Skip to playerSkip to main content
दिल्ली में लगातार बिगड़ते वायु प्रदूषण और उससे पैदा हो रहे स्वास्थ्य संकट के ख़िलाफ़ अब नागरिकों ने संगठित होकर मोर्चा खोल दिया है। दो महीने तक चले जनआक्रोश और सार्वजनिक लामबंदी के बाद, विभिन्न सामाजिक संगठनों, पर्यावरण विशेषज्ञों, डॉक्टरों, वकीलों, शिक्षकों और आम नागरिकों ने मिलकर Delhi SSANS (स्वस्थ सांस अधिकार नागरिक समिति) का गठन किया है। Press Club of India में आयोजित प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान इस मंच का औपचारिक ऐलान किया गया और केंद्र व राज्य सरकार के लिए एक साझा नागरिक मांग-पत्र (Citizens’ Charter of Demands) जारी किया गया। इस मांग-पत्र में दिल्ली को रहने योग्य बनाने के लिए दीर्घकालिक और ठोस नीतिगत कदमों की मांग की गई है। सुनिए इस मौके पर सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने क्या कहा?
#prashantbhushan #rekhagupta #pollution

Category

🗞
News
Transcript
00:00कि दिली पर से जिली नहीं इंडुस्तान की बहुत सारी बहुत सारे शेहरों में अप्रत्याशित प्रदूशन एर पॉल्यूशन चल रहा है और सारे ही
00:18कि इससे स्वास्त को बहुत नुकसान हो रहा है कि जो आज बच्चे पैदा हो रहे हैं दिली में और दिली में रहने वाले हैं उनकी उम्र आठ नौ साल कम हो जाएगी इस प्रदूशन की वज़े से
00:38कहीं लोग कहीं यह मानना है कि लाकों लोग हर साल दिली में मरते हैं मौत होती है इस प्रदूशन की वज़े से
00:48और हम यह देख रहे हैं कि यह सरकारें थास्कर फोडूदा केंद्र सरकार या मौजूदा दिली सरकार इसके बारे में kuch नहीं कर रही है
01:04कि दिल्ली की मुख्य मंत्री तो खेर समझती हैं नहीं कि हिरत पॉलिटी इंडेक्स क्या होता है वो उसको आई क्यू कहती हैं पूड़े के धेर को कहती हैं कि हम वहां जाकर कहते हैं वही आप बाग जा अब आपने ऐसे लोगों को फिर उनके जो एंवारिन्मेंट मिनिस्टर
01:34एर पॉल्यूशन का इससे कोई हेल्ट का नुक्सान नहीं हो तो जब ऐसे लोग सत्ता में बैठे होंगे तो जाहिर है कि वो ना तो उनको कोई समझ है कि क्या प्रॉब्लम है किसनी सीडियस प्रॉब्लम है और अगर जितनी समझ भी है तो उनको उससे कोई फरक नहीं पड�
02:04अपने महलों में गाड़ी में भी उनकी एर क्यूरिफायर होता है सब जगे एर क्या हो रहा है कितने लोग मर रहे हैं उनको कोई उससे फरक नहीं पड़ता और यह बात हम आजगा देखता है देखिए यह सिर्फ दिल्ली का जो एर पॉल्यूशन है उस पर केंड़ित नहीं
02:34दो एंवाली गोडिज हैं वाइंवाइल्डाइफ देने वाली गोडीज हैं वोटिछ užान िंड्रोल बॉर है अंश्क्राइआ हैं जो केंडर सरकार क सलगजर कए रहे हैं उसको
02:59कि वह अडानी को हम रावली की माइनिंग देना चाहते हैं तो इसका डेशन बदल दो उन्होंने बदल दिया है
03:11कि वह कहते हैं कि हस्देव अरणिया फॉरस्स जो सबसे देंस फॉरस्स से चटीस गड़ के वोड़ आनी को दिना जाते हैं तो इसपाइट देफैक्ट की अपनी रूल यह कहती है कि कहां पर फॉरस्स के क्राउं डेंसिटी 50% से जाता है उसको नो गो मना जाएगा वहां पर क
