00:1423 और 29 अप्रेल को वोट डाल दिये गए, मशीने सील हो गई लेकिन बंगाल में चुनाव यहीं खत्म नहीं
00:21होता
00:22असली कहानी उसके बाद शुरू होती है जब हर पार्टी अपने वोट की रखवाली में जुट जाती है
00:29चार मई को नतीजे आएंगे, अब चार दिन का इंतजार यहां सिर्फ तारीखों का अंतर नहीं, बलकि भरोसे और शक
00:37के बीच की सबसे लंबी दूरी बन जाता है
00:40देश के बाकी हिस्सों में चुनाव की प्रकरिया एक तय धर्रे पर चलती है, पार्टीया परचार करती है, उमिद्वार चुमती
00:47है, वोटिंग के दिन अपने समर्थकों को बूठ तक पहुचाती है
00:51और जैसे मद्दान खत्म हो जाता है, उनकी सक्रियता थोड़ी कम हो जाती है, यानि धीमी पड़ जाती है, इसके
00:58बाद सबकी नजर नतीजों पर टिक जाती है, लेकिन पश्चिम मंगाल की राधनीती थोड़ी अलग है, यहां चुनाव सिर्फ वोट
01:06डालने का नहीं, बलक
01:18लेकिन जैसे ही वोटिंग खत्म हुई, सियासी पारा और चढ़ गया, इवियम की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे, सत्ता
01:26में लगातार तीसरी बार काबिज तिर्मूल कौंगेस पहले से ही चुनावाईयों की भूमिका पर सवाल उठा रही थी, लेकिन इस
01:34बार मामल
01:35और आगे बढ़ गया, मुख्यमंतरी ममता बनर जी ने एक वीडियो जारी कर दावा किया कि स्ट्रॉंग रूम में रखी
01:41गई ईवियम पूरी तरह सुरक्षित नहीं है, उन्हों ने कहा मशीनों के साथ छेड़ जार की आशंका है और इस
01:48पर नजर रखने की जरूरत है, आ�
02:28पूरा इसको एक्रोसिटिस कर दिया
02:40ममता का ये बयान आते ही रादनीतिक माहोल और ज्यादा गर्म हो गया, लेकिन मनता बनर जी सिर्फ बयान दे
02:47कर नहीं रुकी, उन्होंने सीधे मैदान में उठरने का सैसला किया,
02:51कोलकाता के भावानीपुर इलाके में जहां से वो खुद चुनाव लड़ रही है, सखावत मिमोरियल स्कूल में बनाएगे स्ट्रॉंग रूम
02:59पर वो पहुशती है, शाम के करीब आठ बजे से लेकर रात के बारा बजे तक वो वहीं पर मौजूद
03:06रहती है, चार घंटे त
03:20तो उन्होंने फिर चुनावा योग और भाजपा पर निशाना साधा, अब आपको सुनाते हैं ममता ने स्ट्रॉंग रूम से निकलने
03:27के बाद क्या दावा किया
03:28मारा जो इभी मेशिन है, इधर में स्ट्रॉर रूम है, तो आप लोगों को जानकर ही है कि नेताजी इंडोल
03:35में सीसी टीपी पर आए गया है, आउर सारे बहुत सारे जगा में, कि उधर में मैनुप्रोलेशन हो रहा है,
03:42और बहार का आदमी आके और फुल रहा है, देख रह
03:46को इधर दर करना है, और देखने का माद मैंने जब CCTV मैंने जब देखा टीपी में, तो मैंने सोचा,
03:56मैं विदूर देख के आओ, तो पहले तो इसे इंटरी करने नहीं देते थे, उसका बाद पूछा किसी से, बोला
04:04नहीं, आमको जाने का होक है, विकास और पहले किसी को अं
04:16बता दे की ममता के साथ उनकी पार्टी के कारकरता भी सडकों पर उतर आए, कई जगा धरना और परदर्शन
04:22हुए, सवाल एक ही था जब वोटिंग 29 अप्रेल को पूरी हो गई, तो नतीजे 4 मई को क्यों भोशित
04:29किये गई, इन 4 दिनों का अंतर क्यों है, टीमसी का कहना था
04:33ये समय संदेह पैदा करता है और इसी दोरान गडबडी की आशंका रहती है, तीस अप्रेल की ये तस्वीर थी,
04:40जहां एक तरफ सत्ता धारी दल सवाल उठा रहा था और दूसरी तरफ माहोल में बेचैनी बढ़ रही थी, लेकिन
04:47कहानी यही नहीं रुपती है, अगले दिन
04:49यानि एक मई को बीजेपी ने भी जवाब देने की तयारी कर ली, भवानीपुर से भाजपा के उमिद्वार सुवेंदु अधिकारी
04:56भी उसी स्ट्रॉंग रूम पहुचे जहां एक दिन पहले ममता बनरजी गई थी, हलाकि उनका दोरा ज्यादा लंबा नहीं रहा,
05:03करीब �
05:04दस मिनट बाद वो वापस लोटाए, बाहर आकर उन्होंने ममता बनरजी के आरोपों को खारिच किया और कहा कि ये
05:10सिर्फ रादमितिक दबाव बनाने की कोशिश भर है, उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि चुनावी हार का डर इस तरह
05:17के आरोपों को जन्म देता है, आई आ
05:32अनिथिकल रामाबाजी किया, इसका कोई आधर नहीं है, जुटा बात है, पूरा जुटा बात ये होई नहीं सकता।
