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वरिष्ठ पत्रकार त्रिलोचन भट्ट कहते हैं कि दीपक ने इंसानियत की रक्षा की। भारत के संवैधानिक मूल्यों - धर्मनिरपेक्षता और समानता की रक्षा की। यह आज के दौर में बहुत ही साहस का काम है। उन्होंने कहा कि इस मामले में राज्य पुलिस का व्यवहार भी दीपक को ‘सबक सिखाने’ जैसा रहा है। घटना के बाद दीपक से मिलने पहुंच रहे लोगों को पुलिस उठाकर थाने ले जा रही थी। दीपक पेशे से जिम संचालक हैं और पहलवानी भी करते रहे हैं। ऐसे में दोनों पेशों के संगठनों ने दीपक के समर्थन में कोटद्वार जाने का ऐलान कर दिया था। पुलिस-प्रशासन के हाथ पांव फूल रहे थे। उनकी कोशिश थी कि दीपक एक अपील जारी कर दें कि वह ठीक हैं और उनके समर्थन में लोग कोटद्वार ना आएं।
#deepak #uttarakhand #congress

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00:00पूलिस का बाशाव अभी उनके साहत्थ दोसी तरह का है
00:04मैंसे दिस्मनी वाला बढ़ता हूद्व को अपर से कहा का गया होगा
00:07किसी को आने मत देना किसी दौराना ने उनंसे कहा कि मैंने आप्लिकेसं दे
00:16रहे आठ लोगों के नाम में उसमें दे रहे हैं उसके रिसीवीन मुझे दे दो तो एस्पी चंदर बोहन साब बोले करें या थोड़ा दूप जाओ दो तिन दिन रुप जाओ थोड़ा काम यह जो है जो हला है वो कम हो जाए तो इनको हमने एक-एक को पहचान रखा है इनको
00:46किसी घटनाय आ रही हैं जहां पर मुसल्मानों को सीधे तौर पर टार्गेट किया जा रहा है कभी उनकी दुकान के नाम को लेकर कभी उनकी मजार को कभी किसी कस्मीरी मुसल्मान को जो सौल या पिर कपड़ें बेचने उत्राखंड पहुंचता है और जो जिहाद धूक जिह
01:16इचारक की हैसियत रखने वाले त्रिलोचन भटची हैं जो पत्रकार हैं और खुलकर बोलते हैं मुद्दों कर स्वागत है सरापका और जिस तरीके से मुहम्मद दीपक की घटना हुई कोटद्वार में वह वाइरल है और जाला तर हमारे दर्सकों को भी यह बात पता होग
01:46कि मेरा नाम मुहम्मद दीपक है यह एक सॉलिट स्टेट्मेंट है जब एक प्यडित के पक्ष में इस देश के नागरिक के पक्ष में ब्यक्ति खड़ा होता है बहुत कम लोग ऐसे वचे हैं जो खुल करके जो हैं भीन से टक्राने की हिमत रखते हैं सर पहले तो मैं इस घ
02:16चकमा का मर्डर किया जाता है वो तिर्पुरा का बच्चा था और यहां पढ़ाई करने आ रहा था उसके बाद हाली में विकास नगर में देहरादून का ही एक हिस्ता है वहां पे कस्मीरी दो भाईयों की पिटाई कर दी जाती है बहुत बुरे तरीके से और उसके बाद य
02:46वजब तोड़ी है और एक तरह एक इस तरह के नखरती तत्त तोड़ रहे हैं बार की घटना के बारे में जो बोल रहे है तो ओ दार में जो दीपक्कोमार उस बार के का नामी दार किया वह वास्ता में आज के दौर में एक सहसिका रह था और उस
03:16उसने इनसानियत की रक्षा कि है और भारत के समवैदानिक मूल्य जो है।
03:21धर्मनिर्पेख्षता का, समानता का, इस मूल्य की भी उसने रक्षा कि है।
03:26आम तोर पे जो अब इसमें जो है, अब नफरतियों के टारगर्ट पे आना उसको लाजमी था और
03:32और वो आये ही इस तरह से आये कि लोगों ने साथ नहीं दिया इनका नफ्रतियों का तो उन्हें हर्द्वार से देहरादुन से रिश्के से नफ्रतियों को वहां बुलाना पड़ा और सौट डिर्श्टों नफ्रति वह वहां पहुंचे पुलिस चालिस पचास कह रही है लेक
