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  • 4 hours ago
जुर्म की दुन‍िया के अनसुने किस्से-कहानी, साह‍ित्य आजतक के मंच पर शम्स ताह‍िर की जुबानी

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00:00इनको जो मन में आए, जैसा भी मन में आए, सवाल पूछ लिजेगा, बस एक कहानी छोटी से सुलाता हूँ, इत्फाक से यह आदा एक घटे पुरानी कहानी है, सोचा था कि कुछ और बताऊंगा, नाम नहीं लूँगा, पता नहीं है भी सेदा आजपास भी हो कहीं ही पर, व
00:30बहुत नाजुक है, धूप में रंग काला हो जाता है, तो सोचा था कुछ और सुनाओंगा, लेकिन मैं ज्यादा, मतलब कुछ देर पुरानी बात है, एक जट साहब मिले अभी मुझे, यहीं, इसी आपके मेडिकर पार्क में पीछे, नाम लूँगा नहीं वादा उनसे कि
01:00पहप, जो सीक्षन लगता है, जिसमें जवानत मिलती नहीं है, तो उन्होंने बता है कि कैसे कोट में काम होता है, यह सिर्प एक गंडे पुरानी बात है, उन्होंने का कि सबसे पहले तो लंबा वक्य यह लगता है, विक्टिम को ढूलेना मुखिल होता है, विक्टिम मिल �
01:30मुकत्मा निपड जाना चाहिए फैसला आना चाहिए लेकिन आठाट ददस साल से
01:33फैसला ही नहीं आ रहा है तो अगर एक जच साहब ऐसी बात कर रहे हैं तो
01:38यह बहुत सीरियस है और यह चुकर मेरा सब्जेक्ट है कि अगर रेव जैसे
01:42संगीन मामलों में इतनी रा परवाही होती है और जुरिशरी में इतना
01:46डिले होता है पिर बाकी हीनियस कराइम का मैं क्या बताओं तो यह इत्वाक से अभी
01:51बात हुई तो मैंने आप से शेयर किया चार छोटी-छोटी कहानियों से आपको आज के
01:59हमारे कानून व्यवस्था पुलिस की सच्चाई बताता हूं सुशान सिंग राजपूत की कहानी आप सबको पता होगी
02:06यहां बैठे वे बहुत सारे लोग आज भी दो तरफ माइंड होगा कि मडर है या सुसाइड है
02:12मीडिया हम लोग बहुत इसके जिम्मिदार है क्योंकि हम लोग पहले आप लोगों को बताते हैं कि यह क्या है जबर्दस्ती थोपते हैं
02:20और फिर जब रिपोर्ट गलत आती है तो लगता कि मेडिया वाला बिग गया है रिपोर्टर बिग गया
02:24सुषान सिंग राजपूत में सभी ने कहा कि यह मडर है लेकिन जिदने क्राइम जर्नलिस्त है उन्होंने पहले ही दिन कह दिया था कि यह सुषाइड है
02:32अब लोग मडर मान रहे हैं वो क्यों मान रहे थे
02:36कि सुशान सिंग राजपूत की जब लाश मिली पंखे से लटके हुए
02:40मैं इतफाक से डेड़ महीना मुंबई में था इसी केस पर
02:43तो उसका पैर बेट से टच कर रहा था
02:46तो एक आदमी जो सुशाइट करें वो उसके पैर के नीचे गैप होना चाहिए हम सब यही मानते हैं तो जब बैट से पैर टच करा तो सुशाइट नहीं हो सकता
02:55अब लोगों को शैद पता नहीं कि इनसान बैट कर छोड़ यह लेट कर भी सुशाइट कर सकता है गले में फंदा खसकर
03:03क्योंकि वो एक नफ सिस्टम होता है अगर वो थोड़ा सा दब गया तो फिर आपको दिमाद काम करना बन कर देता है फिर आप चाहें भी तो फंदा खोलना चाहें खुल नहीं पाता क्योंकि हमारा पूरा बाड़ी हमारे ब्रेन के हिसाब से काम करता है
