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  • 9 hours ago
इश्कमय हुआ आजतक का मंच, जब कवियों ने सुनाईं प्रेम से भरी कविताएं

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00:00:00बादल अगर आप कंफोडेबल हैं तो यहां पोडियम पे जी जी बिल्कुल बिल्कुल बिल्कुल आप जी तो पहर आप लोग आया है शाहिरी सुनने तो मैं मान के चल रहा हूं कि बहुत दुख है आपके जिंदगी में दोस्तों
00:00:22बहुत सारे हम मैं मैं देख पार हूँ बहुत सारे दुखी लोग हैं काफी कुवारे भी हैं तो जो दुखी वाले हैं शादी शुदा वाले एक बर हाथ उपर करेंगे दोस्तों जिनकी शादियां हो गई हैं बहुत बढ़िया बहुत बढ़िया बहुत बढ़िया सर कितने सा
00:00:52कि तरफ से दुनिया को देखने का तरीका है वो मुझे कहती रहती है वो एक्चली उसका क्या प्रॉब्लम है मैं मैं थोड़ा हिसाब का पक्का हूं तो मुझे चीजें याद रहती है जो की बहुत अच्छी बात नहीं है दोस्तों शादी के अंदर और वो है कॉमर्स विदा�
00:01:22चैनी कोई है नी और नाम तेरा मेरे दिल पर लिख दे लेके हफ़ड़ा चैनी तू बातें फिल्टर करती है जैसे के चैनी कोई है नी
00:01:34तो यह सब मैं लिखता हूं मैं उसको भला हम तू भी मेरे लिए कुछ लिख दे यार
00:01:44तो उसने जो लिखा दोस्तों उसने लिखा कि वो कॉमर्स की लड़की है दोस्तों उसने लिखा कि मैं खीचू सेल्फी तू बनाए पाउट
00:01:53जो
00:01:55यह मेरा और मेरी घरवाली का रेलेशन है वो मुझे बोलती रहते हैं मैं ऊभ्सूरती के बारे में कुछ नहीं लिखते हैं तो मैंने एक कविता जैसा कुछ लिखा था उसके लिए
00:02:09जब वो पहली बार मुझे दिखी थी दोस्तों जब वो सामने से चल कर आई
00:02:12तो ऐसा होता कि कितने लोगों को आज तक क्रश हुआ है किसी पे
00:02:14क्रश जिसे बोलते हैं न कि उसके दिल में ऐसा हलका सा टीस उठती है
00:02:19सर आपको कब हुआ था आखरी बार एक क्रश आपसे पूछ रहा हूं सर
00:02:22हाँ जी कब अभी हुआ था हाँ ये इनी इनी लड़कों को आप ही लोगों से बदर रौनक रहती है बात करते हैं ये अभी शाम को बदल देंगे क्रश अपना
00:02:35हाँ हां हाँ हाई हाँ तो जब मेरी वाली आई थी दोस्तों मैं चाहूंगा
00:02:39आप एक बार इरिशाद करें तो मैं वह कवता सुना हूँ जो मैंने उसको देखके तो लिखा था कि चल कर आई वह शब भरकी
00:02:45कि चलके आई वो शब भर की जागी हुई शब का मतलब कितने लोगों को बता है दोस्तों पूछ लेना चीज़ लखनव है शब यानि रात है ना कि चलके आई वो शब भर की जागी हुई आपने देखा होगा लड़किया अगर रात भर जाग लें तो और खुबसूरत हो जात
00:03:15गीले नहा करके भागी हुई
00:03:45नाजनी इसमें दो एक मिनट मेरा जाया हुआ
00:03:48मैंने देखा कि है कौन ये नाजनी
00:03:51इसमें दो एक मिनट मेरा जाया हुआ
00:03:53लगता चेहरे सिथा के परी हो कोई
00:03:55शर्ट की बाजूओं को चड़ाया हुआ
00:03:58आँखें ऐसी के दो जाम हो शर्वती
00:04:00और मेक अप नहीं था लगाया हुआ
00:04:02दिल में बजने लगे सब सितार और गिटार
00:04:06जैसे हो कोक स्टूडियो चलाया हुआ
00:04:08चेहरा जैसे अलिफ लैलवी दास्ता
00:04:10तब मैं समझा वो नुसरत का गाया हुआ
00:04:12बहुत बढ़ी है
00:04:17मुझे पता लगा कि यह अच्छा था
00:04:19क्योंकि आपने सर कान फोन पे कंदे के बीच में दवा के आपने तालीव हजाई है
00:04:22यह प्रॉपर्टी डीलर अलग नजर आया थे हैं बताए शो के बीच में
00:04:26कम से कम यह धाई सो कच के प्लॉट की डील करके माने आज शाम तक
00:04:29कम से में दो तीन मैं बता रहा हूं सर यह यह जो बंदे होते ना फोन लेकर पगड़के बैठे रहा तो आज जो भी मैच नहीं भी होगा तब भी आपका पैसा लगा रहता है
00:04:42अच्छा इसके बाद मैच ही देखने जा रहे हो तो आपने पैसे पहले लगा दी हैं कौनसी टीम जीत रही है सर आज बिलकुल इंडिया अरे तुम लोग कह रहे हो इंडिया ये पैसा बनाने के मूड में तो एन इवे मैं बस बता रहा हूं सर आप तो मैंने एकाद और कभी �
00:05:12कि वो चाहे ब्लॉक रखे उसका नंबर याद है मुझको कि वो चाहे ब्लॉक रखे उसका नंबर याद है मुझको महीना है जनम दिन का दिसंबर याद है मुझको महीना है जनम दिन का है ना ये तीन चार का तो दिसंबर वाली काटके गई है ये कितने कितने दिसंबर वाल
00:05:42दो तीन साल तो ऐसे आप बुरा भला बोलते होने कि
00:05:45कहता था तुझे चाहता हूँ दिलो जान से
00:05:48अब तु ही गो लिया चला रहा जुबान से
00:05:50हमने दलील दी तो कहीं रोही ना पड़े
00:05:53अब कौन ही बहस में पड़े बैमान से
00:05:56अब कौन ही बहस में पड़े बैमान से
00:05:59कहते हैं लोग भूल जाओंगा तुझे एक दिन
00:06:02वो होते हैं ना दरुमराज भी या वो दोस्त
00:06:04जो कहते हैं अब दूसरी मिल जाएगी कोई बात नी ठीक है
00:06:06है ना आगे बढ़ जा कोई बात
00:06:08तो कहते हैं लोग भूल जाओंगा तुझे एक दिन लगतो नहीं रहा अभी तक के रुजहान से तू भाग जितना दूर हो सके मेरे गम से बादल हूँ तुझे देख लूँगा आसमान से बादल हूँ तुझे देख लूँगा आसमान से कि अगर तुम उन पर इस तरह से रो
00:06:38साथ cheating हुई है life में है आपके साथ आप बुक की भाग गया होगा आपके पैसे लेगे हैं आज तो कितने लोग है जिनके साथ cheating हुई है दोस्तों किसी के साथ ती तुमको कोई मूँ
00:06:49नहीं लगा रहा है या क्या मसला क्या है तो वहाँ पर मैंने एक नजम जैसा लिखा था जो आप किसी के जाने के बाद एक दूआ करते हैं आप लोग इर्शाद कहें तुम्हें सुनाता हूँ इर्शाद के नजम का उन्वान है सुनो तुम अब तो खुश होना कि सुनो तुम
00:07:19मैं अब सो नहीं पाता हाँ तुम किसको सुलाती हो सुना है खुशूरत और जादा हो गई हो ये नूर हुसन के पीछे यूगम को क्यों चुपाती हो क्या भी मां को बैठा कर मेरी बातें बताती हो क्या भी देखती हो चांद को तुम चछत पे जाती हो क्या अभी धूप से
00:07:49अरे तुम घूंगट उठाओ यार
00:07:51मैं इतनी देर से
00:07:52पते हैं मैं इससे बात नहीं कर रहा हूँ इतनी देर से
00:07:55कि बीबी दीदी बुरा माझ जाएंगी
00:07:56घूंगट करके बैटा वैं दोस्तो
00:07:59तो सुना तो लिखा था कि
00:08:01सुनो तुम अब तो खुश हो ना सुनो तुम सो तो जाती हो
00:08:03तुम्हें और काम नहीं है मेरे सपनों में आती हो
00:08:06वो जो तुम्हारी लिखी घजले थी
00:08:07किसको सुनाती हो
00:08:08कि मैं अब सो नहीं पाता है तुम किसको सुलाती हो
00:08:11सुना है खूबसूरत और जादा हो गई हो
00:08:13ये नूरे हुसन के पीछे युगम को क्यों चुपाती हो
00:08:16क्या आप भी मां को बैठा कर मेरी बातें बताती हो
00:08:18क्या आप भी देखती हो चांद को तुम छट पे जाती हो
00:08:21क्या आप भी होती हो बिमार जब बाहर का खाती हो
00:08:24क्या अब भी धूप से बच्चती हो तुम चहराच छुपाती हो
00:08:27है मेरा नाम क्या बादल या जैसे तुम बुलाती हो
00:08:31कोई पूछे मेरे बारे में तो फिर क्या बताती हो
00:08:34कहानी कहती हो पूरी या बस तुम आधा बताती हो
00:08:38कहानी कहती हो पूरी या बस आधा बताती हो
00:08:42सिखाई बाइक थी मैंने
00:08:46किस-किस ने अपनी महभूबाओं को
00:08:48या किसी दोस्त को आज तक बाइक सिखाई है
00:08:50वो क्लच वाला सिस्टम जो होता है
00:08:51किसी के हाथ में दो वो क्लच की बड़ी चिंता रहती
00:08:54कि तोड़ देगा
00:08:55मैंने सिखाई है
00:08:56और वो सीख के किसी और के साथ चली गई
00:08:58ये सारी शायरी आपके सिर्फ इनी के साथ मैच कर रही है
00:09:01आपने सर्थ बहुत कुछ कर रखा है
00:09:04मैंने देखा है लाइबने
00:09:04आप ये लखनओं का सबसे खाली आदमी सबसे आगे बैठाव है
00:09:07सिखाई बाइक थी मैंने
00:09:11चलाती हो गिराती हो
00:09:13करे कोई अगर जो फ्लर्ट
00:09:15तो गाली सुनाती हो
00:09:17क्योंकि मैंने सुन रखी है
00:09:19कि कोई करे अगर जो फ्लर्ट
00:09:21तो गाली सुनाती हो
