कि जिन स
04:10निजामुदीन भेज देना, या साथ लोगों को निजामुदीन भेज देना, जैसे कोई आतंगवादी खड़ा है वहाँ पर, उसका उद्देश एक
04:17ही हो सकता है, कि आप किसी को यूमिलियेट करना चाहते हैं, किसी को बेशर्मी से हैरेस करना चाहते हैं,
04:26और ये कानून सं
04:30नुमती नहीं देता है, क्योंकि आपकी तहकीकात और गिरफतार की बीच में एक संतुलित एक्वेशन होना चाहिए, एक और व्यापक
04:40मुद्दा है, और मैं मिर्मता से कहूंगा, मैं कोई भी नहीं हूँ वैसे सुजाब देने के लिए मानने हैं मुख्यमंत्री
04:45को, और मु
04:58उचितम न्याइले ने पैरग्राफ बाइस में कोट किया है उनको, मानने मुख्यमंत्री को, और कई चीज़ें कोट नहीं की हैं,
05:09जो मेरी आचिका में हैं, जो न मैं बोल सकता हूँ, न कोट कर सकती है, उचितम न्याइले, तो मैं
05:16एक बड़ा बिरुमता से प्रश्ट पू
05:28करें कल, ये बात है कि क्या फर्क है आपके बीच में, हमारे बीच में, हमारे गौरफ शाली गंतंत्र की
05:36बीच में, और हमारी पड़ोसियों के गंतंत्र की बीच में, जहां ये सब चीज़ें होती हैं, और इसलिए मैं समझता
05:44हूँ कि अगर वो हमारे सुजाब से नहीं स्व
05:58को कि उसे खास सरोकार नहीं है लेकिन दुख इस बात का है कि इस प्रकार की शब्दावली इस प्रकार
06:03के आरोप इस प्रकार के धंकिया इस प्रकार के संधर्ब और इडियम्स का इस्तमाल किया गया है जो शर्मनाक हैं
06:12और किसी भी गंतंत्र में किसी भी चुनाव अभियान मे
06:15उनकी जगे नहीं है
06:19अन्त में मैं दो तीन पहलू और बोल के अपनी बात समाप्त करूंगा
06:22एक पहलू रोचक हैं महत्वपूर्ण हैं
06:26हमारी नियाएक पूरे सिस्टम में जो सबसे निचला होता है
06:31मैजिस्ट्रेट होता है
06:33तो शायद आपको पता नहीं कि प्रेस कांफरेंस पांच तारीक वाली के दो दिन बाद साथ तारीक को
06:39सरकार ने प्रदेश ने अपने पूरे जबरदस फोर्स के साथ
06:43एक NBW जिसको कहते हैं नॉन बेलिबल वारंट की याचिका डाली
06:47जो एक प्रकार से अरेस्ट की याचिका होती है
06:51उसको बहुत व्याबक रूप से सुना
06:53पांस साथ पन्नों के कारणों के साथ उसको खारिच किया
06:57और उस नियुनतम श्रेणी के जजज ने कहा
07:01कि गिरफतारी की मांग
07:03इन सब तत्यों को मद्दे नजर रखते वे
07:06लगती है कि फैंसिफूल है स्पेकुलिटिव है
07:09अनसबस्टेंशियेटिड यानि उसमें कोई मजबूती नहीं है
07:12वो एक दिमाग की सोच है
07:15उसमें सत्य या तत्य नहीं है
07:19एक दो और पहलो
07:20जिस निर्णे के विरुद हम उच्चतम नहीं में आये
07:23जो उच्चतम नहीं ने आज निर्णित किया है
07:26उसमें कई पैराज है जिसमें के ऐसे प्रावधानों का शिक्र है
07:30जो नठीर ने नजर ने ने याचक ने ने इनिवेस्टीघिडिटिंग एजएंसी ने
07:36इफर ने कम्प्लेंड ने कहा हैं एक उशारन है अनुषे 3-3-9 का अरोप नहीं लगा है लेकिं उच्छ
07:43नाइले में उसका जिकर आगिया है इसकी बात उच्छ अंच्छ नाइले ने की है दूसरी बात जो उच्छ नाइले ने
07:50की है
07:51वो कहा है कि हम भूल जाते हैं कि
07:53अंटिसिपेट्री बेल यारिस्ट के पहली बेल में
07:56वो मूल सिध्धान्त जो है हमारे कानून का