03:14एक निकाह कि सुषान सिंह राजपूत ने फिर इंडिया के कुर्ता पेना वाता उसी का फंदा बना कर सिचाइट किया फिर इंडिया बहुत पतला होता है एसाइड हो नहीं सकता जबकуска को या गांट बना बने तो वो मजबूत हो जाता है बहुत सारी इसी बाते हुई
03:29लेकिन मुंबई पुलिस ने 24 गंटे में कह दिया था कि यह सुसाइड है
03:33और इत्फाक से फिर CBI आती है
03:36चार साल बीटते हैं फिर पता नहीं क्या क्या होता है
03:39आखिर में क्लोजर रिपोर्ट कि सुषान सिंग राजपूत का केस मडर का केस नहीं है
03:45यह मैं इसलिए कह रहा हूँ कि अगर शुरुवात में सिर्फ फॉरंसिक इन्विस्टिगेशन इसकी सही हो जाती
03:5124 गंटे में क्लियर हो जाता कि सुषान सिंग राजपूत की मौत की वज़ा क्या है
03:55सेम आरुशी केस में
03:57आज भी इस पूरे देश में हर माबाप को यही सवाल दराता है
04:02कि क्या वाकई पेरेंट्स अपने पच्चे को मार सकते हैं
04:05आरुशी का और हेमराज का कातिल कौन हैं मैसी किसी को नहीं वालू
04:09क्योंकि दोनों बरी हैं माबाप
04:11फॉरंसिक इंवेस्टिगेशन धंग से होती
04:14फिंगर प्रिंट्स धंग से लिए जाते तो शायद कातिल सामने होता
04:16शेम मुंबई का आरुजी कर गैंग रेप जो एक डॉक्टर का हुआ
04:20उसमें भी फॉरंसिक रिपोर्ट कुछ नहीं
04:23लेकिन गैंग रेप की बात आई फिर तो पता नहीं क्या-क्या कहानियां चली
04:26सेम आप निठारी कांड उठा लीजिए
04:29सोला बच्चियां जिनकी लाशों के हड्यां मिली
04:33फॉरंसिक इंवेस्टिगेशन कुछ नहीं
04:36यूपी प्लिस ने कुछ नहीं किया फिर सीब्याई ने कुछ नहीं किया
04:38और उस निठारी के दो कल्फरिट
04:41एक मुलिंदर सिंग पंधेर कोठी का मालिक
04:43और एक नौकर सुरेंदर कोली
04:45जिसको आदमखोर भी कहा गया
04:47ये भी कहा गया कि कुकर में
04:49वो बच्चों के मास को पका कर खाता था
04:50और कमाल देखे
04:52कि दोनों बरी है
04:54सुप्रिम कोट देश की सबसे बड़ी अदालत ने भी दोनों को बरी कर दिया
04:57निठारी के सोला बच्चियों का कातिल कौन है आज किसी को नहीं मालुम
05:00आरुशी का कातिल कौन है किसी को नहीं मालुम
05:02तो ये सारी चीजें इसलिए होते हैं कि जो हमारी इंविस्टिकेशन है वही ही नहीं डंकी
05:07अब तो फॉरंसिक डिये ने
05:09इतनी सारी टेक्नोलोजी आ गई है
05:11लेकिन पुलिस वालों को बेसी की पता नहीं है
05:15आप में से शायद यकीन न करें
05:17एक रेप केस में
05:18वेजिनल स्वाइब जो होता है
05:21वो देश के जादा तर हिस्सों में जाडू के तिनके से कलेक्ट किया जाता है
05:25मतलब हम पता नहीं किस दौर में है
05:27तो जब इस तरह की चीजें होंगी
05:30तो हमारे देश में कन्विक्शन रेट किया होगा
05:33रेप में 25 परसेंट है
05:35सौ में से 75 छूड जाते है
05:37पॉक्सो जैसी संगीन जहां बच्चियों के साथ इतना हीनियस क्राइम हो
05:41रेप जैसी चीज
05:42वहां अगर एक जजस आप कहें कि
05:45आठा डर्दस साल लगता है
05:47सिर्फ विक्टिम को ढूंडने में
05:49गवा की गवाही पलट जाती है
05:51यहां तक कि जो
05:52पॉक्सो मामले में उनों ने यह भी बताया कि
05:54जो फिंगर प्रेंट किया डिने सेंपल लिय जाते है
05:57वो जो 24 गंटे में लेने चाहिए
