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धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा Gen-Z के साथ लोकतंत्र की जीत कैसे? देखें ब्लैक & व्हाइट
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00:00नमस्कार मैं हूँ अंजिनाव मुकाशप और ब्लाक इन वाइट के स्पेशल एडिशन में आपका बहुत स्वागत है
00:06कहते हैं कि नेत्रत्यों की अस्ती परीक्षा फैसले लेने में नहीं बलकि जिम्यदारी स्वीकार करने के साहस में होती है
00:14नीड पेपल लीग के खिलाफ कौको जन्ता पार्टी का जो आंदोलन 36 दिन पहले शुरू हुआ था
00:21आज देखें वो कहा पर है केंद्रे मंतरी केंद्रे शिक्षा मंतरी धर्मेंदर प्रदान के स्थीफे के साथ वो आज खत्म
00:27हुआ
00:27इस आंदोलन में सवाल सिर्फ ये नहीं था कि पेपल लीग कैसे हुआ और ये कब तक ऐसे ही चलता
00:32रहेगा
00:33सवाल ये भी था कि जब लाखो यवाओं के भविश्य पर असर पड़ा तो क्या सरकार अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करेगी
00:40और आज अब धर्मेंद्र प्रदार ने स्तीफा दिया तो ये सिर्फ एक मंत्री के पद छोड़ने के खबर नहीं थी
00:45ये उस प्रक्रिया का नतीजा जिसमें छात्रों का खुस्सा सरकुपर अंदोलन सरकार के फैसले जवाब देही की मांग हुए
00:52सब एक साथ दिखाई दिया नीट पेपर लीग से शुरू हुई ये कहानी सिर्फ एक परीक्षा तक सीमित नहीं रही
00:59वह भरोसे का संकट बन गया
01:01नीट पेपर लीक उसके बाद OSM जो CBSE की मार्किंग थी क्योंकि भारत में ये परीक्षाएं सिर्फ एक पेपर नहीं
01:08होती उन्हों परिवारें के सपने जुड़े होते हैं
01:11एक शातर के लिए इसे नंबर नहीं होता है सालों की महनत दिन रात जागना खाना पीना सब भूल जाना
01:19ये उसके माता-पिता की उमीद उसके पूरे भविश्य का सवाल होता है
01:24सरकार ने स्थिती समालने के लिए कई कदम उठाए जांच बिठाए गई कानून सख्त किये गए परीश्या व्यवस्ता बदलने की
01:32गोश्णा हुई अधिकारियों पर कारवाई हुई लेकिन छात्रों का सवाल सिर्फ सुधार का नहीं था
01:37सवाल था कि आखिर इस पूरी व्यवस्ता की जिम्मेदारी कौन लेगा और यहां वो समझे कि यही वो बिंदू था
01:45जहां लोगतंत्र की दाकत दिखाई थी आजब जंदर मंतर पर प्रदर्शनकारी जश्र मना रहे थे तो उस तस्वीर में सिर्फ
01:52एक आंदोलन की जीत नह
02:06अब असली जिम्यदारी असली परीक्षा सरकार की है क्या वो सिर्फ इस्तीफे तक स्युमित रहेगी या परीक्षा व्यवस्ता में वो
02:15बदलाव करेगी जिससे दोबारा किसी युवा को अपने भविष्य के लिए सडख पर न उतरना पड़े हैं जिससे दोबारा किसी
02:24ब�
02:35तक सिर्फ सोशल मीडिया यह तो रील्स बनाते हैं ट्रेंज की पीड़ी कहा जाता था उसने आज दिखाया कि जब
02:43सवाल भविश्य का हो तो वह पीड़ी बदलाव की सबसे बड़ी आवाज बन सकती है आप कलपना कीजिए इस जैन
02:51जी पीड़ी के लिए आज एक शब्द भी
02:53कहा जा रहा है और वो शब्द है जैन जीत जैन जी नहीं जैन जीत अब से अगले एक घंटे
03:02तक हम इस स्तीफे का संपूर्ण विश्लेशन करेंगे और आपको यह भी बताएंगे कि यह घटना भारतिय लोगतंत्र के लिए
03:10एक टर्निंग पॉइंट से कम नहीं है और अगर
03:17इस विश्लेशन को हम इन शब्दों में शुरू करना चाहते हैं यह शब्द है जिमोक्रसी करेक्ट सेल यानि लोगतंत्र स्वयम
03:26अपना सुधार करता है जब इस देश के लाखों युवा पेपर लीग के खिलाफ सडकों पर उतरे तब सबसे बड़ी
03:33बहस यही थी कि भारत
03:35का लोगतंत्र इस पूरी घटना में किस पक्ष को चुनेगा यानि सवाल सिर्फ धर्मेंद्र प्रधान के स्तीफे का नहीं रह
03:44गया था सवाल यह था कि मौजूदा व्यवस्था में लोगतंत्र किस और लोटेगा और आज जब हमने इन तस्वीरों को
03:52देखा तो हमें सबसे
04:04देश के युवाओं ने आवाज उठाई तो सरकार ने उस आवाज को सुना संस्थाओं ने उस पर प्रतिक्रिया दी व्यवस्था
04:11ने खुद को सुधारा और यहीं किसी भी लोगतंत्र की सबसे बड़ी ताकत होती है जिसमें वो गलती होने पर
04:17खुद को सुधार सकता है
04:21आज जब धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हुआ तो इसमें आंदोलन की गरिमा भी थी सरकार की जिवमेदारी थी इसमें देश
04:28की लोकतंत्रिक व्यवस्था भी देख रही थी
04:29और सबसे बड़ी बात ये स्तीफा हमारे उन युवाओं की जीत को दिखा रहा था जो अपने भविश्य के लिए
04:36जवाब देही मांग रहे थी
04:38वो जवाब देही जो गलतियों पर व्यवस्था को बदलती है और ये सुनिश्चित करती है कि इस देश के प्रतियक
04:45युवा के साथ नियाए हूँ
04:47देखिए
05:18शुप भी जव शुटे कि युटे की युटे के युगाखिए
05:24में शुटे कि हमें हुटे मीए सुनिया खे युटटे कि ऊ हुटे कि लघ उरत तोग्से का रहा हुटे
05:43दर्मेंद्र प्रधान ने अपने स्टीफ़े की गोशना किसी राजनितिक बयान या प्रेस कांफरेंस में नहीं की
05:47उन्होंने देश के युवाओं के नाम एक पत्र लिखा और इस पत्र में ये वताया कि आखिर उन्होंने स्टीफ़ा देने
05:53का फैसला क्यों किया
05:54लिखा कि ये मामला उनके व्यक्तिगत सम्मान या प्रतिष्ठा का नहीं है उनके लिए सबसे महत्रपून देश की हुआ अबादी
