00:11नोएडा में मजदूर आंदोलन के बाद किरफ्तार समाजिक कारे करताओं, लेखकों और छात्रों को छोड़े जाने की मांग को लेकर
00:19समाजिक और राजनीतिक संगठन आंदोलित हैं
00:2330 अप्रेल को जंतर मंतर पर Revolutionary Workers Party of India, दिसा छात्र संगठन, आईसा, नौजवान सभा और अन्य संगठनों
00:33के लोगों ने जवर्दस्त वीरोध प्रदर्शन किया
00:53है, तो यह कहा है?шие पिता जी का हालफ देखे ही। अभी तो ने हम है कुछ पृट निष्जवान
01:00डर्तिक गहर कमात्येटारी कहीं?
01:17पिता जी किया करते हैं पोस्माटर से डीटार हो रहा है और आपके बच्चे में चार है बाकी बच्चे क्या
01:27करते हैं प्यां पीछ पिछ बड़ी बेटी पिछ निकाती तो पुंधी तारिक है
01:38हाँ अठाइरे तरी को दिखाया जा रहे हैं दिल्ली से बहुत हो गया है कि कुछ नहीं बता रही है
01:57आप देखी रहे हैं पापा के उसके पापा जी इता हाला हादर देखे हैं माँ जिसके बच्छा जुठा आरोप में
02:07गया
02:12सेलरी बढ़ाने की मांग को लेकर हुए नोयडा मजदूर आंदोलन के नाम पर गिरफतार लोगों में वरिष्ट पत्रकार और जन्पक्षधर
02:21लेखत, सत्यम वर्मा, कवित्री कात्यायनी, छात्र हिमान्सु ठाकूर, आकिर्ती, स्रिष्टी, मनिसा, आटो चालक और समाजिक
02:31कारेकरता रुपेश रॉय और आदित्यानन्द सामिल हैं, जो मजदूरों के साथ, छात्रों के साथ, नोजवानों के साथ कहीं गलत होता
02:39है, वो खड़ होती है, रुपेश एक ओटो चालक है, वो एक ओटो चालक की डायरी वो लगता है, फेस्बुक
02:45पर लिखते हैं, एक सं
03:01वो लोग तो जिनको लगता है कि आज जो इतना शोशन है, जितना अलना है उसके खिलाफ होना चाहिए, स्रिस्टी
03:07एक आर्टिस्ट है, आकरिती डियू में पढ़ने वाली अड़की है, अच्छा नाटक कार है, कई बार मैंने देखा उसको नाटक
03:13पेश करते हैं, तो यह सा
03:29इस में मीडिया बिक चुका है और मजदूरों की आवाज उठाने वाला कोई नहीं है, मजदूर विगुल यही काम करता
03:37है, और यह जनता के बीच से जुटाए गए सहयोग के आधार पे, हम लोग मजदूरों के बीच, महनतकर्ष जनता
03:45के बीच हम लोग ले जाते हैं, उसम
04:06किया जा रहा है, और यह उन आवाजों को उठाता है, जो आवास कुछ दी गई, जो गोदी मेडिया पूरी
04:16तरीके से आघ जिसको मास्टर माइंड और यह इस तरह के अर्बन कर पाकिस्तान का कनेक्शन, नेपाल का कनेक्शन, यह
04:24पूरा एक घुडा किया जूट,
04:27इसके बरक्स आज ऐसे चैनल्स को ऐसे अल्टरनेटिव मीडिया को खड़ा करनी की जरूरत है
04:33इस तोर पे मज़़ूर विगुल एक अकबार के रूप में मतलब एक अल्टरनेटिव अपनी खड़ा कर रहा है
04:42उनके बीच उन मसलों को उठा रहा है तो इस तोर पे हम लोग मज़़ूर विगुल अकबार को देख सकते
04:51हैं
04:51चात्रों और महिला कार्यकरताओं की गिरफतारी पर अधिती ने कहा कि पुलिस ने संवेधानिक और कानूनी प्रावधानों का पालन किये
04:59विना गिरफतारी की है
05:01पूरे देश भर में अभी मज़़ूर हर्ताल कर रहे थे उन्हीं हर्तालों को लेकर के जो मज़़ूर विरोध में जो
05:13प्लीस और सरकार के द्वारे जो चीज़े की जा रही है
05:17पानिपत रिफाइनरी से लेकर के पूरा अभी उत्राखन तक पूरा प्रोटिस्ट पहुंच चुका है वड़गाउं वरिदाबाद नोड़ा पूरा जो पहुंच
05:24चुका है
05:25उसके पीच जिसे निकालकर के देखे तो एक वेतन बड़ोतरी कि डिमांडी लेकिन उसके बाग हम लोग पुरा हाल करके
05:32पुलिस घरों में जा करके उठातीं बिना वर्दी के बिना नंबर प्लेट के गारी के आपको नोग करके बिना किसी
05:39नोटिस के बिना किसी भी चीज क
05:41सारी के सारे सविधान को तार-टार करते हुए सारी लीगल पुरसेस को अगदम जला करके चूले में पूख करके