05:59कि एक महीने बार ले जाते हैं
06:00सेंपल गलत होता है
06:01वहां से रिपोर्ट आती है कि सेंपल सही नी है
06:03हम पक्का नहीं कह सकते कि यह उसी का है
06:06बरी हो गया
06:07तो किस-किस को रोना रोए
06:10वैसी ही रोते रहते हैं खर छोड़िए
06:12मैंने कहा था बस इतनी इसी चीजें आपको बताऊंगा
06:15अगर जितने भी सवाल हैं आप लोग पूछ सकते हो
06:17मैं चाहता हूं कि जवाब दूँ
06:19शिकार पूरी
06:21माइक है इन लोगे पास
06:25जी पूछे
06:27आवाज नहीं आरे
06:34मेरा नाम अलोग अगरवाल है
06:38अब आई आवाज जी आरे हैं लोग जी
06:40मैं यहीं लखनू में पैदा हुआ पला बढ़ा
06:45और जो आपका विशह है वो बहुत सार्थक है
06:47एक चीज जो मैं चाहता हूं कि
06:53आप लोगों के चैनल के माध्यम से भी
06:55सारे देश की जनता की आवाज बने
06:57वो यह कि अगर एक छोटी अदालत या बड़ी अदालत
07:01कहीं भी कोई फैसला होता है
07:02और उसमें एक पक्ष कहरा है दो प्लस दो चार
07:07दूसरा पक्ष कहरा है दो प्लस दो पाँच
07:10फैसला हो गया दो प्लस दो पाँच
07:13हो गया
07:14अब वो 2 प्लस 2 चार वाला अगर कहे चाहता है कि उसे नियाय मिले
07:21बड़े आसानी से कह दिया जाता है कि साब आप ऊप्री अधालत है अब जाओ
07:27अपील करो तो प्लस 2 पांच अगर है तो वो फैसला करेंगे
07:33क्यों है ऐसा ऐसा क्यों नहीं है कि जो जो इसने दो प्लस दो पांच करा उसके उपर
07:41responsibility fix हो ऐसा क्यों नहीं है कि कोई ऐसा एक चीज बने ऐसा एक mechanism
07:49बने कि वो पहले कहए पर कि मैं अपील फ्री नहीं होती है आज कल अपील करने जाएए
07:5550,000, 1,80,000 फिर आपको 10 बार बुलाएंगे 10 बार आपको टेक्स्ट बताएंगे 10 बार आपको वहाँ जाना पड़ेगा वकील कि हाँ
08:05उसके बाद अपील होगी उसके बाद आप हर अपील पर उसके वकीलों को उसके डेली का पैसा दीजे और mental trauma जेलिए सबसे बड़ा
08:15सवाल मेरा सिर्फ यह है कि आप लोगों के माध्यम से यह आवाज क्यों नहीं उठाई जाती कि जिसने इनिशल लेवल पर 2 प्लस 2 चार ना माँगे
08:25मैं उसके जवाब दे रहा हूं उसको उसको पर सबसे पहले मैं मैं उसी को जवाब दे एक मिनट सुन ली एक मिनट एक सेकंड और लगएगा दो सकंड आपका समय लगएगा दो सेकंड उसमें बात यह है कि या तो वो आदमी
08:39इनकोंपिटेंट है जिसने 2 प्लस 2 पाँच का फैसला दिया या उसने क्लियर कट पैसा खाया यह किसी प्रभाव में दिया तो दोनों ही कंडिशन में वो जुडिशियरी चाह लोवर हो चाह आपर हो वो पार्ट रहने के लायक नहीं है उसको बरखास क्यों मैं वही आपका
09:09सकते हैं जज्मेंट पें उगली उठाना हक है हम सब का अब यह कि आज क्या हालात में जुडिशियरी के बारे में मतलब क्या को हूँ बहुत सारे लोगों की यही मानना है कि अगर इस देश में सबस्यादा करेशन है तो जुडिशियरी में है अब यह वैसे बैट कर यह किस
09:39सकता अब जी और जो भी सवाल पूछे प्लीज एक गुजारिशे स्वड़ा शौट में पूछेए का सीधे सवाल पूछेगा बताए इससामालेकूम जी वालेकूम मारा नाम फिरोज अमधे डुकेट है मैं चंद बुली से आया हूँ कमाले अभी वो सवाल उठारे तया अ
