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  • 2 days ago
اسمبلی میں VVIP مارشل کے بطور تعینات سفلتا ترپاٹھی کی کہانی کو ان کی شاعری کی کتاب "شور کرتی چاندنی" کے لیے ایوارڈ ملا ہے۔

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00:00उत्तर पर्देश विधान सभा में वी वी आईपी सिकोर्टी मार्शल स्टाफ में तैना डॉक्टर सुफलता तिरपाथी
00:06हमारे साथ विशेश बादचीत करने के लिए मौजूद है डॉक्टर साहबा एक अच्छी शायरा है और इन्होंने कई किताबें लिखी
00:14है
00:14एक किताब इनके हाथ में है शोर करती चांदनी अच्छी नजमें लिखती हैं मौजूद के मंचों से अब शेरो शायरी
00:23का वो माहौल बनाती है डॉक्टर साहबा कब आपको दिल्चस्पी हुई शेरो शायरी करने की इस तरफ का रुजहान कब
00:30रहा हम 1992 से अखिल भारती कविस
00:34समेलन और मुशायरों की दुनिया में है हमने अपने लाइफ का पहला अखिल भारती कविस समेलन मुशायरा जो पड़ा तो
00:42वह 23 जन्वरी 1992 को सहकारिता भावन में प्रारम किया था उसमें पंदित गोपाल दास नीरत जी थे और पंदित
00:52ब्रजी निरनाथ हवस्थी जी थे
00:54सूम ठाको जी थे तो इस तरह से वह कारिकरम की शिरुवात हुए उसमें नसीम निखत जी थी लखनों की
01:00बहुत बड़ी शायरा थी तस्नीम सिद्धिकी जी थी तो उस जमाने से शिरुवात करी है हमने
01:06इस जॉब में हम विदान सभा में अपने इस जॉब पर आए तो इस जॉब में आए लेकिन क्योंकि कविता
01:13हमारा पैशन है लिखना अपना शौक है तो उपर वाले की महरबानी से कलम चलती है चलती रहती है और
01:22पूरे देश में ही नहीं बाहर भी आप लोगों का प्यार मि
01:35जिसमें एक लाख रुपे का पुरसकार राजसरकार की तरफ से मुझे प्राप्त हुआ है कुछ काम God gifted होते हैं
01:41तो यह उपर वाले की महरबानी है और हमारे माता पीता और हमारे सारे भाई बेहनों का पूरे देश के
01:46सुवताओं का दर्शकों का सनी है कि वो मुझ से ऐसा ल
02:02कि अनुखार है ठीयरूकार है प्यार है on गिस है और प्रेशानिया महिला प्रधान कभिता हैं बेरुजगारी बेरुजगार के उपर
02:10है तो वो कभिता के मेरे विशय सभीटी से संबंदित के नहीं हुटे है तो मेरा कारेشेत्र अलग है और
02:18मेरा ये श्वां मेरी लेख्ने क
02:20I had the steps of my life and I had written the message on the country.
02:25But even when I was growing up and growing up, I felt like a girl was growing up.
02:30I felt like I was growing up in the world.
02:33I had a few lines of your life.
02:36I was growing up in the world, and I felt very good.
02:42I felt like I was growing up in the world.
02:54। । । । ।
03:30। ।
03:37। । । ।
03:43in every house, because we need to see a place outside.
03:49So, in that place, our children say that they don't want to go outside.
03:57But when our children come outside, they give a gift to us.
04:31I will give you a minute.
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04:49जीवे श्वास करो तुम कभी कहीं ना बहकूंगी और एक इत्मिनान और देखें बंद निवे दिद करती हूं
05:00मेरे साहस शौर और बलिदान की अमर कहानी है
05:07खूब लड़ी मर्दानी वो तो जासी वाली रानी है अगर देश को पड़ी जरूरत मैं भी आगे निकलूंगी
05:21पंक नहीं यदि काटोगे तो छेडिया बन कर चैकूंगी और अभी आपरेशन सिंदोर में
05:29कि वीर सोफिया और व्योमिका भी भारत की बेटी है अभी हाल में ही दुश्मन को दूल चटा कर लोटी
05:43है
05:44अगर देश को पड़ी जरूरत ले बंदू के निकलूंगी देश की रक्षा की हित में भी ले बंदू के निकलूंगी
05:58पंक नहीं यदि काटोगे तो छेड़िया बन कर चैकोंगी पापा जी विश्वास करो तुम कभी कहीं ना बहकोंगी
06:12तेरे आंगन की बिटिया में मा की प्यारी गुरिया हूँ
06:19पंक नहीं यदि काटोगे तो छेड़िया बन कर चैकोंगी
06:34आपे बाल रूप में प्रतिष्ठा की गई है मूर्दी की जो स्थापना हुई है तो भगवान श्री राम जी की
06:41बाल्यावस्था से हुई थे
06:43बाल्यावस्था का रूप उनका चित्यत किया गया तो मैंने पंक्तिया लिकिती देखें
06:47कि थुमक थुमक चल आंगन में खेल रहे बाल रूप में पधारे देखो प्रभुराम जी
06:57थुमक थुमक चल आंगन में खेल रहे बाल रूप में विराजे देखो हनुमान जी गड़ी हनुमान जी की
07:08गड़ी हनुमान जी की हनुमत बसे वहाँ, संत हनुमत ही बसे प्रभुराम जी
07:20ओ कविता को सुनने को आप सब बैठे यहाँ, दिखते हैं आप सब में तो प्रभुराम जी
07:29। । । । । । ।
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