00:00नमस्कार मैं उननलाव सर्मा और आप देख रहे हैं नियसनल हेराड नौजीवन और कौमियवाज की साजा पेसकस इस समय हम
00:05हमारे साथ कमरागा सहाब है और जो पश्ची मेसिया या वैस्विक राजनीती उसके वो बड़े जानकार हैं आप नहीं जानते
00:14हैं उनका लिखा जो �
00:26पश्ची मेसिया में जो चल रहा है उसका भारत पर क्या असर होगा और आप जानते हैं कि स्रिलंका के
00:33गाले के पास जो इरानी यानि कि जो आईरिस देना फ्रिगेट थी उसको अमेरिका ने किस तरीके से टॉर्पीडो किया
00:42और उसको भारत का रियक्शन किया रहा है उसके �
00:45बाद से जो संप्रभुता की बात है जो भारत में होने लगी है कि नरेंदर मोदी की जो सरकार है
00:51उसने रियक्ट नहीं किया और एक तरीके से हमारे जो प्रवाव वाले हिंद महासागर में घटना करम हुआ और उसके
01:00बाद आप देखे रसिया से तेल के मामले में परमिशन क
01:14ठाउब नहीं रही है या जो अनयतिक काम हैं जो अवैद काम हैं उसको आप एक तरीके से चुपी साथ
01:21जाए उसको सवागत है आपका समय देने दिया सुक्रिया कोई पहला सवाल यही है कि यह जो एड़ान की जो
01:27क्राइसिस है और जिस तरीके से वहां पर जंग चल रही है �
01:31इस पर जो भारत कर वही है उसे आप कैसे देखते हैं देखिए मुझे कोई ताजुब नहीं हो रहा इसलिए
01:39कि हम देखा है कि जब हिंदु महासभा के समय से फिर जन संग बनी बीजेपी बनी इनी ने हमेशा
01:48से इनकी पालिसी रही कि अमेरिका से और इसराइल जे अच्छे सं
02:00मुझे दयान की विजिट हुई पहली दफे हिंदुस्तान में दोते हुआ के समय डिवन्ट मिनिस्टर जनरल थे और उसके बाद
02:09हमने देखा जब इनकी फर्स्ट फाइव यर जब अटल भ्यारी जी प्रेजिडेंट है समय भारत और इसराइल के बीच में
02:18और जादा घनी सं
02:30जो ट्रेडिशनल भारत की पॉलिसी थी इसमें बहुत बड़ा बदलाव आ चुका है यह दो चीजों का बारे में कहते
02:38हैं एरान को लेके हमारी जो टिल्ट है वो बेसिकली अरब देशों की तरफ है इनका कहना यह है कि
02:44हमें तेल वहां से आता है हमारे एक करून लोग महां �
02:47करते हैं हमारा चालिस बिलियन डालर रिमिटेंसे जाता है दो सब बिलियन डालर का वो है बाइलेटरल ट्रेड तकरीबर और
02:58फिर उसके अलावा यह भी है के शेत्र करीब हैं तो इनकी टुटली मुझे अरब देशों की तरफ नज़र आती
03:06है जिनके घनी संब्द अमेरिका
03:08घना से हैं अद्राएं है इसराल इस भी है इनके साथ एक इंडिया-फै ग...!