00:09:22कि अब भी हर दिवाली घर में रंगोली बनाती हो
00:09:25कि अब भी हर दिवाली घर में रंगोली बनाती हो
00:09:29कि अब तुम होली पर किसके लिए खुद को बचाती हो
00:09:33कि अब तुम होली पर किसके लिए खुद को बचाती हो
00:09:36और एक गुजारिश है आखिर में
00:09:38कि सुनो तुम अब तो खुश हो ना
00:09:40सुनो तुम सो तो जाती हो
00:09:41सुनो अगर नींद ना आए
00:09:43तो आखें बंद कर लेना
00:09:45सुनो अगर नींद ना आए
00:09:47तो आखें बंद कर लेना
00:09:48अगर वो भी नहो पाए तो सांसें बंद कर लेना
00:09:51कि सौ तक गिंती कह जाना
00:09:52जरा सा दूर रह जाना
00:09:54जो होगा दर्द सह जाना
00:09:56ना बहकावे में बह जाना
00:09:57तुम मेरे पास मताना
00:09:59कि तुम से दूर यहां ही ठीक है
00:10:00तुम पास मेरे आकर
00:10:02मुझको फिर रुलाती हो
00:10:04कि जब कम दूर जाती हो
00:10:05सुनो तुम सो तो जाती हो
00:10:07सुनो तुम सो तो जाती हो
00:10:08सुनो तुम सो तो जाती हो
00:10:09और आकरी नजम पेश करने लगा उसके बाद अपनी जगा लूँगा
00:10:12दोस्तों एक बार इजाज़त देंगे तो मैं नजम पेश करूँगा
00:10:15कि वो जो एक कर गया बरबाद हमें
00:10:18है न तुमको लगता है कोई बर्बाद कर रहे हैं
00:10:20कि वो जो एक कर गया बर्बाद हमें
00:10:23अब नहीं करता होगा याद हमें
00:10:25वो जो एक कर गया बर्बाद हमें
00:10:28अब नहीं करता होगा याद हमें
00:10:31कभी
00:10:32कभी लगता है फोन कर लेगा
00:10:34चाहेगा मुद्दतों के बाद हमें
00:10:37कभी मुश्किल से भुलाया उसका
00:10:40फिर से नंबर भी याद आता है
00:10:42कभी दरगाह पे मांगे उसको
00:10:45तूटा तारा भी काम आता है
00:10:47उसको भी याद आता होगा न
00:10:50एक दिन भीग गए थे दोनो
00:10:53एक जगड़ा जो बिना बात का था
00:10:56कितना नस्दीक गए थे दोनो
00:10:58जिसके बस एक बार कहने पर
00:11:01कर लिए ग्रीन टिक थे ओन अपने
00:11:04जिसने नजरें मिलाई तो जाना
00:11:07कौन पर आये थे और कौन अपने
00:11:10जो मुझे एक बात कहने को
00:11:13तीन तीन दिन सताया करता था
00:11:16बस ये लव्यू नहीं कहा उसने
00:11:18वैसे पूरा जताया करता था
00:11:21और उस चांदनी के टुकड़े को
00:11:30कैद करने के भरम को रखके
00:11:33मिल भी जाता तो कौन सा मेरे
00:11:36दिल ने भरना था उसको तक तक के
00:11:39और मैं तो दुनिया को कोसता हूँ बस
00:11:42बेवफा उसको तो कहा ही नहीं
00:11:46उसने वादा कोई नहीं तुड़ा
00:11:48फिर से मिलने का वादा था ही नहीं
00:11:50और सबकी आँखें उदास रहती हैं
00:11:57ये जमाना ही मेरे जैसा है
00:11:59वो मुझे एक बार मिलना था
00:12:02और ना मिलता तो भी ऐसा है
00:12:04कि उससे मिलने की तेज़ खाहिश में
00:12:08बदली जो बसें याद हैं मुझको
00:12:11गाल के तिल का तो नक्षा है पता
00:12:14हाथ की नसें याद हैं मुझको
00:12:17बहुत बहुत शुक्रिया मुझे सुनने के लिए
00:12:21मेरा नाम बादल शर्मा
00:12:23अबर तो यू थैंक यू सो मच बादल बहुत खुबसूरत
00:12:26यह आपके जो महमान है जिनको आपने बहुत
00:12:30बहुत सादा नहीं नहीं अधर सामने बादल सामने देखिए
00:12:33यह कुछ कहना चाहरे है
00:12:34वेलिन्टाइंस जे पे
00:12:41अच्छा मतलब आप चाहते हैं कि वेलेंटाइन जे पे हर हमारी जितने भी शायर मेहमान है एक एक लाइन ज़रूर बोले ठीक है
00:12:52तो वहां पर मैं उन आशिकों के लिए पढ़ देता हूं जो किसी लड़की को किसी डेट पर बुलाना चाह रहे हैं आप में से कितने लोगों ने कभी किसी लड़की को मेसेज किया है कि हेलू है ना इंगलिश आ जाती है तुम्हें उस टाइम पर मैं बता रहा हूं सबसे ज�
00:13:22सब ये 2000 वाला फ्रेश माल हैं अरे इनसे पुरानी पता है हमारी एफडियां हो गई है तो इनसे पुरानी स्प्लेंडर खड़ी है मेरे पास 90 के बच्चे कहा हैं जो इनकी शादी नहीं हुई अभी तक 90 वाले जिनकी शादी नहीं हुई जिनकी नहीं होगी अभी basically क्योंकि
00:13:52हमसे अच्छा तो वो तेरा दोस्त ही है तेरे घर के अंदर बैठा रहता है तेरे घर के अंदर बैठा रहता है और एक दो पंक्तियां के एक इसमें ना चांद और दरिया की बात उरी है और आप खुद समझे ले ना चांद कौन है दरिया कौन है तो लिखा था कि चांद द
00:14:22तू उसे दोस्त-दोस्त कहती है अगला तो लेके आस बैठा है अगला तो लेके आस बैठा है बहुत बहुत शुक्रिया सुने के लिए दोस्तों।
00:14:48वो बड़े त्योहार के साथ ही शुरुआत करना चाहेंगे या आंत में सुनाएंगे उसके बारे में
00:14:52क्योंकि लखनों के साथ से बड़ा त्योहार सोचनी में मुझे थोड़ा समय लगा कि कल कौन सा बड़ा त्योहार था
00:14:57कि हास पर हास रहे कोई ना उदास रहे
00:15:07कि हास परिहास रहे कोई न उदास रहे इसलिए उर उप जाई गई कविता
00:15:17हुसन के रिसालों में गई है नहलाई और गजरे के फूलों से सजाई गई कविता
00:15:23कि विरह की जिरह सुनी नहीं किसी ने तब आस्वों की आग में तपाई गई कविता
00:15:32और जगत की पीर से कबीर हो उठाधिर मुक्त कंठो कर सुनाई गई कविता
00:15:38उसी कावे जगत से में कवित्री सोनल जैन आप सभी का स्वागत करती हूँ भी रंदन करती हूँ
00:15:44साहिते आज तक के समर्द्य मंच को प्रणाम करती हूं और आप सभी का अभार व्यक्त करती हूं
00:15:49एक निवेदन से अपनी बात प्रारंब करती हूं कि हमारे वास्ते फुरसत निकाल रखेगा
00:15:55हमारे वास्ते फुरसत निकाल रखेगा, हम कोई गैर नहीं हैं, ख्याल रखेगा
00:16:15हम जानते हैं हुनर आपको आप से चुराने का, हुजूरस अपना दिल संभाल रखेगा
00:16:20देखिए बहुत अच्छा आप सभी सुन रहे हैं और भरोसा रखिए मैं भी अच्छा सुनाऊंगी क्योंकि हम महिलाओं से ज़्यादा अच्छा सुनाने का काम
00:16:31आदरने का अनुभव बता रहा है देखिए मैं आभी आ रही थी शशी जी लखनौ तो मैंने अपने पती मुहदे से कहा कि मैं लखनौ जा रही हूं इतना च्छा शहर बताओ मैं आपके लिए क्या लेकर आउं तो उन्होंने बड़े ही मासूमित से कहा कि देवी जी तुम कु
00:17:01करते हैं कि हम केवल और केवल रुलाती भी हैं रुलाती ही हैं अरे भाई हम हसाते भी हैं बस केवल अपने पती को छोड़ कर आप प्रेम चोदस की बात कर रहे थे तो मैं कहती हूं कि सुरले की नाओं में गीतों की च्छाओं में चलो ले चलते हैं तुम्हें महबत के गा�
00:17:31लेगा कि वह बात मुलाकात की टाली नहीं गई थी ऐसी मुलाकात की खाली नहीं गई और हातों से उसने इस तरह गुलाल लगाया अब तक मेरे रुखसार की लाली नहीं गई
00:17:42और मैं उसको लिख रही थी, वो मुझे को पढ़ रहा था
00:17:48मानस पतल पर रखिये college के library का द्रश्य की, मैं उसको लिख रही थी, वो मुझे को पढ़ रहा था
00:17:54उसका सुरूर मुझे पर होले से चड़ रहा था
00:17:57और बिन बात्चीत दो दिल नजदीक आ रहे थे, कुछ मैं भी बढ़ रही थी, कुछ वो भी बढ़ रहा था, और देखे, आज कल सोशल मीडिया का जमाना है, तो प्यार में रूठना मनाना किस तरह से होता है, चार पंक्तियों में पढ़ती हूँ, कि चहरा है डीपी में ब�
00:18:27और जब से बंद हुई है बात्चीत हमारी, बस देखती रहती हूँ, लाश सीन तुम्हारा, वावी, सेटिंग करनी पड़ेगी, देखे, इधर से तो लाश सीन देखा जा रहा है, उधर से क्या प्रयास हो रहे हैं, क्योंकि आज कल जब हम मनाते हैं, तब भी अपनी एटि
00:18:57बाते ही शुरू करने का तरीका है, समझो ना, ओ, देखे, थोड़ा सा तालियों को खोल कर कभी सम्पिन, कानल लेगे, क्योंकि कुछ बाची और अनबाची से चिठियां रह जाएंगी, दीपकों में अधजली सी बत्तियां रह जाएंगी, और ये उध सब कुछ और देर त
00:19:27हसी की गुल्लकों में रोज अपना गम चुपाते हैं, हमें मालूम है, हम दुश्मनी खुद से निभाते हैं, हमारा हो नहीं सकता, कभी जो इस जमाने में
00:19:57नजाने क्यों उसी से ही, हम अपना दिल लगाते हैं, नजाने और क्यों दिल लगाते हैं, चार पंक्तियों में पढ़ती हूँ की?
