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  • 3 hours ago
सीमावर्ती जैसलमेर में ओरण-गोचर जमीनों को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करवाने की मांग ने मंगलवार को और जोर पकड़ लिया। एक तरफ टीम ओरण की ओर से गत महीने तनोट से जयपुर तक शुरू की गई पदयात्रा जोधपुर के पास तक पहुंची है, दूसरी ओर साधु-संतों के सानिध्य में हजारों की तादाद में ग्रामीणजन मंगलवार को जिला मुख्यालय पर एकत्रित हुए। उन्होंने कलेक्ट्रेट पर विशाल प्रदर्शन किया और बाद में उनके प्रतिनिधियों ने कलक्टर को राज्य सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा। आंदोलन के तहत रामगढ़ मार्ग पर स्थित आलाजी मंदिर परिसर में जनसभा का आयोजन किया गया। जिसमें पोकरण विधायक महंत प्रतापपुरी सहित अन्य धार्मिक प्रतिनिधि और टीम ओरण के सदस्य भी शामिल हुए। कलेक्ट्रेट पर विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे लोगों में ग्रामीण इलाकों से आई महिलाओं व बालिकाओं की भी उल्लेखनीय मौजूदगी रही। लोगों ने अपने हाथों में मांगों से संबंधित तख्तियां थाम रखी थी। टीम ओरण के साथ ग्रामीण जनों ने मुख्य रूप से जिले में 20 लाख बीघा जमीन को ओरण के रूप में राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करवाने की मांग उठाई। एक तरफ पोकरण विधायक ने लोगों को विश्वास दिलाया कि सरकार उनकी मांगों को लेकर पूरी तरह से संवेदनशील है, दूसरी ओर टीम ओरण के सदस्यों ने कहा कि, हमारा विरोध किसी पार्टी से नहीं है, जो भी हमारी सभी ओरणों को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करेगा, हम उसके साथ हैं। सभा में कई वक्ताओं ने हुंकार भरते हुए कहा कि एक दिन के आंदोलन या प्रदर्शन से सरकार नहीं मानेगी, इसके लिए लम्बा संघर्ष करने की आवश्यकता है।

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00:00We made this decision.
00:02We just have two wishes,
00:04and to keep the rest of our hearts.
00:06We just have a point.
00:08It is a meeting that holds for the murders,
00:13the protests, we must find.
00:19When we were there,
00:21we were saying that we were seeing all the papers.
00:28So
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