10:09उनको रिपीट सावित करने में नेशनल मीडिया नहीं चोड़ा किसी तरह का अभी लेटेश्ट वो जो है बाईजद बई हो गया हम आप से उमीद करते कि नेशनल मीडिया कोई डिस्क्लेमर जारी करेगी जो पूरा एकदम सिद्ध कर दिया कि नहीं है रिपीष्ट है सहरा
10:39नहीं लग जातना तो डिस्क्लेमर जारी कर दे देखिये आपकी सलामाले कुण जी वरेक आपकी जो बाते हैं और आपका जो सवाले दोनों मैं बताता हूँ नेशनल मीडिया क्या इसको उठाएगा या नेशनल मेडिया एक तो मीडिया की सचाई कुए माइस का पाठ हो मेर
11:09अबने बाकी चीज़ें आजकल कहीं नहीं दिखता आपको सिफ तमाशा दिखता है और जहां तक कोड का फैसला भी हाल में आप आई हैं मुंबई सीरियल ब्लास लीजे मालेगाओं लीजे अभी मैंने जैसा कहा कि आपने इठारी इतना बड़ा केस लीजे सभी में बरी हो रह
11:39तो अंजाम ही होगा कन्विक्शन होगा नहीं और लोगबरी होते जाएंगे और ऐसे हादारों केसे जिसमें लोगबरी हो गया है मैंने जैसे उनका कहा था वही कह रहा हूं कि जब तक पूरे सिस्टम में सुधार नहीं होगा टाइम बांड एक जैसे हरे के लिए टाइम फ
12:09तो अब तो जाएंगे जाता जब मैं आपका शोना देखता हूं रात नौ बजे के बाद अब महबदा का जो केस है उसको दुबारा से बारा रिवाइब करूं सब्री माला का जो केस चल रहा है इसमें एक व्यक्ति नकाब बांद कर और तमाम खुदाईयां हुई लेकिन उ
12:39हेलो सर, सर इदर
13:09आपको सवाल है लेकिन माँ बहुत इमानदारी से जवाब दूंगा कई बार ऐसे क्राइम होते हैं जब ट्यार्पी और बागी चीज़ें मैटर नहीं करता वो पूरे सोसाइटी को जगजोर कर रख देता है बेस्ट एक्जामपल निर्भया केस निर्भया केस में जिन लो�
13:39अपना इसर छोड़ जाते है जैसे निर्भया है मैं आपको इबन्दारी से बता हूं बहाट वहाथ सारे लोग मैं पूरे देश में जदर अधर घया हूं भटका हूं तो निर्भया के साथ जो हूँ था वो आज भी इस देश में जो लोग जानते हैं वो 25 परसेंट मालू ह
14:09कोई टुथाजन टुवल में 16 दिसंबर की शाथ तारीक थी कहीं ए खबर नहीं थी क्योंकि रात को वो इवनिंग शोब पिक्चर देख के निगली थी निर्वे आपने दोस्त के साथ 17 दिसंबर को शाम तक भी ए स्टोरी कहीं नहीं थी किसी द्यूस पेपर में या फिर चैनल
14:39का उफिस में तो उन्होंने का तुम आ सकते हो सब्दर जेंग इस वक्त इस वक्त मेरा बहुत है तो मैं इस वक्त बोले तुम माज वरना बाद में अफसोस करोगे मुझे लगा कि वो कभी इसना से बुलाते नहीं है मैं गया जब अंदर गया वहां तो आइस यू के पास ल
15:09और उसकी सब आखे दिखाई देरी हैं बाकिल पूरा ठका हुआ है निर्मया नाम मेडिया का दिया हुआ है उस वक्त तुनों नोस लड़की का असली नाम मुझे बताया कि इस पेशन का नाम ये है और इसके साथ गैंग रेफ हुआ है तो मैंने कहा कि क्या हुआ है जब उन
15:39मेरे जहन में उतने ही ताजा है और मुझे नहीं लगता है कि मैंने इसके इलावा किसी के साथ ऐसी दरंदिगी के कोई दूसरी कहानी सुनी हो तो चुब मेडिया में हम लोगों नहीं भी दिखा है ना वो 25 परशेंट है क्यों मैं लिखी नहीं सकता हूं तो ऐसी चीजें फ