00:20:14बड़ा जोगिम उठाने का मजा कुछ और होता है, कठिन रस्ते पे जाने का मजा कुछ और होता है,
00:20:35हमेशा दिल लगाने से ही, जो इनकार करता हो, हमेशा दिल लगाने से ही, जो इनकार करता हो,
00:20:48उसी से दिल लगाने का मजा कुछ और होता है,
00:21:01मिली नजरे चुराने का मेरे साथ गाएंगे तो मुझे और अच्छा लगेगा,
00:21:07मिरी मिली नजरे चुराने का मज़ा कुछ और होता है
00:21:14चुरा कर फिर मिलाने का मज़ा कुछ और
00:21:19नजर पकड़े नजर जब जब दवा कर दात में तब तब
00:21:32दोपर्टी को च वाने का मज़ा कुछ और होता है वाव दोपर्टी को और
00:21:42देखें कहते हैं कि मुस्क्राहट कैसी क्रीम है अगर अपने चहरे पर रखे
00:21:47दुनिया के सबसे खुब सुरत इंसान लगेंगे मुस्क्राहट कैसी पूझी हैं
00:21:51जितना बाटेंगे उतनी बढ़ेगी जब हम स्वयब मुस्क्राते हैं तो इश्वर की प्राथना करते हैं और अगर हम दूसरों की मुस्क्राहट का कारण बनते हैं तो वो इश्वर हमारे लिए प्राथना करता है वा नाइस अगरी तब मैं निवेदन की पंक्तिया पढ़ती
00:22:21होता है
00:22:23बहुत असान होता है
00:22:27कमों में मुस्कुराने का मजा और होता है
00:22:46बहुत मन की पक्तिया पड़ती हो अपनी उपासना की
00:22:49कि मुझे अर्मान कहते हैं मिरे अभिमान जैसे हैं मिले बदले में पुन्यों के उसी वर्दान जैसे हैं
00:23:09कभी दुनिया बनाने वाले को दिखा नहीं मैंने मेरे माता पिता मेरे लिए भगवान जैसे
00:23:27वाँ वाँ वाँ वाँ बहुत शुक्रिया बहुत ही खुबसूरत और एकदम सच और चार पंक्तियां और आप प्रेम चोदस का नाम ले रहे दें तब मैं पढ़ती हूं की
00:23:37प्रेम चोदस
00:23:40देखिए हम अपने इच्छा अनुसार है अपनी सुविधा की अनुसार हम हिंदुस्कानी है कुछ सी भी प्यार को अपना तरह से नाम ले दे तम्रणते हैं
00:23:49लगनों का बड़ा त्योहार सुनके कोई कंफ्यूस हो जाए देश का त्योहार मना दिया है
00:23:54फलक पर जो हुआ रोशन सितारा ही रहेगा वो
00:24:04मेरी नजरों का प्यारा सा नजारा ही रहेगा वो
00:24:17भले दूरी की मजबूरी भी पूरी है मगर फिर भी
00:24:30हमारा था हमारा है हमारा ही रहेगा वो
00:24:36वा वा वा और चार पंक्तियां और की
00:24:40अधर खामोश है फिर भी नजर इजहार करती है
00:24:49मेरी खामोश या पढ़ ले के लड़की प्यार करती है
00:25:02क्या अच्छा सुन रहे हैं आप सभी बिल्कुल एक्सपोर्ट क्वालिटी के शोता है आप सभी
00:25:07आप जिस तरह से कवी संबिलन का आनंद ले रहे हैं लगता है कि आप कानों से नहीं प्राणों से कवीता को सुन रहे हैं
00:25:13तैंक यू सो मच
00:25:15अधर खामोश है फिर भी नजर जिहार करती है
00:25:24मेरी खामोशिया पढ़ ले कि लड़की प्यार करती है पलटना बेवजा और फिर जरा सा मुस्कुरा देना
00:25:36पलटना बेवजा और फिर जरा सा मुस्कुरा देना ये नादानी है बस जो प्यार को अख़वार करती है
00:25:49वाव बहुत बहुत शुक्रिया बहुत शुक्रिया पर कि अब दोर वो गुजरा दो बहरा यादा आता है और किसी भी बात पर होते नएंगीले अगर मेरे तेरी बाहों का कोमल साहरा यादाता है
00:26:12कि यूँ दिलों को मिला कर चली जाओंगी गीत तुमको सुना कर चली जाओंगी और मुझको अपना समझकर सुनोगे अगर तुमको अपना बना कर चली जाओंगी
00:26:38देखें आज तक सहित्य के माध्यम से मनोरंजन के साथ साथ मनरंजन का विकार करता है तो हम सभी रचनाकारों के उपर एक दायत्वा जाता है उसी करतवे का निर्वहन करतवे कम निवेदन इसमंज से करना चाहती हूं गीत के कुछ भी भूमिका नहीं बस इतनी सी है कि आम ट
00:27:08के लिए एक संक्रमन हो जाता है तो इस सम्रद्ध मन से एक निवेदन आप सभी के बीच में करना चाहते हुए इस पर तालियों से मुझे आदेशित कर दिजिए
00:27:16मोबाइल ने बदल दिये हैं जीवन के हालार मोबाइल ने बदल दिये हैं
00:27:33जीवन के हालार आओ मिल बैठ के कर लें दिल से दिल की बात
00:27:42तालो के साथ सुनेंगे मोबाइल ने बदल दिये हैं जीवन के हालार
00:27:51मोबाइल ने बदल दिये हैं जीवन के हालाच
00:27:58आओ मिल बैठे के कर ले दिल से दिल की बाइड
00:28:09तो देखें पहले हम जब कोई परशानी होती थी
00:28:12कोई दिक्कत होती थी उनने अपने परिवार के पास जाते थे
00:28:15अपने दोस्तों से सला लेते थे
00:28:18लेकिन आजकर हम चैट GPT से कुछ भी पूछ लेते हैं तहम मैं पढ़ती हूं कि
00:28:21Google Google क्या समझेंगे क्या है प्रेम की भाशा
00:28:29AIY क्या जाने आशा और निराशा
00:28:35Google Google क्या समझेंगे क्या है प्रेम की भाशा
00:28:42AIY क्या जाने आशा और निराशा
00:28:48Emoji कब कह पाएगी इस दिल की अभिलाशा
00:28:54Twitter जी की सोच ककद भी है सिर्फ जराशा
00:29:00जोर तालिया प्लीज बजाएए सुनल के लिए बहुत बहुत शुक्रिया बहुत शुक्रिया सुनल
00:29:05chatting में कैसे देखोगे chatting में कैशे
00:29:28से दिल और देखे कोरोना में हमने सुनी थी क्वारंटीन परंतु हाज हर एक व्यक्ति अपने मुबाइल के साथ क्वारंटीन है तब मैं कुछ एक बंद पढ़ती हूं कि सुनल बस एक लास लागे प्लीज हां बागी के लोगों को भी कुछ-कुछ सुनाने का मन है कितने दिन
00:29:58में पलचिन थे मोहबत वाले अपनों की उस छाया में पलचिन थे मोहबत वाले सुख साधन तो कम थे लेकिन दिन थे मोहबत वाले तारों का पीछा करते थे तारों का पीछा करते थे सारी सारी रात
00:30:24मोबाइल ने बदल दिये है जीवन के हाला
00:30:54जीना सिखा दे जो वही गीता सुनाता हूँ
00:30:59भावों की मन में बहर ही सरिता सुनाता हूँ
00:31:03इतालियों का शोर कहीं और देखोंगा
00:31:07मंच बहुत सम्रद है कविता सुनाता हूँ
00:31:10अज से 6-7 साल पहले दिल्ली में जब ठेटर किया करता था
00:31:17तो मुझे लगता था कि शायद कविताएं भी लिखता था और पढ़ता था सुनता था
00:31:20लेकिन मुझे लगता था कि शायद वो लाइम लाइट कभी नहीं मिलेगी
00:31:24वो स्टार्डम शायद ना मिले
00:31:26लेकिन तभी पहली बार दिल्ली में साहित्यास तक का करेक्रम हुआ
00:31:47मैं साहित्याज तक को इसलिए सबसे ज़्यादा धन्यवाद करता हूं क्योंकि आपने विश्वास जो राइटरस के अंदर डाला है कि आप भी जाकर के लाइन बेट ले सकते हैं बड़े मंच पर आप जा सकते हैं
00:31:56मैं बहुत धन्यवाद करता हूं मैंने चार बंग्दियां कभी लिखी कि कलमकार चाहे तूफा ला सकता है
00:32:02महनत से भी खूब कमा खा सकता है साहित त्याज तक ने दुनिया को दिखलाया कविता से स्टार बना जा सकता है
00:32:13प्रेम पकवाड़ा गया भी एक हफ्ते का बहुत सारी बाते सोनल ने बताई हमारे पास में देखे लड़के और लड़कियों में इतना ही फर्क होता है हमारे पास में चार चीज़े रखी गई