06:01है और वो नहीं चाहते थे कि देश के छात्र भ्रह्म विवाद राज्यतिक संगर्ष के जाल में फशे
06:06और यही वज़ा बताते हुए उन्होंने कहा कि जंतरमंतर समय देश भर में बन रहे हालात राष्ट्रे एक्ता बनाई रखने
06:12किसी भी राष्ट्र विरोधी ताकत को इस मुद्दे का पायदा उठाने से रोकने छात्रों के भविश्य को लंबे कानूनी विवादों
06:19में उल
06:36आई हम आपको दिखाते हैं क्योंकि इसका निशकर्श यही है जो पत्र हम आपको दिखा रहे हैं इसका निशकर्श यह
06:43है कि जंतरमंतर पर छात्रों का जो विरोध प्रदशन हुआ उससे दबाव बना और उसी के बाद धर्मेंदर प्रधान का
06:50ये इस्तीफा हुआ है
06:53आपचारिक रूप से अभी इस फश्ट नहीं हुआ है कि ये स्टीफा सरकार ने धर्मेंदर प्रदान से मांगा था
06:58या धर्मेंदर प्रदान ने खुद अपनी स्वेच्छा से ये स्टीफा दिया
07:01लेकिन सूत्र ऐसा बता रहे हैं कि खुद धर्मेंद्र प्रधान ने अपने स्टीफे की पहल की और ये स्टीफा उन्होंने
07:07दिया है
07:09साल 2014 में मोधी सरकार बनने के बाद ये दूसी बार है जब किसी मौझूदा केंद्र मंत्री ने जरता के
07:16दबाओ और उठते सवालों के बीच अपना पच छोड़ा है
07:18इससे पहले साल 2018 में ततकारीन विदेश राज्य मंत्री मचे अकबर ने स्तीफा दिया था और अब धर्मेंद्र प्रधान का
07:25नाम भी सूची में जोड़ गया है
07:27ये भी तब हुआ है जब धर्मेंद्र प्रधान उन चुनिंदा नेताओं में शामिल थे जो साल 2014 से मौझूदा सरकार
07:35में लगातार मंत्री थे
07:36इस पूरे खटना करम को कुछ लोग सरकार की जवाब देही के तौर पर देख रहे हैं जबकि कुछ ऐसे
07:42ऐसा कदब मान रहे हैं जिससे सरकार ने विवाद को खत्म करने चात्रों के भरोसे को बनाये रखने की एक
07:50कोशश की
07:50कुल मिला कर देखे तो धर्मेंद्र प्रदान का इस्तीफा मोधी सरकार के 12 साल के कारकाल में उन चुनिंदा मौकों
07:57में शामिल हो गया है जब लगातार बढ़ते दबाओ के बीच किसी मौझूदा केंद्रे मंत्री ने अपना पद छोड़ा
08:04और इसके बार जंतर मंतर पर मौझूद प्रदर्शनकारियों ने किस तरह जश्र मनाया वो भी आप देखे
08:24जैसे ही करिब 5 उचे के आथ पाझ जैसे ये खबर यहां पर पहुची लोगों ने यकीन नहीं क्या क्योंकि
08:30आप देखे नेट यहां पर स्लो है और लोगों की संकhah देखे
08:33दूर दूर तक आपको जहां पर अभिया की लगर जाएगी लोग ही लोग यहां पर मौजूद है
08:53दर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा किसी एक घटना की वज़े से नहीं हुआ
08:56इसके पीछे कई महीनों से चल रहे है विवाद, छात्रों की नाराज़गी, लगातार बढ़ता दबाओ, एक के बाद एक पेपर
09:02लीग, गलत ब्लाक लिस्टेड लोगों को बार बार टेंडर मिलना, कई सारी परिक्षाओं में लीख होना, और परिक्षा लीख होने
09:10के बाद �
09:10पेपर रद होने के बाद रिए एक्जाम की वज़े से कई बच्चों का सुिसाइड कर लेना, इसलिए आज इस इस्तीफे
09:16की पूरी टाइम लाइन को देखना होगा, यह कहानी शुरू हुई तीन मई, तीन मई को पहली बार नीट पेपर
09:23लीग का ये पूरा मामला सामने आय
09:27तो सरकार ने परीक्षा रद करने का पैसला लिया, जाज CBI को सौब दी गई, दोबारा परीक्षा कराने की घोशना
09:34कर दी गई, यह शिक्षाम अंतराले के लिए बड़ा संकर था, क्योंकि इसमें लाखों चात्रों का भविश्च जुड़ा था, एक
09:41बार पेपर लीग और
09:57रवस्ता को लेकर शिकायते शुरू की, चात्रों का आरोग था कि स्कैन की गई, कौपियां साफ नहीं थी, कुछ पेज
10:03गायब थे, कहीं पर माक्स नहीं दिये थे, कहीं पर टिक माक लगा था, फिर भी नंबर नहीं थे, कहीं
10:08उत्तर सही होने के बाजू नंबर नहीं मिले �
10:11और कुछ चात्रों की कौपियों की जाच में गडबड़ी की आरोग, कारोग था, धीरे धीरे ये मामला भी बहुत बड़ा
10:18विवाद बन गया, और कई महीने के आखिर में धर्मेंद्र प्रधान ने इसकी जिम्मेदारी भी अब जाकर ली है, उस
10:35वक्त धर्मेंद्र प्रध
10:36पार्टी नाम से एक आंदोलन तयार हो गया था, ये पार्टी सुप्रीम कोर्ट के मुख्य ने आधीश, जस्टिस सूरिकांत के
10:43उस बयान के खिलाफ दिरोध में बनाई गई, जिसमें उन्होंने कौकरोच शब्द का इस्तमाल किया था, जिसमें दावा था कि
10:51उन्होंने सा
11:05अभीजी दीपके ने 16 माई को ये पार्टी बनाई, तब इसके कुछी मही दिनों में इंस्ट्राग्राम पर 20 मिलियन से
11:11जादा उनके फॉलोवर्स हो गए, सोशल मीडिया पर उस वक्त पेपर लीग की चर्चा बढ़ी और विपक्ष ने भी इस
11:17मुद्दे को उठाया, तो �
11:32इस्तीफा क्यों नहीं देते हैं? अब इसी के बाद अभीजी दीपके ने भारत लोटने का पैसला किया और ये कहा
11:38कि वो धर्मेंद्र प्रदान का इस्तीफा लेने के लिए आ रहे हैं।
12:30लेकिन विवाद पूरी तरह खत नहीं हुआ।
12:34जिन बच्चों ने सिर्फ इसलिए आत्महत्या कर ली क्योंकि इतनी मेहनत की थी। दिन रात एक करके एक्जाम दिया था।
12:41पेपर लीक की वज़े से पेपर रद और अब फिर लग जाईए उसी तरह से पढ़ने में।