07:59सेक्ड़ो वर्षों से
08:02कि आपको जब तक आप साबित नहीं होते दोशी
08:07आपको दोशी नहीं मान सकते
08:09प्रिजंप्शन ऑफ इनुसिंस
08:11वही एक मूल सिध्धान्त है
08:14जिसके आधार पर अंटिसिपेट्री बेल आधारित है
08:16उसको नहीं भूला जा सकता
08:18तीसरा पहलू के हर प्रकार के प्रावधानों को
08:22डाल दिया गया
08:24इसको मानहानी से
08:25एक अलग केस बनाने के लिए
08:28नौ प्रावधानों का इस्तमाल किया
08:30और नौ के नौ हमने सिध्द किया
08:32आप बेलेबल है
08:33एक شडूल होता है कानून में जिसमें लिखा आता है
08:35बेलेबल बेलेबल हमाने मतलब होता है
08:51उसके बाद असम पुलीस कभी सोचेगी भी अपने आप बेल देने की
08:56तो 9, 11 में से 9 ऐसे प्रावधान है
08:58और फिर भी अरेस के लिए लोग भाग रहे हैं इस व्यक्ति के पीछे
09:04और अंतिम इसमे पक्ष जो है पहलू है वो यह है
09:07कि हमको यह भी नहीं भूलना चाहिए कि स्वतंत्र निर्भीक जो एक वाणी का
09:12मूल सामविधानिक अधिकार है हमारे अनुचेद 1901 A में
09:181901 A में जगर उसको आपको जागर रखना है तो राजनेतिक कैंपेन के दौरान
09:26उसकी गर्मी के और गर्महाट के दौरान एक राजनेतिक बक्तवे के आधार पर इतना बड़ा उसका एक इशू बनाना पुलीस
09:34को भीजना गिरफतारी पे इंसिस्ट करना
09:36मैं समझता हूँ कि अगर कोट का चहरी इसमें नहीं हस्तक्षिप करेंगे तो 1901 A एक प्रकार से खत्म हो
09:45जाएगा
09:46अंत में मैं इस निर्ने का पूरे रूप से एक समर्थन करते वे बदाई देता हूँ समाज को देश को
09:56कि उच्छतम नाइले ने सही समय में इतनी जल्दी दो दिन में ये निर्ने दिया क्योंकि इसमें लिबर्टी के मुद्दे
10:05थे
10:05मैं साथ साथ अपने उस हर जूनियर व्यक्ति को लीगल टीम में जोनों ने इतना काम किया क्योंकि पांच जगों
10:13पे दो तीन हफते में भाग दोड़ करके
10:15फाइल करना बनाना उस सब के लिए और मुझे एसिस्टिंस दी उसके लिए मैं धन्यवाद करता हूं और कॉंग्रेस पार्टी
10:22और मैं और मेरे कॉलीग और सभी लोग इस निर्ने का बहुत पूरी तरे से व्यापक रूख से स्वागत करते
10:29हैं और अब हम स्वागत बाद मे
10:43से नहीं देखते हैं कि किस व्यक्ति की जीत हुई है और किस व्यक्ति की हार हुई है पर आज
10:49जीत हुई है सम्विधान की रोज सम्विधान खत्रे में है रोज मोधी सरकार के ओर से इस सम्विधान पर अक्रमन
11:02होता है पर आज खुशी का दिन है कि सम्विधान जीता है सम्�
11:11प्रावधान जीते हैं और इसी लिए हम सुप्रीम कोट का निर्ने जो है उसका स्वागत करते हैं क्योंकि सम्विधान की
11:21जीत हुई है
11:24हमला तो जारी रहेगा आकरमन जारी रहेगा प्रयास करते रहेंगे
11:33पर आज का निर्ने जनता को विश्वास दिलाता है कि सम्विधान रक्षक अभी भी जीवित है
11:43लोग खड़े होकर सम्विधान की रक्षा करने के लिए तयार हैं और इसी लिए हम सुप्रीम कोट को भी बदाई
11:51देते हैं
11:52अभी आपके कुछ सवाल हैं तो सिंग्वी साब उसका जवाब देंगे
11:58अग्यों अग्यों अग्यों आप से ही करता हूँ
12:01अन्यवाद मौका देने के लिए सिंग्वी जी आज आपने
12:07मुझे मौका देते नहीं है आज दिया कि इसने धंग्यों