00:32:24पानी की बोटल मसनद माईक और एक चीज़ ये वाच हमने एक भी इस्तिमाल ने की सोनल ने चारो की उसने मसनद का भी इस्तिमाल किया पानी बीपियो फिर माईक भी चेक किया अपना वाला दूसरा वाला कैसा एक बर जोड़दार दालिया आप उसके लिए बजाएं प्रे
00:32:54तागा रखो तराजू अपने कर्मों को तोलो हर दीन दुखी के लिए सदा तुम दिल के दर्वाजे खोलो हर कस्ट मिटाना चाहते हो तो केवल इतना करलो तुम दोनों हाथ उठाकर के बस महादेव की जैवोलो आईएगा कुछ सुना देता हूँ आपके बीच में कि चुभ
00:33:24ही वो दरिया है जहां से राह निकलेगी बस ये सोच करके रात मैंने डायरी भर दी बस ये सोच करके रात मैंने डायरी भर दी नजाने किस गजल पर तेरे मुह से वाह निकलेगी ये मुम्किन हो नहीं सकता कि मैं अच्छाई ना देखू मेरा परीचे सिर्फ इतना है कि अ�
00:33:54कोई पूछे तो कह देना वो गाजयाबाद रहता है बिना सोचे बिना समझे सभी से दिल लगा बैठा इसी चक्कर में बस वो आजकल बरबाद रहता है
00:34:24गाज़न देखु कि मैं तेरी सच्चाई ना देखु अगर तू पास आए तो तेरे दिल में उतर जाऊ अगर तू दूर जाये तो तेरी परचाई ना देखु जमी रोशन नहीं होती कभी तूटे सितारों से
00:34:47प्यार की बहुत सारी बाते हुई आगे भी होएंगी लेकिन यहां लड़के बैठें थोड़े से खुददार वाले में कुछ पंक्तियां सौपताओं सुनेगा
00:34:54कि जमी रोशन नहीं होती कभी तूटे सितारों से कोई कश्टी नहीं डरती नदी की तेज धारों से
00:35:02बड़ा खुदगर्ज लड़का है ये रिष्टे क्या निभाएगा कहिए बात भी उसने मेरे बचपन के यारों से
00:35:25जिन्हें दो वक्त के आशू ही मिल पाए मुकदर मांगने बैठे हो उन किसमत के मारों से
00:35:34समंदर में उतर कर रोज लहरों से लड़ा हूँ मैं मेरी यौकात मत ना पो ये कश्टी और किनारों से
00:35:49बड़े ही शौक से शादी का लड़ू खा लिया हमने एक शेर पर आपके ठाके आएंगे आपके मन का बढ़ रहा हूँ
00:35:56बड़े ही शौक से शादी का लड़ू खा लिया हमने जलन होने लगी है आज कल हमको कुवारों से
00:36:03बड़े ही शौक से शादी का लड़ दू खा लिया हमने जलन होने लगी है आज कल हमको कुवारों से
00:36:11और ये शायरी की खुब सूरती है कि एक शेर में आपके ठाके निकले और अगले शेर में आपके आशू भी निकल जाया तो कोई बड़ी बात नहीं है
00:36:17बड़े ही शौक से जलन होने लगी है आज कल हमको कुवारों से
00:36:21पिता की भूख मर जाती है घर में दो रसोई से
00:36:25मा की कोख बट जाती है आंगन की दिवारों से
00:36:33और दिल में बसने वाले ये दिलदार कमाए
00:36:39किसी ने पूछा कि जिन्दगी में क्या कमाया
00:36:41तो जो मैंने कमाए को बता रहा हूँ आपको लगे कि मेरी कमाई अच्छी है तो जड़ा में एक भी बार मुझे सोचित कर दे न
00:36:46कि दिल में बसने वाले ये दिलदार कमाए
00:36:49हाँ नहीं कभी पर पैसों के भंडार कमाए
00:36:53हर चीज कमाई तुमने तोड़ के रिष्टों को
00:37:11से अगला शेर जो समझागा समझा उसके अंदर एक शायर बेठा है कि मत
00:37:32गलत शक्स को दिल में नहीं घुसने देते, देखो मैंने कैसे चौकी दार कमाए, एक फोन करूं तो दोड़े दोड़े आते हैं, बात पे मरने वाले ये खुद दार कमाए, और चीज कमाई तुमने तोड़ के रिष्टों को, हमने सब को छोड़ के अपने यार कमाए, और समय
00:38:02ही नहीं जाता, किसी का दिल कभी हम से जलाया ही नहीं जाता, जमाने भर से रिष्टे जोड़ कर देखे हैं मैने पर, वो पहला यार तो दिल से भूलाया ही नहीं जाता,
00:38:21आपके मन की बात कह दू तो बताना
00:38:27बड़े ही शान से सजती है दावत उनके मरने पर
00:38:46अगर एक शेर में समाज का बड़ा सच हो जाये
00:38:48तो जड़ा बड़ी तालियों से मुझे बताना
00:38:50कि बड़े ही advance paymentry सुन तो लो भाई साब
00:38:52बड़े ही शान से सजती है दावा तुनके मरने पर
00:38:58जिने भरपेट जीते जी खिलाया ही नहीं जाता
00:39:06मेरे दुश्मन को धोखा दे जो मेरे पास आते हैं
00:39:14ये शेर पर बड़े कवियों का भी प्यार मिला
00:39:16बड़े शायरों का प्रेम मिला पड़ रहा हूं कि मेरे दुश्मन को धोखा दे
00:39:20जो मेरे पास आते हैं मेरे दुश्मन को धोखा दे जो मेरे पास आते हैं
00:39:25उन्हें अक्सर कलेजे से लगाया ही नहीं जाता
00:39:28मैं अपने काम के दम पर खड़ा हूं आज अंगद सा
00:39:37एक शेर पे जैसे चाहो विदा करना
00:39:40मैं आपका प्यार आपका आशिरवात की दुआइं लेकर के लोटना चाहता हूँ
00:39:43मैं अपने काम के दम पर खड़ा हूँ आज अंगध सा
00:39:47ये बहुत छोटी बात बोलिए
00:39:48मैं बहुत बड़ी बात बोलता हूँ
00:39:50मैं अपने राम के दम पर खड़ा हूँ आज अंगद सा
00:39:54किसी रावड से अब ये पग हिलाया ही नहीं
00:40:01वाह वाह वाह बहुत बहुत बहुत शुक्रिया बहुत ये खुबसूरत
00:40:06बहुत बढ़िया बहुत बहुत खुबसूरत
00:40:08हम अपने नेक्स्ट मैमान को बला लेते हैं
00:40:14धर्मराजी आप शुरू करेंगे प्लीज आए जोड़ा तालियों के साथ प्लीज स्वागत करिये धर्मराजी का
00:40:23प्लीज नहीं हैं अडले प्लीज नहीं है
00:40:43अगर हो इसमें तो खतम कर दे अच्छ प्लीज ढ़्मराजी एको फ्रेंडली नहीं है
00:40:48अभी शिवरात्री आज है तो सबसे पहले है तो यही तुखा मैंने अभी भी है आज है मतलब अभी भी है एक बाट जोवरदार ताली में जाओ शुरू करता है और कभी भी हो पुलिस कह रही है तो मान लो आज ही तो शिवरात्री के लिए कहता हूं कि शुक्र सनीचर बैल न
00:41:18इंपकतिया भूत प्रेत सब साथ चौंसठ जोगिनी संग लिये चली भोले की बारात जोगीरा सारारार और करें अ होलिकर श्मेंद्ब्लन पका तो सिर्पे गंगा
00:41:38सिर पे गंगा माथ चंद्रमाय और गले में नाग और डम डम डम रूप बजा के भोले खेल रहे हैं फाग जोगीरा सारारारा
00:41:56सिवरात्री के बाद जो कल्द जो ते उहार मनाया गया उस पे मैं बताता हूँ कि मेरे साथ क्या बुर्गटना हुई
00:42:04कि उसके खत का जवाब दे आया लेकिन तालिया जोडार आनी चाहिए भई उसके खत का जवाब दे आया प्यार में सब हिसाब दे आया इसक अंधा था इसक अंधा था मैं भी अंधो की तरह
00:42:32उसकी माँ को गुलाब दिया आया उसकी माँ को और पुलिस विभाग मैं इंस्पेक्टर हूँ मैं कभिताय पढ़ने के लिए जाता हूँ यूपी पुलिस का इंस्पेक्टर हूँ तो मुझे से लोग पूछते हैं कि उत्तर प्रदेश की कानून बेवस्था कैसी है
00:42:52मैं कुछ नहीं बोला फिर पूछे कि अच्छा बताओ थानों में भ्रस्टाचार की स्थिती क्या है तो मैंने कहा कि मैं उत्तर प्रदेश पुलिस में इंस्पेक्टर हूँ और मंच से कभिताय पढ़ता हूँ तो उन्होंने का ये क्या जबाब हुआ सही जबाब बताओ हमने
00:43:22मन्च से कभितायेच पढ़ने के चुटी मिलती तो कै ठाने कर अभष्टाचार बताओ हमने का खुद नहीं सूमच सकते हो
00:43:34अगर हम को ठाने कुछ मिल रहा होता तो कभिताय पढ़ने जाता है टालिया हो जह जाएं बाई जोतार ठालिया य। आम यह कर्दा