04:02लगाफतार ये गंदी गंदी गालियां ये लोग वहां देते रहे और अपने ससकारों का प्रदर्शन करते रहे कहते हैं हम सनातनी हैं हम बजरंग दली हैं लेकिन जो इनकी गालिया आप सुनेंगे तो मतलब जिने हैं जो है हम दो लोगों के बिच आपस में भी बोलने में
04:32पहडी फरवली को कोटवार में था और दीपक के साथ दीपक का एक और साती है विजयरावत उनके साथ तो पुलिस का बढ़ताओ अभी उनके साथ दोसी तरह का हम दुस्मनी वाला बढ़ताओ है हमें तो खेर यह लोग नहीं रोख पाए कहीं भी नहीं रोख पाए हम सिधे �
05:02पता नहीं रहे थे कि लोगों को उठाए जा रहा है यहां से थोड़ी देर तक मैं था मेरे साथ में एक CPI MLK राजस्तिव हैं इंद्रेश मैखुरी थी और हाई कोट के एडवोकेट नवनीश नेगी थे हम तीन लोग थे वहां तो बाद में हमने पोचा भई क्यों परिशा
05:32तो के रहें अच्छा उनके लोग थे हमें तो लगा ये इनको मारने आये हुए तो इस तरह से परिस के लिपापोती कर रहे थी फिर हमने जाके खेर छुड़ाया उनको इसके बावजूत पुलिस ने उनसे मुचलका भरवाया और यहां एक ASP हैं चंदरबोहन कितनी तरह कि
06:02नवनीश नेगी जी इंद्रेश मैकुरी और मैं और हमारे साथ वह दोनों लड़के भी थे दीपक और विजयरावा तो पलिस वाले वह ASP सहाब जो थे चंद्रमोहन जी और गिड़ गिड़ आ रहे थे वह थानेदार वहां बैठी हुए चेंदेगी यह थानेदार भी वह �
06:32ने जो है कोड़द्वार आने के घुशना करती हम कोड़द्वार में जाएंगे उसके पक्स में दीपक के पक्स में तो पुलिस वालों के हाथ पैर फैले फूले हुए थे और साहिद उपर से भी उनको आदेश हो गए थे कोई यह ना आए क्योंकि सरकार भी गुरी तरह सर
07:02मैं कोई खत्रे मेंने हो कि इसलिए फिलहाल यहां ना आए तो हमने भी का चलो पुलिस का सहयोग करना है तो यह अपिल एक जारी करने के लिए कह दिया उससे हमने का ठीक है कर दो लेकिन यह ना लगे कि तुम डर गए हो पीची हट गए हो ऐसा नहों लेकिन एक पिल ठीक है
07:32या थोड़ा रुक जाओ दो तीन दिन रुक जाओ थोड़ा काम, यह जो हला है, वह कम हो जाए तो इनको हमने एक एक को पहचान रखा है इनको तो हम भूत बना देंगे, यह कर देंगे, बस थेर जाओ, ठोड़ा सा धहरे रखो, ठीक है भाई, हुम वापस आगे, उसी शा
08:02और विजय के खिलाफ ये जो है किसी कोई उन्होंने शिकायद करता पकड़ाये उसकी तरफ से इन दोनों के खिलाफ नामजद हो गई लेकिन उनके खिलाफ उस अप्लिकेशन पे मुकदमा दर्ज नहीं हुआ जो दीफक ने दी थी पुलिस ने खुद वादी बनकर वो मुकद
08:32बन करें लेकिन वह पुलिस नहीं पैचान पाई अब लोग लगातार उनकी फोटो डाल नहीं है पुलिस को टैग करें भया यह देखो यह नाम है यह नम है लेकिन अभी कोई उनकी तरफ से अभी तक जहां तक मेरा सूचना है कि कोई नामजद रिपोर्ट उनके खिलाफ उ
09:02उनके इसारे पर यह साम्प्रदाइकता का खुला खेल चल रहा है और इसके साथ ही जो एक और सवाल उसमें जो है मैं जोड़ता हूं एक पहलो और भी कि दीपक के साथ अस्थानिय समाज का रिस्पॉंस कैसा रहा क्योंकि बाहर के लोग तो बहुत ज्यादा वीडियो जारी क
09:32है उसका रिस्पॉंस कैसा है उनके परोजीओं का कैसा है अगर आप अगर अपता सोफे जब कोई इसस तरह से निशाने पर आ जाता है तो लोग उससे कतरा आते हैं उसके आसपास नहीं जाते कम से कम कुस दिनों तक तो नजदी की रिष्दार भी नहीं जाते है लेकिन डी