03:41सब्सक्राइब को दे दिया जाता है वहां पर कोल माइनिंग करने तो यह व्यापर प्रॉब्लम हम देख रहे हैं जो दिल्ली के प्रदूशन की बात है इसमें सबसे पहले तो यह होना चाहिए था जो हमारी पहली देमांड भी है जो बिल्कुल एक्सपर्स है एक अनफॉर
04:11एक और ने बाते हमारी रहे हैं देख में मॉश्रण हैं करकुन का ओम लूगे लुटॉहचा वा नुछ०ीशन वह कुतना चौनतृशना हैं।
04:41और उसके बाद इनको कैसे कम किया जा सकता है, वो भी समझते हैं, जैसे ट्रांस्पोर्ट का आप लेनी है, बहुत साइज किसे हैं, आप पढ़ेंगे जो चार्टर और डिमांड इसमें पहले तो मैं खैल, इन सारे हमारे जो एक्टिविस हैं, यहां पर यंग यंग लोग हैं
05:11और कितना बढ़िया चार्टर और डिमांड पनाया रहे हैं, जिसमें सारी एहम चीज़ें आगें, इसे ट्रांस्पोर्ट का लेनी हैं, कई चीजों के बारे में हम समझते हैं, हमको पता है कि वही डीजल वेहिकल्स जादे पुल्यूट करती हैं, यह भी पता है कि इलेक्रि
05:41लेकिन पेट्रोल से कम, पेट्रोल वेहिकल्स उससे जादा, लेकिन डीजल से कम, डीजल वेहिकल्स सबसे जादा, यह हम समझते हैं, दूसरा हम यह समझते हैं कि भई, पबलिक ट्रांस्पोर्ट लोग जितना यूज़ करेंगे, बस या ट्रेन और जितना कम प्राइवेट
06:11separate bus corridor rapid transit corridor बनाया गया था और उसका मकसद यह था अगर आप उसकी original report पढ़ें तो उसका मकसद यह था कि भई यह corridor होगा जिसमें buses तेजी से जाएंगे और private vehicles के जिए रास्ते कम हो जाएंगे उसके इंजे वह धीरे धीरे जाएंगे तो लोग encourage होंगे कि भई private vehicles में ना चलें बल
06:41भारत सरकार ने एक electric vehicles के लिए policy बनाई थी यह policy करीब 10 साल पहले बनाई थी हम लोगा केंज भी चल रहा है सुप्रेन कोर्ट में जिसमें हमने बोला है कि सरकार अपनी policy पर इंप्लिमेंट करें वही नहीं इंप्लिमेंट हो रही है अगर वह policy इंप्लिमेंट होती तो आज electric
07:11सब्सक्राइब करें तो बहुत सारी चीजें पहले कम से कम एक्सपर्ट बोडी लेकिन उसको
07:40इंप्लिमेंट ही नहीं किया जा रहा है तो इसलिए यह बहुत जरूरी है और दूसरी बात जब citizens इखटा होते हैं आपने देखा कि जब इंडिया गेंपर फ्रोटेस हुए दो तीन बात फ्रोटेस हुए तो उनको बंद करने के लिए लोगों को अरेस्ट कर लिया गया लो
08:10अनफॉरसमीटली तब तक में ही सुनती कम US कम वाझुदा सथ कर दुएधेंद्र सथ कश अश्यूर पिंकि उनको नातुत समझ सर्कार शॉर पात corner
08:21रूंत का ऑनको यह नहीं लगता कि पोई यह
08:24उनको politically बहुत hurt करने वाला है और politically hurt करने के लिए उनको ये दिखाई देना पड़ेगा कि इस पर बहुत सारे लोग agitated हैं और इसलिए चाहे वो सडक पर आई हैं चाहे वो social media पर हैं चाहे किसी और तरह से अपना protest दर्स कर रहे हैं और इसलिए ये बहुत अच्छी शुरुवा
08:54यूथ और इसलिए बहुत आई जाता हूं और बहुत ही बढ़िया मैंने खूरा पढ़ा इनका जो चार्टर बनाया गया है बहुत बढ़िया चार्टर बनाया है तो इस पर इंपर्दें चीजें इसमें लिखी गई हैं तो
Comments

Recommended