सवाईमाधोपुर. मनरेगा में फर्जीवाड़े पर अब सख्त नकेल कसने जा रही है। वर्षों से गैर मजदूरों के नाम पर गबन और फर्जी हाजिरी की शिकायतों से घिरी इस योजना को अब हाईटेक निगरानी का सहारा मिलेगा। केंद्र सरकार ने विकसित भारत ‘जी राम जी’ योजना के तहत एआई आधारित फेस रीडिंग प्रणाली लागू करने का निर्णय किया है। यह तकनीक श्रमिकों की आंख की पुतली और चेहरे को स्कैन कर आधार से मिलान करेगी और उसी क्षण उनकी ऑनलाइन हाजिरी दर्ज हो जाएगी। यह कदम मनरेगा में पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में सबसे बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
इस नई व्यवस्था का पहला ट्रायल हो चुका है और अब प्रत्येक विकासखंड में एक कार्य स्थल पर इसे लागू किया जाएगा। पहले राष्ट्रीय मोबाइल निगरानी प्रणाली (एनएमएमएस) लागू की गई थी, लेकिन अब उसका एआई वर्जन और भी सटीक और हाईटेक होगा। जैसे ही श्रमिक की आंख की पुतली और चेहरा स्कैन होगा, एआई सिस्टम मस्टररोल में दर्ज विवरण से मिलान करेगा और उपस्थिति दर्ज कर देगा। जिले में भी मिल रही है कई शिकायतें जिले में भी मनरेगा में भी कई बार फर्जीवाड़े की शिकायते हुई है। करीब एक सप्ताह पहले जिले की पंचायत समिति सवाई माधोपुर की ग्राम पंचायत सुनारी में मनरेगा कार्यों के दौरान बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया था। यहां पीर बाबा वाली तलाई खुदाई स्थल पर श्रमिकों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज तो की गई, लेकिन मौके पर कोई भी मजदूर काम करता नहीं मिला। इस खुलासे ने मनरेगा कार्यों की पारदर्शिता और निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसको लेकर गत दिनों लोकपाल की जांच में खुलाया हुआ था।
मोबाइल से बनेगा श्रमिक का वीडियो
प्रक्रिया के तहत कर्मचारी अपने मोबाइल से श्रमिक का वीडियो रिकॉर्ड करेगा। मजदूर को मोबाइल के सामने खड़े रहकर चार से पांच बार पलक झपकानी होगी। इसके बाद तस्वीर अपलोड होने पर एआई सिस्टम मस्टररोल से मिलान करेगा और कार्यक्षेत्र का फोटो भी लिया जाएगा। यदि विवरण मेल नहीं खाता तो उपस्थिति स्वतः रिजेक्ट हो जाएगी। इसका सीधा असर यह होगा कि अब केवल पंजीकृत श्रमिकों को ही रोजगार मिलेगा और फर्जी नामों पर भुगतान की गुंजाइश खत्म हो जाएगी। अब नियमित रूप से लागू करने की तैयारी केंद्र सरकार ने हाल ही में इसका ट्रायल किया है और अब इसे देशभर में नियमित रूप से लागू करने की तैयारी है। माना जा रहा है कि इस तकनीक से मनरेगा में वर्षों से चली आ रही फर्जी हाजिरी और गबन की शिकायतों पर पूरी तरह रोक लग सकेगी। यह कदम न केवल पारदर्शिता बढ़ाएगा बल्कि श्रमिकों को वास्तविक रोजगार सुनिश्चित करेगा।
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इनका कहना है... विकसित भारत जीराम जी योजना में फर्जीवाडा रोकने के लिए एआई आधारित फेस रीडिंग प्रणाली लागू की जा रही है। इससे मनरेगा में फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी।
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