10:02और कोड़ द्वार में मुझे नहीं लगता कि इस तरह के तत्व दीपक के साथ कुछ कर पाएंगे दीपक का पूरा सपोर्ट वहां के अस्तानिय लोगों को वैसे भी वहां बे हिंदू भी रहते हैं, मुसल्मान भी रहते हैं, तो मुसलिम समधाय का तो है ही है, हिंदू समध
10:32हमें लगता है, खड़े हैं, और हम भी इसलिए गए थे, कि पता नहीं, यहां देरादून से गए थे, हम लोग कि पता नहीं, वहां के लोगों का कैसा रिस्पोंस हो, उससे मिल दूर रहे हैं, नहीं रहे हैं, कहीं वो अकेला महसूस नहीं कर रहा है, लेकिन ऐसा कुछ है �
11:02कोड़ द्वार में अस्तानिय लोगों का उनके साथ रहे हैं, हाँ एक बास हो, आपने जो है, सरकारी सरक्षण वाली बाग रहे हैं, तो बिलकुल यहीं सरकारी सरक्षण नहोता, तो यह इतने लोग यहां से वहां जा नहीं पाते, और आप देखेंगे, वो वीडियो साफ
11:32अगए, कोड़वार जाएंगे, फिर भी इनको नहीं रोका गया, और उसके जिम तक जाने दिया गया, और जिम ठाने से जो है, कुछ कदमों की दूरी पर है तब भी पुलिस जो है, पुलिस उनको जाने देती है, वहां हंगामा करने देती है, तीन-चार घंटे तक गालिय
12:02तो सौंब यहां चलही रहा है जो बिल्कॉल यही वा मुझे लगता है कि जो दीपक की नाव मुझा में
12:32क्या आपको लगता है कि सिविल सोसाइटी का यही रोल हो सकता है खास तोर पर उसे उत्रा खंडी नहीं वालकि पूरे भारत में जिस तरीके से यह सामप्रदा इक्ता का खुला खेल चल रहा है हिंदुत्यों के नाम पर हिंदुराश्ट के नाम पर और मुसल्मानों को टार्�
13:02उसकी बात में कर रहा हूं जैसे कि हमें हाल के सालों में लगने लगा था कि पूरा समाज नफरती हो गया है जी सब इसी तरह के बाते कर रहे हैं लेकिन इस दीपक वाले मामले में हमें लगा कि ऐसा नहीं है तमाम लोग इसके पक्स में आए आगे अब इसका जो है जो सोसल
13:32नहीं हुए है पूरा समाज लफ्रती नहीं हुआ है जब तमाम इसके सपोर्ट में सोसल मीडिया पट गया दिपक के सपोर्ट में तो उनकी तरफ से बीजेपी की तरफ से एक प्रोर आर्मी उतारी गई है आप मेरे फेस्ट पर भी देखेंगे तो वो तमाम तरह की गालियां �
14:02क्यों इसमें आए वो भी इस समय बड़ी संख्या में सामने आए हैं दिपक के पक्ष में आए हैं और आगे अब उमीद ये बंदी है कि अब और लोग जो अब भी चुप हैं वो जरूर आगे आएंगे क्योंकि पानी अब सिर से उपर बैह रहा है लोग ठीक है कि ठीक है य
14:32करते हैं वो भी मारपीट और किसी के ब्याउसाय को बंद करने तक कि के तक वो नहीं जाते इसलिए वो भी अब पक्ष में आने शुरू हो गए ऐसा मुझे लगता है यह बड़ी बात कह रहे हैं सरा और ऐसा क्यों हो रहा है जैसे कि हम चत्री परिसत का बयान देखें तो मत
15:02क्या है लेकिन अभी जो बयान आया है उसको देखें तो वो कह रहे हैं कि मानवता की रच्छा करना चत्रीय का धर में यह जाती है संगठन है लेकिन समाज का हिस्सा है तो इसलिए हम बात करें और यहीं समाज एक समय जो है भाश्पा को पांच सीटें लोगसभा की देता है
15:32लाम पर दाइक्ता भी है तो ब्रामर्ण और चत्रीय का भेज़ है सब कुछ है लेकिन इनोंने इन सालों में हर चीज की लग्या और त्रहा से है नहीं पहले से हो यहां से
