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  • 2 days ago
रक्षा और रणनीतिक मामलों के विशेषज्ञ Qamar Agha ने Navjivan के साथ बातचीत में
कहा कि भारत को अरब देशों और तेहरान के साथ रिश्ते में बैलेंस बनाना चाहिए। यह हमारे हित में होगा। उन्होंने कहा कि 'अगर ईरान आने वाले दिनों में अरब देशों पर हमला जारी रखता है तो यह युद्ध बहुत सारे अरब देशों की सत्ता के खिलाफ जनसैलाब के सड़कों पर आने का कारण बन सकता है। इससे अमेरिका के सहयोगी अरब देशों को मुश्किल होगी।' तेहरान को लेकर अमेरिका और इजरायल की योजना के बारे में पश्चिम एशिया मामलों के जानकार क़मर आग़ा ने कहा कि 'ईरान में राष्ट्रवाद की भावना बहुत मजबूत है। वैचारिक मतभेद के बावजूद संकट की घड़ी में सब एक हो जाते हैं। यह एकजुटता पश्चिमी देशों के लिए बहुत बड़ी चुनौती है।'

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00:00नमस्कार मैं उननलाव सर्मा और आप देख रहे हैं नियसनल हेराड नौजीवन और कौमियवाज की साजा पेसकस इस समय हम
00:05हमारे साथ कमरागा सहाब है और जो पश्ची मेसिया या वैस्विक राजनीती उसके वो बड़े जानकार हैं आप नहीं जानते
00:14हैं उनका लिखा जो �
00:26पश्ची मेसिया में जो चल रहा है उसका भारत पर क्या असर होगा और आप जानते हैं कि स्रिलंका के
00:33गाले के पास जो इरानी यानि कि जो आईरिस देना फ्रिगेट थी उसको अमेरिका ने किस तरीके से टॉर्पीडो किया
00:42और उसको भारत का रियक्शन किया रहा है उसके �
00:45बाद से जो संप्रभुता की बात है जो भारत में होने लगी है कि नरेंदर मोदी की जो सरकार है
00:51उसने रियक्ट नहीं किया और एक तरीके से हमारे जो प्रवाव वाले हिंद महासागर में घटना करम हुआ और उसके
01:00बाद आप देखे रसिया से तेल के मामले में परमिशन क
01:14ठाउब नहीं रही है या जो अनयतिक काम हैं जो अवैद काम हैं उसको आप एक तरीके से चुपी साथ
01:21जाए उसको सवागत है आपका समय देने दिया सुक्रिया कोई पहला सवाल यही है कि यह जो एड़ान की जो
01:27क्राइसिस है और जिस तरीके से वहां पर जंग चल रही है �
01:31इस पर जो भारत कर वही है उसे आप कैसे देखते हैं देखिए मुझे कोई ताजुब नहीं हो रहा इसलिए
01:39कि हम देखा है कि जब हिंदु महासभा के समय से फिर जन संग बनी बीजेपी बनी इनी ने हमेशा
01:48से इनकी पालिसी रही कि अमेरिका से और इसराइल जे अच्छे सं
02:00मुझे दयान की विजिट हुई पहली दफे हिंदुस्तान में दोते हुआ के समय डिवन्ट मिनिस्टर जनरल थे और उसके बाद
02:09हमने देखा जब इनकी फर्स्ट फाइव यर जब अटल भ्यारी जी प्रेजिडेंट है समय भारत और इसराइल के बीच में
02:18और जादा घनी सं
02:30जो ट्रेडिशनल भारत की पॉलिसी थी इसमें बहुत बड़ा बदलाव आ चुका है यह दो चीजों का बारे में कहते
02:38हैं एरान को लेके हमारी जो टिल्ट है वो बेसिकली अरब देशों की तरफ है इनका कहना यह है कि
02:44हमें तेल वहां से आता है हमारे एक करून लोग महां �
02:47करते हैं हमारा चालिस बिलियन डालर रिमिटेंसे जाता है दो सब बिलियन डालर का वो है बाइलेटरल ट्रेड तकरीबर और
02:58फिर उसके अलावा यह भी है के शेत्र करीब हैं तो इनकी टुटली मुझे अरब देशों की तरफ नज़र आती
03:06है जिनके घनी संब्द अमेरिका
03:08घना से हैं अद्राएं है इसराल इस भी है इनके साथ एक इंडिया-फै ग...!