12:46व्यथा समझे कल्पना कीजिए कि किसी बच्चे ने इस वज़े से अगर जान दे दी तो उस पर कैसा दबाव
12:54रहा होगा।
12:56अब सरकार भी जानती थी कि छात्रों की आत्महत्या युवाओं के घुस्से को बढ़ाईगी और इसलिए उसने 21 जून के
13:03रिए एक्जाम में पूरी ताकज होगी।
13:05हलाकि इससे घुस्सा कम नहीं हुआ, एक्जाम तो सफलता से हो गया, रिजल्ट भी निकल गए है, लेकिन घुस्सा शांत
13:14नहीं हुआ, दीरे दीरे ये मामला से पेपर लीक तक सीमित नहीं रहा, बलकि शिक्षा व्यवस्ता में भरोसा जवाब देही
13:20का मुद्दा बन गया
13:20कि भई इतने बच्चों की जान गई है तो जवाब देह कौन, और 20 जून से जंतर मंतर पर कौक्रो
13:26जंता पाटी का अंदोलन शुरू हुआ, जिसमें शुरूआत में 500 लोग भी शाविल नहीं थे, लेकिन 28 जून को सोनम
13:33बांग्चुक की सांदोलन में एंट्री हुई, वो स
13:46जंतर मंतर पर भीड़े कठा होनी शुरू हो गए, यह वही पल था जब कोक्रो जंता पाटी और 20 जूनम
13:53बांग्चुक ने 20 जूलाई को संसच चलो का अहवान किया, देश भर के युवाओं से जंतर मंतर आने की अपील
13:59किया, इस माच से दो दिन पहले, जब 18 जूलाई को �
14:03दिल्ली पुलिस सोनम बांग्चुक को जंतर मंतर से हटा कर सब्तर जंग अस्पताल ले गई, तब युवाओं और नाराज हुए,
14:10हालात ऐसे बने कि जंतर मंतर भारत में ट्रेंड करने लगा, पड़ी संख्या में युवाओं 20 तारीक के संसद मार्च
14:19के लिए वहाँ परि
14:35अधर्मेंद्र प्रधान को अपना ये स्तीफा देना पड़ा, आप खुद देखे कि जब अभी जी दिपके को पहली बार फोन
14:41पर ये ख़बर मिली कि धर्मेंद्र प्रधान ने स्तीफा दे दिया है, तब वो और मौजूद लोगों ने एक दूसरे
14:46को गले लगाया, इसका
14:48मंच से एलान किया फिर, देखे
15:19इस स्तीफे के बाद अभी जी दिपके ने मंच से एक भाशन भी दिया, और ये कहा कि अगर लोग
15:24अपनी मांगों को लेकर मजबूती से खड़े रहे, डरे नहीं, तो लोगतंत्र में बदला संभव है, उन्हेंने कहा कि ये
15:32लोगतंत्र है, उन्हेंने स्तीफा दिया है, या
15:49दीसीपी संदीप रामबा, एसीपी अजे शर्मा, सचील शर्मा, ये जो लाठिया चलाई है न अपने अमिच्छ और मोधी के नाम
16:04पर, अभी एक इस्तिफा हुआ है, याद अगना को कुछ से पंगा नहीं लेना है
16:12भाशन के दौरान अभीचीत दीपके भावुक होकर मंच पर घुटनों के बल बैट गए, इसके बाद प्रदर्शनकारी एक दूसरे को
16:18गले लगाने लगे, वहाँ इसे इनसाफ का जश्न मनाया गया
16:22इस दौरान अभीचीत दीपके ने ये भी कहा कि ये सिर्फ शुरुआत है और अभी पहला विकेट गिरा है, लड़ाई
16:29खत नहीं हुई है, सुने
16:31ये पहला विकेट है, ये पहला विकेट है, यहाँ नहीं रुकेंगे, आप तो बस शुरुआत हुई है, अभी तो बस
16:41शुरुआत हुई है
16:45मैं सभी उन स्टूडेंट्स को सल्यूट करता हूँ
16:49सभी वोलिंटेंट्स को सल्यूट करता हूँ
16:51जो पिछले 36 दिन से यहां पर 45 डिगरी की दूप में बैठे हुए थे
17:18इस दो सब्सक्राइब आइगे दिन की जिंदगी दर्मेंदा वदान लिए थी
17:30प्रदीप एक रिदीक मिश्या सिदाथ हेग्रे भाकेश्री अंशीका पंडे उमेश माली
17:41रेनु मिना, रिया कुमरी थपा, शिवानी यादम, अनुखिर्ना, पहान बतल, अपांशया चतुर्वेदी, रिमा बेगम, मैतिरी अशक सोनम्ने, अबंदिका मुरिया, जदिन
18:03कुमर, गोपिका, शेक समा, बेट्पिया नंदम,
18:10यह वह बच्चे है, जिनको आज न्याय मिला है, मैं चाहता हूँ,
18:25क्या कहते हैं, क्या कहते हैं, क्या कहते हैं, इस सरकार में इस्तिफ़े नहीं होते,
18:34हम कहते हैं, क्या कहते हैं, क्या कहते हैं, इस सरकार में इस्तिफ़े नहीं होते,
18:39हम कहना चाहते हैं, जुखती है दुनिया, जुखाने वाला चाहिए,
18:49थाहते हैं, मैं, मैं आजके थे,
18:52जुखदाने कहते हैं।
19:18मौझूदा सरकार में शिक्षा मंत्री की कुर्सी कभी आसान नहीं रही
19:212014 से अब तक चार नेता इस मंत्राले की जिम्यदारी संभाल चुके हैं
19:26लेकिन कोई भी एक बार में पूरा 5 साल का कारेकाल शिक्षा मंत्री के रूप में पूरा नहीं कर पाया
19:32सबसे पहले स्मिती इरानी मई 2014 में शिक्षा मंत्री बनी करीब दो साल बाद जुलाई 2016 के कैबिनेट विस्तार में
19:39उन्हें इस मंत्राले से हटा कर कपड़ा मंत्राले की जिम्यदारी ते दी गई
19:43उनकी जगा प्रकाश जावडेकर ने शिक्षा मंत्राले संभाला लगबग तीन साल तक जिम्यदारी निभाई लेकिन साल 2019 में मोधी सरकार
19:50के दूसरे कारेकाल में उन्हें दोबारा शिक्षा मंत्राले नहीं मिला
19:54इसके बाद रमेश पोकरियाल नशंक शिक्षा मंत्री बने लेकिन जुलाई 2021 में स्वास्त कारणों खासकर कोविड के बाद आई परिशानियों
20:03के चलते उन्हें मंत्री मंदल से इस्तीफा देना पड़ा
20:05फिर धरमेंद्र प्रदान ने 7 जिलाई 2021 को शिक्षा मंत्राले की कमान संभाली और वो मोधी सरकार के सबसे लंबे
20:11समय तक शिक्षा मंत्री रहे
20:141845 दिन तक शिक्षा मंत्राले की जिम्यदारी संभाली
20:17लेकिन नीट पेपर लीग छात्रों के आंदोलन और बढ़ते राजितिक दबाव के बीच आज उन्होंने भी स्तीफा दे दिया
20:24यहां एक स्वैयोग ये भी है कि मौझूदा सरकार में शिक्षा मंत्राले चोड़ने वाले तीनों मंत्रियों