00:43:37अजवानों इसक इसक बोलते जारहा है मैं आपको बताता हूं कि इसक में ऐसा भी दस्तूर ना बना देना इसक में ऐसा भी दस्तूर ना बना देना उस्द को खळसे लाक debate
00:44:02उसे कोहिनूर ना बना देना
00:44:04मज़ा तो चवथी लाइन में आएगा
00:44:08इसक में ऐसा भी दस्तूर ना बना देना
00:44:13खुद को कोईला उसे कोहिनूर ना बना देना
00:44:18तुम उसे हूर समझ लेना कोई बात नहीं
00:44:22तुम उसे हूर समझ लेना कोई बात नहीं
00:44:27खुद को बेटा मगर लंगूर न बना देना पैयार में मोबाईल के बड़ा चक्कर चलता है तुम मुझे मोबाईल गिफ्ट करो तुम मेरा में रिचार्ज कर आओ ये बड़ा चक्कर चलता है लड़कों पे टूसन फीस के अलावा कालेज फीस
00:44:43के अलावा यह एक यह फीस और बढ़ गई तो लड़कों को आगाह करता हूं कि इसक को खाक करके छोड़ेगी इसक को खाक करके छोड़ेगी कलेजा चाक करके छोड़ेगी
00:45:00इसक को खाक करके छोड़ेगी, कलेजा चाक करके छोड़ेगी, फोन तुम आज दे रहे हो जिसे, कल तुम्हें ब्लाग करके छोड़ेगी
00:45:21लगातार मंज से कविताय पढ़ रहा हूं, मेरा कैरियर बिल्कुल सेट नहीं हो पा रहा है
00:45:25यह सब बताते हैं, लाइम लाइट में आ गए, पहिछान बन गई पूरी दुनिया, दुनिया भर की बाते हैं, मेरा कैरियर कविता के छेतर में, मेडम सेट नहीं हो पा रहा है, क्यों नहीं सेट हो पा रहा है?
00:45:36मैं एक जगा कविता पढ़ने गया
00:45:38मैं एक जगा कविता पढ़ने गया
00:45:41मैंने अपनी समय से बहुत अच्छी कविता पढ़ी
00:45:43सामने एक नवजमान बैठा था
00:45:45ना हसा ना मुश्कुराया ना ताली बजाई
00:45:47मैंने का भाई मैंने इतनी अच्छी कविता पढ़ी
00:45:49तुम ना हसे न मुश्कुराए न ताली बजाए क्या मेरी कभिता पसंद नहीं आई
00:45:53उसने कहा कभिता तो तो तुमारी बहुत पसंद आई मगर एक बात है
00:45:57मैंने कहा क्या बात है उसने मेरी तरफ उगली उठाई
00:46:02और बोला कि तुमने मेरा चालान किया था
00:46:06कि बड़ी मुश्किले मैंने कहा वो परिस्थितियां रही होंगी तुमने दो गलतियां की होंगी एक तो कोई अपराध किया होगा दूसरा मुझे को कुछ दिया भी नहीं होगा
00:46:23अपनी बेगुनाही का सबूत नहीं दिया होगा पचास बार भी चालान की अवथ तब भी ताली वजाओ उसने का ठीके सुनाओ मैं भूल जाता हूँ मैंने और अच्छी कविता सुनाई उसने और आखे लाल कर ली मैंने का भाई अब क्या हुआ उसने कहा कि मैं अपना चाला
00:46:53मैं हमारे बाप का भी चालान किया था स्री केट जी मिल गए काया उतार लेना चाहता हूं मैंने कहा उतार मत लीजिए प्रभू जी दिक्कत होगी अगर असली दिक्कत मैंने बताई हो तो जोरदार तालियां उठाईएगा चौती पक्ति पर मैंने कहा कि आओगे कनहिया दु�
00:47:23मार डालेगा और चाकूसा रखाए अब घूमती है गोपियां चाकूसा रखाए अब घूमती है गोपियां इसको थड़ा इलाबरेट कर दीजिए कैसे चाकूसा रखाए लंबे-�ंबे नाखून अच्छा है नहीं वैसे नहीं नहीं है नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं
00:47:53बार इनके लिए तालिया बजा दीजिए आप लोग इनसे दादा खुबसूरत है सर्थ कोई चाकूरी कुछ नहीं बहुत सॉफ्ट अदन चलिए ठीक देखा जाए कि चाकूसा रखाए अब घूमती है कोपियां तुमको तो इनका ना खून मार डालेगा
00:48:13और गली गली मुरली बजाना नकान है अब एंटी रोमियो वाला कानून मार डालेगा
00:48:26सोनल जी कह रही थी कि इन्हों ने जिसको दिल दिया वो सही नहीं निकला तो मैं इतना ही कहूंगा कि अब आप सही जगा आई है
00:48:36कुट्टे वाली लड़की एक कभिता है मेरी इस्क हुआ मुझे एक्शुल में मेरा इस्क भी जो है मनुरंजन की दिश्टकोर से चला जाता है कि सुबे सुबे वो कहीं जा रही थी सुबे सुबे वो कहीं जा रही थी हाथ में जंजीर थी कुट्टे को घुमा रही थी रं
00:49:06मैडम वैसे तो मैं इस काम के लिए बहुत बार पिटा हूँ लेकिन मैं फिर भी आप पर मर मिटा हूँ
00:49:15क्या मेरी मुहबबत कुबूल करोगी मेरे साथ कहीं घूमने चलोगी
00:49:21वो बोली मुहबबत कुबूल करना क्या अभी मेरे हाथ में है
00:49:27बहुबत कबूल करना
00:49:29क्या अभी मेरे हाथ में है
00:49:31और देख नहीं रहे हो
00:49:33अभी ये वाला कुत्ता साथ में है
00:49:36अब तुमने कहा है
00:49:40तो कबूल करूंगी कहां जाऊंगी
00:49:42अभी इस कुत्ते को घुमा लू
00:49:44साम को तुमको घुमाऊंगी
00:49:46तुम दोनों से एक जैसा प्यार रहेगा
00:49:49तुम चले जाओगे
00:49:51मगर इस से बरकरार रहेगा
00:49:53इस तरह प्यार में
00:49:55कोई बाधा नहीं होगी
00:49:57मैं समझ गया
00:49:59इसकी नजर में
00:50:01मेरी कीमत
00:50:02कुत्ते से जादा नहीं होगी
00:50:04बहिया की कविता सुनके
00:50:07तुम दोनों से एक जैसा प्यार रहेगा
00:50:31तुम चले जाओगे मगर इस से बरकरार रहेगा
00:50:34इस तरह प्यार में कोई बाधा नहीं होगी
00:50:37मैं समझ गया
00:50:38इसकी नजर में
00:50:40मेरी कीमत कुत्ते से जादा नहीं होगी
00:50:43मैंने कहा मैडम
00:50:45मैंने कहा मैडम
00:50:46क्या मैं इतना बीक हूँ
00:50:48क्या मैं इतना बीक हूँ
00:50:52अरे जब कुत्ता ही बनना है
00:50:54तो घरवाली के साथ ही ठीक हूँ
00:50:58मतलब लास में आई
00:51:00शाहित आज तक का अभार वेक्त करता हूं आपका अभार वेक्त करता हूं इन कभियों का कभियत्री नो
00:51:24एक मिनट की अंतिम कविता मैं आपको सुना करके अपना स्थान लेता हूं यह कविता मैंने खाकी के लिए लिखी है खाकी क्या है अगर हसने के बाद आपको लगए कि वास्तों में मैंने खाकी के लिए कुछ काज सही कहा है तो आपका जोर दवर्स्तार समर्थन चाहिए बिल
00:51:54सर्दी में बरसात में, सर्दी में बरसात में, दिन हो चाहे रात में, रैलियों में, मेलों में हो, या किसी बारात में, सिस्कियों का ढांड़ा सू में, सोसितों का नाज हूँ, खाकी हूँ, गरीबों दवे कुछलों की आवाज हूँ
00:52:16हो दसहरा या दिवाली इद हो या चाहे हो ली
00:52:22पत्थरों की मार हो या जेलना हो चाहे गोली
00:52:25पहुचे जो अंजाम तक उस सफर का आगाज हूँ
00:52:29खाकी हूँ गरीबो दबे कुछलों की आवाज हूँ
00:52:34बहुत शांदर
00:52:35कोरोना संकट के समय भी
00:52:38कोरोना संकट के समय भी
00:52:40मैं दिखाई पड़ रहा था
00:52:42आपके जीवन की खातिर
00:52:45आप ही से लड़ रहा था
00:52:48जान की बाजी लगाए हुए मैं जाबाज हूँ
00:52:51खाकी हूँ गरीबो दबे कुछलों की आवाज हूँ
00:52:55अंत में अवद शेतर में हैं
00:53:00मेरा सबसे प्रचलित वाइरल मुक्तक आओधी में आप लोग सुन लीजिए इसी के साथ मैं अपना स्थान ले लूँगा चार लाइन के वल वह ऐसे था कि नवंबर जस्मजा
00:53:10इसका रिल जरूर देखा होगा आप लोगों ले एक बार ताली बजाए दो भाई
