00:00ने ने ये तो ट्रांस्परेंसी नहीं है ना इटेस सील्ट जो स्ट्रॉंग रूम है वो विदाउट एनी वीटनेस वो लोग
00:08खुल के थोड़ा आदमी भेज दिये वो पोस्टल बैलट में कम कर रहे हैं
00:16पश्चिम बंगाल में मतगर्णा से ठीक पहले सियासी पारा अचानक चड़ गया और मामला पहुच गया ईविएम की सुरक्षा तक
00:23कुलकाता में ईविएम स्ट्रॉंग रूम के बाहर हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला जहां ट्रिन्मूल कॉंगरस के नेताओं ने धरना
00:31देकर गंभीर आरोप लगाए
00:32गुरुवार को त्रिन्मूल कॉंगरस के वरिष्ट नेता कुनाल गोश और शशी पंजा करीब चार घंटे तक स्ट्रॉंग रूम के बाहर
00:39बैठे रहे
00:40उनका आरोप था कि काउंटिंग से पहले इवियम से छेट चार की कोशिश हो रही है और कुछ संदिग्द लोग
00:45स्ट्रॉंग रूम के अंदर खुसे हैं
00:47कि यह तो ट्रांसपरेंसी नहीं है ना इटेसी जो स्ट्रॉंग रूम है वह विदाउट एनी वीटनेस वह लोग खुल के
00:59थोड़ा आदमी भेज दिये वह पोस्टाल बैलट में कम कर रहा है कि वह पोस्टाल बैलट आया कि दर्स से
01:05वह जनुइन पोस्टाल बैलट है या द
01:27जोरान मौके पर भारी संख्या में समर्थक भी जुट गये जुसे महौल काफी तनावपुन हो गया
01:33TMC नेताओं का कहना था कि अगर अभी भी EVM की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं तो मतगर्ना की
01:38पार दर्शिता पर भी असर पड़ सकता है
01:40उन्होंने मांग की कि पूरी प्रक्रिया को दुबारा जाच की जाए और स्ट्रोंग रूम की सुरक्षा को लेकर स्पष्ट जवाब
01:46दिया जाए
01:47हलाकि इस पूरे विवाद पर जल्दी चुनाव आयो क्योर से प्रतिक्रिया आई
01:51उसके बाद पश्रिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अगरवाल ने प्रेस कॉन्फरेंस करके स्तिथी साफ की
01:57उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि टीमसी के सभी आरोब पूरी तरह से बेबुनियाद हैं
02:02उनके मुदाबिक EVM वाले स्ट्रॉंग रूम पूरी तरह से सील और सुरक्षित हैं
02:06उन्होंने बताया कि स्ट्रॉंग रूम को पोलिंग एजेंट्स और ऑब्जर्वर्स की मौजूदगी में सील किया गया था
02:32फैसला भी सामने आया जुसने टीमसी को बड़ा जटका दिया
02:35कोट ने काउंटिंग प्रक्रिया को लेकर दाया रे आजिका को खारिज कर दिया और चुनाव आयों के फैसले को सही
02:40ठहराया
02:41हाई कोट ने अपने आदिश में साफ कहा कि काउंटिंग सूपर्वाइजर और असिस्टिन के रूप में कि इंदे सरकारी या
02:47पी एस्यू कर्मचारी की नियुकती पूरी तरह वैध है
02:49ये एलेक्शन कमिशन ओफ इंडिया के अधिकार शेतर में आता है
02:52कोट ने ये भी कहा कि नियमों में कभी कहीं ये नहीं लिखा गया कि सिर्फ राजव के कर्मचारी को
02:58ही इस प्रक्रिया में शामिल किया जाए
03:00कोट ने ये भी रेखांकित किया कि काउंटिंग प्रक्रिया के दोरान कई स्तर की निगरानी मौजूद रहती है
03:05जैसे माइक्रो अब्जर्वर, राजुनितिक दलों के एजिंट और CCTV कैमेरे जो पूरी पारदर्शिता सुनिशित करते हैं
03:12ऐसे में बिना सबूत के लगाए गए आरोप सिर्फ आशंका मातर है
03:15इसके लावा कोट ने ये भी कहा कि चुनाव प्रक्रिया के दोरान किसी तरह की न्याईक दखल अंदाजी उचित नहीं
03:21होती
03:22अगर किसी को कोई शिकायत है तो वो चुनाव याचिगा के जरिये उचित मंच पर अपनी बात रख सकता है
03:28कुल मिलाकर एक तरफ जहां औल इंडिया ट्रेनमूल कॉंगरस ने इवियम सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाये
03:34वहीं चुनाव आयोग और कोट दोनों इन आरोपो को खारिज कर दिया
03:37अब सभी की नजरें मतगर्णा पर टिकी हैं जहां ये साफ होगा कि राजुनितिक आरोपो के बीच जंता का फैसला
03:44क्या रहा
03:44ये पूरा घटना करम दिखाता है कि चुनाव सिर्फ वोटिंग तक सिमित नहीं होता
03:49बलकि मतगर्णा से पहले भी सियासत अपने चरम पर पहुँच जाती है
03:53उसका वर में तना ही अपडेट्स के लिए देखते रहें One India Hindi
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