00:24पश्चिम बंगाल की राजमनेती हमेशा से ही देश की सबसे दिल्चस्प और अप रत्याशत कहानियों में से एक रहे
00:30इस बार की कहानी और भी रोमान्चक है मुकाबला सीधा है एक तरफ ममता बैनरजी और उनकी पार्टी टीमसी तो
00:37दूसरी तरफ भारतिय जंता पार्टी जो बंगाल में सरकार बनाने का सपना देख रही है
00:42मद्दान खत्म हो चुका है एक्जिट पोल सामने आ चुके हैं लेकिन असली सवाल वही है क्या नतीजे इन अनुमानों
00:49के मताबक होंगे
00:50पस्षिम बंगाल एक ऐसा राज्य जोहां चुनाओ सिर्फ वोटों का खेल नहीं होता बलकि भावनाओं पहचान रनीती और सत्ता की
00:58सबसे बड़ी लड़ाई बन जाती है
01:00लेकिन इस बार कहानी थोड़ी अलग भी है क्योंकि इस चुनाओ के शुरुआत ही एक सवाल से होती है
01:06क्या इस बार एक्जिट पोल सही साबित होंगे या 2021 की तरह फिर से चौका देंगे
01:13याद कीजिए पिशला चुनाओ हर एक्जिट पोल ने बीजेपी की बड़ी बढ़त दिखाई थी
01:18लेकिन नतीजे आए तो ममताब एनरजी की पार्टी टीमसी ने दो तीहाई बहुमत से सत्ता में वापसी कर ली
01:24यानि एक्जिट पोल पूरी तरह फेल हो गए थे
01:27तो इस बार क्या बदला है आज के इस एपिसोड में हम आपको छे बड़े फैक्टर्स के जरिये समझाएंगे
01:33कि आखिर बंगाल का चुनाओ इस बार इतना दल्चस्प और अनिश्रत क्यों है
01:37हम चानेंगे कि इस बार के एक्जिट पोल क्या कह रहे है
01:41पिछले चुनाओं में एक्जिट पोल की साख
01:45रिकॉर्ड तोड वोटिंग का ट्रेंट
01:47S.I.R. और वोटर लिस्ट विवाद
01:49स्थानिय फैक्टर हुमायू कबीर जैसे चहरे
01:52बीजेपी के वादे बनाम T.M.C. की योग जुनाएं
01:56नमस्कार मेरा नाम है रिचा पराश्वर और आप देख रहे हैं
01:59वान इंडिया का ये खास प्रोग्राम आज का एक्स्प्लेनर
02:02इस एपिसोड में जो सबसे पहला और इंपॉर्टन पॉइंट है
02:05वो एक्जिट पोल तस्वीर धुनली क्यों है
02:08तो आपको बता दे कि मद्दांध खत्म होते ही
02:11टीवी स्क्रीन पर एक्जिट पोल्स की बाढ़ा गई
02:13लेकिन इस बार तस्वीर साफ होने के बजाय और धूदली होती नजर आई
02:17कुछ एक्जिट पोल बीज़ेपी को डेड़ सो से ज्यादा सीटे देते हुए
02:21पश्ट बहुमत दिखा रहे हैं तो वही कुछ सर्वे टीमसी को मजबूत सिती में बता रहे हैं
02:26कई एजंसिया तो सीधे कह रही है कि मुकाबला बेहद कांटे का है
02:30यानि एक ही राज्य लेकिन कई अलग-अलग कहानिया
02:35294 सीटों वाली विधान सभा में बहुमत का आकड़ा है 148
02:39लेकिन लगभग हर एजंसी इस आकड़े के आसपास अलग-अलग अनुमान दे रही है
02:44कुछ सवाल उठता है क्या ये सिर्फ आकडों का खेल है या वाकई जमीन पर इतना किन्फ्यूजन है
02:50कि किसी एक ट्रेंड को पकड़ना मुश्किल हो गया है
02:53अब इस पर विशेशग्यों का मानना है कि इस बार वोटर का मूड पढ़ना बेहत कठिन हो गया है
02:58ग्राउन पर साइलेंट वोटिंग, लोकल फैक्टर और हाई टरन आउट ने तस्वीर को और ज्यादा जटिल बना दिया है
03:05हलाकि ज्यादा तर एक्जिट पोल्स का जुकाओ बीजेपी की ओर दिखाई दोता है
03:09और कई विशलेशक मान रहे हैं कि पार्टी इस बार सरकार बना सकती है
03:13लेकिन बंगाल का इतिहास यही कहता है कि यहां आखरी फैसला हमेशा जनता ही चोका कर सुनाती है
03:19अब दूसरा फैक्टर समझे है
