00:02किरल के कनूर की आवार्ड विनिंग फार्मर अमबट इलियास ने जान दे दी
00:06लोगों को ये बात हैरान कर रही है कि जिस किसान को 2022 केरल सरकार ने बेष्ट फार्मर का आवार्ड
00:13दिया उसने कैसे परिसितियों के आगे बेबस हो गया
00:16चार दिन पहले की बात है गुरुवार को इलियास ने अपने खेत में ही जान दे दी जिनका अस्पताल में
00:22इलाज चल रहा था और रविवार सुबह उनकी मौट हो गई
00:28किसान इलियास का नूर और पडोसी जिले कासर गोर के पहाड़ी इलाके में लगभग चार दशकों से लीच पर जमीन
00:34लेकर सबजियां उगा रहे थे
00:36शक है कि वो कर्ज के भारी बोश के तले दब हुए थे
00:40एड़वरम के रहने वाले इलियास ने अपने जिन्दगी के 38 साल खेती को दिये
00:44वो अपने पक्क जुनून के लिए जाने जाते थे वो इस बात पर जोर देते थे
00:48खेती सिर्फ एक पेशा नहीं बलकि जिन्दगी जीने का एक तरीका है
00:52अक्टूबर दो हजार पचीस में ETV भारस से बाचीत में उन्होंने कहा था
00:57चाहे मुझे कितना भी नुकसान हो मैं खेती नहीं छोड़ सकता
01:01मैं 38 साल से खेती कर रहा हूँ
01:04पांच या आठ परिवार मुझे पर निरभर हैं
01:07मैं हर साल 2000 से 3000 लोगों को काम दे पाता हूँ
01:11खेती में चाहे मुझे कितना भी नुकसान हो मैं यह पेशा नहीं छोड़ सकता
01:16बंजिर जमीन को हरा भरा करने वाला
01:18एक साल में 18 फसले उगाने वाले केले, बैगन, कदू, मिर्च और पत्तेदार सबजियों की खेती में
01:24सव फिजदी पैदावार लेने वाला किसान कामियाबी के बावजूद कर्ज और अपने परिस्टियों के आगे बेबस हो गया
01:33एगरिकेशनर आफिसर सुरे कुर्टूर के मताबिक, इलियास ने हाल ही में 5,000 केले के पौधे लगाए थे
01:39लेकिन मार्केट के उतार चड़ा और कर्ज की वज़े से उन्हें उमीद के मताबिक कमाई नहीं हुई
01:45मृतक किसान पर 35,000,000 रूपे का कर्ज बताया जाता है
01:50दिसंबर 2025 में जारी नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ग्यूरू यानि की NCRB के डीटा के आधार पर
01:57देश में 1995 से 2030 के बीच 3,90,000 किसानों ने आत्महत्या की है
02:04जिन में से दक्षडी और पच्वे भारत के किसानों की आत्महत्या का लगभग तीन चौधाई हिस्सा है
02:12तो इलियास के सबजी के ये खेत जिसने साथ साथ कडाके की सरदी और तीज बारिश चेली
02:17उनकी कड़ी मेहनत और सपनों की उनके जाने के बाद भी सबूत दे रहे हैं
02:23और अब इकिसानों की मानसिक तकलीफ और पैसों की संगी एक दिल को पसी जाने वाली याद दिलाते हैं
02:30बिरो रिपोर्ट ईटीवी भारत
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