00:53:16तालियां मजाते है जोड़ार तालियां एक बार कि नवंबर जस्मजा जनवरी मा नपई हो गदधा जस्मजा दरी मा नपई हो और ठांस के पिश्टल
00:53:33बुलट से चलिहाओ
00:53:36दरोगा जस मज़ा माश्टरी मा ना पई हो
00:53:40बहुत बहुत बहुत बहुत शुक्रिया
00:53:43बहुत शुक्रिया
00:53:45प्लीज
00:53:45एक बार जोरदार तालिय बजा दीजे प्लीज
00:53:48जो हमारी नेक्ष महमान है
00:53:51मैं उनको रिक्वेस्ट करूगी
00:53:53प्लीज आईए प्रदिभाजी
00:53:54और जरा बताएए कौन-कौन सी लड़किया हैं
00:53:57जो रीचार्ज करवा रहे हैं
00:53:58अजकल लड़किया बड़ी एंपावर्ड हैं
00:53:59वो खुद रीचार्ज करा दें
00:54:00बाकी का काम करा दें नहीं
00:54:02जोड़ार तालिया एक बजा दीजे प्लीज
00:54:21प्रतिभाजी
00:54:22आपके प्रशन का क्या उत्तर दूँ
00:54:26मेरी तो शादी हो गए एक दिन पहले ही हो जाता है
00:54:28बहुत बहुत आभाज आज तक का
00:54:35हम सभी रचनाकारों को यहाँ पर उपस्थित करने के लिए
00:54:38आप सब के बीच लाने के लिए
00:54:40आप सब का भी बहुत बहुत श्वागत
00:54:42इतनी धूप में हम सब को सुनने के लिए
00:54:44मैं पंक्तियां पढ़ती हूँ
00:54:46यदि आपने हम पर विश्वास किया है तो मैं एक आस्वाशन आपको भी देती हूँ शुनेगा
00:54:52व्यथा लिख सको जिसपे कागज बनेंगे
00:55:01हमी पार्थ के रत का भीधवज बनेंगे
00:55:05हमी पार्थ के रत का भीधवज बनेंगे
00:55:09हमें तपने दो अपने अंतिम तपन तक
00:55:12हमें तपने दो अपने अंतिम तपन तक
00:55:17हमी आपके कल का सूरज बनेंगे
00:55:20हम ही आपके कल का सूरज बनेंगे
00:55:22आज महाशुरात्री है
00:55:26कल देश का बहुत बड़ा तेवहार था
00:55:28मैं कुछ पंक्तियां कितना भी
00:55:31बैलेंटाइन डे मनाया जाए
00:55:34पर एक जो कसक है मैं पढ़ती हूं सुनेगा
00:55:37कि वैसे तो सब कुछ ही अच्छा रहता है
00:55:41वैसे तो सब कुछ ही अच्छा रहता है
00:55:44लेकिन मन में दर्द छुपासा रहता है
00:55:48वैसे तो सब कुछ ही अच्छा रहता है
00:55:50लेकिन मन में दर्द छुपासा रहता है
00:55:54इस दुनिया का सबसे मुश्किल सच है ये
00:55:57इस दुनिया का सबसे मुश्किल सच है ये
00:56:01सबका पहला प्यार अधूरा रहता है
00:56:04सबका पहला प्यार अधूरा रहता है
00:56:06जब आपका प्रेमी किसी और शहर में रह रहा हो
00:56:11और वहां का मोशम बड़ा हसीन हो
00:56:13तो सुनिए गापंग्तिया
00:56:14कि जब भी जब भी लड़ना होता
00:56:19हमारा दिल जलाता है तुम्हारे शहर का मौसम
00:56:24हमारा दिल जलाता है तुम्हारे शहर का मौसम
00:56:29बड़ा ही याद आता है तुम्हारे शहर का मौसम
00:56:34हमारे शहर में जब भी बरस्ता जोर का पानी
00:56:38हमारे शहर में जब भी बरस्ता जोर का पानी
00:56:44मुझे जी भर रुलाता है तुम्हारे शहर का मौसम
00:56:47सुनेगा लड़कियां कितनी पागल होती है
00:56:55कि जब भी उससे लड़ना होता मैं बादल हो जाती हूँ
00:57:00बुरी नजर दुनिया जो डाले मैं काजल हो जाती हूँ
00:57:10बुरी नजर दुनिया जो डाले मैं काजल हो जाती हूँ
00:57:14वो मेरी पूरी दुनिया है इतना उसको पता नहीं है
00:57:19वो मेरी पूरी दुनिया है इतना उसको पता नहीं है
00:57:24वो जब भी मुझसे रूठे तो मैं पागल हो जाती हूँ
00:57:29वो जब भी मुझसे रूठे तो मैं पागल हो जाती हूँ
00:57:32एक गजल सुनेगा
00:57:34आप सभी के बीश पढ़ती हूँ
00:57:36मेरी दौलत तो मेरी असमत है
00:57:40मेरी दौलत तो मेरी असमत है
00:57:44मेरी हिम्मत है, मेरी ताकत है
00:57:47मेरी दौलत तो मेरी असमत है
00:57:50मेरी हिम्मत है, मेरी ताकत है आपका रूप देवताओंस सा आप से इश्क तो इबादत है
00:58:02दूर जाने का सोचना भीमत
00:58:09अगला चे सुनियेगा कि दूर जाने का सोचना भीमत
00:58:15मेरे पास एक ही अमानत है
00:58:17मेरे पास एक ही अमानत है
00:58:20आपके साथ जब तलक हूँ मैं
00:58:23तब तलक जिन्दगी में राहत है
00:58:29और सुनिएगा कि मेरी बातों को दिल पे मत लेना
00:58:38मेरी बातों को दिल पे मत लेना
00:58:42तंज कसने की मेरी यादत है
00:58:45मेरा जीवन सवारने वाले
00:58:50मेरा जीवन सवारने वाले
00:58:54जिन्दगी आपकी अमानत है
00:58:56मैं एक गीत से आप सभी को जोटती हूँ
00:59:02कि जब लड़कियां प्रेम में होती है
00:59:04उनका विवाह कराया जाता है
00:59:07तो अपने प्रेमी से क्या विच्छाय रखती है
00:59:09क्या वादे रखती है
00:59:11मैं सभी लड़कियों की तरब से पढ़ती हूँ सुनेगा
00:59:14उससे पहले मैं चार पंग्तिया पढ़ना चाहती हूँ
00:59:18कि हम एक दिन सभी का भरम तोड़ देंगे
00:59:26हम एक दिन सभी का भरम तोड़ देंगे दुनिया की सारी रसम तोड़ देंगे
00:59:41हमें इश्क में आजमाना कभी मत
00:59:48हमें इश्क में आजमाना कभी मत
00:59:55खुदा की कसम हर कसम तोड़ देंगे
01:00:01खुदा की कसम हर कसम तोड़ देंगे
01:00:08मैं गीत रखती हूं सुनेगा यदि आप तालियों के साथ सुनेगे तो मुझे और भी आनन्द आएगा सुनेगा
01:00:14कल बड़े बहुत सारे लोगों ने प्रेम पत्र पर सिगनेचर किया होगा
01:00:26उसी गीत को पढ़ती हूं जो वादे आपने कल किये होंगे सुनेगा
01:00:31कि बोलो साथ निभाओ गेना
01:00:35जीवन भर प्रियसा तुमारे ही चला है ठाना मैंने
01:00:46इस पूरी दुनिया में केवल तुमको दुनिया माना मैंने
01:01:01थोड़ी कठिन डगर भी होगी थोड़ी कठिन डगर भी होगी
01:01:10साथ साथ चल पाओ गेना
01:01:14बोलो साथ निभाओ गेना
01:01:17जीवन की अंधियारी रातों मी क्या साथ रहोगे बोलो
01:01:29जीवन की अंधियारी रातों में क्या साथ रहोगे बोलो
01:01:37कहा सुनी कुछ विगडी बातों में क्या साथ रहोगे बोलो
01:01:44प्रेम के धागे उलझे तो तुम
01:01:49सब गाठे सुल जाओगे ना
01:01:56बोलो साथ निभाओगे ना
01:02:00बोलो साथ निभाओगे ना
01:02:04बोलो साथ निभाओगे ना
01:02:08बोलो साथ निभाओगे ना
01:02:12हम लड़कियों का जो mood swings होता है उसका भी एक वादा मैंने आप सब की बीच लिया है सुनिएगा
01:02:19कि कभी कभी यदि खूब लड़ू में बिना बात के दिन भर तुमसे
01:02:27कभी कभी यदि खूब लड़ू में बिना बात के दिन भर तुमसे
01:02:35और कभी गुसा हो जाओं खुद से तुमसे दुनिया भर से
01:02:49अगर रूठ के दूर मैं जाओं अगर मुझे मनाओगे ना
01:03:01बोलो साथ निभाओगे ना बोलो साथ निभाओगे ना और जब एक लड़की अपने
01:03:11जीवन साथी के अंदर अपने परिवार को देखती है तब क्या मांगती हूं सुनेगा
01:03:16कि मैंने देखा जीवन साथी मां बाबा भाई बन जाते
01:03:33जब भी दुनिया से लड़ना हो तो वो परचाई बन जाते
01:03:48हर मुशकिल में साथ निभाकर हर मुशकिल में तुम भी करपऊगे न बूलो ब Elias
