ग्राम पंचायतों में नियुक्तियां पूरी, शहर के वार्डों में फाइलें अटकी
सवाईमाधोपुर. शहर में राशन डीलरों की नियुक्ति को लेकर शुरू हुई प्रक्रिया अब अधर में अटकी हुई है। जिला रसद अधिकारी की ओर से 21 नवंबर 2025 को भर्ती का ऐलान किया था। ग्रामीण पंचायतों और कई विधानसभाओं में इंटरव्यू पूरे कर नियुक्तियां जारी भी कर दी लेकिन नगरपरिषद क्षेत्र के वार्डों में फाइलें महीनों से ठंडी पड़ी हैं। नतीजा यह है कि ग्रामीण इलाकों में नए डीलर काम संभाल चुके हैं, जबकि शहर के वार्डों में पात्र परिवार अब भी इंतजार की कतार में खड़े हैं।भर्ती की अधूरी प्रक्रिया ने शहरी जनता को उलझन और परेशानी में डाल दिया है। वार्डों में नियुक्तियां न होने से राशन वितरण बाधित है और लोग निजी दुकानों से महंगे दामों पर सामग्री खरीदने को मजबूर हैं। सरकार ने आवेदन भरवाकर प्रक्रिया शुरू तो कर दी, लेकिन अधूरी छोड़ दी। इससे प्रशासनिक लापरवाही और पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं।
छह माह से गठित नहीं हुई कमेटी
सवाईमाधोपुर। राशन डीलरों की नियुक्ति को लेकर नगरपरिषद क्षेत्र के वार्डों में स्थिति बेहद उलझी हुई है। जिला रसद अधिकारी की ओर से 21 नवंबर 2025 को भर्ती का ऐलान किया गया था। ग्रामीण क्षेत्रों और खण्डार विधानसभा क्षेत्र में जहां भी भर्तियां निकलीं, वहां चयन समितियां गठित कर साक्षात्कार पूरे कर लिए गए और नियुक्तियां भी जारी हो गईं। लेकिन नगरपरिषद क्षेत्र के वार्डों में हालात बिल्कुल उलट हैं। यहां आवेदकों से आवेदन तो ले लिए गए, लेकिन चयन कमेटी ही गठित नहीं हो पाई। नतीजा यह है कि साक्षात्कार की प्रक्रिया शुरू ही नहीं हो सकी और सैकड़ों आवेदक अधरझूल में फंसे हुए हैं। छह माह बीत जाने के बाद भी चयन कमेटी का गठन न होना विभाग की लापरवाही को दर्शाता है।
अधूरी भर्ती, अधूरी उम्मीदें
सरकार ने आवेदन भरवाकर भर्ती प्रक्रिया शुरू तो कर दी, लेकिन अधूरी छोड़ दी। ग्रामीण इलाकों में नियुक्तियां पूरी हो चुकी हैं, वहीं शहरी वार्डों में इंटरव्यू तक नहीं हुए। इससे पात्र परिवारों को समय पर राशन नहीं मिल पा रहा और लोग निजी दुकानों से महंगे दामों पर सामग्री खरीदने को मजबूर हैं।
नजरअंदाज पड़ रहा भारी
शहरवासियों का कहना है कि जब गांवों में नियुक्तियां पूरी हो चुकी हैं तो नगरपरिषद क्षेत्र को नजरअंदाज करना समझ से परे है। कई वार्डों में लोग महीनों से इंतजार कर रहे हैं कि नया डीलर नियुक्त हो, ताकि राशन वितरण सुचारु हो सके। लेकिन फाइलें अटकी रहने से जनता की परेशानी बढ़ती जा रही है। अधिकारियों की चुप्पी ने पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार ने अधूरी भर्ती कर जनता को उलझन में डाल दिया है।
इनका कहना है...
यह उच्च स्तरीय मामला है। इसके लिए अभी कमेटी गठित नहीं हुई है। कमेटी गठित होकर आते ही नगरपरिषद क्षेत्र में भी साक्षात्कार करवाकर नियुक्तियां दी जाएगी।
रामभजन मीणा, जिला रसद अधिकारी, सवाईमाधोपुर
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