20:30स्मिर्टी इरानी, रमेश पोक्रियाल और धर्मेंद्र प्रदान को जुलाई महीने में ही इस मंत्राले से विदाई मिली
20:37यानि पिशे 12 सालों का इतिहास यही बताता है कि मोधी सरकार में शिक्षा मंत्री का पद सबसे चुनोती पूर्ण
20:44मंत्रालियों में रहा है
21:00और जोश पाराइट बता की इस्किलाब इस्किलाब इस्किलाब
21:16जर्मेंद्र पजाओन जी ने अज सुमें इस्तिफत बेजिया है
21:23अभी अभी सरकार से मिलकर आरहे हैं अपनी बात रखकर आरहे हैं
21:30और सरकार ने हमारी बाकी दोनों मांगे भी मांग ली है
21:37आपने, आप सब लोगों ने बीकर इतिहास रच दिया है
21:43जो लोग कहते थे कि हमारे यहां कभी स्टीफ़े नहीं होते
21:55स्टीफ़ा तो आज आप लोगों ने ले ही लिया है
22:00हमारी सभी मांगों को मांग लिया गया है
22:06इसलिए जंतर मंतर का प्रजेशन हम यही समाथ कर रहे हैं
22:14लेकिन जो गादा है आप लोगों से बहुत जल्द फिर मुलाकात होगी
22:20तो सभी लोग शांती फूर्वा के अपने घर लोटें, आराम करें, खुशी मनाएं
22:28और जरूर से उन परिवारों को याद करें, जिनों ने लीट का पेपर लीग होने के बाद अपने बच्चों को
22:36कोया
22:47यहां यह भी देखना होगा के स्तीफा कब हुआ?
22:51तब हुआ जब इससे पहले सरकार ने पेपर लीग के खिलाब जो कड़े कदम है, वो उठाने की कोशिश शुरू
23:00कर दी थी
23:0015 माई को 2026 को शिक्षा मंतरी ने एलान किया कि 2027 से नीट परीक्षा कंप्यूटर आधारित CBT मोड में
23:08कराई जाएगी ताकि परीक्षा को ज़्यादा सुरक्षत बना जा सके
23:12इसके बाद 16 जून को नीट परीक्षा से पहले पेपर लीग अफवाहों को रोकने के लिए टेलिग्राम जैसे मेसेजिंग प्लाटफॉर्म्स
23:18पर कुछ समय के लिए प्रतिबंद लगाया गया और मेसेज एडिट करने की सुवधा भी बंद कर दी गई
23:23बढ़ते दवाओ के बीच 23 जूलाई को शिक्षा मंत्राले में बड़े प्रशासनिक बदला हुए शिक्षा सचेव विनी जोशी को हटाया
23:31गया
23:32इसी दोरान प्रधानमती नरेंद्र मोधी ने पेपर लीक मामलों में दोशियों को जल सजा दिलाने के लिए फास्ट्राक पोर्ट बनाने
23:38की गोशना की
23:40फिर इसके बाद अगले देट 24 जुलाई को सरकार ने पेपर लीक रोकने वाले कानून में बदलाओ को मनजूरी दी
23:47नए प्रावधानों में ऐसे मामलों की सुनवाई तीन महीने के अंदर पूरी करने दोशियों को 10 साल तक की सजा
23:5410 करोड रुपे जुर्माना का प्रावधान किया गया
23:58और भी कदम उठाये गए इसी दिन NTA में भी कारवाई हुई और परीक्षा विवस्ता से जुड़े 47 कर्मचारियों को
24:06हटाया गया
24:06साथी दिल्ली पुलिस ने परीक्षा से जुड़े अपरादू की जांच के लिए विशेश जांच दल यानि स्टीएफ बनाया
24:13यानि सरकार ने विवात को शांथ करने के लिए कई स्टर पर कदम उठाये कानून बदला अधिकारियों पर कारवाई की
24:20परीक्षा प्रक्रिया में सुड़ार की गोशना और जांच तेज की
24:25लेकिन छात्रों का मुख्य सवाल सिर्फ सुधारों तक नहीं था वो चाते थे जिम्मेदारी तय हो जवाब देही तय हो
24:32आखिर अगर इतने बच्चों की जान गई है पेपर लीक की वज़़ा से और ये एक्जाम की वज़़ा से तो
24:40जवाब देही कोई तो लेगा और लग
24:54जो खदम सरकार ने और जर्मेंदर प्रदान जी ने लिया उसका स्वागत करता हूं सम्मान करता हूं और सभी देशवासियों
25:04को बदाई देता हूं कि ये एक लोगतंतर की जीत है जो आज हमने देखा और इसे ऐसा ही आगे
25:15भी हम सुरक्षित रखें लोगतंतर को भारत में
25:20और देश की युवापीडी को मैं बदाई देना चाहता हूं और धन्यवाद देना चाहता हूं
25:27सीजेपी के हमारे टीम और भाईयों और बहनों को जिनोंने ये मुद्दा उठाया सबसे पहले और जो वोलेंटियर्स जिनोंने उनका
25:36साथ निबाया जो देश बर से छात्र और युवाप खड़े हुए उन सब का सम्मान करता हूं मैं
25:44और सबसे बड़ी बात कि जिस तरह से उन्होंने शान्ती बनाए रखा जहां ये प्रदर्शन हो रहे थे कुछ जगों
25:53पे दुर्बाग गया है कि छुटपुट गटनाएं भी देखी
25:56मुझे उम्मीद है कि इस शान्ती को हम बनाए रखें और कहीं भी कोई गलत बात नहीं होगी आगे भी
26:05ये जो शक्ती है लोकतन्तर की वो हमारी शान्ती से हुई है ना कि हमारे बाजूओं के बल से
26:13अब बड़ा सवाल यह है कि आगे क्या होगा
26:15तो इस स्तीफे के बाद सरकार और कौक्टरो जनता पार्टी के पीच
26:19आज तीसे दौर की बादचीत हुई
26:22जिसमें सरकार की ओर से केंद्रमंत्री जेपी नडडा
26:24डॉक्टर जी तेंद्र सिंग शामिल हुए
26:26इस बेटर के बाद कौक्टरो जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता
26:29सौरबदास ने आंदोलन खत्म करने की खोशना की
26:32उन्होंने कहा कि संगठन अच्छे विश्वास के साथ आंदोलन वापस ले रहा है
26:37और उमीद करता है कि सरकार बाचीत में तै हुई बातों को तै सीमा
26:42जो समय सीमा है उसमें लागू करेगे
26:45सुनियो
26:46जो हम लोग की दूसरी मांग थी
26:48कि सारे F.I.R. जो सारे प्रोटेस्टर्स के खिलाफ पाई किये गए है अभी तक
26:55सिर्फ दिल्ली में नहीं
26:58लेकिन सारे B.J.P. रूल और B.J.P. ऐलाइस सेट्स में
