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नोएडा में मजदूर आंदोलन के बाद गिरफ्तार सामाजिक कार्यकर्ताओं, लेखकों और स्टूडेंट्स को छोड़े जाने की मांग को लेकर सामाजिक और राजनीतिक संगठन आंदोलित हैं। 30 अप्रैल को जंतर-मंतर पर रेवोल्यूशनरी वर्कर्स पार्टी ऑफ इंडिया, दिशा छात्र संगठन, आइसा, नौजवान सभा और अन्य संगठनों के लोगों ने जबरदस्त प्रोटेस्ट किया। गिरफ्तार लोगों में वरिष्ठ पत्रकार और जनपक्षधर लेखक सत्यम वर्मा, कवियित्री कात्यायनी, छात्र हिमांशु ठाकुर, आकृति, सृष्टि, मनीषा, ऑटो चालक और सामाजिक कार्यकर्ता रूपेश रॉय और आदित्य आनंद शामिल हैं। RWPI की अदिति ने कहा कि पुलिस ने संवैधानिक और कानूनी प्रावधानों का पालन किए बिना अरेस्ट किया है। पुलिसिया दमन के बीच मजदूर आंदोलन की दशा और दिशा पर सवाल हैं, लेकिन छात्रों का सोचना अलग है। उनका कहना है कि वह मजदूरों के साथ खड़े रहेंगे, फर्जी मुकदमों से डरेंगे नहीं।

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00:11नोएडा में मजदूर आंदोलन के बाद किरफ्तार समाजिक कारे करताओं, लेखकों और छात्रों को छोड़े जाने की मांग को लेकर
00:19समाजिक और राजनीतिक संगठन आंदोलित हैं
00:2330 अप्रेल को जंतर मंतर पर Revolutionary Workers Party of India, दिसा छात्र संगठन, आईसा, नौजवान सभा और अन्य संगठनों
00:33के लोगों ने जवर्दस्त वीरोध प्रदर्शन किया
00:53है, तो यह कहा है?шие पिता जी का हालफ देखे ही। अभी तो ने हम है कुछ पृट निष्जवान
01:00डर्तिक गहर कमात्येटारी कहीं?
01:17पिता जी किया करते हैं पोस्माटर से डीटार हो रहा है और आपके बच्चे में चार है बाकी बच्चे क्या
01:27करते हैं प्यां पीछ पिछ बड़ी बेटी पिछ निकाती तो पुंधी तारिक है
01:38हाँ अठाइरे तरी को दिखाया जा रहे हैं दिल्ली से बहुत हो गया है कि कुछ नहीं बता रही है
01:57आप देखी रहे हैं पापा के उसके पापा जी इता हाला हादर देखे हैं माँ जिसके बच्छा जुठा आरोप में
02:07गया
02:12सेलरी बढ़ाने की मांग को लेकर हुए नोयडा मजदूर आंदोलन के नाम पर गिरफतार लोगों में वरिष्ट पत्रकार और जन्पक्षधर
02:21लेखत, सत्यम वर्मा, कवित्री कात्यायनी, छात्र हिमान्सु ठाकूर, आकिर्ती, स्रिष्टी, मनिसा, आटो चालक और समाजिक
02:31कारेकरता रुपेश रॉय और आदित्यानन्द सामिल हैं, जो मजदूरों के साथ, छात्रों के साथ, नोजवानों के साथ कहीं गलत होता
02:39है, वो खड़ होती है, रुपेश एक ओटो चालक है, वो एक ओटो चालक की डायरी वो लगता है, फेस्बुक
02:45पर लिखते हैं, एक सं
03:01वो लोग तो जिनको लगता है कि आज जो इतना शोशन है, जितना अलना है उसके खिलाफ होना चाहिए, स्रिस्टी
03:07एक आर्टिस्ट है, आकरिती डियू में पढ़ने वाली अड़की है, अच्छा नाटक कार है, कई बार मैंने देखा उसको नाटक
03:13पेश करते हैं, तो यह सा
03:29इस में मीडिया बिक चुका है और मजदूरों की आवाज उठाने वाला कोई नहीं है, मजदूर विगुल यही काम करता
03:37है, और यह जनता के बीच से जुटाए गए सहयोग के आधार पे, हम लोग मजदूरों के बीच, महनतकर्ष जनता
03:45के बीच हम लोग ले जाते हैं, उसम
04:06किया जा रहा है, और यह उन आवाजों को उठाता है, जो आवास कुछ दी गई, जो गोदी मेडिया पूरी
04:16तरीके से आघ जिसको मास्टर माइंड और यह इस तरह के अर्बन कर पाकिस्तान का कनेक्शन, नेपाल का कनेक्शन, यह
04:24पूरा एक घुडा किया जूट,
04:27इसके बरक्स आज ऐसे चैनल्स को ऐसे अल्टरनेटिव मीडिया को खड़ा करनी की जरूरत है
04:33इस तोर पे मज़़ूर विगुल एक अकबार के रूप में मतलब एक अल्टरनेटिव अपनी खड़ा कर रहा है
04:42उनके बीच उन मसलों को उठा रहा है तो इस तोर पे हम लोग मज़़ूर विगुल अकबार को देख सकते
04:51हैं
04:51चात्रों और महिला कार्यकरताओं की गिरफतारी पर अधिती ने कहा कि पुलिस ने संवेधानिक और कानूनी प्रावधानों का पालन किये
04:59विना गिरफतारी की है
05:01पूरे देश भर में अभी मज़़ूर हर्ताल कर रहे थे उन्हीं हर्तालों को लेकर के जो मज़़ूर विरोध में जो
05:13प्लीस और सरकार के द्वारे जो चीज़े की जा रही है