03:26यह बात करते हैं और यह इंडिया युए इसराईल आएकसिस जो हैं यह बहुत इस्टार आएकसिस बनती ही नजर आ
03:36रही है और यही बल्के इनका यह के लिए कि अन्हां से इन्हीं देशों के तहट पूँ बनाना चाहते हैं
03:44कि यहां से यूए इस साओधे रेविया और को कर �
03:49पिर वहां से जॉर्डेन और जॉर्डेन से हैफा पोर्ट और हैफा पोर्ट से फिर योरॉप की तरफ साइप्रेस वगारा की
03:59तरफ बढ़ जाए इनका चाहबाहर वाली जो थी 2002 से चल लगी थी बातचीफ उससे भी इनी ने अपनी को
04:07विड्रा कर लिया है चाहबाहर पोर्ट
04:19पर जो इसराइल ने हमला किया उसे कुछ दिन पहले नरेंद्र मोदी आप देखे लगी में थे सब लोग यह
04:28सोच रहे हैं सब यह जानना चाहते हैं कि इसको इरान कैसे देखेगा जंग अभी जब जारी है तब भी
04:35और उसके बाद की परिस्तितियों में क्योंकि भारत का ज
04:43सवाल कर रहे हैं कस्मी पॉलिसी रोहिंग्या और इस सब को लेकर करें हम नहीं साब जो है बोलते रहें
04:48सवाल उठाते रहें वह अलग मामला है लेकिन जो डिप्लोमेटिक रिस्ते हैं एक देश के उसमें भारत की भूमिका को
04:55कैसे देखा जाएगा जबकि हमले से पहले प्
05:12अज़ारों साल से हैं इसलाब आने से पहले से हैं और उनकी में ज़के कोशिश यही है किसी सूरत से
05:19जंग निकल जाए जिश्तों को दुबारा से रिपेर किया जाए वो कोई इस समय पोजिशन में भी नहीं कि कर
05:28दो भारत की तरह रखें लेकिन यह है कि उन्हें डिस प्ले
05:42तरीके से भारत की तरफ देखता है एक तो इरान स्वेम एक ऐसा देश जिसके भारत के साथ पहले बॉर्डर
05:49मिलते थे हमारा इमीजेट अब नेवर है पार्टिशन से पहले भारत का हिस्सा था इससे जुड़ावा था यह रेल करनेक्टिविटी
06:01थी वहां से हमारी लोग य
06:10जाएदान इरान में है तो इस तरह के हमारे इतने घनी संबन है वहां के साथ और इरानी भी चाहता
06:18है कि रिश्टे बने रहे कितनी काम्याबी मिलेगी यह नहीं मालूम यह है लेकिन जो मजूदा डिस्पेंसेशन एक सकार है
06:28उसकी सोच कुछ और दराती है इसमें यह देख
06:33कि अरब से बात करने ज्यादा आइडियालोजी पर यह कम द्यान दे रहे हैं बलके इकनॉमिक्स पर इनका ज्यादा द्यान
06:42है लेकिन जैसे आप यूएई बहरी यमन कुवेत और साथी अरब के लोगों से बात कर रहे हैं तमाम जो
06:50देश हैं जैसा कि आप अपनी स्पीच मे
07:03पॉलिसी है उसके अपनी नीती है वैस्विक व्यस्था को ले करके और उसमें अगर हम देखें कि भारत जो है
07:11वो उन देशों के साथ खड़ा दिख रहा है जैसे जो इरान के खिलाफ अमेरिका के साथ रहे हैं साओधी
07:19अरब की बात अगर हम उसमें देखें तो इस नजरिय
07:22को कैसे समझा जा कि प्रिधान मंत्री क्या जंता को बताना चाह रहे हैं उन तमाम दैसों से बात कर
07:28रहे हैं लेकिन वो इरान से बात नहीं कर रहे हैं अभी जाकर कि जब प्रेसर बना है तो विदेश
07:32मंत्री ने ट्वीट किया था कि उन्होंने इरान के विदेश मंत्री से �
07:37बहुत इसका काफी खंडन भी हो रहा है भारत के अंदर और अपोजिशन के अलावा भी उसे लोगों को चिंताए