15:51में ये इन्होंने हिंदु मुसल्मान तो किया ही एक और बात थी इन्होंने पहाड़ी और मैदानी
15:57मैदानी को यहां डेसी कहते हैं डेसी पहाड़ी का भेड़ भी इन्होंने और इन्हीं के लोगों
16:01यह किया है अपनी राजनीतिक रोटिया सेखने के लिए लेकिन उत्राखंड के आम जन्द मानस को लगने लगा है कि यह तो अतिकर रहे हैं हर जगें यह जो है इस तरह की चीजों को बढ़ावा दे रहे हैं इसलिए शायद लग रहा है अब लोगों को नहीं नहीं यह तो ज�
16:31दोक्टर नहीं अस्पतालों में तो रास्ते में बच्चे पैदा कर रही हैं या गर्वोती महिलाएं मर रही हैं यह सारा लोग देख रहे हैं लोकरी बिल्कुल नहीं इसको लोगों के बुरे हाल लोग सब देख रहे हैं लेकिन हिंदू मुसल्मान और मैदानी पहाड़ी �
17:01यह तो हमें बेकूब बना रहे हैं और इस तरह से बेकूब बना के वो सारे हमारे जो हक हैं जो हमें सुभधाएं मिलनी चाहिए वो नहीं दे पा रहे हैं नहीं दे रहे हैं और हमें यहां उलजा रहे हैं यह लोगों की समझ में धीरे धीरे आने लगा है और बहुत बड़ी �
17:31विरोध किया था और उनको भी सोशल मेडिया पर काफी ने निताल तो उनको काफी गालियां पड़े थी और महिला होते हुए उन्होंने यह हौसला दिखाया था और वो ज्यादा दिनों की बात नहीं है मुझे लगता है पिछले साल के आखिर की बात है और उसके बाद जो ए म
18:01या जो सरकार है वो ध्यान भटकाने के लिए जनता सवाल न पूछे जो जनता के मुद्धे है उससे तो जो पहाड के मुद्धे हमने पिछली बातचीत में आपने गिनाये थे उन सबसे जो है ध्यान भटकाने का भी एक तरीका है कि हिंदू-मुसल्मान करना तरसल मैं आप
18:31पीवालों के भीता से ही दो नाम सामने आए एक इनका प्रदेश प्रभारी दुश्यंत गौतम और एक इनका महामंत्री संगठन अजैकुमार इन दोनों के नाम आए उसके बाद यहां पे जो है आंदोलन फिर से भड़क गया और लोग मांग करने लगे कि ये जो दो नाम �
19:01लेकर बुलाई गई है तो सरकार की गले गले फंस गई सरकार ने सीवी आई जांत की सुस्कुति की बात कह दी लेकिन जो दूसरा ज़रूरी पॉइंट था कि सुप्रीम कोट के जज की निगरानी में वह वाला पार्ट छोड़ दिया उसके लिए लगातार आंदोलन चल रह
19:31कि जो सीवी आई जांत के लिए बता रहे हैं एक नई एफ़ायार चाहिए थी तो वो एक एफ़ायार दर्ज करवाई कोई तखाकथित भरजी परियावरण भी देहें डॉक्टर अनिल जोसी है इसको नाम के सास्ता चलाते हैं पदम स्री पदम भूसन उनको मिल लखा है उन
20:01रही हूं फिर मांग की यहां के लोगों ने प्रासन के लोगों ने फिर मांग की कि यह ए-फ-i-r बिलकुल किंसल करो और अंकिता के माता पिताёнी
20:13को चिठी दी है हाली में उनको ले आये गया स punya एक चिठी दी है और यहीं लिका है कि आगे की जहां तक
20:20तो लोग मांग कर रहे थे कि इस चिठी के आधार को आधार मना कर दर्ज करवाई जाए और फिर चांस करवाई जाए लेकिन नहीं आज ही खबर छपी है कि सीवी आई ने जांस शुरू कर दी है सीवी आई यहां देरा दून आ गई है और जांस भर्जी पर्यावरण विद्�
20:50पूरा संतुष्टों पर यह पोरा फिर भी जो है वी आई पी को बचाने का एक प्रियास है तो वी आई पी तो कोई बड़ा आदमी है यह है इन तमाम इनकी हर्पतों से साफ हो गया है एक बात दूसरी बात यह जो मुक्षममंत्री हेट स्पीश में नंबर एक आए हैं जो
