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बंगाल चुनाव परिणाम 2026 को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। वोटिंग से काउंटिंग के बीच 4 दिन का गैप और स्ट्रांग रूम को लेकर सवाल उठ रहे हैं। करीब 50 सीटों पर “खेला” होने के आरोप लगाए जा रहे हैं। क्या स्ट्रांग रूम के अंदर कुछ ऐसा हुआ जिससे नतीजे प्रभावित हो सकते हैं? ममता बनर्जी की TMC और बीजेपी के बीच सियासी टकराव चरम पर है। इस वीडियो में जानिए पूरे मामले की सच्चाई, आरोप और जमीनी हकीकत का पूरा विश्लेषण।

Bengal Election Results 2026 have sparked a major controversy with questions being raised over strong rooms. From voting day to counting, a gap of four days has fueled allegations of possible manipulation in nearly 50 seats. Did something happen inside the strong rooms that could have impacted the final outcome? With Mamata Banerjee’s TMC and BJP in a fierce battle, political tensions are at an all-time high. This video explores the claims, facts, and ground realities behind the strong room controversy. Watch full analysis to understand whether these allegations hold any truth or are just political narratives.

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Transcript
00:1423 और 29 अप्रेल को वोट डाल दिये गए, मशीने सील हो गई लेकिन बंगाल में चुनाव यहीं खत्म नहीं
00:21होता
00:22असली कहानी उसके बाद शुरू होती है जब हर पार्टी अपने वोट की रखवाली में जुट जाती है
00:29चार मई को नतीजे आएंगे, अब चार दिन का इंतजार यहां सिर्फ तारीखों का अंतर नहीं, बलकि भरोसे और शक
00:37के बीच की सबसे लंबी दूरी बन जाता है
00:40देश के बाकी हिस्सों में चुनाव की प्रकरिया एक तय धर्रे पर चलती है, पार्टीया परचार करती है, उमिद्वार चुमती
00:47है, वोटिंग के दिन अपने समर्थकों को बूठ तक पहुचाती है
00:51और जैसे मद्दान खत्म हो जाता है, उनकी सक्रियता थोड़ी कम हो जाती है, यानि धीमी पड़ जाती है, इसके
00:58बाद सबकी नजर नतीजों पर टिक जाती है, लेकिन पश्चिम मंगाल की राधनीती थोड़ी अलग है, यहां चुनाव सिर्फ वोट
01:06डालने का नहीं, बलक
01:18लेकिन जैसे ही वोटिंग खत्म हुई, सियासी पारा और चढ़ गया, इवियम की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे, सत्ता
01:26में लगातार तीसरी बार काबिज तिर्मूल कौंगेस पहले से ही चुनावाईयों की भूमिका पर सवाल उठा रही थी, लेकिन इस
01:34बार मामल
01:35और आगे बढ़ गया, मुख्यमंतरी ममता बनर जी ने एक वीडियो जारी कर दावा किया कि स्ट्रॉंग रूम में रखी
01:41गई ईवियम पूरी तरह सुरक्षित नहीं है, उन्हों ने कहा मशीनों के साथ छेड़ जार की आशंका है और इस
01:48पर नजर रखने की जरूरत है, आ�
02:28पूरा इसको एक्रोसिटिस कर दिया
02:40ममता का ये बयान आते ही रादनीतिक माहोल और ज्यादा गर्म हो गया, लेकिन मनता बनर जी सिर्फ बयान दे
02:47कर नहीं रुकी, उन्होंने सीधे मैदान में उठरने का सैसला किया,