03:26यह बात करते हैं और यह इंडिया युए इसराईल आएकसिस जो हैं यह बहुत इस्टार आएकसिस बनती ही नजर आ
03:36रही है और यही बल्के इनका यह के लिए कि अन्हां से इन्हीं देशों के तहट पूँ बनाना चाहते हैं
03:44कि यहां से यूए इस साओधे रेविया और को कर �
03:49पिर वहां से जॉर्डेन और जॉर्डेन से हैफा पोर्ट और हैफा पोर्ट से फिर योरॉप की तरफ साइप्रेस वगारा की
03:59तरफ बढ़ जाए इनका चाहबाहर वाली जो थी 2002 से चल लगी थी बातचीफ उससे भी इनी ने अपनी को
04:07विड्रा कर लिया है चाहबाहर पोर्ट
04:19पर जो इसराइल ने हमला किया उसे कुछ दिन पहले नरेंद्र मोदी आप देखे लगी में थे सब लोग यह
04:28सोच रहे हैं सब यह जानना चाहते हैं कि इसको इरान कैसे देखेगा जंग अभी जब जारी है तब भी
04:35और उसके बाद की परिस्तितियों में क्योंकि भारत का ज
04:43सवाल कर रहे हैं कस्मी पॉलिसी रोहिंग्या और इस सब को लेकर करें हम नहीं साब जो है बोलते रहें
04:48सवाल उठाते रहें वह अलग मामला है लेकिन जो डिप्लोमेटिक रिस्ते हैं एक देश के उसमें भारत की भूमिका को
04:55कैसे देखा जाएगा जबकि हमले से पहले प्
05:12अज़ारों साल से हैं इसलाब आने से पहले से हैं और उनकी में ज़के कोशिश यही है किसी सूरत से
05:19जंग निकल जाए जिश्तों को दुबारा से रिपेर किया जाए वो कोई इस समय पोजिशन में भी नहीं कि कर
05:28दो भारत की तरह रखें लेकिन यह है कि उन्हें डिस प्ले
05:42तरीके से भारत की तरफ देखता है एक तो इरान स्वेम एक ऐसा देश जिसके भारत के साथ पहले बॉर्डर
05:49मिलते थे हमारा इमीजेट अब नेवर है पार्टिशन से पहले भारत का हिस्सा था इससे जुड़ावा था यह रेल करनेक्टिविटी
06:01थी वहां से हमारी लोग य
06:10जाएदान इरान में है तो इस तरह के हमारे इतने घनी संबन है वहां के साथ और इरानी भी चाहता
06:18है कि रिश्टे बने रहे कितनी काम्याबी मिलेगी यह नहीं मालूम यह है लेकिन जो मजूदा डिस्पेंसेशन एक सकार है
06:28उसकी सोच कुछ और दराती है इसमें यह देख
06:33कि अरब से बात करने ज्यादा आइडियालोजी पर यह कम द्यान दे रहे हैं बलके इकनॉमिक्स पर इनका ज्यादा द्यान
06:42है लेकिन जैसे आप यूएई बहरी यमन कुवेत और साथी अरब के लोगों से बात कर रहे हैं तमाम जो
06:50देश हैं जैसा कि आप अपनी स्पीच मे
07:03पॉलिसी है उसके अपनी नीती है वैस्विक व्यस्था को ले करके और उसमें अगर हम देखें कि भारत जो है
07:11वो उन देशों के साथ खड़ा दिख रहा है जैसे जो इरान के खिलाफ अमेरिका के साथ रहे हैं साओधी
07:19अरब की बात अगर हम उसमें देखें तो इस नजरिय
07:22को कैसे समझा जा कि प्रिधान मंत्री क्या जंता को बताना चाह रहे हैं उन तमाम दैसों से बात कर
07:28रहे हैं लेकिन वो इरान से बात नहीं कर रहे हैं अभी जाकर कि जब प्रेसर बना है तो विदेश
07:32मंत्री ने ट्वीट किया था कि उन्होंने इरान के विदेश मंत्री से �
07:37बहुत इसका काफी खंडन भी हो रहा है भारत के अंदर और अपोजिशन के अलावा भी उसे लोगों को चिंताए