06:02के आरोप लगे हो, 2021 के विधान सभा चुनाव के बाद भी इसी तरह की बाते सामने आई थी, उस
06:09वक्त भाजपा के कई निकाओं ने दावा किया था कि वोटिंग और काउंटिंग के बीच के समय में बड़ा खेला
06:15हुआ था, आरोप लगाया गया था कि करीब 50 सीटों पर न
06:32सवाल उखा रही है और भाजपा चवाब दे रही है, यानि राद्निती का चक्र पूरा घुन चुका है, जो कल
06:39आरोप लगा रहे थे, आज वही सफाई दे रहे हैं, और जो कल सफाई दे रहे थे, आज वो सवाल
06:46उखा रहे हैं, इन सब के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है
06:49कि क्या वास्तों में StrongRoom में रखी गई EVM के साथ छेड़ छार की जा सकती है
06:55इस सवाल का जवाब समझने के लिए StrongRoom की विवस्था को समझने की जरूरत है
07:00चुनाव में इस्तिमाल होने वाली EVM और वीवी पैट मशीनों को मद्दान की बाद
07:05एक तैप प्रक्रिया के तहाथ StrongRoom में रखा जाता है
07:08ये कमरा साधारन कमरा नहीं होता बलकि सुरक्षा के कई घेरों से घीरा होता है
07:14सबसे अंदर केंद्रे शासरस्तुर पुलिस बल तैनात रहता है जो 24 घंटे निकरानी करता है
07:19उसके बाद राज की शासरस्तुर पुलिस की परत होती है और सबसे बाहर जिला पुलिस का घेरा रहता है
07:25इस तरह तीनस्तर की सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है
07:28StrongRoom में प्रवेश के लिए केवल एक ही दरवाजा होता है
07:32इस दरवाजे पर डबल लॉक सिस्टम होता है
07:35इसकी चाबी दो अलग-अलग अधिकारियों के पास रहती है
07:39जिस से बिना अनमती के दरवाजा खोलना संभव ही नहीं होता
07:43इसके लावा पूरे परिसर में CCTV कैमरे लगे होते हैं
07:47जो हर गत्विधी को रिकॉर्ड करते रहते हैं
07:49जब EVM को स्ट्रॉंग रूम में रखा जाता है
07:52तब उसकी सीलिंग की प्रक्रिया वीडियोग्राफी के जरिये रिकॉर्ड की जाती है
07:57इस दोरान सभी राधनितिक दलों के प्रत्निदियों को वहां मौझूद रहने का अधिकार होता है
08:03वो सील पर अपने हस्ताक्षर करते हैं
08:05इसका मतलब ये है कि किसी भी बदलाव की स्थिती में तुरंत पहचान हो सकती है
08:10सिर्फ इतना ही नहीं
08:12उमिद्वारों और उनके एजेंटों को स्ट्रॉंग रूम के बाहर 24 घंटे निगरानी करने की अनुमती भी होती है
08:18वो वहां पर बैट कर लगातार नजर रख सकते हैं कि अंदर कोई गत्विदी तो नहीं हो रही
08:24इसके लावा एक लॉग बुक भी रखी जाती है
08:27जिसमें हर उस व्यक्ति का नाम लिखा जाता है और समय दर्ज किया जाता है जो श्ट्रॉंग रूम के आसपास
08:33आता है
08:34इन सभी वियोस्थाओं को देखते हुए चुनावा योग का दावा है कि श्ट्रॉंग रूम पूरी तरह सुरक्षित होता है
08:40इसमें किसी तरह की छिरचाड लगभग असंभव है लेकिन राधनीती में भरोसे से जादा असर शक का होता है यही
08:48वज़ा है कि हर चुनाव में इस तरह के आरोग सामने आते हैं
08:53बंगाल की राधनीती में यह शक और गहरा हो जाता है क्योंकि यहां मुकाबला बेहत कड़ा होता है और हर
08:59सीट की अपनी एहमियत होती है
09:02यही कारण है कि वोटिंग के बाद भी पारटियां कूरी तरह सकुरिये रहती हैं वो सिर्फ नतीजों का इंतजार नहीं
09:09करती बलकि यह सुनिशित करना चाहती है कि उनके वोट सुरकशित रहें
09:13चार दिन का ये अंत्राल सिर्फ प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा होता है लेकिन राधनितिक निजरिये से ये सबसे सम्वेधन शील
09:20समय बन जाता है
09:21इसी दोरान बयानबाजी तेज होती है दोरे बढ़ते हैं और हर पार्टी अपने तरीके से दवाव बनाने की कोशिश भी
09:29करती है
09:29आखिर में सवाल वहीं आकर रुकता है कि क्या ये सिर्फ राधनिति है या सच में कोई आशंका है
09:35इसका जवाब शायद नतीजों के दिन ही साफ हो पाता है लेकिन एक बात तय है बंगाल में चुनाव सिर्फ
09:41एक दिन का कारकरम नहीं होता
09:43ये एक लंबी प्रकरिया है जिसमें वोट डालने से लेकर वोट गिनने तक हर पल पर नजर रखी जाती है
09:51इस वीडियो में बस इतना ही मेरा नाम वैभो है आप देखते रहिए वर इंडिया
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