12:17सिंग्वी जी स्वाल आपसे है कि आज आपने अपने
12:20आजए की डारा 339 का जिकर नहीं था
12:27FIR में भी नहीं था बाद में उसको जो रागया हलांकि वो भी
12:30बैलेबल है और 11 में से 9 जो है FIIR में जिसका जिकर
12:35वो भी बेलेबल है क्या आपको लगता है कि एक बहुत बड़ा फ्लॉव था गुहार्टी हाई कोट के उस फैसले
12:41में जिसको आज सुप्रीम कोट ने करेक्ट किया है देखे हमारा सिस्टम ऐसा है कि हाई कोट करेक्ट करते हैं
12:48निशले अदातलों की अदातलों की गलतियों को �
12:51और रुचितम ने आएले हाई को करेक्ट करता है तो इसमें कोई नई बात नहीं है यह आदर के साथ
12:55किया जाता है यह सिस्टम के अंतरगत किया जाता है इसका मतलब नहीं है कि हम कुछ जज के बारे
13:00में कह रहे हैं हम निर्ने के बारे में कह रहे हैं निश्चित रूप से उ
13:17मूल बुद्दा क्या है? मूल बुद्दा है
13:18कि जहां baelessizes
13:22काउपर नभी हो
13:24जहां
13:24offenses बयलेबल है
13:26जहां देश के उपर
13:28यह bilateral चीज़ है, यह मेरे और उनके
13:30बीच मानानी की बात है
13:31यह समाज के उपर कोई आकरवन नहीं है
13:34यह कोई ऐसा वक्त बे नहीं है कि
13:47टेलिविजन में हैं सब जगे इसका उद्देश क्या है इसका उद्देश तहकीकात नहीं हो सकती ना ये है मूल बुद्दा
13:55कि आप अरेस्ट करने के लिए है सिवाए उसके और कोई आपके पास विकल्प नहीं है ये कहां दिखाया आपने
14:01कई ऐसे केसिस होते हैं जहां गरफ
14:16अभिशेक जी मेरा सवाल ये है कि जिस तरीके से चुनाओ के दौरान टिपडियां मुखमंतरी की ओर से की गई
14:24खेड़ा साब को पेड़ा बना देंगे और उसके आगे भी कई शब्दों का इस्तमाल किया गया इन मर्यादित जो टिपडियां
14:31की गई और उसके बाद जिस त
14:46ऐसे अमर्यादित शब्दों के खिलाब आपनों कोई कारवाई का विगल बसता आपनों के बाद जहां तक इस केस का संदर्ब
14:53है इसके हर व्यक्तव को हमने याचिका में दिया है जो आपने बोला वो दूसरे पेश पेश पेश का पहला
15:00पेश मैं चैलेंज करता हूं किसी को
15:16और तीसरा है इस पे तो केसिश चल रहे हैं जिसको हम हेट स्पीच कहते हैं उसके केसिश चल रहे
15:22हैं अलग-अलग कोट के चरी में चलेंगे लेकिन मुद्दा है कि साब जहां आप एक मान हानी को एक
15:31कारण बनाके जो आपने शब्दावली का इस्तमाल किया है वो मान हानी क
15:35कई कोस आगे निकल गया है।
16:05अबिट खागे ले लेगा विए लेगा लेगा विए लेगा लेगा लेगा लेगा है।
16:36गौहती, we are not repining on the merits.
16:38If you go to Guhaati, the Guhaati Court will decide the merits.
16:42That very important paragraph gave us the liberty to argue the matter unhindered by any passed order in the Guhaati
16:49High Court.
16:50It is a different matter, we lost in the Guhaati High Court, but then it came back to the Supreme
16:53Court.
16:53But this is the meaning of a process.
16:55The process is based on the issue at hand and then other issues are kept open and that keeping open
17:02the issue enabled us to win this case today.
