00:11कि दुनिया के तेल बाजार में एक बड़ा भुचाल आने वाला है और इसका सीधा फाइदा भारत को मिल सकता
00:16है
00:17नमस्कार मेरा नाम है रिचापराश्चर और आप देख रहे हैं One India Hindi
00:20मध्यपुरु में जारी तनाव के बीच UAE का उपेक से बाहर निकलना सिर्फ एक कुटनितिक फैसला नहीं बलकि ग्लोबल एनरजी
00:27गेम को बदलने वाला कदम माना जा रहा है
00:29अमेरिका इसराइल और इरान के बीच बढ़ते टकराओं के बीच UAE ने एलान किया है कि वो एक मई से
00:34उपेक और उपेक प्लस से इससे कटबंधन तोड़ कर अलग हो जाएगा
00:38इसका सीधा मतलब है कि अब UAE तेल उत्पादन के लिए तय कोटा सिस्टम से मुग्द हो जाएगा और अपनी
00:45शमता के अनुसार उत्पादन बढ़ा सकेगा
00:47UAE के उज़ा मंत्राले ने साफ किया है ये फैसला राष्ट्रिय हितो और भविश्य की उज़ा रणीती को ध्यान में
00:54रख कर लिया गया है
00:55दरसल पिछले कुछ वर्षों में UAE ने अपने तेल उत्पादन धाचे में भारी निवेश किया है और वो अब इस
01:00शमता का पूरा इस्तेमाल करना जाता है
01:03तो सवाल उठता है भारत पर इसका क्या आसर होगा
01:05भारत दुनिया के सबसे बड़े उज़ा उप्भुकताओं में से एक है
01:09और अपनी जरूरत का लगभग 90% कच्चा तेल आयात करता है
01:14इसमें से करीब 50% से ज्यादा तेल मध्यपुर्व के देशों से ही आता है
01:18UAE भारत के लिए एक एहम सप्लायर है और कुल आयात का करीब 10% हिस्सा वही से आता है
01:24ऐसे बें अगर UAE उपेक के बंधनों से मुक्त हुकर रोतपादन बढ़ाता है
01:29तो वैश्विक बाजार में तेल की सप्लाई बढ़ सकती है
01:32इसका सीधा असर कीमतों पर पड़ेगा
01:34और कीमते कम होने की संभावना बन सकती है
01:37अगर ऐसा होता है तो भारत जैसे आयातक देशों के लिए ये राहत की खबर होगी
01:42अलाकि तस्वीर इतनी सीधी भी नहीं है
01:44मध्यपुर में जारी यूद्ध और खासकर स्ट्रेट औफ हॉर्मूज पर तनाव के कारण सप्लाई चेन पहरे से प्रभावित है
01:51दुनिया के करीब 20% तेल की आपूर्ती इसी रास्ते से होकर गुजरती है
01:55अगर यहां कोई भी बड़ा व्यावधान आता है तो तेल की कीमतें आस्मान चुजाती है
02:01तेजी से बढ़ जाती है
02:02इसलिए एक तरफ जहां यूएई का उत्पादन बढ़ाना कीमतों को नीचे ला सकता है
02:07वहीं दूसरी तरफ जंग और भूराजनितिक तनाव इसे उपर धकिल सकते है
02:11यानि भारत के लिए इस्तिति मिश्रित बनी हुई है
02:14विशेशग्यों का मानना है कि यूएई का ये कदम लंबे समय में भारत के लिए फायदेमंद सावित जरूर होगा
02:20भारत और यूए के बीच मजबूत रणितिक साज़िदारी है चाहे वो उज़ावय अपार हो या फिर कुछ और निवेश
02:27अगर यूए उत्पादन को 50-60 लाग बैरल प्रती दिन तक बढ़ा देता है तो भारत को स्थिर और सस्ति
02:33सप्लाई मिल सकती है
02:35इससे नसर पेट्रोल डिजल की कीमतों पर असर पड़ेगा बलकि महंगाई को काबू में रखने में भी मदद मिलेगी
02:40इतिहास पर नज़र डालें तो पैक की स्थापना 1960 में तेलवाजार को नियंधरित करने के लिए की गई थी
02:46इस संगटन दशकों से उत्पादन घटा बढ़ा कर कीमतों को प्रभावित करता रहा है
02:50लेकिन अब UAE जैसे बड़े उत्पादक का बाहर निकलना इस सिस्टम को कमजोर कर सकता है
02:55इस से उपैक के भीतर की असंतुलन बढ़ सकती है और दूसरे देश भी इस राह पर चल सकते है
03:00खुल मिला कर UAE का ये फैसला सिर्फ एक देश का संगठन छोड़ना नहीं है
03:05ये वैश्विक उर्जा राजुनीती में एक बड़े बदलाओ का संकेत है
03:09भारत के लिए इसमें अवसर भी है और चुनौतिया भी है
03:12अब देखना होगा कि आने वाले महीनों में तेल की कीमतें किसे दिशा में जाती है
03:16और क्या भारत इस बदलते समीकरण का पूरा फायदा उठा पाता है
03:21इस कबर में इतना ही अपडेट्स के लिए देखते रहें वन इंडिया हिंदी
Comments