00:00ये उत्त्राखंट के रहने वाले कमल सिंग विष्ट हैं। इन्होंने कभी जिम कार्वेट नेशनल पार्क में फिश एंगलिंग से अपनी पहचान बनाई।
00:11इन्होंने साल 2000-2016 तक राम गंगा और कोशी नदी में देश विदेश के शैलानियों को फिश एंगलिंग का रोमान चक अनुभब कराया।
00:20लेकिन विष्ट एंगलिंग बंद होने से बेरोजगारी की मार जेल रहे हैं।
00:25वन्यजी प्रेमी संजय चीमबाल एंगलिंग को बंद करने को लेकर कहते हैं किसे अंतराष्ट्री या अस्तर पर निगेटिव संदेश जाता है।
00:55यहां परियटन से जुड़े कारवारियों की मांग है कि कोसी नदी में एंगलिंग की दोबारा से परमिशन दी जाए।
01:11जिससे कमल बिष्ट जैसे लोगों को रूजगार मिलेगा जिन्होंने एंगलिंग को नई पहचान दी।
01:17काफी लोगों से जब मम मिलते हैं उनके बारे में जानते हैं तो कमल सिंग जैसे भी विक्ति हैं जिन्होंने काफी अच्छा एंगलिंग में अपना जिवन दिया।
01:25लेकिन आज सरकार की कुछ नीतियों के कारण या सिस्टम के कुछ समश्याओं के कारण वो विक्ति आज की तारिक में बिरुजगार हैं।
01:34रामनगर के DFO से ETV भारत की टीम ने इसको लेकर बात की तो उन्होंने कहा कि एंगलिंग की परमीशन देने से पहले इसका विस्तृत अध्यन करना जरूरी है क्योंकि कोशी नदी जिम कारवेट से सटा हुआ श्यत्र है।
01:49तो आपने मेरे संजान में लाया कि पूरो में यहां पर फिस एंगलिंग के परमीशन दिया जाता थे।
01:54तो मैं इस विस्तृत अध्यन करूंगा क्योंकि रामनगर डिजिजन में जो कोशी नदी बैठी है वो CTR टावेट से लगा हुआ है।
02:05यहां के अस्थानिये लोग भी फिस एंगलिंग को दोबारा से शुरू करना चाहते हैं।
02:20उनका भी मानना है कि इससे प्रियतकों की संख्या में इजाफा होगा और यहां के लोगों को रूजगार भी मिलेगा।
02:27Bureau Report ETV भारत
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