27:02वो F.I.R. विड्रॉब हो जाए
27:05ये भी हमारी सेकेंड मांग थी
27:07सरकार ने वो मांग को भी मान दिया है
27:11साथ साथ ये जो विड्रॉब है
27:13वो शौटली हो जाएगा
27:17जो F.I.R. फाइल हो चुके है
27:19जितना हमें लाप्स इंफोमिशन के मताबिक
27:2215-20 F.I.R. डेली में पाइल हुए है
27:25वो सारे F.I.R. की कॉपी
27:28सरकार ने अशौर किया है
27:30कि शौटली हमारे साथ शेर करेंगे
27:34ये इनकी दिमांड्स थी
27:36मेरे ख्याल से इनोंने
27:38जो रिबाट रखी थी
27:40उन सब को सरकार में
27:43सानुभूति कूर्वग माना भी है
27:45और एक्सेप्ट भी किया है
27:46मेरा निवेदन है कि
27:48आप सब से कि हमारे जो
27:52आंदोलर करने वाले हैं
27:54वो अपने एजिटेशन को विड्रॉ करें
27:57और पीस्कुली हम सब लोग आगे बढ़ें
28:00कॉक्रो और जन्ता पार्टी के सपोर्टर्स और प्रोटेस्टर्स से अपील करते हैं
28:04कि वो पीस्कुली विड्रॉ करें
28:06हमारी जो भी मांगे थी वो मान ली गई है
28:09आगे की जो भी रण्मीती होगी इसे हम आपको जल्द अगत कराएंगे
28:13हमारा जो डिमांड चार्टर है वो हमने सरकार को सब्मिट किया है
28:18और सरकार से अगले चार अफ्तों में फिर से
28:21हमारे डेलिगेशन की मुलाकार होगी इस डिमांड चार्टर को लेकिए
28:24लेकिन अभी हम तमाल हमारे जो भी सपोर्टर्स हैं
28:36सरकार ने कौक्रो जनता पार्टी की तीनों मांगों को मान लिया इनमें पहली मांग थी शिक्षावंत्री धर्मेंद प्रधान का स्तीफा
28:43मांग पूरी हुई
28:45सीजेपी की दूसरी बड़ी मांग थी आंदोलन में शामिल छात्रों के खलाब दर्ज सभी मुकद में वापस हों माना गया
28:52सरकार ने सहमती जताई
28:53पार्टी प्रवक्ता सौरवदास ने कहा है कि सरकार ने भरोसा दिया है कि प्रदर्शनकारियों और आयोजकों के खलाब दर्ज मामलों
29:02को वापस लिया जाएगा
29:03उन्होंने ये भी बताया कि दिल्ली में करीब 15 से 20 एफायार दर्ज होने की जानकारी है और उनकी कौपी
29:09भी प्रदर्शनकारियों को उपलब्ध कराई जाएगी
29:12सीजेपी की तीसरी मांग थी कि पेपर लीक विवाद के बाद आत्महत्या करने वाले जो छात्रे उनके परिवारों को मुआफसा
29:21दिया जाए
29:21एक करोड रुपे का मुआफ़ा सरकार ने इस मांग पर भी सकरात्मक रूख दिखाया है यानि सारी मांगे सरकार ने
29:27बिना शर्च स्वीकार कर ली और इसके बाद दिल्ली पुलिस ने जंतरमंतर पर बैठे सभी प्रदर्शनकारियों से जंतरमंतर खाली करने
29:35के लिए कहा है �
29:36और जंतर मंतर के आसपास बंद किये गए जो 18 मेट्रो सेशन्स थे, उन मेट्रो सेशन्स के एंट्री गेट भी
29:43खोल दिये गए, आप हमारी ये रिपोर्ट देखें।
29:49दिल्र मेट्रो के जो पर जो जो अन को परशानी का सामना करना पढ़ता था लेकिन अब फिलाल ये गेट
30:08जो ये खोले गए है, यूनियन मिनिस्टर दर्मिंदर प्रधान के स्टीफे के बाद,
30:36जन्तर मंतर से कुछ दिन पहले तक सरकार के खिलाफ नारे गुंज रहे थे
30:40आज वहीं तस्वीर बदल गई, वही मंच, वही भीड, लेकिन माहौल बिलको लला, जहां कल तक प्रदर्शन था, आज वहाँ
30:50जश्न था, जहां मांग थी स्तीफे की वहाँ धन्यवाद और जीत के नारे थे, प्रदर्शन कारी जंतर मंतर पर तैनाद
30:56पुलस कर्मियों का भी
30:57मुम मीठा कर रहे थे, यानि नीट पेपर लीक से शुरू हुई ये लडाई, आज एक बड़े राजनितिक घटना करम
31:05में बदल गई, और धर्मेंद पतान के स्तीफे के साथ ही विपक्षने से सरकार की जवाब दे ही बताया, प्रदर्शन
31:10कारीों ने इसे अपने आंदोलन
31:12की सफलता का, देखे,
32:03पिछले बारा साल के कारेकाल में शायद पहली बार केदर सरकार खुद को युवाओं के घुश से और विपक्ष के
32:09चक्रव्यू में फसा हुआ पा रही थी,
32:25नीट पेपर लीक मामले में बीजेपी सरकार एक साथ दो मोचों पर नड़ने में नाकाम हो गई,
32:34पहला मोचा था जंतरबंतर जहां गुस्से से तम तमाइल चेहरे लिए हज़ारों युवाद सरकार की इच से इच बजाने के
32:42लिए तयार खड़े थे,
32:52और दूसरा मोचा था देश की संसत, जहां पूरा विपक्ष सरकार को एक पल भी चैन से बैठने नहीं दे
32:59रहा था,
33:00संसत का मौसूल सत्र युवाओं के घुस्से की आज में सूखा जा रहा था,
33:07विपक्ष के निता पुलिस द्वारा चात्रों पर हुए लाथी चार्ज से आज़ बवूला थे,
33:30बड़े जितने भी विपक्षी नेता हैं, वो सब एक जोट हैं, एक साथ हैं और खड़े हैं पीछे और बोल
33:35रहे हैं कि जो उनकी मांगे हैं, जो हैं मांगे, वो मांग है कि धर्मेंदर प्रधान अपना इस्तीफा दे हैं,
33:40वो सभी लोग यहां आपको पीछे नजर आएंगे
33:44और आखितकार तरीप 36 दिनों बाद सीजेपी को जोग मिल गया, जिसकी वो मांग कर रहे थे, शिक्षा मंतरी धर्मेंदर
33:52प्रधान का इस्तीफा
33:59इस सपलता का जशन सीजेपी ही नहीं, बैकि वो सभी विपक्षी देथा मना रहे हैं, जिन्होंने छात्रों की बागों को
34:07लेकर संसत को सेर पर उखाया हुआ था
34:16जिन्होंने देखाया हुआ है
34:59जिस सरकार ने अभी तत राजनीतिक दमाव में किसी मंत्री से इस्तीफा ना लिया हो, उस सरकार के शिक्षा मंत्री
35:06ने खुद इस्तीफा दे दिया.