03:222021 जब एक्जिट पोल्स पूरी तरह फेल हो गए
03:25जी हां अब जब पीछे चलते हैं
03:272021 के चुनाव में लगभग हर एक्जिट पोल्स ने बीजेपी की बढ़त दिखाई
03:32डबल इंजन की सरकार की बात हो रही थी
03:34माहौल पूरी तरह से बीजेपी के पक्ष में दिखाया जा रहा था
03:37लेकिन नतीजे क्या आए
03:39टीमसी 200 से अधिक सीचे जीत गई
03:42बीजेपी उम्मीद से बहुत कम पर रह गई
03:44विपक्ष में तो आई लेकिन सत्ता में नहीं आपाई
03:46तो गलती कहां होई
03:48विशेशगियों के मताबिक
03:49महिला वोटर्स का साइलेंट सपोर्ट
03:52ग्रामेड इलाकों में टीमसी की पकड
03:54लोकल फैक्टर्स की अंदेखी
03:56और आखरी समय में वोटिंग का स्विंग
03:59इन सारे फैक्टर्स ने बिल्कुल
04:01जो चुनाव का महौल था
04:03एक्जिट पोल थे सब को बदल कर रख दिया
04:05यानि जो दिख रहा था वो सच नहीं था
04:07और यही वजह है कि इस बार भी
04:08एक्जिट पोल्स को लेकर भरोसा थोड़ा कमजोर है
04:11तीसरा पॉइंट
04:1292 प्रतिशत वोटिंग क्या ये बदलाव का संकेत है
04:15जी यहां बात करते हैं
04:17इस चुनाव के सबसे बड़े आकड़े की
04:1992.47 प्रतिशत मद्दा
04:21पहले चरण में 92 प्रतिशत से ज्यादा
04:24और दूसरे चरण में क्यान में प्रतिशत से अधिक वोटिंग दर्ज की देग
04:27इतनी बड़ी भागिदारी किसी भी लोगतंत्र के लिए
04:29असाधारन वाने जाती है तो फिर सवाल वही होगा इतनी ज्यादा वोटिंग आखिर किसके पक्ष में जाती है
04:35आम तोर पर दो थियरे सामने आती हैं पहली ज्यादा वोटिंग बदलाओ की इक्षा दिखाती है
04:41तो दूसरी ये सत्ताधारी के समर्थन में बड़े स्तर पर लाम बंदी का संकेत भी हो सकता है
04:47बंगाल में ये गणित हमेशा सीधा नहीं रहा है
04:50इस बार भी विशशग्या मानते हैं कि इतनी भारी वोटिंग कोई बड़ा संकेत जरूर दी रही है
04:57हलाकि क्या होगा ये तो चार मई को ही पता चलेगा
05:00चौथा पॉइंट
05:01SIR चुनाओ का सबसे विवादित मुद्दा
05:04जियावाते उस मुद्दे पर जिसने इस चुनाओ की दिशा बदल दी
05:08SIR यानि Special Intensive Revision
05:11इस प्रक्रिया में करीबी 90 लाक नाम वोटर लिस्स से हटाए गए
05:15इसके बाद क्या हुआ
05:16लोगों में डर फैला
05:17राजनितिक आरोप प्रते आरोप शुरू हुए
05:20और वोटिंग के दिन लंबी-लंबी लाईने दिखी
05:23विशिशगे कहते हैं SIR ने लोगों को वोट डालने के लिए मजबूर किया
05:27लोगों को लगा अगर आज वोट नहीं डाला तो कल मौका नहीं मिलेगा
05:31यानि ये सिर्फ एक तक्नीकी प्रक्रिया नहीं थी बलकि एक मनोवय ज्यानिक ट्रिगर भी बन गई
05:36अब आते हैं पाचवे पॉइंट पर
05:39लोकल फैक्टर
05:40हुमायू कबीर और पहचान की राजुनीती
05:44टीमसी बार बार कह रही है कि बंगाल का चुनाओ दिल्ली से नहीं लड़ा जाता
05:47गाओं, कस्बो और मुहलों से तैय होता है
05:49यहां हर सीट के अपनी कहानी होती है
05:52इस बार भी हुमायू कबीर जैसे नेताओं के बयान और मुद्दे चर्चा में रहे हैं
05:57टीमसी का तंज तो बीजेपी पर रहा है
05:59अमिच शाह जब भी रैलिया करते हैं
06:01तो टीमसी का कोई ना कोई नेते कैसा बयान जरूर देता है
06:04कि बंगाल किराजिती दिली से तैय नहीं होगी
06:06लेकिन हुमायू कबीर को कैसे इग्रोर कर सकती है टीमसी