05:48जाते हैं और किड्नाप कर लेते हैं तो बताइए क्या है यह सवाल है कि आज मज़दूरों के लिए कर
05:55क्या रहे हैं चीज़े इसी चीज को लेकल के हम लोग प्
06:26मजदूर आंदोलन के बाद पुलिस की कारेवाही पर दिल्ली इंवर्सिटि की रिटायर कर satisf s. मधूपरिशाद ने कहा कि यह
06:33लोगों को डराने की कोसिस है
06:36मुझे लगता है कि ये एक तरह से तो हमें ये बहुत हो सकता है कि आदमी परिशान हो जाए
06:45इसको देखके और सोचे कि हम भी चलो घर बैठ लेते हैं लेकिन ये ऐसा जमाना नहीं है जिस तरह
06:55से सरकार में लोगों के लिए हर रास्ता बंद करना शुरू करते हैं
07:02चाहे वो पॉलिटिक पार्टीज हो चाहे वो पार्लिमेंट हो चाहे वो कोई और प्रोटेस्ट करने वाले लोग हो
07:16मीडिया तो चुथ होई गया है नतीजह ये है कोई हमारी अभाज और हमारी मांगे उठाने वाला रहा है
07:25अब जब democracy में democracy की institutions खतम हो जाए तो फिर रहकिा जाए
07:35जब democracy में democracy की institutions कहतम हो तब आप के लिए पिछली रहे हैं
07:42पुलीसियाद दमन के बीच मजदूर आंधोलन की दसा और दिशा पर सवाल है
07:46लेकिन चात्रों का सोचना अलग है
07:49उनका कहना है कि वह मजदूरों के साथ खड़े रहेंगे और फरजी मुकदमों से नहीं डरेंगे
08:19वह 5000 का सिलेंडर खरीद रहे हैं वह बच्चों को स्कूल भेजना चाते हैं एक दम एक कमरे के मकान
08:28में चार लोग पांच लोग रह रहे हैं
08:30मगर वो अपने बच्चों पेले कुछ सपना देखते हैं, इंसान हैं, इंसानों के तमाम महत्वा कांचाहिं उनके भीतर हैं, तमाम
08:38आकांचाहिं उनके भीतर हैं, वो 16,000 में आप रफा रफा नहीं कर सकते हैं, आपको उनको लिवेबल इंसान के
08:45मातध, लिगनिफाइड ला�
08:51बार बार हूँ, ये मानेसर में पहली बार नहीं हूँ, ये उडिसा में पहली बार नहीं हूँ, अगुलगाओं बीवाडी में
08:58पहली बार नहीं हूँ, पानीपत में पहली बार नहीं हूँ, पिछले ही दिनों, सामसन के वर्कर्स ने इतनी बड़ी स्टाहिं,
09:04तानसोनिक के
09:19वरकर्स को रिंस्टेट करने हैं और मजदूर को लगातार सालों से दर्शिकों से सभीयों से लड़िये रहे हैं।
09:48यह आने वाला वक्त ही तै करेगा।
10:18सारी स्टूडेंट्स हीमानशु आक्रिती शिष्टी यहीं लोग जब सॉलिडारिटी में वरकर्स के बीच जाते हैं।
10:24उनको सपोर्ट करने के लिए जाते हैं तब उनहीं को अगवा कर लिया जाता है।
10:28उन पर फर्जी मुकदमें दायर किये जाते हैं।
10:30तो जाहिर है हमीशा से ऐसे स्टूडेंट्स वरकर्स के सपोर्ट में खड़ा होते रहें।
10:36आज भी हम लोग इस चीज के साथ खड़ा होते रहेंगे।
10:40और इन तमाम धमन इन तमाम फर्जी मुकदमों से हम लोग डरने वाले नहीं हैं।
10:46और वरकर्स का प्रोटेस्ट ही था जिसने हर्यानस सरकार को जुकाया।
10:52और जिसने एक हद तक योगी सरकार को मजबूर किया।
10:55अब ये यूपी पुलिस जिस तरीके से वाइलेंस को इंसाइट की या उसमें जो इसकी सनलिप्तता थी उस आधार पे
11:04पुलिस को और सरकार को एक कहें।
11:06मतलब एक वैधता मिल गई कि वो पूरे प्रोटेस्ट को मुव्मेंट को क्रश कर सके उसका दमन कर सके।
11:13इसलिए ये पूरा प्रोटेस्ट दूसरी दिशा में चला गया।
11:16वरना हम लोग या जितने भी अक्टिविस्ट इसके लिए काम कर रहे थे वह हमेशा इस चीज को इंगित कर
11:22रहे थे वरकर्स के सामने कि पीस्फुल प्रोटेस्ट कीजिए।
11:25आप शांती पूर्वक तरीके से आपकी मांगे जायज है।
11:29आपकी मांगे आपकी वेतन बढ़ोत्री आपकी एस आई पीएप जायज है।
11:33पीस्फुली प्रोटेस्ट करेंगे तभी हम जीत पाएंगे।
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