07:45नदर आ रहे हैं यह जो ट्रेडिशनल भारत की नीती थी उसे हट के इनका
07:50स्टैन्ड है अब भी उमीद करते हैं कि पार्लिमेंट है सेशन जब हो तो उसमें इसके खुल के डिवेट हो
07:59और बाते निकल के आएं कोई एक और एक संतुलन बने इसमें इरान और भारत से भी रिष्टे बने रहें
08:07यह एक तरफ कहना हो दूसी बात यह भी है कि इस समय जो र
08:19नहीं महां पर क्या होगा देल की सप्लाइबी डिसब हो सकती है दूसी बात यह भी है कि अरब देशों
08:25में इस समय जो प्रो अमेरिकन रिजीम्स हैं यह महां पर नैशनलिजम दुबारा से बहुन रही है और जो लगता
08:35है कि कुछ ऐसी जगहें हैं जहां डिस्टैबिलाइ�
08:48प्रोब्लम आएगी ज़रूर लेकिन मैं काफी कंफिडेंट है इरान अभी भारत की तरफ देखता है कि भारत जो है बड़ा
08:57देश है इस्टोरिकल टाइज हैं उनके साथ भारत को वो एक मॉडल के रूप में देखते हैं और जो उनकी
09:07नूती है डिवलप्मेंट को लेके व
09:18प्रोप का क्रियेट करना पुब्लिक सेक्टर और डिफेंस में भी उनको सर्फ रिलाइंस होना चाहिए उसी पर्चन पर हुए वही
09:26मॉडल भी अपनाया है अग्रिकल्चर डिवलप्मेंट और इंडस्ट्रियल डिवलप्मेंट की वो पोशिश कर रहे हैं अलग उनके साथ
09:33सांक्षन की लगे होने के बहुत जिशवारिया है हो enormously कुरी ताइज ही स्योपाते हैं नमें खीलिकल्चर ताइज हमचेड़ेंस हैं
09:40इतने पुराने हैं कुछ समझ में यह वस्दाओ wizard का अगर और आप boomingלה कौन सी चीज यहा से महां
09:44गयी है यहां से कौन से और नका खाना पीन
10:02आखरी एक-दो सवाल मेरे हैं और वो यह कि अगर हम देखें इरान को देखें अभी तो वो जो
10:10जंग लड़ रहा है उसके खिलाव जिसे की फ्रांस बोल रहा है उसने का कि लेबनान पर जो हमला हो
10:15रहा है लेबनान जो है पेरिस के काफी करीब है और वो जो वहां पर जराल कर
10:31आएंगे और अमेरिका एक तरीके सी अलग भासा बोल रहा है अब जबकि ब्रिक्स में इरान हिस्सा है और सिरलंका
10:37के पास फ्रिगेट है उसको डुगो दिया जाता है और भारत खुद को महसक्ति कहता है नरेंद्र मोदी सकड़ोल बजाते
10:45रहते हैं 2047 तक का रोड मैप दे
11:04सक्याइब के वारत की अदल रहे हैं और देखने में आ रहा है कि देशों का रही अलग-अलग है
11:17मचों पर उस पर आपका क्या है
11:19ने पश्चिमी जिते भी है है उनकी नेती में दोस्टी नहीं है वो इंगेज करते है भारत की जब
11:27में जरुदो था उनला को में सब्रेंगेज किया इसिया पैसिफिक कि में ये वो चाहे
11:50तो उनके लिए दूसी बात है कि पश्चिमी देश कश्मीर के इशु को भी वो डिस्पूटेट बानते हैं और कभी
11:57हमारी भारत की लाइन है इसको मानने पर तैयान नहीं है और पश्चिमी देशों का यह भी है कि वो
12:05डिवलप्टिंटल एक्टिविटी जो होती इसको बहु�
12:09नहीं काम करते हैं और इसलिए भारत ने हमेशा से सर्फ रिलाइन्स और इसको बात की थी शुरू से कि
12:19भारत एक सर्फ रिलाइन्स होगा मिल्ल्टलास प्साइकिवी जो नहरुजिस की बात करते थी अब देखना यह है कि किस काल्कुलेशन
12:30के साथ किया इनकी देखी आइड
