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  • 2 days ago
बच्चों और युवाओं में डिजिटल एडिक्शन का मुद्दा आज संसद में उठा. तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन ने राज्यसभा में ये मुद्दा उठा. उन्होंने दावा किया कि इसकी वजह से हर साल करीब 20 हजार बच्चों की जान चली जाती है. उन्होंने केंद्र सरकार से इस मसले पर तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग की.  ऊपरी सदन में ये मुद्दा उठाते हुए डेरेक ओ ब्रायन ने  कहा कि अलग-अलग अध्ययनों से पता चला है कि बच्चे और युवा हर दिन करीब आठ घंटे स्क्रीन और मोबाइल पर बिताते हैं. इसका मतलब ये है कि साल में 100 दिन उनका मोबाइल पर बीतता है, जिसका उनके स्वास्थ्य पर खराब असर पड़ता है.  उन्होंने ये भी कहा कि दुनिया के 68 देशों में स्कूलों में मोबाइल पहले की बैन हो चुके हैं. उन्होंने लोगों को सोने से दो घंटे पहले स्क्रीन से परहेज करने और स्लीपिंग रूम में मोबाइल चार्ज नहीं कराने की सलाह दी.

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00:03बच्चों और युवाओं में डिजिटल एडिक्षिन का मुद्धा आज संसद में उठा। तिर्मून कॉंग्रेस के टेरे को ब्राइन ने राजे
00:10सभा में ये मुद्धा उठाया। उन्होंने दावा किया कि इसकी वच्छा से हर साल करीब 20,000 बच्चों की जान
00:16चली जाती है
00:17उन्होंने कींद्र सरकार से इस मसले पर ततकाल ठोस कदम उठाने की मांग दें। उपरी सदन में ये मुद्धा उठाते
00:40हुए डेरेक ब्राइन ने कहा कि अलग-अलग अध्यनों से ये पता चलता है
00:44कि बच्चे और युवा हर दिन करीब 8 घंटे स्क्रीन और मुबाइल पर बिताते हैं। इसका मतलब ये है कि
00:50साल में 100 दिन उनका मुबाइल पर बीटता है जिसका उनके स्वास्त पर खराब असर पड़ता है।
01:16उन्होंने ये भी कहा कि दुनिया के 68 देशों के स्कूलों में पहले ही मुबाइल बैन हो चुके हैं।
01:22उन्होंने लोगों से सोने से 2 घंटे पहले स्क्रीन से परहेच करने और स्लीपिंग रूम में मुबाइल चार्ज नहीं करने
01:28की सलहा दी।
01:29योरो रिपोर्ट, ETV भार्ट
01:31झाल
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