16:09परिखते हैं उसकी वजाए यह है कि हम जो कुछ नहीं कर सकते स्क्रीन पर देखना चाहते हैं सुनना चाहते हैं पढ़ना चाहते हैं तु मारे अंदर का मुझरिम वहीं हमसे कर वाता और हम कर रहें और उसमें ट्यर्पी वह जाती बाकी चीजें भी आ जाती है थैंक यू
16:39मुहम्मद रिजवान मेरा एक दोस्त है धीते इंद्र दीखषी पहले आज तक में था अभी एंडी टीवी में है क्राइम जर्नेल से बहुत सीनियर कर शाम को फोन आया क्या संजो एक बहुत दूर से एक शक्स आया जो ना बीना है जो दोनों आखों से देख नहीं पाते हैं स
17:09मैं आपकी 2176 कहानी अब तक की सुन चुका हूं जिसमें सी एक जापान का एक केस ता जुमको फुरूता गा और एक था निरभया वाला कान जिसमें हमने आपको बहुत संजीटा देखा था मैं आपके अलफाद फूर नहीं रहता है ऐसी वह कहानी थी और एक ब्राजील या �
17:39मलाला यूसुफ जाही की जो कि मैं आपसे सुनना चाहूंगा हो जागे तो मंडे को कौल आप सुना दीजेगा बस यही मेरा सवाल बहुत बहुत शुक्रे आपको और हाँ आपने कहा कहीं लोगों यह कहा है मलाला यूसुफ जाही कहानी क्योंकि उसके पर पाकिस्तान में �
18:09के बावजूत तो यह क्या CBI की गलती है या फिर नया प्रणाली की गलती है इन दोनों में बड़ा एक कॉमन वो है फैक्टर आरूशी केस और निठारी केस इन दोनों को जब UP पलिस को हमेशा बाद में केस मिलता है पहले ही लोकल पलिस करती है जांच तो यह दोनों केस बा
18:39कुमार साहब हाला कि मेरे अच्छे जहनने वाले हैं लेकिन रिकॉर्ड बताता है कि जब जब कोई बड़ा केस उनके हाथ आया है तो वो कभी सुझ जाई नहीं है अब आरूशी केस की में बात करूं अगर आपको जो मतब मैंने अपने लाइफ में ऐसा देखा नहीं जब �
19:09जो शुडवात में नोड़ा पुलिस मतलब उससे पहले हुआ यह था कि साथ दिन तक दिली में कई नेपाली नौकर के उपर इल्जाम लगा था कि वो मडर करते हैं तो जब आरूशी के कहानी आई तो पहले यही का गया कि उनके घर में भी एक नेपाली नौकर था हम्राज
19:39चट तक नहीं गई और जो भी उस केश का केश का हशर था वो उन्होंने किया बाद में जब सीब्याई आई तो उससे भी जादा उसे लगा कि इसमें कुछ है ही नहीं और क्लोजर रिपोर्ट उनका देना मजबूरी थी उनकी बाद में आप देखिए कि फिर उसी क्लोजर �
20:09अगर किसी देश में 16 बच्चियों का एक इतना बड़ा मास मडर हो और इतने साल बाद भी कोई कातिल ही नहीं है तो सवाल है 16 बच्चियों को किसी नहीं नहीं मारा इसका मतलब है तो जब CBI जैसी जाँच एजन्सी अगर इस तरह से जाँच करेगी तो फिर मैं वही कह रह
20:39उसका मुबाइल जो है वो किसी तरह से कैच होगा उसका लोकेशन क्राइम सीन पर उसकी मौजूदगी पता चल जाएगी अब तो ऐसा इस ट्रेक्निलोजी आ रही है कि अब DNA के लिए आपको आपके सेंपल की वी जरूद नहीं है एर बॉन DNA आप अगर उस इलाके से गुज
21:09पीछे
21:11मैं सुनील कुमारा गर्वाल लखनौ से
21:15दिखाई दीज़े ने आप अचा जी जी आप तो चमक रहे हैं बदाएगे
21:21हमारा न सवाल है न जवाब है जनता से और आपसे यह कहना है देखिए हम लोग ऐसे ही मिलते रहेंगे कहानिया चलती रहेंगी
21:33लोग कश्ट में आते रहेंगे और दुरघटनाएं घटती रहेंगे
21:38हम सब लोग मिलके यह प्रण करें मीडिया के साथ कि कोई भी घटना घटती है उसमें एक टाइम पिरिएट