01:04:02निभाँगे ना वहाथ बहुत-बहुत-बहुत-खुबसुद बहुतुत-बहुत-शिक्या पारतो गैमिन
01:04:13थांक यू सो मच रमायन जी आप आएंगे प्लीज जोरदार तालियो के साथ प्लीज स्वागत करिए रमायन धर दुवेदी का
01:04:20आप सभी को प्रणाम करता हूं और बहुत कम समय तक आपके बीच में कावेपाट करूंगा
01:04:30आधरणिया उद्धोशिका महोदय आकर के शुक्रिया कहें उसके पहले मैं आपको अलविदा कर देना चाहूंगा
01:04:37और साहित्य का ये मन्च है साहित्य आज तक में आप सभी लोग बैठे हैं
01:04:43देश के बहुत बड़े चैनलों में प्रथम अस्थान रखता है आज तक इंडिया टूड़े ग्रूप
01:04:48और जब वो साहित्य के सम्रिद्ध के लिए साहित्य के संदक्षन के लिए कोई ऐसा कारिक्र मायोजित करता है
01:04:53तो साहित्य कारों के मन में तो खुशी आती ही है
01:04:56मैं आपकी शद्धा को प्राम करते हुए चार पंक्तिया पढ़ रहा हूँ
01:04:59कि शद्धा हो तो मूर्तिया भवानी बन जाती है
01:05:02शद्धा हो आप लोग धूप में बैठे हैं
01:05:05इस धूप में आप किसी से मिलने भी नहीं जाते
01:05:07लेकिन आप कभीता सुनने के लिए बैठे है
01:05:09शद्धा हो तो मूर्तिया भवानी बन जाती है
01:05:12पापी की हथेलिया भी दानी बन जाती है
01:05:15शद्धा हो तो मूर्तिया भवानी बन जाती है
01:05:18पापी की हथेलियां भी दानी बन जाती है आस्था हुँ मन में तो जान भी परात में भी आस्था ना हो तो गंगा पानी बन जाती है
01:05:27तो आपकी इस आस्था को प्रणाम करता हूँ
01:05:30शिव जी की नगरी से उनके प्रतनिधी के रूप में दमदार वनारसी भाईया वैठे हुए हैं और आज शिव रात्री है
01:05:36तो चार पंक्तियां और सुनिये की बेर्थ पूजा श्याम की बिन राधिका की भक्ति के
01:05:41राम की पूजा अधूरी बिन सिया अनुरक्ति के
01:05:45एक दोजे बिन नहीं दोनों कभी भी पूण जियों शक्ति शिव के बिन नहीं है शिव नहीं बिन शक्ति के
01:05:52कुछ पंक्तियां और पढ़ता हूँ उसके बाद एक गीत पढ़कर अपना स्थान ले लूँगा
01:06:01कि नजर थी या की बारिश की जड़ी थी चुनोती बारहा सिर पर खड़ी थी कोई रामण मगर जीता नमुझ से
01:06:17वजा हिए मैंने रामायड पढ़ी थी और रामायड पढ़कर क्या सीखा है क्या जाना है
01:06:27पंक्तिया सुने कि मन पतित्तो भावना पावन भरेंगे रामजी
01:06:32ब्यग्रता अवसाद पीडा सब हरेंगे रामजी
01:06:41रात कल रामण मुझे समझा रहे थे स्वप्न में
01:06:44पार इस भव सिंधु से सब को करेंगे रामजी
01:06:51रात कल रामण मुझे समझा रहे थे स्वप्न में
01:06:55पार इस भव सिंधु से सब को करेंगे रामजी
01:06:58कुछ पंक्तियां और सुने कि
01:07:00तोड़कर बंधन जहांके खुद से जुड़ जाओंगा मैं
01:07:05बहुत अच्छे अच्छे शायर बैठे हैं तो मैं आपको समर्पित कर रहा हूँ
01:07:08कि तोड़कर बंधन जहांके खुद से जुड़ जाओंगा मैं
01:07:14हां किसी अपने फलक की ओर उड़ जाओंगा मैं
01:07:18और मैं लुटा बैठा हूँ सब कुछ बाएं से चलते हुए
01:07:22मैं लुटा बैठा हूँ सब कुछ बाएं से चलते हुए
01:07:26जिन्दगी कुछ दूर चलकर दाएं मुड़ जाओंगा मैं
01:07:29चार पंग्तियां और सुने की कोपलें फूट रही है दुख की
01:07:40बेल उमीद की चढ़ेगी अब
01:07:43कविता और शायरी में केवल आप रस्ती की बात करें खुदकुशी की बात करें तो कविता की सार्थक्ता नहीं है
01:07:50समधान की पंग्तियां पढ़ाओं कि कुपलें फूट रही है दुख की
01:07:55बेल उमीद की चढ़ेगी अब
01:07:58खुदकुशी का खयाल आया है कुछ न कुछ उम्र तो बढ़ेगी अब
01:08:03खुदकुशी का खयाल आया है कुछ न कुछ उम्र तो बढ़ेगी अब
01:08:07और जैसे आप रामायड पढ़ते हैं रामचरित मानस पढ़ते हैं तो सकारात्मक हो जाते हैं
01:08:12आपके भीतर सकारात्मक उर्जा का संचार हो जाता है, उस प्रकार इस रामायड को सुनकर सकारात्मक हूँ, मैं कुछ पंक्तियां और पढ़ना हूँ, गीत पढ़ता हूँ, सुनिये सिदे सिदे गीत सुनूँ
01:08:21एक गाउं से जुड़ा गीत पढ़ने का मेरा मन है, क्योंकि सारे लोग कह रहे थे, श्रिंगार ही पढ़ना है, तो मैं अपनी तरह का गीत पढ़ना हूँ, और बहुत सारे लोग गाउं से चलकर के शहर में आए हैं, आपके मतलब का गीत है, सुनियेगा
01:08:33पथरों की डगर, नफरतों का नगर, पथरों की डगर, नफरतों का नगर, जहर सी ये हवा, छोड़ कर ये शहर
01:08:51गाउं अपना सजाले चलो, जिन्दगी का मजाले चलो, पथरों की डगर, नफरतों का नगर, जहर सी ये हवा, छोड़ कर ये शहर
01:09:14गाउं अपना सजाले चलो, जिन्दगी का मजाले चलो, जिन्दगी का मजाले चलो, पंक्तिया सुनिये गाउग, बहुत आबाद, बहुत दंदबाद
01:09:30तुम बनो एक सोहर मधुर धुन लिये, लोक संगीत मैं द्वार घर हो उठे
01:09:40तुम बनो एक सोहर मधुर धुन लिये, लोक संगीत मैं द्वार घर हो उठे
01:09:50चूमलू मैं अधर पर सजा कर इसे, मौन कजरी पड़ी जो मुखर हो उठे
01:10:00साज हो दिंधले, साज हो दिंधले, बैठ बर्गद तले, मैं तुम्हें तुम मुझे फिर लगा कर गले
01:10:12बासुरी हम बजा ले चलो, जिन्दगी का मजा ले चलो, जिन्दगी का मजा ले चलो
01:10:25पथरों की डगर, नफरतों का नगर, जहर सी ये हवा, छोड़ कर ये शहर, गाम अपना सजा ले चलो
01:10:37जिन्दगी का मजा ले चलो, जिन्दगी का मजा ले चलो, इस गीत का दूसरा आंत्रा सुनिए गाद
01:10:47आवलानीम तुलसी बचाए रखें, बीज बोदे कहीं बाग में बेर के, विश्नु भया
01:10:59आवलानीम तुलसी बचाए रखें, बीज बोदे कहीं बाग में बेर के, गल्तिया मान लें भूल कर दें ख्षमा, बेर्थ बैठे नहीं हम नयन फेर के,
01:11:19तेज सांसे ठकें, तेज सांसे ठकें, हाथ से मुख ढ़कें, जियोन ये वर बधू, कनखियों से तकें, साथ मिल कर लजा लें चलो,
01:11:35जिन्दगी का मजालें चलो, पर्थरों की डगर, नफरतों का नगर, जहर सी ये हवा, छोड़ कर ये शहर, गाउं अपना सजालें चलो,
01:11:57जिन्दगी का मजालें चलो, बहुत धनवाद, बहुत बहुत खुबसूरत, अगर आपके पास कुछ और लाइन से,
01:12:04दो लाइन से अगर आप सुनाना चाहें जाते जाते नई यह यह अच्छी बात है कि साहतियाज तक के मंच पे साहिति से सरोकार रखने माले लोग हैं और मेरे लिए
01:12:18लिए और शुक्रिया ना कह करके कह रहे हैं कुछ और सुना दीजिए तो मैं चार पंक्तियां पढ़कर अपना स्थान लेना चाहता हूं कि देह में सांस भरके चले जाए ये पीर का ताप हरके चले जाए और प्रेम का एक मंदिर बनाएंगे हम बस शिलान्यास करके चले जा�
01:12:48प्रिति जी और प्रिति तेपाथी जोड़ा स्वागत करिये प्लीज जोड़ा तालियों के साथ
01:12:53माइक अगर आप इसका एको बढ़ा दीजा है हैं मैक तो नहीं चाहिए आपको एको बढ़ा दीजा है
01:13:05माशारदे को नमन करती हूं साहित आज तक के सम्रध्यमंच को करनाम करती हूं और आप सब की पावन उपस्तिती को भी नमन करती हूं देलवालों के शहर दिल्ली से चलकर आपके बीच आई हूं लखनव भी मेरा अपना शहर है क्योंकि मेरी पढ़ाई लिखाई और पालन �
