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जबलपुर के बरगी बांध में हुआ यह दर्दनाक हादसा इंसानियत और व्यवस्था दोनों पर गहरे सवाल खड़े करता है। 30 अप्रैल की शाम, एक क्रूज पर सवार 30 पर्यटक अचानक आए तूफान का शिकार हो गए। लापरवाही और सुरक्षा इंतजामों की कमी ने इस सफर को मौत के जाल में बदल दिया। इस त्रासदी की सबसे मार्मिक तस्वीर एक मां और उसके 4 साल के बेटे की थी, जिन्हें गोताखोरों ने एक-दूसरे से लिपटा हुआ पाया—ममता की वो आखिरी झलक जिसने सबको झकझोर दिया। हादसे में 9 लोगों की जान गई, जबकि 23 को बचा लिया गया। पीड़ित परिवारों ने लाइफ जैकेट, मौसम चेतावनी और क्रू की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं। जांच के आदेश दिए गए हैं, लेकिन यह घटना चेतावनी है कि पर्यटन में सुरक्षा से समझौता कितना घातक हो सकता है।

This tragic incident at Bargi Dam in Jabalpur raises serious questions about both humanity and the system. On the evening of April 30, around 30 tourists aboard a cruise were caught in a sudden storm. Negligence and lack of proper safety measures turned what was meant to be a pleasant trip into a deadly disaster. The most heart-wrenching image from the tragedy was of a mother and her 4-year-old son, found tightly embracing each other even in death—a final moment of love that shook everyone. Nine people lost their lives in the accident, while 23 were rescued. Victims’ families have raised serious concerns over the absence of life jackets, ignored weather warnings, and the role of the crew. An investigation has been ordered, but this incident stands as a stark reminder of how dangerous it can be to compromise on safety in tourism.

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00:00नवस्ता ठीक करा आए किसी को लाइब यागिट न देते हैं लाइब यागिट हम खुद ही आगे निकाल कर लाए
00:06तो जो ड्राइबर था वो तो गुलकुली अकल लिनी है वो और वेपस की तरफ लेगी गया
00:11मेरा पेटा है चार साल को मेरी भाइब इसका
00:25कहते हैं कि मौत जब आती है तो संभलने का मौका नहीं देती
00:29लेकिन एक मा की ममता मौत के आखरी शणों में भी भार नहीं मानती
00:34जबलपुर के बरगी बांध की गहराई में जहां चारो और अंधिरा था
00:39पानी का जान लेवा दबाव था और सासी तूट रही
00:42मा एक मा ने अपने कलेजे के टुकडे को सीने से ऐसे चिपका रखा था कि यम्राज भी उने अलग
00:49नहीं कर पाई
00:51नमस्कार मैं हूँ संद्या और आज हम आपको रॉंग्टे खड़े कर देने वाली उस द्रासदी की कहानी सुनाएंगे
00:56जिसने ना सिर्फ जबलपुर बल की पूरे देश की आखों में आसू ला दिये
01:01बर्गी बांध का वो शांत पानी कैसे अचानक काल बन गया और कैसे प्रसाशन की लापरवाही ने हसते खेरते परिवारों
01:08को उजाड़ दारीक थी 30 अप्रेल वक्त शाम के करीब
01:12परगी बांध के बैक वाटर में 30 परियाटक एक क्रूस पर सवार होकर खुद्रत की खुबसूरती का लुट्फ उठा रहे
01:20थी
01:20किसी को अंदाज़ा नहीं था कि अगले कुछ मिंट उनकी जिन्दगी के आखरी मिनट होने बाले हैं
01:26अच्वानक मौसम बदला, आसमान काला पड़ा और देखते ही देखते तेज तुफान के साथ उची उची लहरे उठने लगे
01:33चश्मदीदों का कहना है कि कुरूस लहरों के बीच किसी खिलोने की तरह डगमगा रहा था
