00:03ओडिसा की रगबी क्वीन मीरा रानी हेम्ब्रम की कहानी किसी के भी रोंग्टे खड़ी कर सकती है।
00:30परिवार में खाना बहुत कम मिलता था, हर दिन हम पांचों के लिए खाने की कोई चीज ढूननी पड़ती थी,
00:36मैं अपने पिता को दोश नहीं दूँगी क्योंकि उनके पास हमें आनाथाले में छोडने के लावा कोई आप्शन नहीं था,
00:41हमने अपना बचपन वहीं बिताया
00:44आनाथाले में रहती हुए मीरा रानी को एक सिंगापुर के कपल ने गोध लेने की कोशिस की, लेकिन किस्मत ने
00:50उनके लिए कुछ और ही सोच रखा था, काग्जात में दिक्कत आई, गोध लेने की पुर्किरिया पूरी नहीं हो पाई,
00:562006 में कलिंगा इंस्टूट आप सोस
01:14जब में कलिंगा में नैशनल केंप में थी, तब मेरे पिता गुजर गए, मैं उनके अंतिम संसकार में शामिल नहीं
01:19हो सकी, क्योंकि मैं देश के लिए खेल रही थी, मुझे यकीन है कि मेरे माता पिता जहां भी होंगे,
01:25उन्हें मुझ पर गर्भ होगा
01:27कलिंगा में रहती हुए, इनके जीवन का टर्निंग पॉइंट तब आया, जब 2007 में लंदन वर्ड काफ से लोटी अंडर
01:3314 लड़को की रगवी टीम की विक्टिर से रोवेनी देखते हुए, इस खेल को लेकर जुनून जागा
01:39कलास 6 से रगवी खेला शुरू किया, जिसके बात उन्हेंने कभी पीछे मूल कर नहीं देखा
01:47हमने मीरा की फूर्ती, दोड़ने की काबिलियत और फलक्सिबिलिटी को देखकर उन्हें चुना था
01:52इससे भी जरूरी बात यह है कि वह पहले दिन से ही फोकस्ट थी, जैसे कि मैंने उन्हें देखा है,
01:58डिडिकेशन और डिसिप्लीन उनकी सबसे बड़ी ताकत रही है, इसलिए उन्हें इतनी जल्दी और इतने लंबे समय तक देश और
02:06राजिक को रिप्रेजेंट किया
02:10उनके बड़े भाई काहनु शरण हेंबरम का मानना है कि मुश्किलों ने मीरा रानी को मजबूत बना दिया
02:18सबी भाई बहनों में मीरा बच्पन सही मेंटली और फिजिकली मजबूत थी, उसने जिन्दगी की सुरुआत महीं फिजिकल काम किया,
02:27उससे उसका माइंड सेट बना, इसलिए जब उसे सही कोचिंग मिली तो वह आगे बढ़ बढ़ दिया
02:35साल 2010 में मीरा को पहली बार नेसल लेबल पर सफलता मिली, तब ओडीसा की टीम ने नई दिली में
02:42लेसल टूर्नमेंट में गोल्ड जीता, वर्स 2012 में इंडियन टीम का हिस्सा बनी, बारे बार इंटरनेसल लेबल पर देश को
02:49रिपरेजन्ट किया, पांच बार मेडल जीतने �
02:51वाली टीम का हिस्सा रही, हाला कि चोट की वज़े से ओ 2021 से खेल से दूर है, लेकिन रगबी
02:57को लेकर उनका जुरून आज भी जिन्दा है, अपने अन्वह और कोचिंग से ओडीसा की महिला टीम को मजबूत कर
03:04रही हैं, एटीवे भारत के लिए भोवनेस्वर से भवाने श
03:08गर्दास की रिपोर्ट पर
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