35:07ये एक बड़ी दाजनीतिक खटना है और ऐसा तभी मुम्किन हो पाया, जब युवाओं के मुद्दे पर विपक्ष के नेताओं
35:15ने भी संसद और सरक एक कर दी.
35:21आप सब को बहुत बहुत बहुत बढ़ाई, हमारे देश के युवाओं को जैंजी को बहुत बढ़ाई, बहुत खुशी की बात
35:30है, आप लोगों का संघर्ष रंग लाया, धर्मेंदर प्रधान को अल्टिमेटली स्तीफा देना पड़ा, ये पूरी डेमोक्रेसी की बहुत
35:40प्राइमरी एजुकेशन से लेकर की, हाईर एजुकेशन तक पर सरकार को बहुत दंभीर कादे सोचना पर है, धर्मेंदर प्रधान के
35:49सीथे को सीजेपी और विपक्ष के देता एक बड़ी सफलता मान रहे हैं, और इस सफलता का श्रे युवा प्रदर्शन
35:56कार्यों और वि
36:11सोनम बंग्चुक का अंचन और हजारों की संख्या में जोटे युवाओं के तीखे सवाल सरकार पर नैतिक दमाव डाल रहे
36:18थे, मुखे रूप से मांग दो ही थी, धर्मेंदर प्रधान का इस्तीफा और पेपर दीक पर सक्त कारवाई, सरकार के
36:25लिए इन मांगों को पूर
36:36पिछले पांच दिनों से संसत के दोनों संदों की कारेवाही कुछ मिंटों से ज्यादा नहीं चल पाई, विपक्ष्टी नारेबादी सदन
36:44के आंदर ही नहीं, बल्कि सदन के बाहर भी दिखी
36:49जब तक मंत्री स्तीफा नहीं देंगे, तब तक सदन में हम लोग आवाज उठाते रहेंगे, और जिन बच्चों की जान
36:58गई है, उनके परिवारों की जो मांगे, वो मांग मानी जाए
37:16संसब में सरकार को घेटने के बाद, रहुल गांधी की अगवाई में विपक्ष के नेताओं ने प्रधार मंत्री आवास के
37:22बाहर धरना शुरू कर दिया था
37:24इस अती संविदन शीर इलाके में विपक्षी नेताओं का ऐसा जमखट लगा कि सुरक्षा एजेंसियों तक के होश उड़ गए
37:41विपक्ष ने केंदर सरकार से युगा प्रधार्शन कारियों पर किये गए लाथी चार्ज पर सवाल पूछे
37:46आसू गैस के इस्तमाल पर घेरा और सोरम वांचुप का अंशन खुलवाने की अपील की प्रधान मंत्री आवास के बाहर
37:53हुए इस धरना प्रधर्शन से सफ़ती से निप्ता गया
38:01सरकार खुद उठका रही है कि देश में अनारकी हो और फिर उसको दबाया जाए लाटी चार्ज करा जाए मारा
38:12जाए और डरा के उनको जेल में रखाए बहुत ही कायरता पूर्वक तरीके से
38:19हमारे नेता राहूल गांधी को घसीट कर हिरासत में लिया हमारी नेता प्रियंका गांधी को बत्तमीजी करकर और घसीट कर
38:28बस में जबरदस्ती ठूसा और बत्तमीजी से ले जा रहे हैं
38:31अभी ने रहे कि हमारे नेताओं को कहा ले जा रहे हैं हम सब को गिरफतार करके ले जाए जा
38:36रहा है कि विपक्ष और प्रदेशन कारियों के नैतिक और राज़्दितिक दबाव का ही असर था कि केंद्रिय मंत्री जेपी
38:44रड़ा और जीतेंद्र सिंग ने सीजेपी के नेता�
38:50को खत्म करवाने की कोशिशें शुरू हुई तोरोही मंत्रियों ने सोनम बांचुक से अस्पताल में मुलाकात की और भरोसा दिलाया
38:59कि प्रदेशन कारियों की मांगे बान ली जाएं
39:01मैं सरकार से विंती करता हूँ कि वो और ऐसे ताकत बल का परियोग ना करें बच्चों पर
39:14और दूसरी बात उन पर आरोप और F.I.R. जिससे कि उन्हें सताया जासा के जेल या पुलिस दौरा
39:26ये न करने की मुझे आश्वासन चाहिए
39:31और वो आश्वासन अगर जल्द मिल जाए तो मैं आप सब के और जो नेतागन यहां पर आए उनकी बातों
39:42का इज़द करते हुए अंचन आज ही तोड़ूँगा
39:48धर्बेंदर प्रधान के इस्तीफ़े को लेकर पहले खबरे आ रही थी कि वो इस्तीफ़ा नहीं देंगे और नहीं उनसे इस्तीफ़ा
39:55देने के लिए कहा जाएगा
39:57इन खबरों के बीच 23 चुलाई को अरविंद केज रिवाल ने एक वीट किया जिसमें लिखा था कि दिल्ली पुलिस
40:04चंतर मंतर पर एक बढ़ा आपरेशन करने जा रही है
40:07इस खबर के बीच विपक्षी नेताओं ने सरकार के खिलाफ एक नया चक्रब्यूह रचा और रहुल गांधी शाम होते होते
40:15विपक्षी नेताओं के साथ सड़क पर उतर गए
40:18वो इंडिया गेट तक बार्च करना चाहते थे लिकिन सुरक्षा बलों ने उन्हें रोग दिया
40:25जिसके बाद उन्होंने गांधी स्मिती पर जाकर प्रदशन कारियों के खिलाफ सरकार की डीती पर सवाल उठाए
40:3512 साल से तो अगोसित इमर्जंसी है 12 साल से अभिवेक्ति की अजादी खतम हो गई अधिकार खतम कर दिये
40:43गए लोक्तांत्री मुल्यों को
41:02सरकार से छोटी सी मांग है कि आप सिक्षा मंत्री जो की 120 जो की रिकॉर्ड पे है पेपर लीग
41:08उसके लिए जिम्मेवार हैं उनका स्तीफा लीजे उसके बाद संसंद में बहस हो चर्चा हो जो कमिया है खामिया है
41:14सरकार की तरफ से उसमें सुधार हो