12:39इनको इस्ट्रिंथ मिल गई है इस बात की कि बहुत से आहरब देश भी अभी इसराइल के साथ अच्छे संबंद
12:45बना रहे हैं और यह सोचते हैं प्योर एक्नॉमिक तर्म्स में सोचते हैं अब तक जाएंगे कैसा होगा मुझे फर्म
12:58मिनिस्टर से बात किया उम्मीद करते है
13:00कि शाहिद बदलाव आए एक पॉपलर सवाल है कि जो भारत में प्रोटेस्ट हो रहे हैं इरान के समर्थन में
13:08इरान इस चीज को कैसे देख रहा होगा तो कि एक सक्ता है जो कस्मीर में इरान के समर्थन में
13:16प्रोटेस्ट को दबा रही है और लग्नौ में और तमाम जगों �
13:19पर लोग प्रोटेस्ट कर रहे हैं आज भी दिल्ली में जो जो अरबाग में करेक्रम हुआ है इरान को लेकर
13:24करके सब्सक्राइब यह जो नागरिकों का जो सॉलिडेरिटी है उसको इरान कैसे देखेगा इस समय इरान बहुत अच्छी तरह से
13:32जानता है कि भारत एक मिश्र�
13:49जिससे उनके रिष्टे भारत से बिगने या कोई उसके ठेक अप करने इस सारे इशुस का अभी वो पूरी तरीके
13:58से उसमें लगे वे हैं अब एक स्क्षन है जिसको उमीद है कि कोई जुनों के बादशार भारत के अंदर
14:05वो आये भारत में निमार्करसी है रूल अफ ला�
14:12करें अपोजिशन पार्टी भी बोल नहीं है और जनता में भी एरान के प्रती एक बड़ी संख्या में सपोर्टर समझता
14:20ने न केवल शिया समझदाजी बलके नॉन शिया समझदाजी को बहुत बड़ा है वो चाहिता कि एरान से बारत के
14:27अच्छे से अगर हम जंग की बात क
14:40वहोगा कि घंडे मंत्रियों कि हम तो इस्राइल की जो हो सेना ओक्र हैं अकर और बार्डर लड़न समय, जारी
14:59रखना ऊपरGER्णा इन की फिरापह्ति
15:09और ये रिसिस्टेंस जारी रहेगा और मुझे इस बात कभी डरे हो सकता है ये फैल जाए पूरे रीजन लिए
15:15इरान की को सब्सक्राइब अरब देशों की जनता कभी है खास्तर से जब से एरान ने खुल के उनका समर्थन
15:26किया है अकेला देश था जो समझा था दूसी बात है
15:31तो कि आरब कोई लडाए इसराइल से डारेक्ट दिखा जाए तो नहीं है तो आरब कास्त के लिए लडाए तो
15:36अर्ब इस्लाम इसका विए लडाय तो अरब जनता में बी उनकी अच्छी संख्यापर और सरकारें जरूर प्रोमेरिकई हैं और हम
15:46ये भी देख रहे हैं कि जो
15:48तो एरान के अंदर IRGC, यानि रिवलूशनरी गार्ड और जो है, यह बहुत बड़ी संख्यावी है, यह मुझे नहीं लगता
15:58कि आसानी से सरंडर करेंगे, परो-अमेरिकन गौर्मेंट भी बन जाएगी तो भी बहाँ पर लड़ाई लड़ेंगे, और वलके अगर
16:05यह गौर्
16:18और फूरे छेतों को इनिस्टेबल भी बना सकते हैं, अभी तो कमांड कंट्रोल बनावा हैं का, अभी तो यह है
16:24कि गवर्मेंट है, इरान के अंदर जो नहीं चाहती कि आप पलोसी देश में आरा जक्ता फैले, या कोई ऐसी
16:31चीज हो जिससे उनको भी नुक्सान हो, लेकिन
16:34अगर कमांड इस्ट्रक्शर टूर जाता है, तो और बड़ी मुस्थी बताता है कि और ये दूसी बाती है कि एरान
16:40के अंदर मैंने पहले भी नैशनलिजम बहुत हो जब अटाइक होता है, तो सब मिल जाते हैं, यह मैंनी कहरा
16:47हूँ कि एरान के अंदर डिफरेंसेज नहीं ह
