Skip to playerSkip to main content
  • 6 weeks ago
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने रविवार को कांगो और युगांडा में फैले इबोला रोग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता का विषय माना है. संगठन ने इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया. ये ऐलान वायरस के 300 से ज्यादा संदिग्ध मामलों और 88 मौतों को देखते हुए किया गया. एक्स पर एक पोस्ट में, डब्ल्यूएचओ ने लिखा कि ये प्रकोप कोविड-19 जैसी आपातकालीन महामारी नहीं है. संगठन ने कहा कि दोनों प्रभावित देशों से लगी अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को बंद करने की कोई जरूरत नहीं. इबोला एक अत्यधिक संक्रामक वायरस है. ये उल्टी, रक्त जैसे शारीरिक तरल पदार्थों से फैलता है. इससे होने वाली बीमारी दुर्लभ, गंभीर और अक्सर जानलेवा होती है. स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि मौजूदा प्रकोप वायरस के बुंडीबुग्यो किस्म के कारण है, जो इबोला का एक दुर्लभ प्रकार है. इसका अभी तक कोई इलाज या टीका उपलब्ध नहीं है.

Category

🗞
News
Transcript
00:10હાંત
00:36
00:38
00:38
00:38
00:39
00:40
00:42
00:44
00:48
00:50
00:51
00:52
00:53
00:55
00:58
01:07
01:13ुश्वस्वास्ते संगठन के आपातकाल घूशित करने का मकसद दान देने वाली एजंसियों और देशों को एबूला संकट से निपटने के
01:19लिए कारवाई करने के लिए प्रेरित करना है
Comments

Recommended