02:51कोलकाता के भावानीपुर इलाके में जहां से वो खुद चुनाव लड़ रही है, सखावत मिमोरियल स्कूल में बनाएगे स्ट्रॉंग रूम
02:59पर वो पहुशती है, शाम के करीब आठ बजे से लेकर रात के बारा बजे तक वो वहीं पर मौजूद
03:06रहती है, चार घंटे त
03:20तो उन्होंने फिर चुनावा योग और भाजपा पर निशाना साधा, अब आपको सुनाते हैं ममता ने स्ट्रॉंग रूम से निकलने
03:27के बाद क्या दावा किया
03:28मारा जो इभी मेशिन है, इधर में स्ट्रॉर रूम है, तो आप लोगों को जानकर ही है कि नेताजी इंडोल
03:35में सीसी टीपी पर आए गया है, आउर सारे बहुत सारे जगा में, कि उधर में मैनुप्रोलेशन हो रहा है,
03:42और बहार का आदमी आके और फुल रहा है, देख रह
03:46को इधर दर करना है, और देखने का माद मैंने जब CCTV मैंने जब देखा टीपी में, तो मैंने सोचा,
03:56मैं विदूर देख के आओ, तो पहले तो इसे इंटरी करने नहीं देते थे, उसका बाद पूछा किसी से, बोला
04:04नहीं, आमको जाने का होक है, विकास और पहले किसी को अं
04:16बता दे की ममता के साथ उनकी पार्टी के कारकरता भी सडकों पर उतर आए, कई जगा धरना और परदर्शन
04:22हुए, सवाल एक ही था जब वोटिंग 29 अप्रेल को पूरी हो गई, तो नतीजे 4 मई को क्यों भोशित
04:29किये गई, इन 4 दिनों का अंतर क्यों है, टीमसी का कहना था
04:33ये समय संदेह पैदा करता है और इसी दोरान गडबडी की आशंका रहती है, तीस अप्रेल की ये तस्वीर थी,
04:40जहां एक तरफ सत्ता धारी दल सवाल उठा रहा था और दूसरी तरफ माहोल में बेचैनी बढ़ रही थी, लेकिन
04:47कहानी यही नहीं रुपती है, अगले दिन
04:49यानि एक मई को बीजेपी ने भी जवाब देने की तयारी कर ली, भवानीपुर से भाजपा के उमिद्वार सुवेंदु अधिकारी
04:56भी उसी स्ट्रॉंग रूम पहुचे जहां एक दिन पहले ममता बनरजी गई थी, हलाकि उनका दोरा ज्यादा लंबा नहीं रहा,
05:03करीब �
05:04दस मिनट बाद वो वापस लोटाए, बाहर आकर उन्होंने ममता बनरजी के आरोपों को खारिच किया और कहा कि ये
05:10सिर्फ रादमितिक दबाव बनाने की कोशिश भर है, उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि चुनावी हार का डर इस तरह
05:17के आरोपों को जन्म देता है, आई आ
05:32अनिथिकल रामाबाजी किया, इसका कोई आधर नहीं है, जुटा बात है, पूरा जुटा बात ये होई नहीं सकता।
06:02के आरोप लगे हो, 2021 के विधान सभा चुनाव के बाद भी इसी तरह की बाते सामने आई थी, उस
06:09वक्त भाजपा के कई निकाओं ने दावा किया था कि वोटिंग और काउंटिंग के बीच के समय में बड़ा खेला
06:15हुआ था, आरोप लगाया गया था कि करीब 50 सीटों पर न
06:32सवाल उखा रही है और भाजपा चवाब दे रही है, यानि राद्निती का चक्र पूरा घुन चुका है, जो कल
06:39आरोप लगा रहे थे, आज वही सफाई दे रहे हैं, और जो कल सफाई दे रहे थे, आज वो सवाल
06:46उखा रहे हैं, इन सब के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है
06:49कि क्या वास्तों में StrongRoom में रखी गई EVM के साथ छेड़ छार की जा सकती है
06:55इस सवाल का जवाब समझने के लिए StrongRoom की विवस्था को समझने की जरूरत है
07:00चुनाव में इस्तिमाल होने वाली EVM और वीवी पैट मशीनों को मद्दान की बाद