07:45नदर आ रहे हैं यह जो ट्रेडिशनल भारत की नीती थी उसे हट के इनका
07:50स्टैन्ड है अब भी उमीद करते हैं कि पार्लिमेंट है सेशन जब हो तो उसमें इसके खुल के डिवेट हो
07:59और बाते निकल के आएं कोई एक और एक संतुलन बने इसमें इरान और भारत से भी रिष्टे बने रहें
08:07यह एक तरफ कहना हो दूसी बात यह भी है कि इस समय जो र
08:19नहीं महां पर क्या होगा देल की सप्लाइबी डिसब हो सकती है दूसी बात यह भी है कि अरब देशों
08:25में इस समय जो प्रो अमेरिकन रिजीम्स हैं यह महां पर नैशनलिजम दुबारा से बहुन रही है और जो लगता
08:35है कि कुछ ऐसी जगहें हैं जहां डिस्टैबिलाइ�
08:48प्रोब्लम आएगी ज़रूर लेकिन मैं काफी कंफिडेंट है इरान अभी भारत की तरफ देखता है कि भारत जो है बड़ा
08:57देश है इस्टोरिकल टाइज हैं उनके साथ भारत को वो एक मॉडल के रूप में देखते हैं और जो उनकी
09:07नूती है डिवलप्मेंट को लेके व
09:18प्रोप का क्रियेट करना पुब्लिक सेक्टर और डिफेंस में भी उनको सर्फ रिलाइंस होना चाहिए उसी पर्चन पर हुए वही
09:26मॉडल भी अपनाया है अग्रिकल्चर डिवलप्मेंट और इंडस्ट्रियल डिवलप्मेंट की वो पोशिश कर रहे हैं अलग उनके साथ
09:33सांक्षन की लगे होने के बहुत जिशवारिया है हो enormously कुरी ताइज ही स्योपाते हैं नमें खीलिकल्चर ताइज हमचेड़ेंस हैं
09:40इतने पुराने हैं कुछ समझ में यह वस्दाओ wizard का अगर और आप boomingלה कौन सी चीज यहा से महां
09:44गयी है यहां से कौन से और नका खाना पीन
10:02आखरी एक-दो सवाल मेरे हैं और वो यह कि अगर हम देखें इरान को देखें अभी तो वो जो
10:10जंग लड़ रहा है उसके खिलाव जिसे की फ्रांस बोल रहा है उसने का कि लेबनान पर जो हमला हो
10:15रहा है लेबनान जो है पेरिस के काफी करीब है और वो जो वहां पर जराल कर
10:31आएंगे और अमेरिका एक तरीके सी अलग भासा बोल रहा है अब जबकि ब्रिक्स में इरान हिस्सा है और सिरलंका
10:37के पास फ्रिगेट है उसको डुगो दिया जाता है और भारत खुद को महसक्ति कहता है नरेंद्र मोदी सकड़ोल बजाते
10:45रहते हैं 2047 तक का रोड मैप दे
11:04सक्याइब के वारत की अदल रहे हैं और देखने में आ रहा है कि देशों का रही अलग-अलग है
11:17मचों पर उस पर आपका क्या है
11:19ने पश्चिमी जिते भी है है उनकी नेती में दोस्टी नहीं है वो इंगेज करते है भारत की जब
11:27में जरुदो था उनला को में सब्रेंगेज किया इसिया पैसिफिक कि में ये वो चाहे
11:50तो उनके लिए दूसी बात है कि पश्चिमी देश कश्मीर के इशु को भी वो डिस्पूटेट बानते हैं और कभी
11:57हमारी भारत की लाइन है इसको मानने पर तैयान नहीं है और पश्चिमी देशों का यह भी है कि वो
12:05डिवलप्टिंटल एक्टिविटी जो होती इसको बहु�
12:09नहीं काम करते हैं और इसलिए भारत ने हमेशा से सर्फ रिलाइन्स और इसको बात की थी शुरू से कि
12:19भारत एक सर्फ रिलाइन्स होगा मिल्ल्टलास प्साइकिवी जो नहरुजिस की बात करते थी अब देखना यह है कि किस काल्कुलेशन
12:30के साथ किया इनकी देखी आइड