06:10जो अल्प संख्यक वोट बैंक, स्थानिया, संतोष, भाशा और संस्कृती
06:14ये सब मिल करता है करते हैं कि कौन किस सीट पर मजबूत है
06:17विशे शग्य कहते हैं कि बंगाल में लोकल फैक्टर नैशनल लेरेटिव पर भारी पड़ता है
06:23अब समझे जो छटा पॉइंट है मारे वादे बना मियोजनाएं किस पर भरोसा
06:28तो अब आते हैं चुनाओ के सबसे निर्णायक हिससे पर वोटर किसे चुनेगा
06:33बीजेबी का एजिंडा क्या रहा है पहले ये जानते हैं
06:36विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर ब्रिष्ट चार पर हमला केंदर की ओजनाओं का विस्तार महिलाओं की सुरक्षा भी रहा है
06:42इसमें ये मुद्दा इसके लवाद जो टीमसी का मॉडल रहा है वो है लक्ष्मी भंडारी ओजना महिलाओं के लिए आर्थिक
06:48मदद चात्रों के लिए स्कॉलर्शिप सामाजिक सुरक्षा
06:52यानि एक तरफ भविश्य का वाता तो दूसरी तरफ मौजूदा लाब और यही इस चुनाओं की असली लड़ाई है
06:58तो बंगाल के इस सियासी कहानी का आखरी पढ़ना अब बस खुलने वाला है
07:03एक ऐसा पढ़ना जो सिर्फ जीत हार नहीं बताएगा बलकि ये भी तैय करेगा कि जनता ने किस नेरेटिव पर
07:09भरोसा किया
07:10विकास के बादो पर या जमीनी योजुनाओं पर
07:13इस चुनाओं में हर फैक्टर ने अपनी भूमी का निभाई है
07:16कहीं एक्जिट पोल्स ने तस्वीर धुली की, कहीं रिकॉर्ड वोटिंग ने संकेत दिये
07:20तो कहीं SIR और लोकल मुद्दों ने चुनाओं को नई दिशा दी
07:24अब निगाहे टिकी हैं चार मई पर जब EVM खुलेंगी और हर वोट अपनी कहानी सुनाएगा
07:30क्या ममता बैनर जी एक बार फिर सब को चौकाते हुए सत्ता में वापसी करेंगी
07:35या फिर बीजेपी इस बार इतिहास रचते हुए बंगाल में पहली बार मजबूत सरकार बनाएगी
07:41लेकिन एक बात तय है
07:43बंगाल का जनादेश सिर्फ राज्य तक समित नहीं रहेगा
07:47इसका सरराष्ट्री राजुनीती पर साथ दिखेगा
07:50क्योंकि बंगाल हमेशा सिर्फ चुनाव नहीं लड़ता
07:53वो एक संदेश देता है
07:54सत्ता को, रणीती को और पूरे देश को
07:58तो बस कुछ वक्त का इंतजार है
08:00और फिर सामने होगी वो सच्चाई
08:02जिसका अंदाज आहर कोई लगा रहा है
08:04लेकिन यकीन किसी को नहीं है
08:05तो देखते रहिए, समझते रहिए
08:07क्योंकि बंगाल चुनाव अनिश्षित बना हुआ है
08:09एक्जिट पोल भी अनिश्षिता का ही दौर दिखा रहे है
08:12जो कुछ साफ होगा, वो चार मई को साफ होगा
08:16चार मई को पता चल जाएगा कि व्यूजेपी सत्ताधारी बनने वाली है
08:19या फिर चौथी बार, ममता बैनर जी
08:22पश्षिम बंगाल में TNC की सरकार बनाकर मुख्यमंत्री बनने वाली है
08:26आज के एक्स्प्लेनर के इस एपिसोड में इतना ही
08:28लेकिन पूरे एपिसोड पर आपकी क्या राय है
08:31हमारे एक्स्प्लेनेशन्स को आप किस तोर पर देखते हैं
08:33और आपको क्या लगता है जो कि सबसे जरूरी है
08:36आपको क्या लगता है पश्षिम मंगाल में किसकी सरकार इस बार बनने वाली है
08:40जो भी लगता है कॉमेंट जरूर कीजिए
08:42वीडियो को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक शेर कीजिए
08:44सबको क्या लगता है
08:47देखते रही One India ही में
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