01:13:35बहुत अच्छा सुन रहे हैं इस कड़क धूप में भी बैठे हुए हमारे सब नौजवान साथी अग्रिम पंक्ती से लेकर आखरी तक चार पंक्तियां आपको समर्पित करती हूं कहते हैं कि प्रेम का कोई समय नहीं होता प्रेम की कोई उम्र नहीं होती और प्रेम हमारे �
01:14:05सुनियेखा नौजवान गर्नेहीं करेंगे प्यार तो कहो तो प्यार सारा लड़कियों का वेस्ट चला जाएगा लड़कियां सिंगार यानी मेक अप करें नहीं तो सेल्फियों से वाओ वाला डेस्ट चला जाएगा
01:14:27रात रात जाग के जगाए के करीन बात जीयो वाला डाटा सारा वेस्ट चला जाएगा
01:14:48मा के हाथ का यहाँ जो मिल रहा गरम गरम यह शादी होते वेंजिनों से टेस्ट चला जाएगा
01:14:58मा के हाथ का यहाँ
01:15:00एक बार जोड़दार तालियां बचा दीजे
01:15:02बहुत बहुत आभार
01:15:04कहती हूँ कि गालों के उजाले पे एक तिल बना दिया
01:15:09गालों के उजाले पे एक तिल बना दिया
01:15:13मुझको तुम्हारे प्यार के काबिल बना दिया
01:15:16चिठ्थी ये मेरे प्यार की बस तुम ही खोलना
01:15:25तुम पर लिखा था शेर और दिल बना दिया
01:15:31बहुत शुक्रिया
01:15:33कुछ पंक्तियां तरन्नम से पढ़ती हूँ
01:15:38जाम आखों के पी लड़ खडाना नहीं भेद दिल का किसी को बताना नहीं
01:15:52आज की इस मुलाकात का वास्ता याद रखना हमें भूल जाना नहीं
01:16:06और आपने इतने प्रेम से बुलाया तो कहती हूँ कि बात कहने सुनाने चले आए हैं
01:16:21रीत दिल की निभाने चले आए हैं आपने आद दिल से किया था जरा दोड़ कर हम दिवाने चले आए हैं
01:16:39और आज के युग में प्रेम कैसा होना चाहिए प्रेम की बात कर रहे थे यहां ग्रिम पंक्ती में सब लोग तो मैं कहती हूँ
01:16:46प्रेम लिखूं तो आखों में पानी रहे अलहदा सब से अपनी कहानी रहे आपकी बैजन में कर रहूं ना रहूं
01:17:04याद सब को मगए यही दिवानी रहे याद सब को मगए यही दिवानी रहे
01:17:34पस्थिती को समर्पित करती हूं सुनिएगा तालियों से चुड़िए
01:17:37जराजाम स्कुरा दो तुम तो मेरी शाम बन जाए
01:17:45कडम रख दो तो मेरा आशिया भी धाम बन जाए
01:17:52सिया के राम मोहन राधिका जैसा परंपावन
01:17:59सिया के राम मोहन राधिका जैसा परंपावन
01:18:06तुम्हारे नाम से जुड़ के ये मेरा नाम बन जाए
01:18:14तुम्हारे नाम से जुड़ के ये मेरा नाम बन जाए
01:18:21मुझे लगता है आपको धूप बहुत लग गई है और आप कहीं खो गए हैं
01:18:25यहां अग्रिम पंक्ति में बैठे थे अभी तक बहुत समर्थन सबको दे रहे थे
01:18:29मैं अगली पंक्तियां कहती हूं कि आज़कल सबके पास एंड्रोइड फोन है
01:18:32और हम जिसे प्यार करते हैं उसकी डीपी को जूम करके देखते हैं
01:18:36अगर करते हैं तो हाथ खड़े करिये मैं पंक्तियां निवेदिय करते हूं जी हां
01:18:40गजब मुसकान हर जाई बड़ी तीखी कतारी है निगाहों से उतर करके जो मेरे दिल पे तारी है
01:18:54हजारों मर्तबा होठों से अपने छूलिया मैंने ये एक तस्वीर डीपी की
01:19:05जो जाने जा तुम्हारी है ये एक तस्वीर डीपी की जो जाने जा तुम्हारी है
01:19:16और देखिए प्रेम का सबसे खुबसूरत रूप होता है विरह और जब विरह होता है तो क्या कहते हैं
01:19:23जरूरी बात तुमसे आज है हमको जरा कहनी मिटा दो दूरिया कर नहीं बेचैनिया सहनी
01:19:37गए हो दूर जब से छोड़ कर खामोश है आंगन उदासी में पिया हमने कभी पायल नहीं पहनी
01:19:58उदासी में पिया हमने कभी पायल नहीं पहनी
01:20:05बहुत शुक्रिया एक बार जोरदार तालिया पिया जोर जोरदार तालिया
01:20:09मैं कहते हूँ कि दिल को बेजार कर लिया हमने खुद को बीमार कर लिया हमने
01:20:15दिल को बेजार कर लिया हमने खुद को बीमार कर लिया हमने
01:20:19नीन्द भी रात भर नहीं आती
01:20:21आपसे प्यार कर लिया हमने
01:20:22वाह
01:20:23बहुत शुक्रिया, बहुत आभार
01:20:25कि आते जाते सवाल करता है
01:20:28आते जाते सवाल करता है
01:20:30मेरा जीना मुहाल करता है
01:20:32आते जाते सवाल करता है
01:20:34मेरा जीना मुहाल करता है
01:20:36चैन खोया है नीन खोई है, इस कितने बवाल करता है, बहुत शुक्रिया, एक बहुत छोटा सा गीत रखे मैं अपना शान लोगी, जी, देखे होता हमेशा यह है, बहुत अच्छा पढ़ा बादल जी ने, रामा आनुज यहां बैठे है, देखे, होता यह है कि प्रेम का प्र
01:21:06सुनिएगा लिटल दुछ दॉराई धड़कन ने भेजा गुलाब शर्माई आखों से मांगा जवाब
01:21:23बॉराई धड़कन ने भेजा गुलाब शर्माई आखों से मांगा जवाब
01:21:33मन में छेपाते रहे हैं सभी से हैं साथ तेरे हैं देखा जभी से
01:21:44मांगी थी यूही तुम्हारी किताब शर्माई आखों से मांगा जवाब
01:22:00और प्रेम में कैसे बीता है समय
01:22:02ख्वाबों में जीते रहे हसरतों को गिन ही ना पाई कभी करवटों को
01:22:12कर दी है कर दी है कितनी ही नीदे खराब
01:22:29कर दी है कितनी ही नीदे खराब
01:22:34शर्माई आखों से मांगा जवाब
01:22:39और प्रेम में खाली लड़के ही नहीं सुलगते
01:22:42प्रेम में लड़कियों का दिल भी उतना ही सुलगता है तब कहती हूँ
01:22:45सुलगा की ये है तेरी आदले के कश तुमने खीचे है मेरे नशे के
01:22:56बोतल बोतल बिना ही उड़ेली शराब
01:23:13शर्माई आखों से मांगा जवाब
01:23:22और गीर का अंतिम बन रखती हूँ
01:23:34देखें सर्दी का महिना है धूप अब चड़ा आई है लेकिन अभी सर्दिया चल रही है तब कहती हूँ
01:23:40कि हाथों को देदो तप इश आशिकी की होठों को देदो छुवन मौसी की की
01:24:00इस बार इस बार थंडी पड़ी बेहसाब शर्माई आखों से मांगा जवाब
01:24:16बोराई धडकन ने भेजा गुलाब शर्माई आखों से मांगा जवाब
01:24:26बहुत शुक्रिया चार पंटिया कैके अपना स्वान लेती हूँ
01:24:29कि कभी दॉलत को पाकर के नशे में चूर मत होना
01:24:33समय की बेडियों में तुम कभी मजबूर मत होना
01:24:40समारा देखी ये प्रेम का सबसे शाश्वत और सुंदर स्वरूप है
01:24:44कि कभी दॉलत को बागर की नशे में चूर मत होना, समय की बेडियों में तुम कभी मजबूर मत होना, समारा है जिन्होंने आज तक कुर्बानिया दे कर, समारा है जिन्होंने आज तक कुर्बानिया दे कर, उन्हीं माबाप के दिल से कभी भी दूर मत होना, उन्हीं माबाप क
01:25:14जी जी क्या मुझसे मैं बस एक वीडियो बनाने की कोशिश कर रहा हूं आज की सामईन और सारे शायरों के साथ अगर आप लोग इजादत दें तो दोस्तों अभी कैमरा घुमा लें यह सब बाते घुमाना हमें आता है कैमरा घुमाना अभी हम सीख रहे हैं दोस्तों तो हेलो
01:25:44बोहों को आज की महफिल कैसी लगी भाग बाँध चुक्रा इथने प्यार से हम लोगों प्यार देने के लिए बहुत शुक्राथ
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