12:39इनको इस्ट्रिंथ मिल गई है इस बात की कि बहुत से आहरब देश भी अभी इसराइल के साथ अच्छे संबंद
12:45बना रहे हैं और यह सोचते हैं प्योर एक्नॉमिक तर्म्स में सोचते हैं अब तक जाएंगे कैसा होगा मुझे फर्म
12:58मिनिस्टर से बात किया उम्मीद करते है
13:00कि शाहिद बदलाव आए एक पॉपलर सवाल है कि जो भारत में प्रोटेस्ट हो रहे हैं इरान के समर्थन में
13:08इरान इस चीज को कैसे देख रहा होगा तो कि एक सक्ता है जो कस्मीर में इरान के समर्थन में
13:16प्रोटेस्ट को दबा रही है और लग्नौ में और तमाम जगों �
13:19पर लोग प्रोटेस्ट कर रहे हैं आज भी दिल्ली में जो जो अरबाग में करेक्रम हुआ है इरान को लेकर
13:24करके सब्सक्राइब यह जो नागरिकों का जो सॉलिडेरिटी है उसको इरान कैसे देखेगा इस समय इरान बहुत अच्छी तरह से
13:32जानता है कि भारत एक मिश्र�
13:49जिससे उनके रिष्टे भारत से बिगने या कोई उसके ठेक अप करने इस सारे इशुस का अभी वो पूरी तरीके
13:58से उसमें लगे वे हैं अब एक स्क्षन है जिसको उमीद है कि कोई जुनों के बादशार भारत के अंदर
14:05वो आये भारत में निमार्करसी है रूल अफ ला�
14:12करें अपोजिशन पार्टी भी बोल नहीं है और जनता में भी एरान के प्रती एक बड़ी संख्या में सपोर्टर समझता
14:20ने न केवल शिया समझदाजी बलके नॉन शिया समझदाजी को बहुत बड़ा है वो चाहिता कि एरान से बारत के
14:27अच्छे से अगर हम जंग की बात क
14:40वहोगा कि घंडे मंत्रियों कि हम तो इस्राइल की जो हो सेना ओक्र हैं अकर और बार्डर लड़न समय, जारी
14:59रखना ऊपरGER्णा इन की फिरापह्ति
15:09और ये रिसिस्टेंस जारी रहेगा और मुझे इस बात कभी डरे हो सकता है ये फैल जाए पूरे रीजन लिए
15:15इरान की को सब्सक्राइब अरब देशों की जनता कभी है खास्तर से जब से एरान ने खुल के उनका समर्थन
15:26किया है अकेला देश था जो समझा था दूसी बात है
15:31तो कि आरब कोई लडाए इसराइल से डारेक्ट दिखा जाए तो नहीं है तो आरब कास्त के लिए लडाए तो
15:36अर्ब इस्लाम इसका विए लडाय तो अरब जनता में बी उनकी अच्छी संख्यापर और सरकारें जरूर प्रोमेरिकई हैं और हम
15:46ये भी देख रहे हैं कि जो
15:48तो एरान के अंदर IRGC, यानि रिवलूशनरी गार्ड और जो है, यह बहुत बड़ी संख्यावी है, यह मुझे नहीं लगता
15:58कि आसानी से सरंडर करेंगे, परो-अमेरिकन गौर्मेंट भी बन जाएगी तो भी बहाँ पर लड़ाई लड़ेंगे, और वलके अगर
16:05यह गौर्
16:18और फूरे छेतों को इनिस्टेबल भी बना सकते हैं, अभी तो कमांड कंट्रोल बनावा हैं का, अभी तो यह है
16:24कि गवर्मेंट है, इरान के अंदर जो नहीं चाहती कि आप पलोसी देश में आरा जक्ता फैले, या कोई ऐसी
16:31चीज हो जिससे उनको भी नुक्सान हो, लेकिन
16:34अगर कमांड इस्ट्रक्शर टूर जाता है, तो और बड़ी मुस्थी बताता है कि और ये दूसी बाती है कि एरान
16:40के अंदर मैंने पहले भी नैशनलिजम बहुत हो जब अटाइक होता है, तो सब मिल जाते हैं, यह मैंनी कहरा
16:47हूँ कि एरान के अंदर डिफरेंसेज नहीं ह