16:51पर दरूर हैं, लेकिन यह कि इस समय उनकी लडाई अमरका इस राइस हैं, जो डिफरेंसेज थे वो भी काफी
16:59कम हुए हैं, पहले लडाई देख रहे हैं, बाद में पूर्श एक सर जो है बस आखिर में कि यह
17:04कासिम सुलेमानी जब थे एरान में, तो उन्होंने एक्सिस आ�
17:07आया था, हम नहीं साहब ही थे, और अब तो लिडर्सी भी कह सकते हैं कि नहीं रही वो, यह
17:13एक्सिस आफ रिजिस्टेंस आज की तारीक में कितना मजबूत है, इरान के समर्थ में, जब तक के वखा के उपर
17:20इनका आकर्मन जारी है, यह मन में, लबनान में, यह सीरिया में,
17:28यह एक्सिस्टेंस आजए यह रिसिस्टेंस जो हता है, यह खतम नहीं होता, रिसिस्टेंस तो रहेगा हाँ, इनकी जो डिमांड से
17:38कुछ पूरी हो जाएं या वह पे अमरिकन इंटर्वेंशन जो हैं इन देशों में खतम हो जाएं जैसे लिबनान में
17:44के साहिए, लोग को�
17:58वहाँ पे अटैक हुआ था, एजिप्ट लेट कोर्स ती, तब से वह लड़ाई हो जाएं जाएं, फिर उसे बाद हिजबॉल्ला
18:04से पहले वहाँ पे अमल मूव्मेंट था, जो एरानियन रिवलूशन से बल्जादा पुराना है, एराक में बहुत से और्गनाइसेंस थे
18:12ज
18:27इसवाजा से यह और जादा सनलटिक हो गया है, अब यह काफी बड़े हो चुके हैं, सेट बैक्स जरूर लगते
18:32हैं, लेकिन यह कि इनको सोचा जाए कि यह एक्सिस अफ रिसिस्टेंस है, यह खतम हो जाएगी, और यह बिलकुल
18:40एक पसिल, कुछ लगू है इरान के वहाँ स
18:59इनके पास अटनोमी है, जिसका बड़े इस्तमान करते रहते हैं, यह प्रोक्षी नहीं है जिनको प्रोक्षी कहा जाता है, इरान
19:12के साथ है, इनका एक लीडर्शिप रोल है इरान का वहाँ पर और यह आइडियोलोजी का लीभी इमान फमैनी की
19:20जो आइडियोलोजी है, उस
19:25इरान का साथ भी नहीं छोड़ने पर यह लड़ेंगे और काफी समय पर अगर आप एक दो सब्दों में थोड़े
19:34समय बताना चाहें कि यह जो प्रधानमंत्री भारत की जो सरकार है, इससे इसका इस्टेंड अभी क्या होना चाहिए, यह
19:41जो इरान इस्राइल अभी इसराइ
19:54है और हमको एक बैलेंस समझ है बनाना चाहिए और दूसी बात यह है कि हमारा नाशनली इंट्रेंस इस यूद
20:01इससे जुड़ावा है तेल की सप्लाई खास्तों से अगर हमें छे से आठ साथ परसेंट एकनामिक ग्रोथ लगातार चाहिए तो
20:09यूद बंद होना चाहिए तो
20:23और देशों के साथ मिलके ब्रिक्स है या शंगाई कोपरेशन जिसके बारत चेत्री ओगनाइजेशन से इनके साथ मिलके एक लीडर्शिप
20:34करो ले करना चाहिए शांती के लिए और मैं समस्तों के यही बहतर होगा भारत की बिलकुल सर बहुत सुक्रिया
20:42आपका एक बात या
20:52इरान की का जो संकट है उस पर एक समझ बनाने में इस बातचीत के जरी आपको मदद मिलेगी नेशनल
20:59एराड नोजीवन और कौमी आवाज को देखते रहे हैं इरान और अमेरिका इस्राइल की जुल्जाइंग है इस पर हम सर
21:06के साथ आगे भी बातचीत करते रहेंगे तब �
21:08और को आपके ऑने तक्के ये नमस्कार सुक्ति आघ झाल सथिया नेवाई था धन्केशन इन्यूमिट
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