01:39दिल्ली से आए प्रदीब कुमार भी अपने परिवार के साथ वही मौचू थी
01:43प्रदीब बताते हैं कि किनारे पर खड़े लोग चिला रहे थे
01:47कुरूस को रोक लो, किनारे लगा लो
01:49लेकिंचाला की एक जिद और कुरूस प्रबंधन की लापरवाही में तीस जिंदिगियों को मजुधार में छोग दिया
01:56पर आपको ऐसे हैं कि बवस्ता ठीक करा और किसी को लाइब जैके निकाल कर लाए तो हम तीन जनेते
02:04सब को डिस्टूबट किया इन्हों ने किसी एक को न बोला ना कोई तैयारी नहीं की तो जो ड्राइबर ता
02:11वो तो उसको गुल-कुली अका लीनियों और वेवस की तरफ �
02:15कि कोई बवस्ता नहीं है कि लाइब जैकेट बोला जाएं खतरे में पहनने है क्या है वो स्टोर रूम से
02:20जाके हम तीन लोगों ने जैकेट लाएं और सबको डिस्टूबूट करा है इतने लोगों कुछ लोगों मिली भी भी निपाई
02:26गी
02:27जैसे ही क्रूस पल्टा चीक पुकार मच गई रात के अंधेरे में रेस्क्यू उपरेशन शुरू हुआ आगरा और भूपाल से
02:34एंडियारस की टीमें बुलाई गई
02:36अगले दिन यानी एक मै की सुबा जब गोता खोर पानी की नीचे उस डूबे हुए क्रूस के मलबे में
02:42गुसे तो जो द्रिश्य उन्होंने देखा उसने लोगे जैसा जिगर रखने वाले गोता खोरों को भी रुला दिया
02:48संकरे रास्तो और नुकीली लोगे की रॉड्स के बीच से रास्ता बनाते हुए जब गोता खोर अंदर पहुँचे तो वहाँ
02:55एक महिला का श्रव मिला
02:56लेकिन वो अकेली नहीं थी उसने अपने चार साल के मासून बेटे को सीने से कसकर चुपका रखा था
03:02गोता खोरो ने बताया कि मा की पकड़ इतनी मजबूत थी कि मौत के बाद भी उन्हें अलग करना मुश्किल
03:09हो रहा था
03:09ये वही प्रदीब कुमार की पत्नी और बेटा थी जिन्हें वो पूरी रात पागलों की तरह ढूंड रहे थे
03:16उस पिता पर क्या गुजरी होगी जिसने एक साथ अपनी पूरी दुनिया को उजड़ते देखा
03:21लेकिन क्या ये सिर्फ एक हादसा था या फिर ये हत्या है
03:25प्रदीब कुमार के आरोपों ने प्रसाशन की नींद उड़ा दी
03:28वो कहते हैं लाइफ जैकेट कहा थी
03:32टूरिस को सुरक्षा जैकेट नहीं दी गए
03:34लोगोंने खुद एक दूसरे की मदद करने की कोशिश की
03:38चिदावनियों को नजर अंतास क्यों किया गए
03:40मौसम विभाग ने पहले ही तेज हवाओ का यलो अलर्ट जारी किया था
03:44फिर क्रूस को पानी में जाने की इजाजत किसने दी
03:4886 सीटर क्रूस पर क्या एक स्टाफ प्रयाप था
03:52जब संकट आया तो क्रू मेंबर यात्रियों को मरता छोड़ खुद क्यू भाग खड़े हुए
03:58काबिनेट मंतरी राकेश सिंग और धर्मेंदर लोधी रात भरवा मौझूद रहे
04:02उनकी आखे भी उस मा बेटे के शब को देखकर नम होग
04:06अब जाज के आदेश दे दिये गए दूशियों पर कड़ी कारवाई का आस्वाशन मिला है
04:11लेकिन क्या ये उन मासूमों को वापस ला पाएगा
04:14अब तक के आकड़ों की बात करें तो कुल 30 परियाटक नाओं में सबात नौ लोगों की हादसे में दर्दना
04:21मौथ हो
04:21बगी का ये हादसा हमें एक बहुत बड़ा सबग दे गया है
04:24परियटन के नाम पर सुरक्षा से खिलवाड कब तक चलेगा
04:28आज वो मा और उसका बच्चा इस दुनिया में नहीं है
04:30लेकिन उनकी वो आखरी तस्वीर हर उसला पर वाधिकारी और क्रूज मालिक से सवाल पूछ रही है
04:36कि क्या मेरी जान की कीमत चन रुपियों से भी कम थी
04:39जाच होगी फाइले बनेगी शायद कुछ लोग सस्पेंड भी
04:43लेकिन क्या अगली बार आप किसी क्रूज पर चड़ते वक्त खुद को सुरक्षित महसूस करेंगे
04:49सोचिएगा जरू
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