17:06यह एक पहलू आपने उठाया है जो मैंने नहीं जिसका जिक्र किया
17:09यह हमारे नियाएक प्रक्रिया का एक विशेश पहलू होता है जो लोग आसानी समझ नहीं पाते हैं
17:15जिस हेरिंग की आप बात कर रहे हैं वो तिलंगाना हाई कोट के ट्रांजिट बेल ओर्डर के विरुद एक याचे
17:20का लाई गई थी
17:22सरकार असम सरकार द्वारा जिसमें सुले से जल्ले सब पेर होए थे और उसको स्टे कर दिया गया
17:27स्थगित कर दिया यानि उसके कारियानवित होने को रोक लगा दी गई जब हम वहां नहीं थे
17:33यानि इसको कानून में एक्सपार्ट एक आ जाता है जहां पर दूसरी साइड नहीं होती हो पस्तित तो अगले दिन
17:57अपना मत दें आप जो कहना चाहते हैं वहां कहिए और हमारे किसी वक्तब से बिना
18:03इंफ्लूएंस हुए गहाटी आइकोट को निर्ने करना है इस से हमारे दरवाजे खुले फिर हम गए वहाँ पर यह अलग
18:09बात है कि हम गहाटी में हरे लेकिन बाद में
18:40वह करेक्शन हुआ है और उसका निर्ने आ जाया है
18:41केस चलेगा क्योंकि अग्रिम जमानत तो मिल गई है लेकिन केस कितना मजबूत रहेगा आने वाले दिनों में
18:46देखिए इसमें कुछ आपको तकनी की पहलों बताना आवशक है पहली बात जैसे आपने का यह अग्रिम जमानत और लिबिटी
18:53का मुद्ध है अभी इस स्टेज पे निश्चित रूप से केस को देखना पड़ेगा लेकिन दूसरा एक जो होता है
19:00सबसे जो मैंने कहा आवश
19:15सिक रिपोर्ट एक्जामिन कर वाली फोरजरी है यह सब मामले ट्राइल के हैं आपने देखा है दिन प्रतिन आप देखते
19:24हैं कि कितनों सालों चले वे केस अंत होते हैं एक्विटल में निराधार पाए जाते हैं व्यक्ति विशेश को एकदम
19:33डंडित नहीं किया जाता है त
19:38तब तक आपको एक ऐसे स्तर जिसको कहा जाता है वर्डन ओफ प्रूफ इतना परिपक्प नहों तब तक आपको हम
19:45दोशी नहीं ठहरा सकते हैं तो हम बिल्कुल तरह हम समझते हैं कि हमने सत्य कहा है हम समझते हैं
19:50कि यह जितने भी तथें बाहर आएंगे अभी इसकी बात न
19:55नहीं कह सकता हूं आप कह सकते हैं कानून देखेगा ट्राइल देखेगी और फिर जो सत्य की विजय होगी वोगी
20:00स्थिष ऑप इसाब इसाब एद तो यह राएंट यह ए नविज पर लोगे करता हैं कि अवे एक रूंट से
20:13जिए ऑफिर यह श्टर लीए टीजाट रहा जा आप उन एल लाएंटरीज पीजा विल्ट ऋटूब्ट ऑप एल्यद एल्यवे एक तुशित
20:22उवेशने अपतित्
20:30how many cases of murder and money laundering have ended in acquittal.
20:35So, just to say that you have an allegation is nowhere near proof.
20:39That is the meaning of presumption of innocence.
20:41That is the meaning of burden of proof.
20:43A burden of proof is required to be very heavy before somebody is convicted.
20:47Mr. Khera's stand is that he has sufficient material.
20:51A. that there is no forgery.
20:52That is his case.
20:53I am not saying it is right or wrong.
20:54That the court will decide.
20:56B. that there is sufficient material.
20:58And see that there are public documents of a public nature, which evidence what he is saying.
21:04Now, he may be right or wrong, he will make his case in trial.
21:06But to expect that that should be done now by arresting him on something which he was saying
21:11in a press conference is where the whole heart of the issue is.
21:14S.P.
21:15S.P.
21:16S.P.
21:16S.P.
21:16S.P.
21:17S.P.
21:17S.P.
21:17S.P.
21:17S.P.
21:18S.P.
21:26S.P.
