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  • 3 months ago
सवाईमाधोपुर. जिला मुख्यालय पर ठींगला क्षेत्र में बन रहे राजकीय मेडिकल कॉलेज की इमारत अभी पूरी बनी भी नहीं, उससे पहले ही दीवारों में दरारें और सीलन उभर आईं। निर्माण के दौरान निर्माण सामग्री घटिया लगाने की भी शिकायतें सामने आ रही है। इससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

ठींगला में 140 करोड़ रुपए की लागत से मेडिकल कॉलेज का निर्माण कराया जा रहा है। ऐसे में निर्माण के बाद मेडिकल कॉलेज की दीवारो में दरारे आनी शुरू हो गई है।
अभी अधूरी है इमारत, फिर भी दरारें
मेडिकल कॉलेज की इमारत का निर्माण कार्य अभी अंतिम चरण में है, लेकिन कई दीवारों पर दरारें साफ नजर आने लगी हैं। कुछ हिस्सों में सीलन भी उभर आई है, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि निर्माण में तकनीकी मानकों की अनदेखी की गई है। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने निर्माण एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। ऐसे में रेत, सीमेंट और सरिया की गुणवत्ता पर भी संदेह जताया गया है। कई लोगों ने कहा कि इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बावजूद यदि इमारत टिकाऊ नहीं बन रही तो यह सीधे-सीधे जनता के पैसों की बर्बादी है।

निरीक्षण में मिली थी कमियां अब तक नहीं हुई दुरूस्त

ठींगला में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज में निर्माण के दौरान अनियमितताएं बरती जा रही है। इसका कुछ माह पूर्व राज्यमंत्री सहकारिता एवं नागरिक उड््डयन विभाग (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक ने औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण में मुख्य इमारत में दीवारों में दरार एवं सीलन मिली थी। इस पर प्रभारी मंत्री ने नाराजगी जताते हुए दरारे व सीलन को मरम्मत करवाकर एक माह में दुरूस्त करवाने के निर्देश दिए थे। मुख्य द्वार पर ग्रेनाईट की क्षतिग्रस्त सीढ़ी व प्रवेश हॉल का फर्श की ग्रेनाईट सही ढंग से पुन: लगवाने के निर्देश दिए। इसके बाद भी मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य गुणवत्ता से नहीं किया जा रहा है। दीवारे पर आ रही दरारो और अन्य तकनीकी कमियों को ठीक नहीं किया जा रहा है।
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नहीं हो रही मेडिकल कॉलेज की नियमित जांच
प्रभारी मंत्री ने प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. तेजराम मीणा को मेडिकल कॉलेज की नियमित रूप से मॉनिटरिंग कराने एवं गुणवत्तापूर्ण निर्धारित समयावधि में कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए थे लेकिन ना तो मेडिकल कॉलेज की नियमित जांच हो रही है और ना ही मॉनिटरिंग।

इनका कहना है...

निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज की दीवारो पर दरारे व अन्य कमियों को ठीक कराने के लिए हमने कई बार पत्र लिखे है। लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहे है। गत छह अक्टूबर को भी जिला कलक्टर की उपिस्थति में कमेटी की बैठक हुई थी। इसमें मेडिकल कॉलेज निर्माण के दौरान छोड़ी गई कमियों को ठीक कराने के निर्देश दिए है।
डॉ. महेशचंद मीणा, नोडल अधिकारी, मेडिकल कॉलेज सवाईमाधोपुर

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