21:48जो भी टाइम पिरेड रिजनेबिल हो दो महीने तीन महीने उसका जज्जमेंट देना ही देना है
21:54यहाँ पर तो साथ 10-10-20 साल तक केस चलते हैं एक यूज मर गया सारी चीजे खतम हो गई
22:02पतानी यह जज्जमेंट कैसे आते हैं और क्यूं इतना समय लगता है इसी वजह से क्राइम बढ़ते जा रहे हैं
22:08तीन महीने में अगर जज्जमेंट देना मस्त होगा लोर कोर्ट फिर हाई कोर्ट और सुपरिम कोर्ट वकील और जज़ क्यों नहीं समय देते हैं
22:18साब मैं कई बार के आओं जाज साब अभी चले गए नास्ता करने चले गए चुटी यह कोई कमेंट नहीं हमारा डेड लाइन होना चाहिए कि घटना के नब्बे दिन के अंदर उनका जरूर ज़ज्मेंट आना चाहिए यह आपकी और हमारी सब की जिम्मेवार के इसमें आप
22:48यंग्रिजों के जमाने से फॉरो नहीं होता है इसलिए कि एक तो हमारे अगर चार पांच क्रोड़ पेंडिंग है कि इस कोट में जजेज नहीं है स्टाफ नहीं है तो यही रोना रोते हैं लेकिन यह टाइम फ्रेम करेगा कौन ता है हम आप मीडिया यह लोग नहीं कर सकत
23:18इसलिए नहीं पर भी दबाव पड़ता है उन्हें भी पता है उनका भी सर्विस नोट खराब होता है जी हां बाकी डेक्स जी पूझे श्रम जी नमस्टे नमस्टे अफ यॉर्स हम सबको पता है कि मतलब यू आप पाइनियर ओफ प्राइम रिपोर्टिं इंडिया और मैंन
23:48कर लगा करेंश इसएगे क्रेंछी ट्हूर 12 के डीवरीत जी जी को आसे अफ YOU कार रुच्ते का घ्राम पाटा है क네요 तो चाहँ कितने प्राइम्ध कर्म गच्यआ माईक अपने पता है क्ष很 क्रुचल लोगे उनको आपके बारन नहीं भी अपको बारे में सब करता हैं कुछ �
24:18तो किता डिंजल सोता है यह पुरा रिपोर्ट करना आच्छली क्राइम रिपोर्टिंग में खत्रा होता है इसमें कोई शक नहीं क्योंकि आपको आपको आपको जाना पड़ता है लेकिन मेरा अपना एक मानना है कि जब मौत लिखी होगी जहां पर जैसे वह ऐसी आएगी अ�
24:48क्योंकि यह मेरा पेशा है और मैंने इसको खुद चुना है पैशन है मेरी क्राइम रिपोर्टिंग तो मुझे इससे कोई शिकायत नहीं है लेकिन कई बार ऐसी सिच्वेशन आती एक चोटी सिस्रफ वैसे तो बट सारी धंकिया मिली कई बार जान बज गई जैसे जामा मज
25:18से यकीन हो गया था कि अब मैं बचूंगा नहीं और यह लास्ट लम्हा है वो इराक में हुआ था जब मैं मौसूल गया था इस इस बगदादी वाला इंसिडेंट ता उससे पहले हुआ यह कि करीब दो साल तक मैंने तमाम स्टोरीज की वारदात आज तक मैं शो बनाए तो
25:48तो बनाया तो आप लोगों जो दिखाता हो वह Тाइ ब्लर करकर दिखाता हूं कbuilding मैं घिखा सकता गला काट रहें तो वह नहीं दीखा सकता लोगिन मैं चुकD लिखना है मुझे शोब नाना तो मैं वह सारी चीजहां कट कि आ जा रहा हूं देख रहें मतल thriving in chir .. प्लर किये मत
26:18बंद करने के बाद आग लगा दी तो यह चल रहा था इतफाक से हमारे 35-36 लोग इंडियन गायब थे तो उसी के लिए मौसूल गया था और मौसूल ISIS का गड़ था तो एक बार हम लोग जब जा रहे थे हमारी पूरी टीम तीम है गौरफ सावंत और किरपाल जी हमारे कैमरे म