16:51पर दरूर हैं, लेकिन यह कि इस समय उनकी लडाई अमरका इस राइस हैं, जो डिफरेंसेज थे वो भी काफी
16:59कम हुए हैं, पहले लडाई देख रहे हैं, बाद में पूर्श एक सर जो है बस आखिर में कि यह
17:04कासिम सुलेमानी जब थे एरान में, तो उन्होंने एक्सिस आ�
17:07आया था, हम नहीं साहब ही थे, और अब तो लिडर्सी भी कह सकते हैं कि नहीं रही वो, यह
17:13एक्सिस आफ रिजिस्टेंस आज की तारीक में कितना मजबूत है, इरान के समर्थ में, जब तक के वखा के उपर
17:20इनका आकर्मन जारी है, यह मन में, लबनान में, यह सीरिया में,
17:28यह एक्सिस्टेंस आजए यह रिसिस्टेंस जो हता है, यह खतम नहीं होता, रिसिस्टेंस तो रहेगा हाँ, इनकी जो डिमांड से
17:38कुछ पूरी हो जाएं या वह पे अमरिकन इंटर्वेंशन जो हैं इन देशों में खतम हो जाएं जैसे लिबनान में
17:44के साहिए, लोग को�
17:58वहाँ पे अटैक हुआ था, एजिप्ट लेट कोर्स ती, तब से वह लड़ाई हो जाएं जाएं, फिर उसे बाद हिजबॉल्ला
18:04से पहले वहाँ पे अमल मूव्मेंट था, जो एरानियन रिवलूशन से बल्जादा पुराना है, एराक में बहुत से और्गनाइसेंस थे
18:12
18:27इसवाजा से यह और जादा सनलटिक हो गया है, अब यह काफी बड़े हो चुके हैं, सेट बैक्स जरूर लगते
18:32हैं, लेकिन यह कि इनको सोचा जाए कि यह एक्सिस अफ रिसिस्टेंस है, यह खतम हो जाएगी, और यह बिलकुल
18:40एक पसिल, कुछ लगू है इरान के वहाँ स
18:59इनके पास अटनोमी है, जिसका बड़े इस्तमान करते रहते हैं, यह प्रोक्षी नहीं है जिनको प्रोक्षी कहा जाता है, इरान
19:12के साथ है, इनका एक लीडर्शिप रोल है इरान का वहाँ पर और यह आइडियोलोजी का लीभी इमान फमैनी की
19:20जो आइडियोलोजी है, उस
19:25इरान का साथ भी नहीं छोड़ने पर यह लड़ेंगे और काफी समय पर अगर आप एक दो सब्दों में थोड़े
19:34समय बताना चाहें कि यह जो प्रधानमंत्री भारत की जो सरकार है, इससे इसका इस्टेंड अभी क्या होना चाहिए, यह
19:41जो इरान इस्राइल अभी इसराइ
19:54है और हमको एक बैलेंस समझ है बनाना चाहिए और दूसी बात यह है कि हमारा नाशनली इंट्रेंस इस यूद
20:01इससे जुड़ावा है तेल की सप्लाई खास्तों से अगर हमें छे से आठ साथ परसेंट एकनामिक ग्रोथ लगातार चाहिए तो
20:09यूद बंद होना चाहिए तो
20:23और देशों के साथ मिलके ब्रिक्स है या शंगाई कोपरेशन जिसके बारत चेत्री ओगनाइजेशन से इनके साथ मिलके एक लीडर्शिप
20:34करो ले करना चाहिए शांती के लिए और मैं समस्तों के यही बहतर होगा भारत की बिलकुल सर बहुत सुक्रिया
20:42आपका एक बात या
20:52इरान की का जो संकट है उस पर एक समझ बनाने में इस बातचीत के जरी आपको मदद मिलेगी नेशनल
20:59एराड नोजीवन और कौमी आवाज को देखते रहे हैं इरान और अमेरिका इस्राइल की जुल्जाइंग है इस पर हम सर
21:06के साथ आगे भी बातचीत करते रहेंगे तब �
21:08और को आपके ऑने तक्के ये नमस्कार सुक्ति आघ झाल सथिया नेवाई था धन्केशन इन्यूमिट
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