05:17पानिपत रिफाइनरी से लेकर के पूरा अभी उत्राखन तक पूरा प्रोटिस्ट पहुंच चुका है वड़गाउं वरिदाबाद नोड़ा पूरा जो पहुंच
05:24चुका है
05:25उसके पीच जिसे निकालकर के देखे तो एक वेतन बड़ोतरी कि डिमांडी लेकिन उसके बाग हम लोग पुरा हाल करके
05:32पुलिस घरों में जा करके उठातीं बिना वर्दी के बिना नंबर प्लेट के गारी के आपको नोग करके बिना किसी
05:39नोटिस के बिना किसी भी चीज क
05:41सारी के सारे सविधान को तार-टार करते हुए सारी लीगल पुरसेस को अगदम जला करके चूले में पूख करके
05:48जाते हैं और किड्नाप कर लेते हैं तो बताइए क्या है यह सवाल है कि आज मज़दूरों के लिए कर
05:55क्या रहे हैं चीज़े इसी चीज को लेकल के हम लोग प्
06:26मजदूर आंदोलन के बाद पुलिस की कारेवाही पर दिल्ली इंवर्सिटि की रिटायर कर satisf s. मधूपरिशाद ने कहा कि यह
06:33लोगों को डराने की कोसिस है
06:36मुझे लगता है कि ये एक तरह से तो हमें ये बहुत हो सकता है कि आदमी परिशान हो जाए
06:45इसको देखके और सोचे कि हम भी चलो घर बैठ लेते हैं लेकिन ये ऐसा जमाना नहीं है जिस तरह
06:55से सरकार में लोगों के लिए हर रास्ता बंद करना शुरू करते हैं
07:02चाहे वो पॉलिटिक पार्टीज हो चाहे वो पार्लिमेंट हो चाहे वो कोई और प्रोटेस्ट करने वाले लोग हो
07:16मीडिया तो चुथ होई गया है नतीजह ये है कोई हमारी अभाज और हमारी मांगे उठाने वाला रहा है
07:25अब जब democracy में democracy की institutions खतम हो जाए तो फिर रहकिा जाए
07:35जब democracy में democracy की institutions कहतम हो तब आप के लिए पिछली रहे हैं
07:42पुलीसियाद दमन के बीच मजदूर आंधोलन की दसा और दिशा पर सवाल है
07:46लेकिन चात्रों का सोचना अलग है
07:49उनका कहना है कि वह मजदूरों के साथ खड़े रहेंगे और फरजी मुकदमों से नहीं डरेंगे
08:19वह 5000 का सिलेंडर खरीद रहे हैं वह बच्चों को स्कूल भेजना चाते हैं एक दम एक कमरे के मकान
08:28में चार लोग पांच लोग रह रहे हैं
08:30मगर वो अपने बच्चों पेले कुछ सपना देखते हैं, इंसान हैं, इंसानों के तमाम महत्वा कांचाहिं उनके भीतर हैं, तमाम
08:38आकांचाहिं उनके भीतर हैं, वो 16,000 में आप रफा रफा नहीं कर सकते हैं, आपको उनको लिवेबल इंसान के
08:45मातध, लिगनिफाइड ला�
08:51बार बार हूँ, ये मानेसर में पहली बार नहीं हूँ, ये उडिसा में पहली बार नहीं हूँ, अगुलगाओं बीवाडी में
08:58पहली बार नहीं हूँ, पानीपत में पहली बार नहीं हूँ, पिछले ही दिनों, सामसन के वर्कर्स ने इतनी बड़ी स्टाहिं,
09:04तानसोनिक के
09:19वरकर्स को रिंस्टेट करने हैं और मजदूर को लगातार सालों से दर्शिकों से सभीयों से लड़िये रहे हैं।
09:48यह आने वाला वक्त ही तै करेगा।
10:18सारी स्टूडेंट्स हीमानशु आक्रिती शिष्टी यहीं लोग जब सॉलिडारिटी में वरकर्स के बीच जाते हैं।
10:24उनको सपोर्ट करने के लिए जाते हैं तब उनहीं को अगवा कर लिया जाता है।
10:28उन पर फर्जी मुकदमें दायर किये जाते हैं।
10:30तो जाहिर है हमीशा से ऐसे स्टूडेंट्स वरकर्स के सपोर्ट में खड़ा होते रहें।
10:36आज भी हम लोग इस चीज के साथ खड़ा होते रहेंगे।
10:40और इन तमाम धमन इन तमाम फर्जी मुकदमों से हम लोग डरने वाले नहीं हैं।
10:46और वरकर्स का प्रोटेस्ट ही था जिसने हर्यानस सरकार को जुकाया।
10:52और जिसने एक हद तक योगी सरकार को मजबूर किया।
10:55अब ये यूपी पुलिस जिस तरीके से वाइलेंस को इंसाइट की या उसमें जो इसकी सनलिप्तता थी उस आधार पे
11:04पुलिस को और सरकार को एक कहें।
11:06मतलब एक वैधता मिल गई कि वो पूरे प्रोटेस्ट को मुव्मेंट को क्रश कर सके उसका दमन कर सके।
11:13इसलिए ये पूरा प्रोटेस्ट दूसरी दिशा में चला गया।
11:16वरना हम लोग या जितने भी अक्टिविस्ट इसके लिए काम कर रहे थे वह हमेशा इस चीज को इंगित कर
11:22रहे थे वरकर्स के सामने कि पीस्फुल प्रोटेस्ट कीजिए।
11:25आप शांती पूर्वक तरीके से आपकी मांगे जायज है।
11:29आपकी मांगे आपकी वेतन बढ़ोत्री आपकी एस आई पीएप जायज है।
11:33पीस्फुली प्रोटेस्ट करेंगे तभी हम जीत पाएंगे।
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