26:48सब्सक्राइब करें उसने पता ही आएसेस ने बढ़ा दिया था कुछ मकान होगे अब खंडर हो गया तो छे लोग खड़े ते कुर्ता पजामा पहने वेते हम गया हमने सुचा इंसे कुछ बात करूं बाइट लू तभी अशने एकने कैमरा पकड़के देखना शूरू किय
27:18तो फिर कहा कि इधर चलो ओद दफूल दफूल एक शवद मतला इधर दाकिल और दूर तक कोई नहीं है और जैसी उसने का उधर चलो पीछे सननाठा अब हम तीनों को यह मालूमता कि अगर मैं इसके पीछे इस खंडर के चला गया तो जिंदगी में वापस हम लोगों कोई
27:48डिराएंगे क्या करेंगे इतफाक से उसी वड़ जब यह सोच रहते एक साइरन की आवाज आई तो गौरब ने कहा कि यह आजान की आवाज है धीरे से हम बात कर रहे हैं मैंने का इस वक्त आजान की आवाज नहीं आगी इस वक्त नमास का टाइम ही नहीं है तो पिर देग
28:18तो हम उनसे मदद बांगें और यह फिर मर जाएं तो ओम तेनों ने तहिए किया यह धन्मात कर चीख जां के अचा कर अचा कि इने
28:26उनकि तरफ रहां तब बागें के ऐसमा थेज़ार और ने जोह दोड़ टि आख कर दोड़ इसट कि अगर वह गोली चलाए
28:34तो पीट पे लगे या कमर के नीचे लगे सर पे ना लगे तो बतने के चांस है भागे तो खैर तब तक वो थे देखा फोर्स वो भी निकल लिए पिर इरामी जो आर्मी थी उसने हम से पोचा हमें डाटा हमारे पस परमिशन नहीं कि आप यहां क्यों आए और तब तक हम हमार
29:04यहां से बज गए तो सीधे दिली जाएंगे अगली फ्लाइट से खैर वो बचे वहां से निकले तर गारी में बैटे अवार्मी अलों नेका अगधर जाओ फिर अम तेनों आपस में बात करते हैं आप किया अमने आप तुछ नहीं शूट करेंगे बाकी देखा जाएगा फिर
29:34चलिए कलास्ट वो बहुत देर से पीछे हाथ था था को कि ड़की ड़की ड़की ड़की प्लीज माइक पहुचा दीजे वहां तक एक और सवाल लेंगे
29:42बस वैसी पूछ लीजे आदेगे आवाद आपकी अपागे अच्छ ओके
29:54मेरा नाम शाश्वत मिश्रा है और मेरा सवाल यह है बीग एडिटर इन चीफ आप लोग यह कब बिसाइड करते हैं कि किस न्यूस को ओवर्ट करना है या किस न्यूस पर कवर्ट होना है नहीं ऐसा कुछ नहीं और दूसरा दूसरा आपने अपनी सारी कहानियों में लगब
30:24करते हैं उनको बताया बहुत अच्छा लगा वुस तरह की इन्वेस्टिगेशन जेनलिजम ताकि जो है यहां पे भी उस तरह से फॉलो किया जाए इस तरह के बेंचमार्क हम कब सेट करने के उसमें और थीसारा ने थैंक्य सो बशारू कि जो आपने जामा मस्जिद वाली �
30:54करते हैं बाकी कुछ नहीं कि यह स्टोरी दिखाई जानी जाहिए और नहीं दूसरा जो इन्वेस्टिगेटिंग आपने का फॉरन और यह अपने देश पे भी हो रहा ऐसा नहीं बहुत अच्छे जनरलिस्ट हैं यह सारा काम कर रहे हैं आने वाला टाइम क्राइम के लिए �
31:24जी बहुत बहुत इस्तवाल आपका लखनो में मैंने आपके दो प्रोग्राम्स देखे थे क्रिकेट तक के साथ मैश फिक्सिंग को ले के तो उस ताइम अला कि अपने बताया था कि उस ताइम पे यह बहुत जादा था नाइंटीज में और अली टुथाउजड में जो हम स
31:54है कि इंटरनाशनल क्रिकेट और खास तोर से भारती क्रिकेट में यह भी मौजूद है मैच फिक्सिंग मैच फिक्सिंग है तरीका पदल गया पहले आप मैच पर होता था फैसला अब एक एक गेंद पर होता है बहुत सारी चीज़े है यह चीज़े जाती नहीं है बिलकुल
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