41:19विपक्षी नेताओं के इस हंगामे के बीच दिल्ली पुलिस ने अरविंद के जिवाल के उस पूरी तरह से नकार दिया
41:25जिसमें कहा गया था कि 23 जुलाई की रात जंतर मंतर पर पुलिस का बा आपरेशन होने वाला है
41:31माना गया कि कुछ होने वाला था जो विपक्ष के हंगामे के बीच टाल दिया गया
41:36और उधर जंतर मंतर पर बेखबर प्रदर्शन कारियों की नारे बाजी का दौट जारी था
41:49हलाकी इस दौरान खबर आई कि जेपी नडडा और जीतेंडर सिंग की अपील पर सोनब बंचुक ने अपना अंशन खक्म
41:55कर दिया है
41:56क्योंकि सरकार ने उनकी मांगे मानने का आशपासन दिया है
42:03अभी थोड़ी देर पहले केंद्रिय मंत्री जेपी नडडा साहब और जितेंदर सिंग साहब यहां आए थे
42:12और लडाक के एपेक्स बॉडी के शीष नेतागन भी यहां आए थे
42:17और उससे पहले आप लोगम को मालूम है
42:20विबिन राजनीतिक दलों के लगबख 65 सांसदों ने आकर और हस्ताक्षर देकर हमसे अंशन तोड़ने के लिए कहा
42:34और वो संसद में इस मुद्धे पर नीट पेपर्स और परिक्षाओं की प्रनाली पर चर्चा करेंगे यह आशवासन दिया
42:46और फिर देवराश प्रधान मंतरी दरेंद बोदी का एक सेलफी वीडियो सामने आया
42:51जिसमें उन्होंने देश के युवाओं को संबोधित करते हुए पेपर लीग पर सक्षानून लाने की बात कही
42:57फास्ट्रेक कॉर्ट और कठोर सजा के प्रावधान के साथ का इमुसद्धा कल केबिनेट में चर्चा होगी
43:09केबिनेट के साथियों के सुझाओं के बाद उसका अंतीम रूप दिया जाएगा
43:16पीम मोदी के इस वीडियो संबोधन के आने के बाद माना गया कि सब कुछ ठीक होने जा रहा है
43:22अगले ही दिन केबिनेट ने पेपर लीग पर संशोधन बिल लाने का ऐलान कर दिया
43:27जिसमें फास्ट्रेक कोर्ट में सुनवाई और सक्ट सदा का ऐलान किया गया
43:51इसके बाद जेपी नडडा और जीटेंडर सिंग ने सीजेपी के निताओं के साथ दूसरे राउं की बाचीच शुरू की
43:56जिससे ये पता चला कि शिक्षा मंत्री के स्तीफे के अलाबा बाकी मागों पर सरकार राजी है
44:02लेकिन जंतर मंतर पर बैठे प्रदर्शनकारी धर्मेंदर प्रदान के सीफे पर अड़े रहे
44:33धर्मेंदर प्रदान का इस्तीफा सरकार और प्रदर्शनकारीों के बीज बाचीफ में फची वो गरारी थी
44:38जिसके ठीक होने पर ही गाड़ी आगे बढ़ती और फिर 25 चुलाई दोपहर दो बचकार 18 मिनट पर
44:45शिक्षा मतरी धर्मेंदर प्रदान ने आखरकार इस्तीफा देही दिया और इसी के साथ जश्नका एक मैद दोर शुरू हो गया
44:53प्योरो रिपोर्ट आज तक
44:57कभी कभी लोगतंतर में एक आवाज सिर्फ आवाज नहीं रहती वो एक सवाल बन जाती है
45:02और जब सवाल लाखो यवाओं की उमीदों से जोड़ जाए तो उनकी गूंज सत्ता के गलियारों तक पहुँचती है
45:09नीट पेपर लीग से शुरू हुई ये लड़ाई पहले जंतर मंतर के धरने तक पहुँची और आज इस कहानी का
45:16बड़ा मोड तबाया
45:17जब शिक्षा मंतरी धर्मेंद्र प्रधान ने स्तीफा दिया
45:20इस स्तीफे के बाद आजंतर मंतर पर जश्न था नारे थे और इस दोरान एक नया शब्द सुनाई दिया
45:26जेन जीत है यानि जेन जी नहीं जेन जीत है यानि वो पीड़ी जिसे अफसर सिर्फ सोचल मीजा और ट्रेंज
45:34के से जोड़कर देखा जाता था उसने देखाया कि असली मुद्दों पर खड़ा होना उन पर सवाल पूछना बतलाओ की
45:40मांग करना उसकी पहचान है
45:43आप हमारी ये स्पेशल रुपोर्ट देखें
46:00जंतर बंदर पर कल राब तक किसी को नहीं पता था कि ये प्रदर्शन 25 जुलाई की शाम तक खत्म
46:05हो जाएगा
46:18कल राब भी हजारों की संख्या में प्रदर्शन कारी मोचे पर मौजूद थे और उनके नेता आगी की रणनीती बनाने
46:25में जुटे थे
46:26क्योंकि आज का दिन महत्वपूर्पूर्थ था
46:30जेपी नडडा और जीतेंद्र सिंग के साथ सीजेपी नेताओं की बैठक होने वाली थी जिसमें धर्मेंदर प्रदान के इस्तीफे वाली
46:37मांग पर फाइनल बागचीत होनी थी और सीजेपी नेताओं का रुख प्रदान के इस्तीफे पर अटका हुआ था
46:43अगर हम ऐसे पीसफुली प्रोटेस्ट करेंगे तो धर्मेंदर प्रधान का इस्तीफा जरूर होगा
46:49सीजेपी के प्रदेशन कार्यों ने ऐलान किया था कि अगर 72 घंटों के अंदर शिक्षा मंत्री धर्मेंदर प्रधान ने इस्तीफा
46:56नहीं दिया
46:57तो बीस चुलाई की तरह ही एक बार फिर संसद तक मार्च होगा
47:02सरकार ने इस मांग पर शरिवार दोपहर तक का समय मांगा था
47:05सरकार पर इस आंदोलन को खत्र करने का दबाव पढ़ता जा रहा था
47:10क्योंकि अगर दोबारा संसद मार्च होता और उसमें पूलिस की सक्त कारवाई होती
47:14तो हालाद बज से बंतर हो सकते थे