21:28in order to harass and you know humiliate him so do you think this kind of politics is you know
21:37the as you've been saying in the past politics of intimidation and harassment well you know or
21:43Pratishodh ki rajniti or dousra aapne abhi jawab nahi diya ki will you pursue this matter against
21:50the chief minister for the use of language you know and let me tell you I don't want to mix
21:55up
21:55the two I am already appearing already appearing not for these facts I am not talking of Pawan
22:01Khaira's case at all now in a set of speeches and addresses by the same chief minister in a matter
22:08which is going on in the high court of Guwahati the honorable chief justice bench is hearing where I
22:14am the counsel the respondent is the same chief minister and notice has been issued notice as you
22:20know means Prama Fasha there is something to answer and the state over one and a half months is not
22:25filed a reply so that is already going on yeah dr. Singhvi my question is more political
22:34than legal without getting into the merits of the case whether the documents are forged or not the
22:40larger issue is this was a political battle this was a press conference done in the run-up to the
22:45elections why did you drag the chief minister's family you in the sense that why did the Congress why
22:52did the Congress drag the chief minister's wife and other members of the family when they were not
22:58clearly political participants see actually your question has the answer itself it is because a
23:06political stand was taken by a political spokesperson at a political press conference that it should not
23:11have been made into a defamation case of criminal nature and 75 people sent to his amundin this is part
23:16of the
23:16political process now in the political heat of the moment first of all he's not the only one who
23:22may I'm not accepting it at all he's not accepting it at all may have exceeded some limits I'm assuming
23:27it in
23:27for a moment to answer your point but that is precisely the reason that is why a latitude is given
23:34by 19 1a
23:36and an additional attitude should be given by political adversaries during a campaign
23:43everything is not strictly produces with legal proof as I argue before you saying volume so and
23:47so and page so and so so first and foremost I answer your question by saying that the fault lies
23:53in the
23:53originating a b in the viciousness which it was pursued it was pursued with viciousness of an
23:59unimaginable kind ultimately it's essentially a defamation allegation remember the maximum punishment is two years
24:06so I think people have to be a certain amount of latitude but that is gone that is gone from
24:10the
24:10discourse now
24:15yes and by the way this allegation is not against the lady this is another point which is a mistake
24:21the allegation is principally and I don't know is right or wrong the trial court will decide I'm not
24:25opining on the merits is that the political person has to file a declaration so if I am the political
24:32person and I find a declaration if this is my wife they have to be clubbed they have to be
24:38clubbed
24:38now the declaration will be bad if the wife's declaration is bad so in that sense you know
24:44if you are married they are clubbed it's as simple as that okay thank you
24:53only on this only on this no no only sir hate speech
25:09sir sir sir sir sir supreme court
25:13में अहालिया जो जज्जमेंट और कहा कि सुप्रीम कोड को यह जरूरत महसूस नहीं होती है कि अलग से हीटफुल
25:19स्पीच के लिए कानून बनाया जाए अब अगर हम हिमनता बिस्तु शर्मा के कंटेक्स में देखें लगातार उनके कई जो
25:26जो बयान है बतौर मुख्यमंत्र
25:28जो हैं वो हीटफुल स्पीच में आते रहें आपको क्या लगता है कि एक कमी जो है उस जज्जमेंट में
25:33है जिसे पूरी की जानी चाहिए और खास करके हिमनता के बयान को सुप्रीम कोड ने अपने इस हालिया फैसले
25:39में अन पारलिमेंटरी कहा है उस कंटेक्स्ट में क्या
25:42सुप्रीम कोड को देखना चाहिए कि इस कानों की जुरती इसमें आपको ये जानना अवेश्यक है बड़े में तो पूर्ण
25:49बिंदु में दो तीन नमबर एक ये जो निर्ने आप इसकी बात करें जो कल परसों आया है इसमें साथ
25:56साथ बड़ा सपश्ट और व्यापक कहा ग
26:09तो इसलिए उनका प्रयोग करें सीधा सुप्रीम कोड आने की आवश्यक्ता नहीं है ये मुख्यदारा है इस निर्ने की दूसरा
26:16जहां तक आप असम की बात कर रहे हैं मैंने आपको बताया अल्रेडी उच्छ ने आयले असम ने मुख्य ने
26:23आय दीश के कोड ने कारण बता
26:36आएगा तो हम जवाब-ल-जवाब रिजोइंडर देंगे तो ये कारवाई चल रही है इस बार इस ने चुतर मैंने
26:41सिर्फ इतना कहा है कि आपके पास और कई प्रावदाने मैजिस्टेर के बाद जाकी कंप्लेट करने की सेशन्स कोड पर
26:47जाकी कंप्लेट करने की हाई कोड
26:48पर जाने की ये तुरंट एक अलग कानून की आवश्यक्ता नहीं है क्योंकि जो कानून है उसका उप्योग करके मैं
26:55आपको आरुपित कर सकता हूँ
Comments

Recommended