07:05एक तैप प्रक्रिया के तहाथ StrongRoom में रखा जाता है
07:08ये कमरा साधारन कमरा नहीं होता बलकि सुरक्षा के कई घेरों से घीरा होता है
07:14सबसे अंदर केंद्रे शासरस्तुर पुलिस बल तैनात रहता है जो 24 घंटे निकरानी करता है
07:19उसके बाद राज की शासरस्तुर पुलिस की परत होती है और सबसे बाहर जिला पुलिस का घेरा रहता है
07:25इस तरह तीनस्तर की सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है
07:28StrongRoom में प्रवेश के लिए केवल एक ही दरवाजा होता है
07:32इस दरवाजे पर डबल लॉक सिस्टम होता है
07:35इसकी चाबी दो अलग-अलग अधिकारियों के पास रहती है
07:39जिस से बिना अनमती के दरवाजा खोलना संभव ही नहीं होता
07:43इसके लावा पूरे परिसर में CCTV कैमरे लगे होते हैं
07:47जो हर गत्विधी को रिकॉर्ड करते रहते हैं
07:49जब EVM को स्ट्रॉंग रूम में रखा जाता है
07:52तब उसकी सीलिंग की प्रक्रिया वीडियोग्राफी के जरिये रिकॉर्ड की जाती है
07:57इस दोरान सभी राधनितिक दलों के प्रत्निदियों को वहां मौझूद रहने का अधिकार होता है
08:03वो सील पर अपने हस्ताक्षर करते हैं
08:05इसका मतलब ये है कि किसी भी बदलाव की स्थिती में तुरंत पहचान हो सकती है
08:10सिर्फ इतना ही नहीं
08:12उमिद्वारों और उनके एजेंटों को स्ट्रॉंग रूम के बाहर 24 घंटे निगरानी करने की अनुमती भी होती है
08:18वो वहां पर बैट कर लगातार नजर रख सकते हैं कि अंदर कोई गत्विदी तो नहीं हो रही
08:24इसके लावा एक लॉग बुक भी रखी जाती है
08:27जिसमें हर उस व्यक्ति का नाम लिखा जाता है और समय दर्ज किया जाता है जो श्ट्रॉंग रूम के आसपास
08:33आता है
08:34इन सभी वियोस्थाओं को देखते हुए चुनावा योग का दावा है कि श्ट्रॉंग रूम पूरी तरह सुरक्षित होता है
08:40इसमें किसी तरह की छिरचाड लगभग असंभव है लेकिन राधनीती में भरोसे से जादा असर शक का होता है यही
08:48वज़ा है कि हर चुनाव में इस तरह के आरोग सामने आते हैं
08:53बंगाल की राधनीती में यह शक और गहरा हो जाता है क्योंकि यहां मुकाबला बेहत कड़ा होता है और हर
08:59सीट की अपनी एहमियत होती है
09:02यही कारण है कि वोटिंग के बाद भी पारटियां कूरी तरह सकुरिये रहती हैं वो सिर्फ नतीजों का इंतजार नहीं
09:09करती बलकि यह सुनिशित करना चाहती है कि उनके वोट सुरकशित रहें
09:13चार दिन का ये अंत्राल सिर्फ प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा होता है लेकिन राधनितिक निजरिये से ये सबसे सम्वेधन शील
09:20समय बन जाता है
09:21इसी दोरान बयानबाजी तेज होती है दोरे बढ़ते हैं और हर पार्टी अपने तरीके से दवाव बनाने की कोशिश भी
09:29करती है
09:29आखिर में सवाल वहीं आकर रुकता है कि क्या ये सिर्फ राधनिति है या सच में कोई आशंका है
09:35इसका जवाब शायद नतीजों के दिन ही साफ हो पाता है लेकिन एक बात तय है बंगाल में चुनाव सिर्फ
09:41एक दिन का कारकरम नहीं होता
09:43ये एक लंबी प्रकरिया है जिसमें वोट डालने से लेकर वोट गिनने तक हर पल पर नजर रखी जाती है
09:51इस वीडियो में बस इतना ही मेरा नाम वैभो है आप देखते रहिए वर इंडिया
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