21:20दूसरी बात पहाड़ों में आजकल जो वन्यजीव के साथ संगर से लगातार खबरें आ रहे हैं बाग भालू सेद्वा लोगों को मार रहा है चोटे-चोटे बच्चों को उठाके ले जा रहा है इसका सरकार के पास कोई उपाई नहीं है यहां भी धामी जी की सरकार बिल
21:50हटकाने के लिए इन्हें लगता है कि यह सामपंदाइट से बढ़िया तो कोई मद्दाई नहीं हिंदु-मुसल्मान करो लोगों का ध्यान उदर जा जाए चला जाएगा लेकिन लोग समझ रहे हैं मैं कहा रहा हूं कि हमारी जैसे लोगों को भी हमारी पोस्टों पर इनका
22:20क्यों अपराधी बना रहा हो तुम लोग और अब मुहम्मद दीपक उस समय इतना ज्यादा रिस्पॉंस नहीं आया था सैला नेगी को ले करके जो है अगर हम देखें तो मुहम्मद दीपक का के मामले में रिस्पॉंस जो है अन्प्रेसिडेंटेंट है एक्दम और पुरा
22:50मामला था � jeśli उसमें हालां कि वह वह पहली हुई थे उसके समर्थन मेंफि काफी लोग आये थे लेकिन इतनी इतनी के बड़ी संध्यामें एकदम से लों इसके उसमें नहीं आये थे आये थेकुश-छुदा बहुत काफी आहे थे फिर भी इतने तो नहीं आये थे तो यह यह
23:20ये लोगों की समझ में अब धेरे धेरे आने लगा है और यही वज़ा है कि ये दिपक के समर्थन में अचानक पूरे पूरा देशी नहीं दुनिया वो कह रहे थे कि बाहर के देशों से भी उनके पास कॉल आ रहे हैं तो इसकी वज़ा यही है कि लोग समझ गए हैं इनकी चा
23:50सब्सक्राइब करें लेकिन वास्ता में इमांदारी से चुनाव हो तो मुझे नहीं लगता कि यह 27 का चुनाव जीतने जा रहे हैं फिरहां मेरा आकलन कुछ ऐसा है
24:20लेकिन मैं आखिर में बस यह जानना चाहूंगा कि जिस तरीके से बजरंग दल महां ऑपरेट कर रहा है और उन्होंने अपने परिवार को लेकर के दीपक ने जो है चिंता जताई आपको लगता है कि इस तरीके से लोग जो है वो सुरच्छित रह पाएंगे या दीपक के म
24:50लिंचिंग के मामले भी जो है जो है अगले दिन डेट सो लोग पहुंच गए थे कोट दोहर में कितने सुरच्छित हैं यह लोग जो यह मुकाबला कर रहे हैं जी बिलकुल खत्रा तो है और खत्रा तब बढ़ जाता है जब वो सरकारी सरक्षण में इस तरह के दंगे करते
25:20वरना सभी का नमबर आएगा यह सब समझ रहे हैं कि आज नहीं तो कल सब का नमबर आएगा आज ही में एक वीडियो देख रहा था कोई सज्जन हैं तो यहां बीजेपी के रेरियों में सारे कपड़े उतार के और आपने शरीर पे सारे बीजेपी के जंडे-वंडे बनाके
25:50और वो पेंट करता था अपने बीजेपी का निशान जो है अपने आगे की तरह भी पीछे की तरह भी और तब रेडियों में जाता था तो वो आज में इस तरह के वीडियो बनाके सोचल मीडिया पर डाल ला है तो इनके लोग भी तुरक्षित नहीं है अब यह सब की समझ म
26:20साने पर उनको उनके साथ भी यही सब हो रहा है तो यह लोग समझ पा रहे हैं मेरी समझ से इसलिए थोड़ा सा हम संतोष कर सकते हैं कि खत्रा होते वे भी हम सक्ष में इस तरह के खत्रों का सामना करने के अब बहुत सुक्रिया सर आपका और इस मामले में उत्राखंड के ल
26:50है क्योंकि सारी विए उस्थाइन के हाथ में हैं बट आने वाले दिनों में इस पर बात करते रहेंगे और महा पंचायत भी अंकिता के मामले में भी उस पर भी आप से समझने की कोसिस करेंगे बहुत सुक्रिया सब्सक्राइंक्यू
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