47:17हालाद को आबू में रखने के लिए कल राज से ही जंतर मंतर पर
47:22सुरक्षा वेवस्था को पहले से और ज्यादा मजबूत कर दिया गया था
47:27आज सुबह सुबह ही सीजेपी के संस्थापत अभीजीत दिर्के ने
47:31प्रदर्शन कारियों को बताया कि उन्हें टाइपाइट हो गया है
47:35लेकिन इसके साथ साथ ये ऐलान भी किया कि प्रदर्शन जारी रहेगा
47:39और धर्बेंदर पधान के इस पीपे तक ये खत्म नहीं होगा
47:45जैसे कि आप सब को पता था पिछले कुछ दिनों से मेरी तबीत खराब थी
47:48तो ब्लड रिपोर्स आदे हैं
48:11अगर हम ऐसे पीसफुली प्रोटेस्ट करेंगे तो धर्मेंदर प्रदाम का इस्तीफा ज़रूर होगा
48:17माना जा रहा था कि आज दो पहर साहे तीम बजे सीजेपी नेताओं के साथ जो बैठक होनी है
48:23उसमें कुछ बड़ा ऐलान हो सकता है
48:25लेकिन इस बैठक से पहले ही बड़ी खबर आ गई
48:42आरोप लगाया कि छात्रों को गुमराख किया जा रहा है
48:46और वो पिछले दस दिनों के खटा करम को देखकर व्यथित है
48:49उनका मानना है कि जंतर बंतर पर जो कुछ हो रहा है
48:53उसका फाइदा राष्ट विरोधी ताक्ते उठा सकती है
48:56अपने पत्र में धर्मेंदर प्रधान ने बहुत कुछ कहा
49:00लेकिन सच यही है कि प्रदर्शन कारियों को उनकी इन बातों से रही
49:04बलकि उनके इस तीफे से मतलब था
49:07जैसे ही ये खबर सामने आई जंतर बंतर पर बहुत सब शुरू हो गया
49:12प्रदर्शन कारी खुशी से जूम उठे
49:27भरमेंदर प्रधान के इस तीफे की खबर सुनकर सीजेपी के नेताओं की आँखे चमक उठी
49:32उन्हें वो मिल गया जिसके लिए वो पिछले 36 दिनों से दर्व रहे थे
49:36पुलिस की लाठिया खा रहे थे और इस सफलता की करज चंतर मंतर के मज़ से दिखी
49:42और एलान हुआ जुकती है दुनिया जुकाने वाला चाहिए
49:49आज भरमेंदर प्रधान का इस्तिफे के वज़े से हीरो मत बनाना
50:04एक इंसान को हीरो बनाने के वज़े से देश का कबारा हुआ है
50:09एक इंसान को अपने सभीधान से बड़ा बना दिया
50:13सारे इंस्टिउशन से बड़ा बना दिया
50:16सारे चीजों से बड़ा बना दिया
50:18जब आप एक इंसान को मुत्पे से बड़ा बनाते इंस्टिउशन से बड़ा बनाते
50:22सभीधान से बड़ा बनाते
50:27तो मुझे कोई भी हीरो नहीं बनाएगा नारे लगेंगे भारत माता की जे के
50:34प्रधान के स्टीफे के बाद एक बाद और साफ हो गई
50:37कि कोई और संसत बाच नहीं होने जा रहा है
50:40सरकार ने राहत की सांस ली
50:42लेकिन उन्हें प्रधेशन कारी नेताओं की तरफ ते पक्का बादा चाहिए था
50:46इसलिए जेपी नडड़ा और जीतेंज सिंग के साथ
50:49सीजेपी नेताओं की जो बैठक टै हुई थी वो टै समय पर हुई
50:53इस बैठक के बाद एक साज़ा प्रेस कॉनफरेंस की गई
50:57जिसमें सीजेपी ने वो ऐलान किया जिसके लिए सरकार फिछले पांच दिनों से डगी हुई थी
51:05भरना खत्म होने के इस ऐलान के बाद तो सरकार को ऐसा लगा जैसे दिल्ली की आबो हवा शांत हो
51:12गई है
51:14पिछले पांच दिनों से नई दिल्ली का पूरा शेतर युबाओं के घुस्से से तहक रहा था
51:19और इसकी तपिश संसर्बे महसूस की जा रही थी
51:22धरना खत्म होने का ऐलान गुआ तो सब कुछ शांत हो गया
51:26ये दूफान के गुजट जाने के बाद की शांती थी
51:30जिसमें उपद्रव का दंच भी था और सफलता का शोर भी
51:34धरना खत्म होने के ऐलान के साथ ही जंतर मंतर पर बिठाई खाने खिलाने का दौट शुरू हो गया
51:40म्यूजिक पर धिरकते नौजबान नज़र आने लगे
51:43मंच जोशी ने दारों से गून जुठा
51:46सुरक्षा भी लगे पुलिस कर्वियों ने भी अब रहत की सांस ली
51:50और माइक से अलान किया गया कि प्रदर्शन कारियों की मांगे बान ली गई है
51:54इसलिए अब वो अपने घरों को डौट चाएं
51:57प्रदर्शन के खत्म होने के बाद दिल्ली के जिन मेट्रो स्टेशन को बंद कर दिया गया था
52:02उन्हें खोल दिया गया ताकि प्रदर्शन कारी धीरे धीरे अपने घर लोट जाए
52:07मांगे बान ली गई थी
52:09सरकार को ग्युवा शक्ती ने खुटो पर ला दिया
52:12प्रदर्शन पूरा हो चुका था इसलिए घर्दा स्मेल खाली होने लगा
52:17ब्यूरो रिपोर्ट आज तक
52:21तो आज के लिए ब्लाक इंवाइट में इतना ही अब आप से हमारी अगली मुलाकात होगी
52:24कल रात 9 बजे तब तक खुश रहिए सुरक्षत रहिए स्वस्त रहिए और सहानुपूती का नया नियम यह है कि
52:31जब तक
52:32दुख का कोई विडियो प्रूफ ना हो लोग संवेदना की पहली किष्ट भी जारी नहीं करते हैं
52:39नमस्कार
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